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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 45

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 45) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: परमाणु संरचना और आवर्त सारणी, गैस नियम और गैसों का अणुगति सिद्धांत, रासायनिक बंधन और अभिक्रियाएं और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 29 Oct 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किस तत्व के परमाणु का आकार सबसे बड़ा है?

  1. A.P
  2. B.Cl
  3. C.Ar
  4. D.S
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. P

व्याख्या

सही उत्तर है A, P। फॉस्फोरस, सल्फर, क्लोरीन और आर्गन सभी आवर्त सारणी के तीसरे आवर्त में आते हैं, इसलिए इनके इलेक्ट्रॉन समान तीन कोशों में भरते हैं। किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ चलने पर हर तत्व के नाभिक में एक प्रोटॉन और जुड़ता है जबकि कोशों की संख्या वही रहती है, इसलिए नाभिक बाहरी इलेक्ट्रॉनों को अधिक कसकर खींचता है और परमाणु छोटा होता जाता है। दिए गए चार तत्वों में फॉस्फोरस सबसे बाईं ओर है और उसका नाभिकीय आवेश सबसे कम है, इसलिए उसकी परमाणु त्रिज्या सबसे बड़ी है। B गलत है क्योंकि क्लोरीन फॉस्फोरस तथा सल्फर दोनों के बाद आता है, अतः छोटा है। D गलत है क्योंकि सल्फर फॉस्फोरस और क्लोरीन के बीच है, इसलिए फॉस्फोरस से छोटा है। C गलत है क्योंकि आर्गन उत्कृष्ट गैस है और आवर्त का अंतिम तत्व है; उसका आकार वान डर वाल्स त्रिज्या के रूप में बताया जाता है, जिसे अलग ढंग से मापा जाता है और इस प्रवृत्ति में उसकी तुलना नहीं की जाती। परीक्षा टिप: आवर्त में आकार घटता है, समूह में नीचे जाने पर बढ़ता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 16 April 2023आसान

समान ताप और दाब पर मापे जाने पर सभी गैसों के समान आयतन में कणों की संख्या समान होती है। यह नियम किसने दिया?

  1. A.चार्ल्स
  2. B.बॉयल
  3. C.एवोगाद्रो
  4. D.लुसाक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एवोगाद्रो

व्याख्या

सही उत्तर है C, एवोगाद्रो। प्रश्न में दिया गया कथन एवोगाद्रो का नियम है, जिसे इतालवी वैज्ञानिक अमेडियो एवोगाद्रो ने 1811 में दिया था। इसके अनुसार समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए गैस का आयतन उसमें उपस्थित मोलों की संख्या के समानुपाती होता है। इसी कारण मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर आयतन घेरता है, और एक मोल में कणों की संख्या, लगभग 6.022 गुणा 10 की घात 23, को उनके नाम पर एवोगाद्रो संख्या कहा जाता है। A गलत है क्योंकि चार्ल्स का नियम स्थिर दाब पर गैस के आयतन को उसके ताप से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि बॉयल का नियम कहता है कि स्थिर ताप पर आयतन दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है। D गलत है क्योंकि गे-लुसाक ने संयोजी आयतनों का नियम तथा दाब और ताप का नियम दिया था। परीक्षा टिप: एवोगाद्रो आयतन को अणुओं की संख्या से, बॉयल दाब से और चार्ल्स ताप से जोड़ता है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 30 Sept, 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन अभिक्रिया की दर को धीमा करता है?

  1. A.उत्प्रेरक वर्धक (प्रोमोटर)
  2. B.समांगी उत्प्रेरक
  3. C.विषमांगी उत्प्रेरक
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इनमें से कोई नहीं

