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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 18

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 18) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, आंग्ल-मैसूर, आंग्ल-मराठा और आंग्ल-सिख युद्ध, बौद्ध और जैन धर्म और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 March 2018, Shift 3मध्यम

युगल समाधि (कपल बरियल) निम्नलिखित में से किस हड़प्पाकालीन स्थल पर मिली थी?

  1. A.मोहनजोदड़ो
  2. B.हड़प्पा
  3. C.चन्हूदड़ो
  4. D.लोथल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. लोथल

व्याख्या

सही उत्तर है D, लोथल। लोथल की खुदाई में ऐसी कब्रें मिलीं जिनमें एक पुरुष और एक स्त्री को एक ही गड्ढे में साथ दफनाया गया था, इसे पुरातत्वविद युगल या दोहरी समाधि कहते हैं। लोथल गुजरात के भाल क्षेत्र में साबरमती की सहायक भोगावा नदी पर है और इसकी खुदाई एस. आर. राव ने 1955 से की। यह अपने गोदीबाड़े (डॉकयार्ड) के लिए सबसे प्रसिद्ध है, जो दुनिया का ज्ञात सबसे पुराना ज्वारीय बंदरगाह है; यहाँ मनका बनाने का कारखाना, अन्नागार और अग्निवेदी भी मिली। विकल्प A गलत है, क्योंकि सिंध का मोहनजोदड़ो विशाल स्नानागार, विशाल अन्नागार और काँसे की नर्तकी के लिए जाना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि रावी तट के हड़प्पा से कब्रिस्तान R-37 और श्रमिक आवास मिले, युगल कब्रें नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि मोहनजोदड़ो के दक्षिण में चन्हूदड़ो मनका उद्योग का नगर था और यहाँ दुर्ग नहीं मिला। परीक्षा टिप: लोथल का अर्थ गोदीबाड़ा और युगल समाधि, कालीबंगा का अर्थ जुते हुए खेत।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप पेशवा के क्षेत्र बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए थे?

  1. A.चौथा
  2. B.तीसरा
  3. C.दूसरा
  4. D.पहला
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, तीसरा। तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध 1817-18 में लॉर्ड हेस्टिंग्स के समय लड़ा गया और इसी से मराठा शक्ति समाप्त हुई। पेशवा बाजीराव द्वितीय खड़की, कोरेगाँव और अष्टी में पराजित हुआ, पेशवा का पद ही समाप्त कर दिया गया और पूना के आसपास के उसके क्षेत्र लेकर बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए। बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर भेज दिया गया और शिवाजी के वंशज के लिए सतारा में एक छोटा राज्य बना दिया गया। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की सर्वोपरि शक्ति बन गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि चौथा आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ ही नहीं; मराठों ने तीन युद्ध लड़े। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1803-05 का दूसरा युद्ध बसीन की संधि के बाद हुआ और उसमें मराठों ने ओडिशा, दिल्ली तथा आगरा खोए, पर पेशवा अपने पद पर बना रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1775-82 का पहला युद्ध सालबाई की संधि से समाप्त हुआ, जिसने युद्ध से पहले की स्थिति बहाल कर दी। परीक्षा टिप: सालबाई 1782, बसीन 1802, पेशवा पद समाप्त 1818।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 31 May 2019आसान

गौतम बुद्ध ने धम्मचक्कप्पवत्तनसुत्त (धर्मचक्रप्रवर्तन सूत्र) का उपदेश कहाँ दिया था?

  1. A.कपिलवस्तु
  2. B.लुंबिनी
  3. C.बोधगया
  4. D.सारनाथ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सारनाथ

व्याख्या

सही उत्तर है D, सारनाथ। ज्ञान प्राप्ति के बाद बुद्ध उत्तर प्रदेश में वाराणसी के पास सारनाथ पहुँचे और वहीं उन्होंने अपने पुराने पाँच साथी तपस्वियों को पहला उपदेश दिया। यही उपदेश धम्मचक्कप्पवत्तन सुत्त है, यानी धर्म के चक्र का प्रवर्तन, और इस घटना को धर्मचक्रप्रवर्तन कहा जाता है। इसमें उन्होंने मध्यम मार्ग, चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग बताए, और उन्हीं पाँच शिष्यों से संघ की शुरुआत हुई। सारनाथ का मृगदाव (ऋषिपत्तन) वही स्थान है जहाँ आगे चलकर अशोक का स्तंभ लगा, जिसका सिंह शीर्ष आज हमारा राष्ट्रीय प्रतीक है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कपिलवस्तु में वे पले-बढ़े और वहीं से गृहत्याग किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि नेपाल स्थित लुंबिनी उनका जन्मस्थान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निरंजना नदी के तट पर बोधगया में उन्हें पीपल के नीचे ज्ञान मिला। परीक्षा टिप: जन्म लुंबिनी, ज्ञान बोधगया, प्रथम उपदेश सारनाथ, महापरिनिर्वाण कुशीनगर।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 3आसान

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान लोकमान्य तिलक ने निम्नलिखित में से कौन-सा समाचार पत्र निकाला था?

  1. A.युगांतर
  2. B.बंगाली
  3. C.केसरी
  4. D.अमृत बाजार पत्रिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केसरी

व्याख्या

सही उत्तर है C, केसरी। बाल गंगाधर तिलक ने 1881 में केसरी आरंभ किया और इसके माध्यम से मराठी पाठकों तक स्वराज का संदेश पहुँचाया।

तिलक ने उसी वर्ष पुणे से दो पत्र निकाले, मराठी में केसरी और अंग्रेजी में मराठा। बंगाल विभाजन तथा मुजफ्फरपुर बम कांड पर केसरी में लिखे उनके लेखों के कारण उन पर राजद्रोह का आरोप लगा और 1908 में उन्हें छह वर्ष के लिए बर्मा के मांडले भेजा गया। तिलक ने ही घोषित किया था कि स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लूँगा, तथा जनसाधारण तक पहुँचने के लिए उन्होंने सार्वजनिक गणपति और शिवाजी उत्सव आरंभ किए।

विकल्प A गलत है क्योंकि युगांतर बंगाली में बारींद्र कुमार घोष और भूपेंद्रनाथ दत्त ने निकाला था। विकल्प B गलत है क्योंकि बंगाली का संपादन सुरेंद्रनाथ बनर्जी करते थे। विकल्प D गलत है क्योंकि अमृत बाजार पत्रिका की स्थापना शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष ने की थी।

परीक्षा टिप: तिलक के पत्र केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी); गांधीजी के यंग इंडिया और नवजीवन।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 1st Jan 2022आसान

कथन A, B और C पढ़कर सही उत्तर चुनिए। मगध लगभग दो सौ वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण महाजनपद क्यों बन गया? A. मगध से गंगा और सोन जैसी कई नदियाँ बहती थीं। B. मगध के कुछ भाग वनों से ढके थे। C. इस क्षेत्र में लोहे के अयस्क की खानें थीं।

  1. A.A और B
  2. B.B और C
  3. C.C और A
  4. D.A, B और C
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A, B और C

व्याख्या

सही उत्तर है D, A, B और C। ये तीनों कारण मिलकर मगध को लगभग दो सौ वर्षों में सबसे शक्तिशाली महाजनपद बना दिया। गंगा और सोन जैसी नदियों ने खेतों को पानी दिया, मैदान को उपजाऊ बनाया और लोगों तथा सामान की आवाजाही के लिए सस्ता मार्ग दिया। मगध के कुछ भागों के वनों से घर और गाड़ियाँ बनाने की लकड़ी मिलती थी और इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह कि वहाँ से हाथी पकड़कर सेना के लिए प्रशिक्षित किए जाते थे। क्षेत्र की लोहे की खानों से वह धातु मिली जिससे भूमि साफ़ करने के मज़बूत औज़ार और ऐसे हथियार बने जिनका मुकाबला कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं कर सका। बिंबिसार और अजातशत्रु जैसे महत्वाकांक्षी शासकों ने इन सुविधाओं का भरपूर उपयोग किया, और राजधानी राजगृह से हटाकर गंगा के तट पर बसे पाटलिपुत्र ले जाई गई। A, B और C गलत हैं क्योंकि इनमें से हर विकल्प तीनों में से एक कारण छोड़ देता है। परीक्षा टिप: मगध की शक्ति – नदियाँ, हाथियों वाले वन और लोहा; राजधानी राजगृह, बाद में पाटलिपुत्र।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 3आसान

मेवाड़ के किस राजपूत शासक ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा था?

  1. A.महाराणा प्रताप
  2. B.राणा अमर सिंह
  3. C.महाराजा उदय सिंह
  4. D.राजा मान सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महाराणा प्रताप

व्याख्या

सही उत्तर है A, महाराणा प्रताप। हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को राजस्थान में गोगुंदा के पास मेवाड़ के महाराणा प्रताप और अकबर द्वारा भेजी गई मुगल सेना के बीच लड़ा गया। प्रताप अपने घोड़े चेतक पर सवार थे और उनके साथ राजपूत सैनिकों के अलावा पहाड़ों के भील धनुर्धर भी लड़े; मुगल सेना का नेतृत्व आमेर के राजा मान सिंह और आसफ खान ने किया। युद्धभूमि मुगलों के हाथ रही, पर प्रताप बच निकले और लंबे समय तक छापामार युद्ध चलाकर 1582 में दिवेर में मेवाड़ का बड़ा भाग वापस जीत लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमर सिंह प्रताप के पुत्र थे और उनके बाद राणा बने। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रताप के पिता उदय सिंह द्वितीय ने उदयपुर बसाया और 1572 में उनका देहांत हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि मान सिंह मुगल पक्ष के सेनापति थे। परीक्षा टिप: हल्दीघाटी 1576 - महाराणा प्रताप बनाम मान सिंह; प्रताप का घोड़ा चेतक।

Q7.भारतीय इतिहासमध्यम

गया के पास स्थित बराबर की गुफाएँ मौर्य शासकों ने किस संप्रदाय को दान में दी थीं?

  1. A.आजीवक
  2. B.जैन
  3. C.थेरवाद भिक्षु
  4. D.शैव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आजीवक

व्याख्या

सही उत्तर A, आजीवक है। बराबर पहाड़ियों के दान अभिलेखों में अशोक द्वारा और पास की नागार्जुनी गुफाओं में उसके पौत्र दशरथ द्वारा ये गुफाएँ आजीवकों को दिए जाने का उल्लेख है। आजीवक मक्खलि गोसाल द्वारा चलाया गया तपस्वी संप्रदाय था, जो नियति के कठोर सिद्धांत में विश्वास करता था। ये गुफाएँ भीतर से दर्पण जैसी चमकदार पॉलिश के लिए प्रसिद्ध हैं, वही चमक जो मौर्य स्तंभों पर मिलती है।

विकल्प B इसलिए गलत है कि इस काल की जैन गुफाएँ ओडिशा की उदयगिरि और खंडगिरि पहाड़ियों में खारवेल के समय बनीं। विकल्प C इसलिए गलत है कि सबसे पुराने बौद्ध चैत्य और विहार भाजा, कार्ले और कन्हेरी जैसे पश्चिमी दक्कन के स्थलों पर बाद की शताब्दियों में बने। विकल्प D इसलिए गलत है कि एलोरा के कैलाश जैसे शैव गुफा मंदिर कई शताब्दी बाद के हैं।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul, 2024, Shift 4कठिन

बिजोलिया शिलालेख में निम्नलिखित में से किस वंश की वंशावली मिली है?

  1. A.चाहमान
  2. B.चंदेल
  3. C.परमार
  4. D.गहड़वाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाहमान

व्याख्या

सही उत्तर है A, चाहमान। बिजोलिया शिलालेख राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में है और 1170 ईस्वी का माना जाता है, यानी सोमेश्वर के शासनकाल का। इसमें शाकंभरी के चौहानों यानी चाहमान वंश की वंशावली दी गई है। संस्कृत में लिखा यह लेख जैन व्यापारी लोलाक ने पार्श्वनाथ मंदिर के पास उत्कीर्ण कराया था और इसमें सामंतराज से लेकर पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर तक के शासकों के नाम हैं। इतिहासकार इसे इसलिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि इसमें चाहमानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है और अजमेर के लिए अजयमेरु जैसे पुराने स्थान-नाम मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि खजुराहो बनवाने वाले बुंदेलखंड के चंदेलों की जानकारी खजुराहो तथा मऊ अभिलेखों से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मालवा के परमारों का वर्णन उदयपुर प्रशस्ति में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कन्नौज के गहड़वालों की जानकारी चंद्रावती आदि ताम्रपत्रों से मिलती है। परीक्षा टिप: बिजोलिया - चाहमान; खजुराहो - चंदेल; उदयपुर प्रशस्ति - परमार।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 8 Dec 2017, Shift 2आसान

