बोडो भाषा मुख्य रूप से भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में बोली जाती है?
- A.असम
- B.झारखंड
- C.हिमाचल प्रदेश
- D.कर्नाटक
सही उत्तर
A. असम
व्याख्या
सही उत्तर है A, असम। बोडो ब्रह्मपुत्र घाटी के बोडो लोगों की भाषा है और मुख्य रूप से पश्चिमी असम के बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र में बोली जाती है। यह तिब्बती-बर्मी भाषा समूह की है, देवनागरी लिपि में लिखी जाती है और असम की सहयोगी राजभाषा है। बोडो को 2003 के 92वें संविधान संशोधन द्वारा डोगरी, मैथिली और संताली के साथ आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया। विकल्प B गलत है क्योंकि झारखंड में हिंदी के साथ संताली, मुंडारी और हो प्रमुख भाषाएँ हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में हिंदी तथा कांगड़ी और मंडयाली जैसी पहाड़ी बोलियाँ बोली जाती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कर्नाटक की राजभाषा कन्नड़ है, जो द्रविड़ परिवार की भाषा है। परीक्षा टिप: 92वें संशोधन, 2003 ने चार भाषाएँ — बोडो, डोगरी, मैथिली और संताली — जोड़कर आठवीं अनुसूची को 22 भाषाओं तक पहुँचाया।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी चित्रशैली 'पंचतंत्र चित्रांकन' के लिए भी जानी जाती है?
- A.बूंदी
- B.कोटा
- C.मारवाड़
- D.ढूंढाड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मारवाड़
व्याख्या
सही उत्तर है C, मारवाड़। जोधपुर क्षेत्र की मारवाड़ शैली को पंचतंत्र के सचित्र संस्करण के लिए जाना जाता है; अठारहवीं सदी के आरंभ में पाली में बना पंचतंत्र चित्र-समूह इसका प्रसिद्ध उदाहरण है, जिसमें पशु-पक्षियों की कहानियाँ चित्र दर चित्र दिखाई गई हैं। मारवाड़ शैली में दरबारी चिकनाई की जगह लोक-शक्ति दिखती है – गहरे सपाट रंग, बड़ी-बड़ी आँखें, गठीले चेहरे और घोड़े-ऊँटों की भरमार। पंचतंत्र के साथ इस शैली में 'ढोला-मारू' और रागमाला के चित्र भी बने। A गलत है क्योंकि बूंदी शैली हरे-भरे वन, वर्षा ऋतु के आकाश, कमल-सरोवर और हाथियों के चित्रण के लिए प्रसिद्ध है। B गलत है क्योंकि कोटा शैली, जो बूंदी से निकली, घने जंगल में शिकार दृश्यों के लिए जानी जाती है। D गलत है क्योंकि ढूंढाड़ (जयपुर-आमेर) शैली बड़े आकार के व्यक्तिचित्रों और दरबारी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। परीक्षा टिप: पंचतंत्र व ढोला-मारू – मारवाड़, वर्षा व हरियाली – बूंदी, शिकार – कोटा।
जम्मू और कश्मीर की राजभाषा कौन-सी नहीं है?
- A.हिंदी
- B.डोगरी
- C.उर्दू
- D.पंजाबी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पंजाबी
व्याख्या
सही उत्तर है D, पंजाबी। जम्मू और कश्मीर राजभाषा अधिनियम, 2020 इस केंद्रशासित प्रदेश को पाँच राजभाषाएँ देता है, कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी। पंजाबी इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बोली जाती है, पर उसे इस सूची में नहीं रखा गया, इसलिए वही अलग पड़ती है। इस कानून से पहले पुराने राज्य की एकमात्र राजभाषा उर्दू थी, जबकि घरों में उसे बोलने वाले बहुत कम थे; बदलाव इसीलिए किया गया ताकि सरकारी कामकाज में वे भाषाएँ आएँ जिन्हें लोग सचमुच बोलते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हिंदी अधिनियम में गिनाई गई पाँच भाषाओं में है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मुख्यतः जम्मू संभाग में बोली जाने वाली डोगरी इस केंद्रशासित प्रदेश की राजभाषा भी है और संविधान की आठवीं अनुसूची में भी शामिल है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उर्दू राजभाषा है और पहले तो वही अकेली राजभाषा थी। परीक्षा टिप: पाँच नाम याद रखें, कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी।
चेरॉ बांस नृत्य जिसमें किया जाता है, वह वसंत त्योहार चपचार कुट किस राज्य में मनाया जाता है?
