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GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

चिकित्सा उपकरणों की पीएलआई योजना के तहत कितने विशिष्ट उपकरणों का उत्पादन शुरू हो चुका है?

  1. A.28
  2. B.39
  3. C.48
  4. D.57

सही उत्तर

D. 57

व्याख्या

सही उत्तर 57 है। इस योजना के तहत 57 विशिष्ट चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन शुरू हो चुका है और इनकी सूची में एमआरआई मशीन, सीटी स्कैनर, कैथ लैब, लीनियर एक्सेलेरेटर, सी-आर्म, मैमोग्राफी मशीन, अल्ट्रासाउंड सिस्टम, एनेस्थीसिया मशीन और हृदय वाल्व शामिल हैं, जो पहले ज्यादातर बाहर से मंगाए जाते थे। बाकी तीनों विकल्प थोक दवा योजना के आंकड़े हैं और यहां इसलिए रखे गए हैं ताकि यह परखा जा सके कि दोनों योजनाएं आपस में मिल तो नहीं रहीं। उस योजना में 48 परियोजनाएं मंजूर हुईं, उनमें से 39 चालू हुईं और चालू परियोजनाओं में 28 अवयव बनते हैं। योजना, वर्ष, परिव्यय और मुख्य संख्या की छोटी तालिका बनाकर याद करना सबसे सुरक्षित तरीका है। यह भी ध्यान रखें कि उपकरणों की योजना में पात्र उपकरणों की बढ़ी हुई बिक्री पर पांच साल तक प्रोत्साहन मिलता है और इसमें कैंसर देखभाल, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया तथा गुर्दा देखभाल एवं प्रत्यारोपण, ये चार खंड आते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: फार्मा पीएलआई में 46,744 करोड़ रुपये का निवेश, 57 उपकरण बने

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Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

थोक दवा के लिए पीएलआई योजना का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?

  1. A.3,420 करोड़ रुपये
  2. B.6,940 करोड़ रुपये
  3. C.15,000 करोड़ रुपये
  4. D.17,275 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 6,940 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 6,940 करोड़ रुपये है। थोक दवा की यह योजना, जिसमें प्रारंभिक सामग्री, मध्यवर्ती सामग्री और सक्रिय औषधि अवयव आते हैं, 2020 में इसी परिव्यय के साथ मंजूर हुई थी और इसमें 41 ऐसे महत्वपूर्ण उत्पाद चुने गए, जिन पर आयात का दबदबा था। विकल्प ए में दिया आंकड़ा दूसरी योजना का है, यानी चिकित्सा उपकरणों के घरेलू विनिर्माण की योजना का, जो उसी वर्ष मंजूर हुई थी, इसलिए वहां दो योजनाएं आपस में मिल जाती हैं। विकल्प सी का आंकड़ा दवा उद्योग की उस योजना का है, जो 2021 में मंजूर हुई और जटिल जेनेरिक तथा बायोफार्मास्यूटिकल्स को बढ़ावा देती है। विकल्प डी परिव्यय है ही नहीं, वह दवा उद्योग योजना का लक्षित निवेश है, जिसे वास्तविक निवेश पार कर चुका है। परिव्यय, लक्ष्य और वास्तविक निवेश को अलग-अलग याद रखें।

Q2.सरकारी योजनाएंआसान

दवा और चिकित्सा उपकरणों की पीएलआई योजनाएं किस मंत्रालय का विभाग लागू करता है?

  1. A.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  2. B.रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
  3. C.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  4. D.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय है। औषधि विभाग इसी मंत्रालय के अधीन आता है और तीनों योजनाएं यही विभाग लागू करता है, थोक दवा की, दवा उद्योग की और चिकित्सा उपकरणों की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय अस्पताल, जन स्वास्थ्य कार्यक्रम और अपनी संस्थाओं के जरिये दवाओं का नियमन देखता है, पर ये प्रोत्साहन योजनाएं वह नहीं चलाता, इसलिए विकल्प ए गलत है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय व्यापार नीति और सामान्य औद्योगिक प्रोत्साहन का काम करता है, यहां वह क्रियान्वयन मंत्रालय नहीं है, इसलिए विकल्प सी भी गलत है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय अपने विभागों के जरिये शोध को धन देता है और इन प्रोत्साहनों के वितरण में उसकी कोई भूमिका नहीं, इसलिए विकल्प डी भी सही नहीं। ये योजनाएं मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जुड़ी हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

डीडीयू-जीकेवाई 2.0 का प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों को लक्ष्य किस तिथि तक सौंप देने हैं?

