डेन लोगों ने भारत में निम्नलिखित में से किस स्थान पर अपनी बस्ती स्थापित की थी?
- A.चिनसुरा
- B.कराईकल
- C.माहे
- D.ट्रांकेबार
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, ट्रांकेबार। डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पहली बस्ती 1620 में तमिलनाडु तट पर ट्रांकेबार, जो अब थरंगमबाड़ी है, में स्थापित की थी।
डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी 1616 में बनी थी। इसके लोगों ने ट्रांकेबार में डैन्सबोर्ग किला बनाया, और 1676 में डेन लोग बंगाल में सेरामपुर (फ़्रेडरिकनगर) में भी बस गए। सेरामपुर बाद में बैप्टिस्ट मिशनरियों विलियम केरी, जोशुआ मार्शमैन और विलियम वार्ड के कारण प्रसिद्ध हुआ, जिन्होंने वहाँ छापाखाना और सेरामपुर कॉलेज चलाया। डेन लोगों ने 1845 में अपनी भारतीय बस्तियाँ अंग्रेज़ों को बेच दीं।
A गलत है, क्योंकि बंगाल में चिनसुरा डच बस्ती थी।
B गलत है, क्योंकि तमिलनाडु तट पर कराईकल फ़्रांसीसी बस्ती थी और अब पुदुचेरी का भाग है।
C गलत है, क्योंकि मालाबार तट पर माहे भी फ़्रांसीसी बस्ती थी और अब पुदुचेरी का भाग है।
Exam tip: डेन ट्रांकेबार (1620) और सेरामपुर में; डच चिनसुरा और पुलिकट में; फ़्रांसीसी पांडिचेरी, चंद्रनगर, कराईकल, माहे और यनम में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें24-8-1925 को केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले गैर-सरकारी सदस्य निम्नलिखित में से कौन थे?
- A.विट्ठलभाई जे. पटेल
- B.मुहम्मद याकूब
- C.जी. वी. मावलंकर
- D.सरदार हुकम सिंह
उत्तर देखें
24 अगस्त 1925 को विट्ठलभाई पटेल केंद्रीय विधान सभा के पहले निर्वाचित भारतीय (गैर-सरकारी) अध्यक्ष बने। केंद्रीय विधान सभा भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार) के तहत बनी थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा समूह एक ही विचारधारा से संबंधित है?
- A.जे. जे. रूसो, एम. रोबेस्पियर, एन. बोनापार्ट, ओ. क्रॉमवेल
- B.टी. जेफ़र्सन, जे. मैडिसन, जी. वॉशिंगटन, अब्राहम लिंकन
- C.एफ. एंगेल्स, के. मार्क्स, एम. बाकुनिन, जे. एस. मिल
- D.जॉर्जी प्लेखानोव, वेरा ज़ासुलिच, अलेक्सांद्रा कोलोन्ताई, वी. आई. लेनिन
उत्तर देखें
ये चारों रूसी मार्क्सवादी थे, इसलिए एक ही विचारधारा के हैं। प्लेखानोव को रूसी मार्क्सवाद का जनक कहा जाता है; उन्होंने 1883 में जिनेवा में वेरा ज़ासुलिच के साथ "श्रम मुक्ति समूह" बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →18वीं शताब्दी के आरंभ में मराठे किस शर्त पर 15,000 घुड़सवारों की टुकड़ी के साथ मुगल बादशाह की सेवा करने को सहमत हुए?
- A.मालवा प्रांत की जागीर का अनुदान
- B.गुजरात के संसाधनों पर नियंत्रण
- C.दक्कन और दक्षिण भारत में चौथ और सरदेशमुखी वसूलने का अधिकार
- D.अपने नाम से सिक्के ढालने का अधिकार
उत्तर देखें
यही पेशवा बालाजी विश्वनाथ और मुगल दरबार के बीच 1719 के समझौते का मुख्य बिंदु था। शाहू के पहले प्रमुख पेशवा बालाजी विश्वनाथ ने 1718 में दिल्ली के "किंगमेकर" सैयद बंधुओं से समझौता किया, जिसकी पुष्टि 1719 में बादशाह मुहम्मद शाह ने की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भू-धृति (भूमि काश्तकारी) व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान भू-धृति व्यवस्था की तीन श्रेणियाँ, अर्थात् ज़मींदारी, महालवाड़ी और रैयतवाड़ी, शुरू की गईं
- B.ज़मींदारी व्यवस्था में भूमि एक व्यक्ति या अधिक से अधिक कुछ संयुक्त स्वामियों के पास होती थी, जो भू-राजस्व के भुगतान के लिए उत्तरदायी थे
- C.महालवाड़ी व्यवस्था में कृषि भूमि सरकार की होती थी
- D.रैयतवाड़ी व्यवस्था में व्यक्तिगत धारकों को भूमि पर स्थायी अधिकार थे और वे भू-राजस्व के भुगतान के लिए सीधे उत्तरदायी थे
उत्तर देखें
महालवाड़ी व्यवस्था में भूमि गाँव समुदाय (महाल) की होती थी, जो राजस्व के लिए सामूहिक रूप से उत्तरदायी था; भूमि सरकार की नहीं थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्राचीन भारतीय ग्रंथों में वर्णित प्राचीन नगर तक्षशिला के स्थान की पहचान किसने की थी?
- A.अलेक्जेंडर कनिंघम
- B.आर.डी. बनर्जी
- C.जॉन मार्शल
- D.दयाराम साहनी
उत्तर देखें
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पहले महानिदेशक अलेक्जेंडर कनिंघम ने 1860 के दशक में रावलपिंडी के पास प्राचीन तक्षशिला के स्थल की पहचान की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →