दक्षिण भारत के उस भक्ति संत का नाम बताइए, जो आरंभ में जैन थे और बारहवीं शताब्दी में एक चालुक्य राजा के दरबार में मंत्री थे।
- A.कारैक्काल अम्मैयार
- B.बसवन्ना
- C.एकनाथ
- D.तल्लपाका अन्नमाचार्य
सही उत्तर
B. बसवन्ना
व्याख्या
सही उत्तर है B, बसवन्ना। वे आरंभिक जीवन में जैन थे और बारहवीं शताब्दी में एक चालुक्य दरबार में मंत्री रहे।
बसवन्ना, जिन्हें बसवेश्वर भी कहा जाता है, कर्नाटक में वीरशैव या लिंगायत आंदोलन के नेता थे। उनके अनुयायी शिव की लिंग रूप में उपासना करते हैं, जाति भेद, मंदिर के कर्मकांड और ब्राह्मणीय प्रभुत्व को अस्वीकार करते हैं तथा पुनर्जन्म में विश्वास नहीं करते। उन्होंने अपनी शिक्षाएं वचनों के रूप में रखीं, जो कन्नड़ में लिखी छोटी गद्य-कविताएं हैं। इस आंदोलन में अनुभव मंटप नामक सभा चलती थी, जहां स्त्री और पुरुष खुलकर विचार रखते थे। अल्लम प्रभु और अक्क महादेवी भी इसके प्रमुख नाम थे।
A गलत है: कारैक्काल अम्मैयार बहुत पहले की तमिल नयनार संत थीं। C गलत है: एकनाथ सोलहवीं शताब्दी के मराठी वारकरी संत थे। D गलत है: तल्लपाका अन्नमाचार्य तिरुपति के तेलुगु भक्ति गीतकार थे।
परीक्षा टिप: बसवन्ना - बारहवीं शताब्दी, कर्नाटक, लिंगायत या वीरशैव आंदोलन, कन्नड़ में वचन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें15वीं शताब्दी में ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ भागों पर शासन करने वाले सूर्यवंशी गजपति वंश का संस्थापक कौन था?
- A.भानु देव
- B.वासु देव
- C.सुरेंद्र देव
- D.कपिलेंद्र देव
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कपिलेंद्र देव
व्याख्या
सही उत्तर है D, कपिलेंद्र देव। उन्होंने 1435 में ओडिशा के सूर्यवंशी गजपति वंश की स्थापना की थी।
कपिलेंद्र देव एक मंत्री थे, जिन्होंने पूर्वी गंग वंश के समाप्त होने पर सत्ता संभाली। उन्होंने ओडिशा का सबसे बड़ा साम्राज्य बनाया, जो उत्तर में निचली गंगा से दक्षिण में कावेरी तक फैला था। उन्होंने बहमनी सल्तनत और आंध्र के रेड्डी सरदारों से युद्ध किए। गजपति शब्द का अर्थ है हाथियों का स्वामी। उनके उत्तराधिकारी पुरुषोत्तम देव और प्रतापरुद्र देव हुए, जिनके शासनकाल में संत चैतन्य पुरी आए। इसके बाद वंश कमजोर हुआ और भोई वंश आया।
विकल्प A, B और C गलत हैं। भानु देव पहले के पूर्वी गंग वंश के शासकों की उपाधि थी, जिन्होंने कोणार्क मंदिर बनवाया था, जबकि वासु देव और सुरेंद्र देव इस वंश के शासक नहीं थे।
परीक्षा टिप: पूर्वी गंग - कोणार्क और पुरी मंदिर; गजपति 1435 से - कपिलेंद्र देव।
निम्नलिखित में से कौन भारत का पहला अंग्रेजी भाषा का समाचार पत्र था?
- A.हिक्की का बंगाल गजट
- B.द मद्रास कूरियर
- C.द बॉम्बे हेराल्ड
- D.मराठा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हिक्की का बंगाल गजट
व्याख्या
सही उत्तर है A, हिक्की का बंगाल गजट। यह 1780 में कलकत्ता से शुरू हुआ और भारत का पहला मुद्रित समाचार पत्र था।
जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने इसे साप्ताहिक के रूप में निकाला और इसका नाम बंगाल गजट या कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर रखा। इसमें वॉरेन हेस्टिंग्स और ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों पर तीखे हमले छपते थे, इसलिए सरकार ने इसकी डाक सुविधा रोक दी और 1782 में अखबार बंद कर हिक्की को जेल भेज दिया। भारत में प्रेस के इतिहास और प्रेस की स्वतंत्रता की लड़ाई की शुरुआत यहीं से मानी जाती है।
विकल्प B द मद्रास कूरियर 1785 में निकला, यानी पाँच वर्ष बाद। विकल्प C द बॉम्बे हेराल्ड 1789 में शुरू हुआ। विकल्प D मराठा, बाल गंगाधर तिलक का अंग्रेजी साप्ताहिक था, जो 1881 में शुरू हुआ।
परीक्षा टिप: 1780 बंगाल गजट, 1785 मद्रास कूरियर, 1789 बॉम्बे हेराल्ड; तिलक - मराठी में केसरी, अंग्रेजी में मराठा।
बहमनी सल्तनत की स्थापना के तुरंत बाद निम्नलिखित में से कौन सा शहर उसकी राजधानी बना?