  1. A.30 सितंबर 2026
  2. B.31 अक्टूबर 2026
  3. C.31 दिसंबर 2026
  4. D.31 मार्च 2027
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 31 अक्टूबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 31 अक्टूबर 2026 है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यही दिन वह अंतिम सीमा तय की है जब तक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों को लक्ष्य सौंपने का काम पूरा कर लेना है, तभी बैच वास्तव में शुरू हो सकेंगे। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह तिथि उस महीने से भी पहले आती है जिसमें प्रशिक्षण स्वयं शुरू होना है, और तब उन आवंटनों के लिए समय ही नहीं बचेगा जिनके पीछे मंत्रालय अब भी लगा हुआ है। विकल्प C और D गलत हैं, क्योंकि दोनों समय-सीमा को प्रशिक्षण की शुरुआत से काफी आगे खिसका देते हैं और इससे मंत्रालय की तेजी लाने की पूरी कोशिश ही बेकार हो जाएगी; मंत्रालय ने इसे राज्यों की कार्रवाई का महत्वपूर्ण चरण बताया है और ढिलाई रोकने के लिए ही चरणबद्ध समीक्षा बैठकें कर रहा है। परीक्षा के लिए इस तिथि को कहानी की दो अन्य तिथियों से जोड़ें, यानी बैच शुरू होने का महीना और 2026-28 का वह दो वर्षीय चक्र जिसके लिए सभी 31 भागीदार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को 9 लाख से अधिक लक्ष्य दिए गए हैं।

Q4.सरकारी योजनाएंआसान

दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) किस मंत्रालय द्वारा लागू की जाती है?

  1. A.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
  2. B.श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
  3. C.ग्रामीण विकास मंत्रालय
  4. D.शिक्षा मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ग्रामीण विकास मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर ग्रामीण विकास मंत्रालय है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 की शुरुआत से जुड़ी घोषणा इसी मंत्रालय की ओर से आई, और यही मंत्रालय राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों पर कार्यान्वयन एजेंसियों को लक्ष्य सौंपने का दबाव बना रहा है तथा उनके साथ चरणबद्ध समीक्षा बैठकें भी कर रहा है। डीडीयू-जीकेवाई एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो गरीब ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण देती है, और इसका ग्रामीण केंद्रबिंदु ही वह कारण है जिससे यह ग्रामीण विकास मंत्रालय के पास रहती है। विकल्प A भ्रम पैदा करने वाला है, क्योंकि कौशल देना उस मंत्रालय का व्यापक दायित्व जरूर है, पर यह विशेष योजना उसके अधीन नहीं आती। विकल्प B गलत है, क्योंकि श्रम कल्याण और रोजगार नीति उस मंत्रालय के जिम्मे है, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्कूली और उच्च शिक्षा इस तरह की व्यावसायिक योजना के दायरे से बाहर हैं। यह भी याद रखें कि पाठ्यक्रम 3 महीने से 12 महीने तक के होते हैं और उन्हें एनएसक्यूएफ के अनुरूप होना चाहिए।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत अक्टूबर 2026 में लगभग कितने ग्रामीण युवा कौशल प्रशिक्षण शुरू करेंगे?

  1. A.लगभग 45,000
  2. B.लगभग 70,000
  3. C.लगभग 1.2 लाख
  4. D.लगभग 5.6 लाख
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लगभग 70,000

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 70,000 है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार इतने ही ग्रामीण युवा, जो 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 2,015 बैचों में बंटे होंगे, शुरुआती महीने में अपना प्रशिक्षण आरंभ करेंगे। विकल्प A केवल एक छोटी संख्या है, जिसका आधार मंत्रालय की घोषणा में कहीं नहीं है। विकल्प D दो अलग-अलग आंकड़ों को गड्डमड्ड करता है, क्योंकि वह बड़ा आंकड़ा उन लक्ष्यों का है जो 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने 1,200 से अधिक परियोजनाओं के लिए परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों को पहले ही सौंप दिए हैं; वह आवंटन का लक्ष्य है, पहले महीने में कक्षा में पहुंचने वाले प्रशिक्षुओं की संख्या नहीं। विकल्प C का भी मंत्रालय के वक्तव्य में कोई आधार नहीं है। कागज पर सौंपे गए लक्ष्य और वास्तव में शुरू होने वाले बैच का यही अंतर परीक्षाओं में पूछा जाता है, इसलिए प्रशिक्षुओं की संख्या, बैचों की गिनती और राज्यों की संख्या को एक साथ याद रखें।