चालुक्य वंश ने वातापी में शासन किया, जो आज के किस भारतीय राज्य में है?
- A.केरल
- B.गुजरात
- C.कर्नाटक
- D.तमिलनाडु
सही उत्तर
C. कर्नाटक
व्याख्या
सही उत्तर है C, कर्नाटक। वातापी आज कर्नाटक के बागलकोट ज़िले का बादामी है, और यह बादामी के चालुक्यों की राजधानी थी, जिसकी स्थापना छठी शताब्दी में पुलकेशिन प्रथम ने की। उनके सबसे प्रसिद्ध शासक पुलकेशिन द्वितीय के बारे में उनके दरबारी कवि रविकीर्ति का ऐहोल अभिलेख बताता है कि उसने नर्मदा के तट पर हर्षवर्धन को रोक दिया था। बाद में पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने उसे पराजित किया और 642 में वातापी को ध्वस्त कर 'वातापिकोंड' की उपाधि ली। बादामी की शैलकृत गुफाएँ तथा ऐहोल और पट्टडकल के मंदिर इन्हीं के बनवाए हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि केरल चेर शासकों का क्षेत्र था। विकल्प B गलत है, क्योंकि गुजरात पर अन्हिलवाड़ के परवर्ती चालुक्य यानी सोलंकी बहुत बाद में शासन करते थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि तमिलनाडु पल्लव और चोल शासकों का क्षेत्र था। परीक्षा टिप: बादामी चालुक्य — राजधानी वातापी, पुलकेशिन द्वितीय का हर्ष और पल्लवों से संघर्ष।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें1942 में भारत छोड़ो आंदोलन आरंभ होने के समय भारत का वायसराय कौन था?
- A.लॉर्ड इरविन
- B.लॉर्ड विलिंगडन
- C.लॉर्ड लिनलिथगो
- D.लॉर्ड वेवेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लॉर्ड लिनलिथगो
व्याख्या
सही उत्तर C, लॉर्ड लिनलिथगो है। लिनलिथगो 1936 से 1944 तक वायसराय रहे, इसलिए द्वितीय विश्वयुद्ध, कांग्रेस मंत्रिमंडलों का त्यागपत्र, 1940 का अगस्त प्रस्ताव, 1942 का क्रिप्स मिशन और भारत छोड़ो आंदोलन का दमन सब उनके कार्यकाल में आता है। विकल्प A गलत है क्योंकि लॉर्ड इरविन 1926 से 1931 तक वायसराय रहे और दांडी यात्रा, पहले गोलमेज सम्मेलन तथा 1931 के गांधी-इरविन समझौते के लिए स्मरण किए जाते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि लॉर्ड विलिंगडन 1931 से 1936 तक वायसराय रहे और सांप्रदायिक पंचाट, पूना समझौते तथा 1935 के भारत शासन अधिनियम के लिए स्मरण किए जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि लॉर्ड वेवेल 1944 में वायसराय बने और वेवेल योजना, 1945 के शिमला सम्मेलन तथा 1946 के कैबिनेट मिशन के लिए स्मरण किए जाते हैं।
1917 का चंपारण सत्याग्रह गांधीजी ने किस वर्ग के समर्थन में चलाया था?
- A.नील की खेती करने वाले किसान
- B.कपड़ा मिल के मजदूर
- C.असम के बागान मजदूर
- D.गुजरात के नमक मजदूर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नील की खेती करने वाले किसान
व्याख्या
सही उत्तर A, नील की खेती करने वाले किसान है। बिहार के चंपारण में किसानों को तिनकठिया पद्धति के अंतर्गत अपनी जोत के एक भाग पर यूरोपीय बागान मालिकों के लिए नील उगाने को विवश किया जाता था। राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर गांधीजी 1917 में वहाँ गए, जिला छोड़ने के आदेश की अवज्ञा की और सरकारी जाँच समिति बनवाई, जिसके वे सदस्य बने, और इसके बाद यह पद्धति समाप्त हुई। विकल्प B गलत है क्योंकि मिल मजदूरों का प्रश्न 1918 के अहमदाबाद संघर्ष का था, जिसमें गांधीजी ने पहला अनशन करके मजदूरी वृद्धि दिलाई। विकल्प C गलत है क्योंकि असम के बागान मजदूर इस प्रकार के किसी गांधीवादी सत्याग्रह का विषय नहीं थे। विकल्प D गलत है क्योंकि नमक कानून 1930 की दांडी यात्रा का लक्ष्य था, जो तेरह वर्ष बाद हुई।
पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव कांग्रेस के किस अधिवेशन में स्वीकार किया गया?