व्याख्या

सही उत्तर है D, इनमें से कोई नहीं। दिए गए तीनों पदार्थों में से कोई भी अभिक्रिया की दर को धीमा नहीं करता; दर घटाने वाले पदार्थ को ऋणात्मक उत्प्रेरक या अवरोधक कहा जाता है। उत्प्रेरक वह पदार्थ है जो स्वयं खर्च हुए बिना अभिक्रिया की दर बदल देता है, और यह सक्रियण ऊर्जा घटाकर काम करता है। धनात्मक उत्प्रेरक दर बढ़ाता है, जबकि ऋणात्मक उत्प्रेरक दर घटा देता है, जैसे ग्लिसरॉल हाइड्रोजन परॉक्साइड के विघटन को धीमा कर देता है। A गलत है क्योंकि उत्प्रेरक वर्धक उत्प्रेरक की सक्रियता बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है, इसलिए वह दर बढ़ाता है। B गलत है क्योंकि समांगी उत्प्रेरक अभिकारकों की ही अवस्था में रहता है और अभिक्रिया को तेज करता है। C गलत है क्योंकि विषमांगी उत्प्रेरक भिन्न अवस्था में रहता है, जैसे हैबर प्रक्रम में लोहा, और वह भी दर बढ़ाता है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - वर्धक उत्प्रेरक की सक्रियता बढ़ाता है, विष या अवरोधक उसे घटाता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग पौधों में गैसों के विनिमय में सहायक होता है?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.केंद्रक
  3. C.रंध्र
  4. D.रक्षक कोशिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, रंध्र। रंध्र पत्ती की सतह पर बने सूक्ष्म छिद्र हैं, जिनसे पौधा कार्बन डाइऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन तथा जलवाष्प बाहर निकालता है, इसलिए गैसों का विनिमय इन्हीं से होता है। प्रत्येक रंध्र के दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो रक्षक कोशिकाएँ होती हैं, जो फूलकर छिद्र खोलती हैं और सिकुड़कर उसे बंद कर देती हैं; इसी तरह पौधा जल की हानि पर नियंत्रण रखता है। अधिकांश रंध्र पत्ती की निचली सतह पर होते हैं, जिससे सीधी धूप में जल कम उड़ता है। वाष्पोत्सर्जन भी मुख्य रूप से इन्हीं छिद्रों से होता है। A गलत है क्योंकि कोशिका झिल्ली एक कोशिका में पदार्थों के आने-जाने को नियंत्रित करती है, पूरे पौधे का गैस विनिमय नहीं। B गलत है क्योंकि केंद्रक आनुवंशिक पदार्थ रखता है और कोशिका की क्रियाओं का निर्देशन करता है। D गलत है क्योंकि रक्षक कोशिकाएँ केवल छिद्र को खोलती और बंद करती हैं, विनिमय रंध्र के छिद्र से ही होता है। परीक्षा टिप: गैस विनिमय और वाष्पोत्सर्जन रंध्र से होता है, खोलना और बंद करना रक्षक कोशिकाएँ करती हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Aug 2022, Shift 2मध्यम

भूपेश की फसल कुछ वर्षों तक खराब होती रही। जब उसने मिट्टी का pH जाँचवाया तो वह लगभग 11.6 निकला। अपने खेत की मिट्टी के उपचार के लिए वह निम्नलिखित में से किस यौगिक का उपयोग कर सकता है?

  1. A.Ca(OH)2
  2. B.NaCl
  3. C.Al2(SO4)3
  4. D.Zn(OH)2
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. Al2(SO4)3

व्याख्या

सही उत्तर है C, Al2(SO4)3। pH 11.6 का अर्थ है कि मिट्टी तेज क्षारीय है, इसलिए उसका उपचार किसी अम्लीय पदार्थ से करना होगा, और दी गई सूची में एल्युमिनियम सल्फेट ही एकमात्र अम्लीय यौगिक है। एल्युमिनियम सल्फेट प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार से बना लवण है। जल में यह जल-अपघटन करके हाइड्रोजन आयन छोड़ता है, जिससे pH घटकर उदासीन के पास आ जाता है और जड़ें फिर से पोषक तत्व ले पाती हैं। जिप्सम और गंधक का भी क्षारीय तथा लवणीय मिट्टी पर इसी तरह प्रयोग होता है। A गलत है क्योंकि कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड यानी बुझा चूना क्षार है और pH को और बढ़ा देगा; इसे अम्लीय मिट्टी में डाला जाता है। B गलत है क्योंकि सोडियम क्लोराइड उदासीन लवण है, यह pH बदल नहीं सकता और अतिरिक्त नमक फसल को और नुकसान पहुँचाता है। D गलत है क्योंकि जिंक हाइड्रॉक्साइड भी क्षार है और जल में लगभग अघुलनशील है। परीक्षा टिप: अम्लीय मिट्टी में चूना, क्षारीय मिट्टी में जिप्सम या एल्युमिनियम सल्फेट।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022आसान

निम्नलिखित में से हाइड्रोजन गैस का रंग कौन-सा है?