- A.मिजोरम
- B.सिक्किम
- C.अरुणाचल प्रदेश
- D.असम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मिजोरम
व्याख्या
सही उत्तर A, मिजोरम है। चपचार कुट मिजो समाज का सबसे प्रसिद्ध त्योहार है, जो मार्च में तब मनाया जाता है जब झूम खेती के खेत साफ और जलाकर तैयार हो जाते हैं और गांव बुवाई की वर्षा की प्रतीक्षा करते हैं। स्त्री-पुरुष थांगछुआह पुआन और वाकिरिया शिरोवस्त्र पहनकर ढोल की ताल पर नाचते हैं, और चेरॉ, जिसमें नर्तक जमीन पर टकराए जाते बांसों के बीच पैर रखते हैं, इसका मुख्य आकर्षण है। मिम कुट और पावल कुट अन्य दो मिजो त्योहार हैं।
विकल्प B, सिक्किम में लोसर, लोसूंग और सागा दावा मनाए जाते हैं। विकल्प C, अरुणाचल प्रदेश में गालो का मोपिन, आदि का सोलुंग और न्यीशी का न्योकुम होता है। विकल्प D, असम में बिहू और अली आई लीगांग मनाए जाते हैं। बांस नृत्य ही संकेत है, क्योंकि चेरॉ मिजोरम की पहचान है और क्षेत्र के मिलते-जुलते नृत्यों से भ्रमित कर दिया जाता है।
अलग राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का उपबंध करने वाला अनुच्छेद 338क किस संविधान संशोधन अधिनियम से जोड़ा गया?
- A.73वां संशोधन
- B.86वां संशोधन
- C.89वां संशोधन
- D.97वां संशोधन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 89वां संशोधन
व्याख्या
सही उत्तर C, 89वां संशोधन है। वर्ष 2003 तक अनुच्छेद 338 के अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए एक ही राष्ट्रीय आयोग काम करता था। वर्ष 2003 के 89वें संविधान संशोधन अधिनियम ने इसे विभाजित कर दिया, अनुच्छेद 338 के पास राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग छोड़ा और अनुच्छेद 338क जोड़कर अलग राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बनाया, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होते हैं।
विकल्प A, 1992 के 73वें संशोधन ने भाग नौ जोड़ा और पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया। विकल्प B, 2002 के 86वें संशोधन ने अनुच्छेद 21क जोड़कर बच्चों की नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया। विकल्प D, 2011 का 97वां संशोधन सहकारी समितियों से संबंधित था। जनजातीय आयोग से केवल 89वां संशोधन जुड़ा है, इसलिए C सही है।
भारत का सबसे बड़ा जनजातीय मेला माना जाने वाला मेडाराम का सम्मक्का सरलम्मा जातरा किस राज्य में लगता है?
- A.छत्तीसगढ़
- B.ओडिशा
- C.तेलंगाना
- D.झारखंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तेलंगाना
व्याख्या
सही उत्तर C, तेलंगाना है। सम्मक्का सरलम्मा जातरा, जिसे आमतौर पर मेडाराम जातरा कहा जाता है, तेलंगाना के मुलुगु जिले के मेडाराम में माघ महीने में हर दो वर्ष पर लगता है। यह सम्मक्का और उनकी पुत्री सरलम्मा के सम्मान में होता है, जिन्हें काकतीय शासकों से लड़ी कोया स्त्रियों के रूप में स्मरण किया जाता है, और कोया जनजाति ही अनुष्ठान कराती है। श्रद्धालु अपने वजन के बराबर बेल्लम अर्थात गुड़ चढ़ाते हैं, और यह मेला देश के किसी भी जनजातीय मेले से बड़ी भीड़ जुटाता है।
विकल्प A, छत्तीसगढ़ में लंबा बस्तर दशहरा होता है। विकल्प B, ओडिशा में पुरी की रथ यात्रा और कटक की बाली यात्रा होती है। विकल्प D, झारखंड में सरहुल और भगता परब मनाए जाते हैं। सभी बड़े जनजातीय राज्य हैं, पर मेडाराम जातरा तेलंगाना का है।