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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Aug 2022, Shift 2

भूपेश की फसल कुछ वर्षों तक खराब होती रही। जब उसने मिट्टी का pH जाँचवाया तो वह लगभग 11.6 निकला। अपने खेत की मिट्टी के उपचार के लिए वह निम्नलिखित में से किस यौगिक का उपयोग कर सकता है?

  1. A.Ca(OH)2
  2. B.NaCl
  3. C.Al2(SO4)3
  4. D.Zn(OH)2

सही उत्तर

C. Al2(SO4)3

व्याख्या

सही उत्तर है C, Al2(SO4)3। pH 11.6 का अर्थ है कि मिट्टी तेज क्षारीय है, इसलिए उसका उपचार किसी अम्लीय पदार्थ से करना होगा, और दी गई सूची में एल्युमिनियम सल्फेट ही एकमात्र अम्लीय यौगिक है। एल्युमिनियम सल्फेट प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार से बना लवण है। जल में यह जल-अपघटन करके हाइड्रोजन आयन छोड़ता है, जिससे pH घटकर उदासीन के पास आ जाता है और जड़ें फिर से पोषक तत्व ले पाती हैं। जिप्सम और गंधक का भी क्षारीय तथा लवणीय मिट्टी पर इसी तरह प्रयोग होता है। A गलत है क्योंकि कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड यानी बुझा चूना क्षार है और pH को और बढ़ा देगा; इसे अम्लीय मिट्टी में डाला जाता है। B गलत है क्योंकि सोडियम क्लोराइड उदासीन लवण है, यह pH बदल नहीं सकता और अतिरिक्त नमक फसल को और नुकसान पहुँचाता है। D गलत है क्योंकि जिंक हाइड्रॉक्साइड भी क्षार है और जल में लगभग अघुलनशील है। परीक्षा टिप: अम्लीय मिट्टी में चूना, क्षारीय मिट्टी में जिप्सम या एल्युमिनियम सल्फेट।

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Q1.सामान्य विज्ञानमध्यम

प्रति ग्राम सबसे अधिक ऊर्जा कौन पोषक तत्व देता है?

  1. A.कार्बोहाइड्रेट
  2. B.प्रोटीन
  3. C.वसा
  4. D.विटामिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वसा

व्याख्या

सही उत्तर C, वसा है। एक ग्राम वसा लगभग नौ किलो कैलोरी देती है, कार्बोहाइड्रेट या प्रोटीन से दुगुने से भी अधिक, क्योंकि उसकी कार्बन श्रृंखलाएं आरंभ में ही बहुत कम ऑक्सीकृत होती हैं; इसी कारण वसा शरीर का ऊर्जा भंडार है और वसायुक्त भोजन को ऊर्जा सघन कहा जाता है। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि कार्बोहाइड्रेट तथा प्रोटीन प्रत्येक प्रति ग्राम लगभग चार किलो कैलोरी देते हैं, और प्रोटीन का उपयोग किसी भी स्थिति में ईंधन के बजाय मुख्यतः निर्माण और मरम्मत में होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि विटामिन कोई ऊर्जा नहीं देते; वे सहएंजाइम तथा नियामक के रूप में मिलीग्राम मात्रा में चाहिए, और विटामिन की गोली भोजन का स्थान नहीं ले सकती। जल और आहारीय रेशा भी कोई कैलोरी नहीं देते, फिर भी दोनों आहार में आवश्यक हैं।

Q2.सामान्य विज्ञानआसान

थायरॉइड ग्रंथि की वृद्धि अर्थात घेंघा किसकी कमी से होता है?

  1. A.लोहा
  2. B.कैल्शियम
  3. C.आयोडीन
  4. D.फ्लोरीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आयोडीन

व्याख्या

सही उत्तर C, आयोडीन है। आयोडीन थायरॉइड ग्रंथि के हॉर्मोन थायरॉक्सिन बनाने के लिए आवश्यक है; आपूर्ति कम होने पर ग्रंथि अधिक परिश्रम करती है और गले के सामने उस सूजन के रूप में बढ़ जाती है जिसे घेंघा कहते हैं, और शिशु में वही कमी वृद्धि तथा मानसिक विकास रोककर जड़मानवता देती है। इसी कारण कानून साधारण नमक के आयोडीनीकरण की अपेक्षा करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि लोहे की कमी रक्ताल्पता देती है। विकल्प B गलत है क्योंकि कैल्शियम की कमी हड्डी तथा दांत दुर्बल करती है और थक्का जमने तथा मांसपेशी की क्रिया बिगाड़ती है। विकल्प D गलत है क्योंकि फ्लोरीन वह खनिज है जिसकी कमी दंत क्षय देती है, जबकि पेयजल में उसकी अधिकता फ्लोरोसिस देती है, जो दांतों पर धब्बे डालती और हड्डी विकृत करती है।

Q3.सामान्य विज्ञानमध्यम

बच्चों में क्वाशिओरकोर मुख्यतः किसकी कमी से होता है?