  1. A.हल्का पीला
  2. B.नारंगी
  3. C.काला
  4. D.रंगहीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रंगहीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, रंगहीन। हाइड्रोजन एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है, इसलिए दिए गए किसी भी रंग से उसका मेल नहीं बैठता। यह सबसे हल्का तत्व है, जिसमें एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन होता है, और यह ब्रह्मांड में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है, जबकि पृथ्वी पर यह अधिकतर जल तथा कार्बनिक यौगिकों में संयुक्त रूप में मिलता है। हाइड्रोजन द्विपरमाणुक अणु H2 के रूप में रहती है, वायु में हल्की नीली ज्वाला के साथ जलती है और केवल जल बनाती है, इसी कारण इसे स्वच्छ ईंधन के रूप में देखा जाता है। इसका उपयोग हेबर विधि से अमोनिया बनाने तथा वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदलने में होता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन का कोई सामान्य रूप पीला नहीं होता। B गलत है क्योंकि नारंगी रंग सोडियम वाष्प लैंप में दिखता है, हाइड्रोजन में नहीं। C गलत है क्योंकि यहाँ दी गई कोई गैस काली नहीं है; कार्बन का काजल रूप काला होता है, पर वह ठोस है। परीक्षा टिप: हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन तीनों रंगहीन तथा गंधहीन गैसें हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 02 May, 2025, Shift 2मध्यम

समय के साथ ताँबा हरा पड़ जाने का मुख्य कारण क्या है?

  1. A.हाइड्रोजन भंगुरता
  2. B.वायु से नाइट्रोजन का अवशोषण
  3. C.पराबैंगनी प्रकाश से अभिक्रिया
  4. D.ऑक्साइड की परत बनना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ऑक्साइड की परत बनना

व्याख्या

सही उत्तर है D, ऑक्साइड की परत बनना। ताँबा हरा इसलिए पड़ता है कि उसकी सतह धीरे-धीरे हवा से अभिक्रिया करके संक्षारण उत्पादों की परत से ढक जाती है, और वह परत हरे रंग की होती है। नम हवा में ताँबे पर पहले गहरे रंग का कॉपर ऑक्साइड बनता है; फिर कार्बन डाइऑक्साइड और नमी मिलकर उसे क्षारीय कॉपर कार्बोनेट में बदल देते हैं, जो पुरानी ताँबे की छतों, मंदिरों के गुंबदों और स्टैचू ऑफ लिबर्टी पर दिखने वाली हरी पर्त है। यह परत धातु से चिपकी रहती है और भीतर की धातु की रक्षा करती है, इसीलिए ताँबा लोहे की तरह जंग खाकर नष्ट नहीं होता। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन भंगुरता धातु को भुरभुरा और दरारयुक्त बनाती है, उसका रंग नहीं बदलती। B गलत है क्योंकि ताँबा हवा से नाइट्रोजन नहीं सोखता, नाइट्रोजन साधारण ताप पर लगभग निष्क्रिय रहती है। C गलत है क्योंकि पराबैंगनी प्रकाश ताँबे से अभिक्रिया कर हरी परत नहीं बनाता। परीक्षा टिप: ताँबे की हरी परत क्षारीय कॉपर कार्बोनेट है, और इमली या नींबू का अम्ल इसी परत को घोलकर बर्तन साफ करता है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 2मध्यम

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास और भार किस प्रकार गति करते हैं?

  1. A.विपरीत दिशा में
  2. B.एक ही दिशा में
  3. C.लंबवत दिशा में
  4. D.भार के अनुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक ही दिशा में

व्याख्या

सही उत्तर है B, एक ही दिशा में। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आलंब एक सिरे पर होता है, आयास बीच में लगाया जाता है और भार दूसरे सिरे पर होता है। चूँकि आयास और भार दोनों आलंब के एक ही ओर पड़ते हैं, छड़ एक ही ओर घूमती है और दोनों एक ही दिशा में गति करते हैं। इसमें आयास भुजा भार भुजा से छोटी होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है और भार से अधिक बल लगाना पड़ता है; ऐसे उत्तोलक से गति और गति का बड़ा विस्तार मिलता है। मनुष्य की अग्रबाहु, चीनी उठाने वाला चिमटा, मछली पकड़ने की छड़ और स्टेपलर इसी प्रकार काम करते हैं। A गलत है क्योंकि आयास और भार विपरीत दिशा में प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में चलते हैं, जिसमें आलंब दोनों के बीच होता है, जैसे सी-सॉ या कैंची। C गलत है क्योंकि उत्तोलक एक स्थिर बिंदु पर घूमता है और उसके दोनों सिरे कभी एक-दूसरे के समकोण पर नहीं चलते। D गलत है क्योंकि भार का मान लगने वाले बल को बदलता है, गति की दिशा को नहीं। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में और तृतीय में आयास बीच में।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · 11 Feb 2021, Shift 1मध्यम

पेंट उद्योग में विलायक के रूप में किस एल्कोहल का उपयोग किया जाता है?