प्राचीन भारत में कुषाणों की दूसरी राजधानी निम्नलिखित में से कौन सी थी?

  1. A.पाटलिपुत्र
  2. B.दिल्ली
  3. C.लाहौर
  4. D.मथुरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मथुरा

व्याख्या

सही उत्तर D, मथुरा है। कुषाणों की मुख्य राजधानी पुरुषपुर यानी आज का पेशावर थी, जिसे कनिष्क प्रथम ने अपनी सत्ता का केंद्र बनाया। जैसे-जैसे साम्राज्य गंगा-यमुना के मैदान में फैला, यमुना तट पर बसा मथुरा उसकी दूसरी राजधानी और दक्षिणी मुख्यालय बन गया। मथुरा मूर्तिकला का बड़ा केंद्र भी बना और नगर के पास मात नामक स्थान से कुषाण राजाओं की प्रतिमाओं का देवकुल मिला है, जिसमें कनिष्क की प्रसिद्ध शीशविहीन मूर्ति भी है।

विकल्प A पाटलिपुत्र नंद, मौर्य और बाद में गुप्त शासकों की राजधानी थी, कुषाणों की नहीं। विकल्प B दिल्ली इस काल में राजधानी के रूप में थी ही नहीं और बारहवीं शताब्दी के बाद दिल्ली सल्तनत के समय उभरी। विकल्प C लाहौर कुषाण क्षेत्र में अवश्य था, पर कभी उनकी राजधानी नहीं रहा।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Dec 2021आसान

पद, वेतन और सैनिक ज़िम्मेदारियाँ तय करने के लिए मुग़लों द्वारा प्रयुक्त श्रेणी-व्यवस्था किस नाम से जानी जाती थी?

  1. A.मनसबदारी व्यवस्था
  2. B.इक्तादारी व्यवस्था
  3. C.ज़ब्त व्यवस्था
  4. D.जागीरदारी व्यवस्था
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मनसबदारी व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, मनसबदारी व्यवस्था। 'मनसब' का अर्थ पद या श्रेणी है, और अकबर ने इसके द्वारा साम्राज्य के प्रत्येक अधिकारी को एक श्रेणीबद्ध सीढ़ी पर रखा। मनसबदार के पद में दो संख्याएँ होती थीं: 'ज़ात', जो उसका व्यक्तिगत स्थान और वेतन तय करती थी, और 'सवार', जो यह तय करती थी कि उसे सेवा के लिए कितने घुड़सवार तैयार रखने हैं। अधिकांश मनसबदारों को नकद वेतन नहीं, बल्कि सौंपी गई भूमि के राजस्व से भुगतान मिलता था, और उनका स्थानांतरण होता रहता था जिससे कोई परिवार किसी क्षेत्र में जड़ें न जमा सके। B गलत है क्योंकि 'इक्ता' दिल्ली सल्तनत की राजस्व-व्यवस्था थी, जिसे मुक्ती रखते थे, और वह अधिकारियों की इस प्रकार श्रेणी नहीं बनाती थी। C गलत है क्योंकि ज़ब्त या टोडरमल के समय बनी दहसाला व्यवस्था नपी हुई भूमि और औसत उपज से लगान आँकने की पद्धति थी, अमीरों की श्रेणी तय करने की नहीं। D गलत है क्योंकि जागीर केवल वह भूमि थी जिसके राजस्व से मनसबदार का वेतन चुकता था। परीक्षा टिप: मनसब = ज़ात + सवार; ज़ब्त या दहसाला = लगान निर्धारण।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 12 Oct 2021, Shift 2आसान

320 ईस्वी से 550 ईस्वी के बीच भारत पर किस राजवंश ने शासन किया?