  1. A.कार्बोहाइड्रेट
  2. B.प्रोटीन
  3. C.लोहा
  4. D.आयोडीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रोटीन

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रोटीन है। क्वाशिओरकोर तब होता है जब बच्चे को कैलोरी पर्याप्त मिलती है पर प्रोटीन बहुत कम, सामान्यतः दूध छुड़ाकर स्टार्च वाली लपसी पर लाने के बाद; लक्षण हैं पैरों और चेहरे पर सूजन, फूला पेट, पतले तथा रंग बदले बाल और उदास भाव, जबकि मांसपेशियां अत्यधिक क्षीण नहीं होतीं। विकल्प A गलत है क्योंकि प्रोटीन के साथ कैलोरी की भी कमी हो तो मरास्मस होता है, जिसमें बच्चा अत्यधिक क्षीण होकर वृद्ध जैसा लगता है। विकल्प C गलत है क्योंकि लोहे की कमी रक्ताल्पता देती है, जिसमें पीलापन और थकान होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि आयोडीन की कमी घेंघा और छोटे बच्चे में जड़मानवता देती है। क्वाशिओरकोर तथा मरास्मस को मिलाकर प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण कहा जाता है। दालें, दूध, अंडा और सोया वे सस्ते प्रोटीन स्रोत हैं जिनसे इसका उपचार और बचाव किया जाता है।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से किस समूह में केवल वसा में घुलनशील विटामिन हैं?

  1. A.A, B, C और D
  2. B.A, D, E और K
  3. C.B, C, D और E
  4. D.C, D, E और K
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A, D, E और K

व्याख्या

सही उत्तर B, A, D, E और K है। ये चार वसा में घुलते हैं और जल में नहीं, इसलिए वे आहारीय वसा के साथ चलते हैं, यकृत तथा शरीर की वसा में संचित होते हैं, उनकी कमी लंबे अभाव के बाद ही दिखती है, और अधिकता विषैली हो सकती है। बी समूह के विटामिन तथा विटामिन C जल में घुलनशील हैं; शरीर उन्हें संचित नहीं कर सकता, अतिरिक्त भाग मूत्र से निकल जाता है और वे पकाने के पानी में सरलता से खो जाते हैं। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि उनमें से प्रत्येक में वसा में घुलनशील समूह के भीतर B या C या दोनों आ गए हैं। इन चार को याद रखने का सरल उपाय है अंग्रेजी अक्षरों से बना शब्द डेक, या यह ध्यान रखना कि पित्त अथवा वसा अवशोषण की कमी वाले व्यक्ति में यही विटामिन घटते हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

रतौंधी किसकी कमी से होती है?

  1. A.रेटिनॉल
  2. B.कैल्सिफेरॉल
  3. C.टोकोफेरॉल
  4. D.थायमिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रेटिनॉल

व्याख्या

सही उत्तर A, रेटिनॉल है। रेटिनॉल विटामिन A है, और वह रोडोप्सिन का कच्चा माल है, रेटिना की शलाका कोशिकाओं का वह वर्णक जो हमें मंद प्रकाश में देखने देता है; उसकी कमी होने पर आंख अंधकार के अनुकूल नहीं हो पाती, जो रतौंधी है, और लंबी कमी कंजंक्टिवा को सुखाकर जीरोफ्थैल्मिया देती है तथा कॉर्निया को नष्ट कर सकती है। यकृत, दूध और अंडा इसे बना हुआ देते हैं, तथा गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियां बीटा कैरोटीन देती हैं, जिसे शरीर बदल लेता है। विकल्प B गलत है क्योंकि कैल्सिफेरॉल विटामिन D है, जिसकी कमी रिकेट्स देती है। विकल्प C गलत है क्योंकि टोकोफेरॉल विटामिन E है, एक प्रतिऑक्सीकारक। विकल्प D गलत है क्योंकि थायमिन विटामिन B1 है, जिसकी कमी बेरी-बेरी देती है। रतौंधी विटामिन A की कमी के आरंभिक लक्षणों में है और समय पर उपचार से लौट जाती है।