'ब्लैक होल' एक
- A.विशाल काला तारा है, जिसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण शून्य होता है
- B.तारा है, जिसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण सामान्य होता है
- C.तारा है, जो अपने ही भीतर ढह गया है और जिसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण बहुत अधिक होता है
- D.तारा है, जो अपने ही भीतर ढह गया है और जिसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण शून्य होता है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, तारा है, जो अपने ही भीतर ढह गया है और जिसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण बहुत अधिक होता है। ब्लैक होल तब बनता है जब कोई बहुत भारी तारा अपने ही गुरुत्व से ढह जाता है और उसका खिंचाव इतना तेज़ हो जाता है कि प्रकाश भी बाहर नहीं निकल पाता।
तारा नाभिकीय संलयन से चमकता है, जिसका बाहरी दबाव गुरुत्व को संतुलित रखता है। जब सूर्य से कई गुना भारी तारे का ईंधन खत्म हो जाता है, तो गुरुत्व को कोई नहीं रोक पाता और उसका केंद्र बहुत घने, छोटे क्षेत्र में सिमट जाता है। जिस सीमा से कुछ भी लौट नहीं सकता, उसे घटना क्षितिज (इवेंट होराइज़न) कहते हैं। प्रकाश न निकलने के कारण ब्लैक होल का पता आसपास के तारों और गैस पर उसके प्रभाव से चलता है।
A गलत है, क्योंकि ब्लैक होल का गुरुत्व शून्य नहीं, अत्यधिक होता है। B गलत है, क्योंकि सामान्य गुरुत्व सूर्य जैसे साधारण तारों का गुण है। D गलत है, क्योंकि ढहे हुए तारे का गुरुत्वीय खिंचाव बहुत अधिक होता है, शून्य नहीं।
Exam tip: छोटा तारा श्वेत वामन, भारी तारा न्यूट्रॉन तारा और सबसे भारी तारा ब्लैक होल बनता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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