  1. A.मेथिल एल्कोहल
  2. B.n-प्रोपिल एल्कोहल
  3. C.एथिल एल्कोहल
  4. D.आइसो-प्रोपिल एल्कोहल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एथिल एल्कोहल

व्याख्या

सही उत्तर है C, एथिल एल्कोहल। एथिल एल्कोहल यानी एथेनॉल रेजिन, गोंद, रंजक और तेलों को घोल लेता है और जल्दी वाष्पित भी हो जाता है, इसलिए इससे बने पेंट, वार्निश और पॉलिश तेजी से सूखते हैं; इसी कारण यह पेंट उद्योग का आम विलायक है। इसका सूत्र C2H5OH है और यह शीरे या अनाज के किण्वन से तथा आज गन्ने से भी प्राप्त किया जाता है, जिसका एक भाग पेट्रोल में मिलाने के काम आता है। अच्छा विलायक होने के इसी गुण के कारण एथेनॉल टिंचर आयोडीन, खाँसी की दवाओं और अनेक टॉनिकों का आधार बनता है। उद्योग के लिए भेजे जाने वाले एल्कोहल में मेथेनॉल जैसे विषैले पदार्थ मिलाकर उसे रंग दिया जाता है, जिसे विकृत स्पिरिट कहते हैं, ताकि उसे पिया न जा सके। A गलत है क्योंकि मेथिल एल्कोहल अत्यंत विषैला है और थोड़ी मात्रा भी अंधापन या मृत्यु दे सकती है, इसलिए इसका उपयोग सीमित है। B गलत है क्योंकि n-प्रोपिल एल्कोहल महँगा है और इस पैमाने पर कम काम आता है। D गलत है क्योंकि आइसो-प्रोपिल एल्कोहल मुख्यतः रबिंग एल्कोहल और सफाई के एजेंट के रूप में प्रयुक्त होता है। परीक्षा टिप: एथेनॉल C2H5OH है और विकृत स्पिरिट मेथेनॉल मिलाकर अपेय बनाया गया एथेनॉल है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

1 मीटर लंबे दोलक (पेंडुलम) का आवर्तकाल लगभग कितना होता है?

  1. A.6 s
  2. B.4 s
  3. C.2 s
  4. D.1 s
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 s

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 s। लगभग एक मीटर लंबा सरल दोलक एक पूरा दोलन करीब दो सेकंड में पूरा करता है, और इतनी लंबाई वाले दोलक को सेकंड दोलक कहा जाता है। सरल दोलक का आवर्तकाल T = 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल होता है, जहाँ L धागे की लंबाई है और g गुरुत्वीय त्वरण, जो लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है। L = 1 मीटर रखने पर T = 2 x 3.14 x एक बटा 9.8 का वर्गमूल आता है, जो लगभग 2.01 सेकंड है। आवर्तकाल केवल लंबाई और g पर निर्भर करता है, गोलक के द्रव्यमान या उसे कितना किनारे खींचा गया है इस पर नहीं, बशर्ते दोलन छोटा हो। A गलत है क्योंकि 6 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 9 मीटर लंबा चाहिए। B गलत है क्योंकि 4 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 4 मीटर लंबा चाहिए। D गलत है क्योंकि 1 सेकंड का आवर्तकाल केवल लगभग 25 सेंटीमीटर के धागे का होता है। परीक्षा टिप: लंबाई चार गुनी होने पर ही आवर्तकाल दोगुना होता है।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 19 August 2019, Shift 3आसान