  1. A.मौर्य वंश
  2. B.होयसल वंश
  3. C.मगध वंश
  4. D.गुप्त वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गुप्त वंश

व्याख्या

सही उत्तर D, गुप्त वंश है। गुप्त साम्राज्यिक शासन परंपरागत रूप से लगभग 320 ईस्वी से गिना जाता है, क्योंकि चंद्रगुप्त प्रथम के राज्यारोहण से आरंभ होने वाले गुप्त संवत् का आरंभ बिंदु यही है, और हूण आक्रमणों के बाद लगभग 550 ईस्वी तक यह समाप्त हो गया। पाठ्यपुस्तकें इसी वंश के साथ ये दोनों तिथियाँ जोड़ती हैं, इसीलिए प्रश्न में यही अवधि दी गई है।

विकल्प A, मौर्य वंश, कहीं अधिक प्राचीन है और लगभग 322 ईसा पूर्व से 185 ईसा पूर्व तक रहा। विकल्प B, होयसल वंश, ग्यारहवीं से चौदहवीं शताब्दी की कर्नाटक की शक्ति थी, जो बेलूर और हलेबीडु के मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प C, मगध, वंश नहीं बल्कि दक्षिण बिहार का क्षेत्र और राज्य है; वहाँ हर्यंक, शिशुनाग, नंद और मौर्य वंशों ने शासन किया, और ये सभी 320 ईस्वी से शताब्दियों पहले के हैं।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 March 2019, Shift 3आसान

1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के समय भारत का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री कौन थे?

  1. A.मोरारजी देसाई
  2. B.इंदिरा गांधी
  3. C.लाल बहादुर शास्त्री
  4. D.जवाहरलाल नेहरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल बहादुर शास्त्री

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल बहादुर शास्त्री। लाल बहादुर शास्त्री 1964 से 1966 तक प्रधानमंत्री रहे और 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने देश का नेतृत्व किया। उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया, जिसने सीमा पर खड़े सैनिक को खेत में काम करने वाले किसान से जोड़ा, और उनके कार्यकाल में हरित क्रांति की शुरुआत हुई तथा भारतीय खाद्य निगम की स्थापना हुई। युद्ध ताशकंद समझौते से समाप्त हुआ, जिस पर 10 जनवरी 1966 को अयूब खान के साथ हस्ताक्षर हुए; उसी रात ताशकंद में शास्त्री जी का निधन हो गया। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया, और 2 अक्टूबर उनकी जयंती तथा गांधी जयंती दोनों के रूप में याद किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मोरारजी देसाई 1977 में प्रधानमंत्री बने। विकल्प B गलत है, क्योंकि इंदिरा गांधी 1966 में पद पर आईं और उन्होंने 1971 के युद्ध में नेतृत्व किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू का निधन मई 1964 में, इस युद्ध से पहले हो गया था। परीक्षा टिप: 1962 चीन के साथ नेहरू, 1965 पाकिस्तान के साथ शास्त्री, 1971 बांग्लादेश युद्ध इंदिरा गांधी के समय।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 21 Jul 2023, Shift 2मध्यम

दिल्ली के निम्नलिखित सुल्तानों में से किसने सिजदा और पायबोस की प्रथा शुरू की थी?

  1. A.मुहम्मद बिन तुगलक
  2. B.नासिरुद्दीन महमूद
  3. C.ग्यासुद्दीन बलबन
  4. D.कुतुबुद्दीन ऐबक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ग्यासुद्दीन बलबन