- A.देवगिरि
- B.दौलताबाद
- C.अहसनाबाद
- D.बरार
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अहसनाबाद
व्याख्या
सही उत्तर है C, अहसनाबाद। गुलबर्गा का नाम बदलकर अहसनाबाद रखा गया और इसे बहमनी राज्य की पहली राजधानी बनाया गया।
बहमनी सल्तनत की स्थापना 1347 में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने की, जिन्हें हसन गंगू भी कहा जाता है। यह मुहम्मद बिन तुगलक के विरुद्ध दक्कन के अमीरों के विद्रोह के बाद हुआ। उन्होंने वर्तमान कर्नाटक के गुलबर्गा को अपनी राजधानी बनाया और उसका नाम अहसनाबाद रखा। 1425 में अहमद शाह वली ने राजधानी बीदर स्थानांतरित की, जिसका नाम मुहम्मदाबाद रखा गया। तुंगभद्रा के पार विजयनगर साम्राज्य से इसकी लंबी प्रतिद्वंद्विता रही और सोलहवीं सदी के आरंभ तक यह पाँच दक्कन सल्तनतों में बँट गया।
विकल्प A देवगिरि यादवों की राजधानी थी। विकल्प B दौलताबाद वही देवगिरि है, जिसका नाम मुहम्मद बिन तुगलक ने बदला था। विकल्प D बरार एक प्रांत और बाद में उत्तराधिकारी सल्तनत था, पहली राजधानी नहीं।
परीक्षा टिप: बहमनी राजधानियाँ - गुलबर्गा (अहसनाबाद) 1347, फिर बीदर 1425।
निम्नलिखित में से किसने राष्ट्रकूट राज्य की स्थापना की थी?
- A.अशोक
- B.अमोघवर्ष
- C.कृष्ण प्रथम
- D.दंतिदुर्ग
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. दंतिदुर्ग
व्याख्या
सही उत्तर है D, दंतिदुर्ग। दंतिदुर्ग ने लगभग 753 ईस्वी में दक्कन में राष्ट्रकूट राज्य की स्थापना की।
दंतिदुर्ग बादामी के चालुक्यों का सामंत था और उसने चालुक्य शासक कीर्तिवर्मन द्वितीय को पराजित कर स्वतंत्र शासन स्थापित किया। इसकी राजधानी मान्यखेट बनी, जो आज कर्नाटक का मलखेड़ है। कन्नौज के लिए चले लंबे त्रिपक्षीय संघर्ष की तीन शक्तियों में राष्ट्रकूट, पाल और प्रतिहार शामिल थे। अरब यात्री अल-मसूदी ने राष्ट्रकूट शासक को विश्व के महान राजाओं में गिना था।
A गलत है: अशोक तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के मौर्य सम्राट थे। B गलत है: अमोघवर्ष बाद के राष्ट्रकूट राजा थे, जिन्होंने कन्नड़ में कविराजमार्ग लिखा। C गलत है: कृष्ण प्रथम दंतिदुर्ग के उत्तराधिकारी थे और एलोरा के शैलकृत कैलाश मंदिर के लिए याद किए जाते हैं।
परीक्षा टिप: राष्ट्रकूट - संस्थापक दंतिदुर्ग, लगभग 753 ईस्वी, राजधानी मान्यखेट, कैलाश मंदिर कृष्ण प्रथम ने बनवाया।
सी. राजगोपालाचारी ने निम्नलिखित में से किस राज्य में नमक सत्याग्रह का नेतृत्व किया था?
- A.महाराष्ट्र
- B.तमिलनाडु
- C.राजस्थान
- D.गुजरात
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तमिलनाडु
व्याख्या
सही उत्तर है B, तमिलनाडु। सी. राजगोपालाचारी ने मद्रास प्रेसीडेंसी के उस क्षेत्र में नमक यात्रा का नेतृत्व किया जो आज तमिलनाडु है।
1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू होने पर राजगोपालाचारी तिरुचिरापल्ली से तंजौर तट पर स्थित वेदारण्यम तक यात्रा पर निकले और अप्रैल 1930 में वहां नमक कानून तोड़ा। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। राजाजी के नाम से प्रसिद्ध राजगोपालाचारी 1948 में भारत के पहले भारतीय तथा अंतिम गवर्नर जनरल बने, और 1954 में सी. वी. रमन तथा एस. राधाकृष्णन के साथ भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्तियों में रहे।
A गलत है: महाराष्ट्र में उनकी कोई नमक यात्रा नहीं हुई। C गलत है: राजस्थान भूमि से घिरा है, इसलिए वहां तटीय नमक सत्याग्रह संभव नहीं था। D गलत है: गुजरात में स्वयं गांधीजी ने साबरमती से दांडी तक यात्रा की थी।
परीक्षा टिप: गुजरात का दांडी - गांधीजी; तमिलनाडु का वेदारण्यम - सी. राजगोपालाचारी; धरासना नमक कारखाना - सरोजिनी नायडू।