शुष्क बर्फ (ड्राई आइस) का रासायनिक नाम क्या है?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.नाइट्रोजन ऑक्साइड
  3. C.ऑक्सिडेन
  4. D.सल्फर डाइऑक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कार्बन डाइऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है A, कार्बन डाइऑक्साइड। शुष्क बर्फ ठोस कार्बन डाइऑक्साइड है। साधारण दाब पर यह पिघलकर द्रव नहीं बनती, बल्कि लगभग शून्य से 78.5 डिग्री सेल्सियस नीचे सीधे ठोस से गैस में बदल जाती है; इस प्रक्रिया को ऊर्ध्वपातन कहते हैं। चूँकि इससे कोई द्रव नहीं बचता, इसलिए यह सूखी रहती है और इसी कारण इसका नाम शुष्क बर्फ पड़ा। इसका उपयोग आइसक्रीम, जमे हुए खाद्य पदार्थ, टीके और रक्त के नमूनों को ढोते समय ठंडा रखने में होता है, और मंच पर बनने वाला सफेद कोहरा ठंडी कार्बन डाइऑक्साइड गैस से हवा की नमी के संघनन से बनता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि नाइट्रोजन के ऑक्साइड गैसें हैं, जिनमें नाइट्रस ऑक्साइड को हँसाने वाली गैस कहा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऑक्सिडेन जल का व्यवस्थित नाम है, जिसका ठोस रूप साधारण बर्फ है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सल्फर डाइऑक्साइड तीखी गंध वाली गैस है, जो परिरक्षक और विरंजक के रूप में काम आती है। परीक्षा टिप: शुष्क बर्फ ठोस कार्बन डाइऑक्साइड है और यह पिघलती नहीं, ऊर्ध्वपातित होती है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25th March 2022आसान

टेफ्लॉन का उपयोग बेयरिंग बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसका

  1. A.घर्षण गुणांक कम होता है
  2. B.ऊष्मा अपवहन बेहतर होता है
  3. C.कम स्थान लगता है
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. घर्षण गुणांक कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, घर्षण गुणांक कम होता है। टेफ्लॉन पॉलिटेट्राफ्लोरोएथिलीन का व्यापारिक नाम है, और इसकी सतह ठोस पदार्थों में सबसे अधिक चिकनी सतहों में से एक है, जिसका घर्षण गुणांक लगभग 0.04 होता है। बेयरिंग का काम है कि शाफ्ट कम से कम रगड़ के साथ घूमे, इसलिए यही चिकनाई टेफ्लॉन को चुनने का कारण है; इसी गुण से ऐसे कई बेयरिंग तेल या ग्रीस के बिना भी चल जाते हैं। यह बहुलक 1938 में रॉय प्लंकेट को संयोग से मिला था, लगभग हर रसायन के प्रति निष्क्रिय रहता है और करीब 260 डिग्री सेल्सियस तक टिकता है, इसीलिए इसे नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाया जाता है और पाइप के चूड़ों पर सीलिंग टेप के रूप में लपेटा जाता है। B गलत है क्योंकि टेफ्लॉन ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसे ऊष्मा बाहर निकालने के लिए नहीं चुना जाता। C गलत है क्योंकि स्थान की बचत बेयरिंग के डिज़ाइन पर निर्भर करती है, पदार्थ पर नहीं। D गलत है क्योंकि केवल पहला कारण ही सही है। परीक्षा टिप: टेफ्लॉन यानी PTFE, सबसे कम घर्षण वाला नॉन-स्टिक बहुलक।

Q13.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि कौन सी है?

  1. A.अग्न्याशय
  2. B.थायरॉइड ग्रंथि
  3. C.यकृत
  4. D.कर्णपूर्व ग्रंथि
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यकृत

व्याख्या

सही उत्तर C, यकृत है। यह मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि तथा सबसे भारी आंतरिक अंग है, यह उदर के ऊपरी दाहिने भाग में स्थित है, और पाचन में इसका मुख्य योगदान पित्त है, जो पित्ताशय में संचित होकर वसा का इमल्सीकरण करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अग्न्याशय महत्वपूर्ण होते हुए भी, कि वह एकमात्र बहिःस्रावी और अंतःस्रावी दोनों ग्रंथि है, आकार में बहुत छोटा है और उसका भार सौ ग्राम से भी कम होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि थायरॉइड शरीर की सबसे बड़ी अंतःस्रावी ग्रंथि होकर भी यकृत से बहुत छोटी है, और प्रश्न किसी भी प्रकार की सबसे बड़ी ग्रंथि पूछ रहा है। विकल्प D गलत है क्योंकि कर्णपूर्व ग्रंथि केवल लार ग्रंथियों के तीन जोड़ों में सबसे बड़ी है, जो बहुत सीमित उपाधि है। प्रश्नपत्रों का एक सामान्य जाल थायरॉइड देना है, इसलिए पढ़ें कि प्रश्न ग्रंथि कह रहा है या अंतःस्रावी ग्रंथि।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 18 Sept 2016कठिन