व्याख्या

सही उत्तर है C, ग्यासुद्दीन बलबन। 1266 से 1287 तक शासन करने वाले बलबन ने फारसी दरबारी परंपरा से सिजदा, यानी सुल्तान के सामने झुककर अभिवादन, और पायबोस, यानी उसके पैर चूमना, दिल्ली के दरबार में शुरू किया। ये प्रथाएँ उसकी राजत्व की धारणा के अनुरूप थीं, जिसमें सुल्तान को जिल्ले-इलाही अर्थात् धरती पर ईश्वर की छाया माना जाता था और उसे अमीरों से कहीं ऊपर रखा जाता था। उसने फारसी त्योहार नौरोज भी मनाया, चालीस अमीरों के गुट चालीसा की शक्ति समाप्त की और विद्रोहियों के विरुद्ध रक्त और लौह की नीति अपनाई। विकल्प A गलत है क्योंकि मुहम्मद बिन तुगलक सांकेतिक मुद्रा और दौलताबाद राजधानी स्थानांतरण के लिए जाना जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि नासिरुद्दीन महमूद के शासन में वास्तविक शक्ति नायब के रूप में बलबन के हाथ में थी। विकल्प D गलत है क्योंकि कुतुबुद्दीन ऐबक ने गुलाम वंश की नींव रखी और वह लाखबख्श कहलाता था। परीक्षा टिप: बलबन - सिजदा, पायबोस, नौरोज और जिल्ले-इलाही।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल नामित किया गया?

  1. A.रेग्युलेटिंग एक्ट
  2. B.पिट्स इंडिया एक्ट
  3. C.1793 का चार्टर एक्ट
  4. D.1833 का चार्टर एक्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1833 का चार्टर एक्ट

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1833 का चार्टर एक्ट। इस अधिनियम ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बना दिया और उसे पूरे ब्रिटिश भारत पर सभी नागरिक और सैनिक शक्तियाँ दीं। लॉर्ड विलियम बेंटिंक इसके तहत भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने। यह केंद्रीकरण का चरम था: बंबई और मद्रास सरकारों से कानून बनाने की शक्ति छीन ली गई, ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापारिक गतिविधियाँ खत्म कर उसे केवल प्रशासनिक संस्था बना दिया गया, और गवर्नर-जनरल की परिषद में विधि सदस्य के रूप में मैकाले को जोड़ा गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बनाया, जिस पर पहले वॉरेन हेस्टिंग्स बैठे। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल और द्वैध शासन व्यवस्था बनाई। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के चार्टर एक्ट ने मुख्य रूप से कंपनी का चार्टर बीस साल के लिए बढ़ाया। परीक्षा टिप: 1773 बंगाल का गवर्नर-जनरल (हेस्टिंग्स), 1833 भारत का गवर्नर-जनरल (बेंटिंक), 1858 वायसराय (कैनिंग)।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 19 Jul 2023, Shift 1कठिन

इमादशाही वंश किस राज्य की स्थापना के लिए जाना जाता है?

  1. A.बरार
  2. B.बीदर
  3. C.अहमदनगर
  4. D.गोलकुंडा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बरार

व्याख्या

सही उत्तर है A, बरार। इमादशाही वंश ने 1490 में बरार सल्तनत की स्थापना की थी।

पंद्रहवीं शताब्दी के अंत में दक्कन का बहमनी राज्य टूटा तो उसके स्थान पर पांच सल्तनतें बनीं। बरार के बहमनी सूबेदार फतहुल्लाह इमाद-उल-मुल्क ने 1490 में स्वतंत्रता घोषित की और इमादशाही वंश शुरू किया, जिसके केंद्र गाविलगढ़ और एलिचपुर थे। बरार इन पांचों में सबसे छोटा और कमजोर था, जिसे 1574 में अहमदनगर ने अपने में मिला लिया और आगे यह अकबर के समय मुगलों के अधीन आ गया।

B गलत है: बीदर पर बरीदशाही वंश का शासन था। C गलत है: अहमदनगर की स्थापना निजामशाही वंश के मलिक अहमद ने की थी। D गलत है: गोलकुंडा कुतुबशाही वंश की राजधानी थी, जिसे कुली कुतुब शाह ने स्थापित किया।

परीक्षा टिप: दक्कन की पांच सल्तनतें - बीजापुर में आदिलशाही, गोलकुंडा में कुतुबशाही, अहमदनगर में निजामशाही, बरार में इमादशाही, बीदर में बरीदशाही।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019आसान

मुस्लिम लीग एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए “सी.आर. फॉर्मूला” किसने बनाया था?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू
  2. B.राजगोपालाचारी
  3. C.चित्तरंजन दास
  4. D.वी. पी. मेनन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजगोपालाचारी

व्याख्या

सही उत्तर है B, राजगोपालाचारी। सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) ने 1944 में पाकिस्तान के सवाल पर कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच बने गतिरोध को तोड़ने के लिए यह फॉर्मूला दिया था। इसके अनुसार लीग स्वतंत्रता की माँग का समर्थन करेगी और अंतरिम सरकार बनाने में कांग्रेस का साथ देगी। युद्ध के बाद एक आयोग उत्तर-पश्चिम और पूर्व के मुस्लिम-बहुल ज़िलों की सीमा तय करेगा और वहाँ के सभी वयस्कों का जनमत संग्रह तय करेगा कि वे अलग होंगे या नहीं। सितंबर 1944 में बंबई में हुई गांधी-जिन्ना वार्ता इसी फॉर्मूले पर हुई, पर जिन्ना ने इसे ठुकरा दिया, क्योंकि वे पूरा पंजाब और बंगाल तथा केवल मुसलमानों का मतदान चाहते थे। विकल्प A गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू ने यह योजना नहीं बनाई थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि चित्तरंजन दास ने 1923 में स्वराज पार्टी बनाई थी और 1925 में ही उनका निधन हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि वी. पी. मेनन ने जून 1947 की विभाजन योजना का मसौदा बनाया और बाद में रियासतों के विलय में मदद की। परीक्षा टिप: सी.आर. फॉर्मूला 1944, गांधी-जिन्ना वार्ता सितंबर 1944, वेवेल योजना 1945।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 27 Jul 2023, Shift 3मध्यम

दक्षिण भारत के उस भक्ति संत का नाम बताइए, जो आरंभ में जैन थे और बारहवीं शताब्दी में एक चालुक्य राजा के दरबार में मंत्री थे।

  1. A.कारैक्काल अम्मैयार
  2. B.बसवन्ना
  3. C.एकनाथ
  4. D.तल्लपाका अन्नमाचार्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बसवन्ना

व्याख्या

सही उत्तर है B, बसवन्ना। वे आरंभिक जीवन में जैन थे और बारहवीं शताब्दी में एक चालुक्य दरबार में मंत्री रहे।

बसवन्ना, जिन्हें बसवेश्वर भी कहा जाता है, कर्नाटक में वीरशैव या लिंगायत आंदोलन के नेता थे। उनके अनुयायी शिव की लिंग रूप में उपासना करते हैं, जाति भेद, मंदिर के कर्मकांड और ब्राह्मणीय प्रभुत्व को अस्वीकार करते हैं तथा पुनर्जन्म में विश्वास नहीं करते। उन्होंने अपनी शिक्षाएं वचनों के रूप में रखीं, जो कन्नड़ में लिखी छोटी गद्य-कविताएं हैं। इस आंदोलन में अनुभव मंटप नामक सभा चलती थी, जहां स्त्री और पुरुष खुलकर विचार रखते थे। अल्लम प्रभु और अक्क महादेवी भी इसके प्रमुख नाम थे।

A गलत है: कारैक्काल अम्मैयार बहुत पहले की तमिल नयनार संत थीं। C गलत है: एकनाथ सोलहवीं शताब्दी के मराठी वारकरी संत थे। D गलत है: तल्लपाका अन्नमाचार्य तिरुपति के तेलुगु भक्ति गीतकार थे।

परीक्षा टिप: बसवन्ना - बारहवीं शताब्दी, कर्नाटक, लिंगायत या वीरशैव आंदोलन, कन्नड़ में वचन।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1आसान

किस सिख गुरु ने खालसा पंथ की स्थापना की थी?

  1. A.श्री गुरु नानक जी
  2. B.श्री गुरु हरगोबिंद जी
  3. C.श्री गुरु तेग बहादुर जी
  4. D.श्री गुरु गोबिंद सिंह जी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी

व्याख्या

सही उत्तर है D, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी। सिखों के दसवें और अंतिम देहधारी गुरु ने 1699 की बैसाखी को आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने पाँच स्वयंसेवकों को, जिन्हें पंज प्यारे कहा जाता है, खंडे से तैयार अमृत छकाया और फिर स्वयं उनसे अमृत ग्रहण किया। खालसा के पुरुषों ने सिंह और स्त्रियों ने कौर नाम अपनाया तथा पाँच ककार - केश, कंघा, कड़ा, कच्छा और कृपाण - धारण करने का नियम बना। 1708 में अपने अंतिम समय में गुरु गोबिंद सिंह ने देहधारी गुरु की परंपरा समाप्त कर गुरु ग्रंथ साहिब को गुरुपद सौंप दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि पहले गुरु, गुरु नानक ने सोलहवीं सदी के आरंभ में सिख धर्म की नींव रखी थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद ने अकाल तख्त बनवाया और मीरी-पीरी के विचार के साथ पंथ को शस्त्र से जोड़ा। विकल्प C गलत है, क्योंकि नौवें गुरु और गुरु गोबिंद सिंह के पिता, गुरु तेग बहादुर का 1675 में बलिदान हुआ था। परीक्षा टिप: खालसा, बैसाखी 1699, आनंदपुर साहिब।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 2मध्यम

बंगाल में पहली अंग्रेजी फैक्ट्री हुगली नदी के तट पर _______ में स्थापित की गई थी।

  1. A.1641 ई.
  2. B.1651 ई.
  3. C.1671 ई.
  4. D.1661 ई.
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1651 ई.

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1651 ई.। अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल में अपनी पहली फैक्ट्री 1651 में हुगली में खोली, जब मुगल शासन ने सालाना रकम के बदले प्रांत में व्यापार की अनुमति दी। यहाँ फैक्ट्री का अर्थ कारखाना नहीं, बल्कि चारदीवारी वाला गोदाम और कंपनी के कर्मचारियों के रहने की जगह था। हुगली से अंग्रेज कासिमबाजार, पटना और ढाका तक फैले और 1690 में जॉब चारनॉक सुतानुटी में बसे, जो आगे चलकर कलकत्ता बना और जिसकी रक्षा फोर्ट विलियम करता था। इससे पहले उनकी फैक्ट्रियाँ 1611 में मसुलीपट्टनम और 1613 में सूरत में बनी थीं, जो बंगाल से बहुत दूर थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1641 तक कंपनी कोरोमंडल और गुजरात के तटों तक ही सीमित थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1671 तक हुगली की फैक्ट्री बीस साल पुरानी हो चुकी थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1661 में कैथरीन ऑफ ब्रगांजा के दहेज के रूप में बंबई अंग्रेजी राजसत्ता को मिला था। परीक्षा टिप: मसुलीपट्टनम 1611, सूरत 1613, हुगली 1651, कलकत्ता 1690।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 13 Aug 2021, Shift 1आसान

स्वामी दयानंद सरस्वती के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  1. A.उन्होंने 'सत्यार्थ प्रकाश' पुस्तक लिखी थी।
  2. B.वे आर्य समाज के संस्थापक थे।
  3. C.उनका जन्मस्थान गुजरात था।
  4. D.वे ब्रह्म समाज के संस्थापक थे।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वे ब्रह्म समाज के संस्थापक थे।

व्याख्या

सही उत्तर है D, वे ब्रह्म समाज के संस्थापक थे। यह कथन गलत है, क्योंकि ब्रह्म समाज की स्थापना 1828 में कलकत्ता में राजा राम मोहन राय ने की थी।

स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म 1824 में मूल शंकर के नाम से वर्तमान गुजरात के मोरबी क्षेत्र के टंकारा में हुआ था। उन्होंने 1875 में बॉम्बे में आर्य समाज की स्थापना की और 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया। उन्होंने मूर्तिपूजा, जाति की कठोरता और बाल विवाह का विरोध किया तथा विधवा पुनर्विवाह, स्त्री शिक्षा और शुद्धि आंदोलन का समर्थन किया।

A सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं है: 'सत्यार्थ प्रकाश' उन्होंने 1875 में हिंदी में लिखा और यह आज भी आर्य समाज का मुख्य ग्रंथ है। B भी सही है, क्योंकि आर्य समाज उन्हीं की स्थापना थी। C भी सही है, क्योंकि उनका जन्मस्थान टंकारा गुजरात में है।

परीक्षा टिप: आर्य समाज - दयानंद सरस्वती, 1875; ब्रह्म समाज - राम मोहन राय, 1828।

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