- A.कलकत्ता, 1928
- B.लाहौर, 1929
- C.कराची, 1931
- D.फैजपुर, 1936
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लाहौर, 1929
व्याख्या
सही उत्तर B, 1929 का लाहौर अधिवेशन है। दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की, कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज को अपना लक्ष्य घोषित किया, सविनय अवज्ञा आरंभ करने की अनुमति दी और जनता से 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का आह्वान किया; इसी कारण आगे चलकर संविधान के प्रारंभ के लिए यही तिथि चुनी गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1928 के कलकत्ता अधिवेशन में नेहरू रिपोर्ट स्वीकार हुई और सरकार को औपनिवेशिक स्वराज देने के लिए एक वर्ष का समय दिया गया। विकल्प C गलत है क्योंकि 1931 के कराची अधिवेशन में गांधी-इरविन समझौते का अनुमोदन तथा मूल अधिकारों और आर्थिक कार्यक्रम के प्रस्ताव पारित हुए। विकल्प D गलत है क्योंकि 1936 का फैजपुर अधिवेशन किसी गाँव में हुआ पहला कांग्रेस अधिवेशन माना जाता है, जिसकी अध्यक्षता भी जवाहरलाल नेहरू ने की थी।
1932 का पूना समझौता महात्मा गांधी और किसके बीच हुआ था?
- A.लॉर्ड विलिंगडन
- B.डॉ. भीमराव अंबेडकर
- C.मुहम्मद अली जिन्ना
- D.रैम्जे मैक्डोनाल्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. भीमराव अंबेडकर
व्याख्या
सही उत्तर B, डॉ. भीमराव अंबेडकर है। पूना समझौता 24 सितंबर 1932 को हुआ, जब गांधीजी सांप्रदायिक पंचाट द्वारा दलित वर्गों को दिए गए पृथक निर्वाचन मंडल के विरोध में यरवदा जेल में आमरण अनशन पर थे। समझौते के अनुसार पृथक निर्वाचन छोड़ दिया गया और संयुक्त निर्वाचन मंडल के भीतर दलित वर्गों के लिए पहले से अधिक संख्या में सीटें आरक्षित की गईं। विकल्प A गलत है क्योंकि लॉर्ड विलिंगडन उस समय वायसराय थे, किंतु यह समझौता भारतीय नेताओं के बीच हुआ था और वे उसके पक्षकार नहीं थे। विकल्प C गलत है क्योंकि जिन्ना ने 1916 में कांग्रेस के साथ लखनऊ समझौता किया था और पूना समझौते में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। विकल्प D गलत है क्योंकि ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैक्डोनाल्ड ने अगस्त 1932 में सांप्रदायिक पंचाट घोषित किया था, और यह समझौता उस पंचाट का भारतीय उत्तर था, उनके साथ कोई करार नहीं।
गांधी-इरविन समझौता किस वर्ष हुआ था?
- A.1929
- B.1930
- C.1931
- D.1932
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1931
व्याख्या
सही उत्तर C, 1931 है। गांधी-इरविन समझौता, जिसे दिल्ली समझौता भी कहा जाता है, 5 मार्च 1931 को गांधीजी और वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच हुआ। इसके अनुसार सरकार हिंसा के अपराध में दंडित न हुए राजनीतिक बंदियों को छोड़ने और तटवर्ती क्षेत्रों में घरेलू उपयोग के लिए नमक बनाने की अनुमति देने पर सहमत हुई, और कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा स्थगित करके दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेना स्वीकार किया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1929 लाहौर अधिवेशन और पूर्ण स्वराज प्रस्ताव का वर्ष है। विकल्प B गलत है क्योंकि 1930 में दांडी यात्रा से आंदोलन आरंभ हुआ और पहला गोलमेज सम्मेलन हुआ, जिसका कांग्रेस ने बहिष्कार किया। विकल्प D गलत है क्योंकि 1932 सांप्रदायिक पंचाट और डॉ. अंबेडकर के साथ पूना समझौते का वर्ष है, जब सविनय अवज्ञा फिर आरंभ हो चुकी थी और गांधीजी पुनः जेल में थे।