निम्नलिखित में से किसमें अणुओं की संख्या भिन्न है? (सभी सामान्य ताप और दाब पर रखे गए हैं)

  1. A.3 ग्राम हाइड्रोजन
  2. B.48 ग्राम ऑक्सीजन
  3. C.42 ग्राम नाइट्रोजन
  4. D.2 ग्राम कार्बन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2 ग्राम कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है D, 2 ग्राम कार्बन। तीन ग्राम हाइड्रोजन, 48 ग्राम ऑक्सीजन और 42 ग्राम नाइट्रोजन में से प्रत्येक 1.5 मोल बनता है, जबकि दो ग्राम कार्बन केवल लगभग 0.17 मोल है, इसलिए कार्बन में कणों की संख्या भिन्न है। मोलों की संख्या दिए गए द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान से भाग देकर निकाली जाती है, और समान मोल का अर्थ सदैव कणों की समान संख्या होता है। हाइड्रोजन गैस H2 है और इसका मोलर द्रव्यमान 2 है, इसलिए 3 बटा 2 यानी 1.5 मोल। ऑक्सीजन गैस O2 है और इसका मोलर द्रव्यमान 32 है, इसलिए 48 बटा 32 यानी 1.5 मोल। नाइट्रोजन गैस N2 है और इसका मोलर द्रव्यमान 28 है, इसलिए 42 बटा 28 यानी 1.5 मोल। कार्बन का परमाणु द्रव्यमान 12 है, इसलिए 2 बटा 12 लगभग 0.17 मोल ही होता है। A गलत है क्योंकि 3 ग्राम हाइड्रोजन 1.5 मोल है। B गलत है क्योंकि 48 ग्राम ऑक्सीजन भी 1.5 मोल है। C गलत है क्योंकि 42 ग्राम नाइट्रोजन भी 1.5 मोल ही है। परीक्षा टिप: पहले हर द्रव्यमान को मोल में बदलें।

Q15.सामान्य विज्ञानमध्यम

मानव शरीर में निम्नलिखित में से कौन एकमात्र धमनी है जो विऑक्सीजनित रक्त ढोती है?

  1. A.महाधमनी
  2. B.हृद धमनी
  3. C.फुफ्फुस धमनी
  4. D.ग्रीवा धमनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. फुफ्फुस धमनी

व्याख्या

सही उत्तर C, फुफ्फुस धमनी है। धमनी की पहचान दिशा से होती है, उसमें भरे रक्त के प्रकार से नहीं: वह रक्त को हृदय से दूर ले जाती है। फुफ्फुस धमनी दाएं निलय से निकलकर वह विऑक्सीजनित रक्त ढोती है जो शरीर से लौटा है, और उसे ऑक्सीजन भरने के लिए फेफड़ों तक पहुंचाती है, इसलिए यह इस नियम का एकमात्र अपवाद है कि धमनियां ऑक्सीजनित रक्त ढोती हैं। इसकी जोड़ीदार अपवाद फुफ्फुस शिराएं हैं, जो एकमात्र शिराएं हैं जो ऑक्सीजनित रक्त ढोती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि महाधमनी बाएं निलय से पूर्ण ऑक्सीजनित रक्त लेकर निकलती है और शरीर की सबसे बड़ी धमनी है। विकल्प B गलत है क्योंकि हृद धमनियां महाधमनी से निकलकर स्वयं हृदय की पेशी को पोषण देती हैं और इसलिए ऑक्सीजनित रक्त ढोती हैं; इनका अवरोध हृदयाघात करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्रीवा धमनियां ऑक्सीजनित रक्त सिर और मस्तिष्क तक ले जाती हैं।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 3आसान

स्वाद का पता लगाने वाले ग्राही क्या कहलाते हैं?

  1. A.संवेदी ग्राही
  2. B.रासायनिक ग्राही
  3. C.घ्राण ग्राही
  4. D.स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्वाद ग्राही या गस्टेटरी रिसेप्टर। स्वाद पकड़ने वाले ग्राही गस्टेटरी ग्राही कहलाते हैं और ये जीभ पर स्थित स्वाद कलिकाओं के भीतर रहते हैं। ये केवल लार में घुले पदार्थों पर प्रतिक्रिया करते हैं, इसीलिए सूखी जीभ से स्वाद कम पता चलता है, और ये पाँच मूल स्वाद बताते हैं - मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा और उमामी। जीभ से संकेत कपाल तंत्रिकाओं के रास्ते मस्तिष्क तक जाता है, जहाँ स्वाद और गंध मिलकर भोजन का असली ज़ायका बनाते हैं। A गलत है क्योंकि संवेदी ग्राही शरीर के हर ग्राही का सामान्य नाम है, जिसमें प्रकाश, ध्वनि, स्पर्श और दाब के ग्राही भी आते हैं। B गलत है क्योंकि रासायनिक ग्राही या कीमोरिसेप्टर वह बड़ी श्रेणी है जिसमें स्वाद और गंध दोनों आते हैं, इसलिए यह विशेष रूप से स्वाद ग्राही का नाम नहीं है। C गलत है क्योंकि घ्राण ग्राही नाक की भीतरी परत में होते हैं और गंध का पता लगाते हैं। परीक्षा टिप: गस्टेटरी का अर्थ स्वाद, ओल्फैक्टरी का अर्थ गंध और ऑडिटरी का अर्थ श्रवण।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा जल में घुलनशील विटामिन है?

  1. A.विटामिन D
  2. B.विटामिन A
  3. C.विटामिन C
  4. D.विटामिन K
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विटामिन C

व्याख्या

सही उत्तर है C, विटामिन C। केवल विटामिन C और बी कॉम्प्लेक्स के आठ विटामिन जल में घुलते हैं; शेष वसा में घुलनशील होते हैं। विटामिन C, जिसका रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक अम्ल है, शरीर में संचित नहीं रहता, इसलिए अतिरिक्त मात्रा मूत्र के साथ निकल जाती है और इसे आँवला, अमरूद, नींबू वर्गीय फलों तथा हरी सब्जियों से प्रतिदिन लेना पड़ता है। इसकी कमी से स्कर्वी होता है, जिसमें मसूड़ों से रक्त आता है और घाव धीरे भरते हैं; पकाने के दौरान ऊष्मा से यह विटामिन सरलता से नष्ट हो जाता है। A, B और D गलत हैं क्योंकि विटामिन D, A और K वसा में घुलनशील हैं, यकृत तथा वसा ऊतक में संचित होते हैं और अधिक मात्रा में लेने पर हानिकारक स्तर तक जमा हो सकते हैं। इनकी कमी से क्रमशः रिकेट्स, रतौंधी और रक्त का थक्का बनने में कठिनाई होती है। परीक्षा टिप: जल में घुलनशील हैं C और बी समूह, इसलिए वसा में घुलनशील चार हैं A, D, E और K।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1आसान

ऊर्ध्वपातन (सब्लिमेशन) क्या है?

  1. A.किसी पदार्थ का गैस से सीधे द्रव अवस्था में परिवर्तन
  2. B.किसी पदार्थ का गैस से सीधे ठोस अवस्था में परिवर्तन
  3. C.किसी पदार्थ का द्रव से सीधे गैस अवस्था में परिवर्तन
  4. D.किसी पदार्थ का ठोस से सीधे गैस अवस्था में परिवर्तन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. किसी पदार्थ का ठोस से सीधे गैस अवस्था में परिवर्तन

व्याख्या

सही उत्तर है D, किसी पदार्थ का ठोस से सीधे गैस अवस्था में परिवर्तन। ऊर्ध्वपातन में ठोस द्रव अवस्था में से गुजरे बिना सीधे वाष्प बन जाता है। ऐसा तब होता है जब ठोस के कणों को इतनी ऊर्जा मिल जाती है कि वे सीधे गैस अवस्था में निकल जाएँ, और इसका उलटा परिवर्तन, गैस से ठोस, निक्षेपण कहलाता है। कपूर, नेफ्थलीन की गोलियाँ, आयोडीन, अमोनियम क्लोराइड और ठोस कार्बन डाइऑक्साइड यानी शुष्क बर्फ गर्म होने पर ऊर्ध्वपातित होते हैं, इसी कारण नेफ्थलीन की गोली गीला निशान छोड़े बिना घटती जाती है। रसायनज्ञ ऐसे ठोसों को अवाष्पशील अशुद्धियों से अलग करने यानी शुद्ध करने के लिए ऊर्ध्वपातन का उपयोग करते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि गैस से द्रव बनना संघनन है। विकल्प B गलत है क्योंकि गैस से सीधे ठोस बनना निक्षेपण है। विकल्प C गलत है क्योंकि द्रव से गैस बनना वाष्पन है। परीक्षा टिप: ठोस से गैस ऊर्ध्वपातन, गैस से ठोस निक्षेपण, और कपूर इसका प्रमुख उदाहरण है।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 2आसान

सिनेबार (HgS) किस धातु का अयस्क है?

  1. A.एल्युमिनियम
  2. B.पारा
  3. C.सोना
  4. D.चाँदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पारा

व्याख्या

सही उत्तर है B, पारा। सिनेबार मर्क्यूरिक सल्फाइड यानी HgS है, और सूत्र ही उत्तर बता देता है क्योंकि Hg पारे का प्रतीक है। यह पारे का मुख्य अयस्क है, एक ईंट जैसा लाल खनिज, जिसे वायु में भूनकर धातु प्राप्त की जाती है; इसी खनिज को बारीक पीसकर पुराना रंजक सिंदूर बनाया जाता था। पारा एकमात्र धातु है जो कमरे के ताप पर द्रव रहता है, इसी कारण इसका उपयोग लंबे समय तक थर्मामीटर और बैरोमीटर में होता रहा। A गलत है क्योंकि एल्युमिनियम उसके ऑक्साइड अयस्क बॉक्साइट से प्राप्त होता है। C गलत है क्योंकि सोना अधिकतर मुक्त अवस्था में मिलता है, और कैलेवेराइट उसका गौण अयस्क है। D गलत है क्योंकि चाँदी अर्जेन्टाइट जैसे अयस्कों से मिलती है, जो सिल्वर सल्फाइड है। परीक्षा टिप: पहले सूत्र पढ़ें - HgS में Hg का अर्थ पारा; साथ ही एल्युमिनियम के लिए बॉक्साइट और चाँदी के लिए अर्जेन्टाइट याद रखें।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 14 Oct 2022मध्यम

थर्मोप्लास्ट (तापसुघट्य प्लास्टिक)

  1. A.में बहुलकीकरण सभी दिशाओं में बढ़ने के कारण प्राथमिक बंधों का त्रिआयामी जाल होता है
  2. B.लंबी शृंखला वाले अणु होते हैं जो द्वितीयक बंधों से जुड़े रहते हैं
  3. C.में तापमान बढ़ने पर प्लास्टिक रूप से विकृत होने की क्षमता घटती जाती है
  4. D.में द्वितीयक बंध होते हैं और ताप ऊर्जा बढ़ने पर भी ये द्वितीयक बंध कभी नहीं टूटते
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लंबी शृंखला वाले अणु होते हैं जो द्वितीयक बंधों से जुड़े रहते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है B, लंबी शृंखला वाले अणु होते हैं जो द्वितीयक बंधों से जुड़े रहते हैं। थर्मोप्लास्टिक में बहुलक लंबी रेखीय या हल्की शाखित शृंखलाओं के रूप में रहता है, और एक शृंखला दूसरी से केवल वान्डरवाल्स जैसे कमजोर द्वितीयक बलों द्वारा जुड़ी होती है। ताप से इन कमजोर बंधों को ढीला करने भर की ऊर्जा मिल जाती है, इसलिए पदार्थ मुलायम हो जाता है, नया आकार ले लेता है और ठंडा होने पर फिर कठोर हो जाता है; यह चक्र बार-बार दोहराया जा सकता है, इसीलिए थर्मोप्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण संभव है। पॉलिथीन, पॉलीप्रोपिलीन, पीवीसी, पॉलीस्टाइरीन और नायलॉन इसी वर्ग में आते हैं। A गलत है क्योंकि प्राथमिक बंधों का त्रिआयामी जाल बेकेलाइट जैसे थर्मोसेटिंग प्लास्टिक का लक्षण है, जो एक बार जमने पर फिर नहीं ढाला जा सकता। C गलत है क्योंकि तापमान बढ़ने पर विकृत होने की क्षमता घटती नहीं, बढ़ती है। D गलत है क्योंकि ताप ऊर्जा बढ़ने पर द्वितीयक बंध टूटते हैं, और इसी कारण प्लास्टिक मुलायम होता है। परीक्षा टिप: थर्मोप्लास्टिक में कमजोर द्वितीयक बंध और पुनः ढलाई, थर्मोसेटिंग में तिर्यकबंधित प्राथमिक बंध।

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