भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद धन विधेयक की परिभाषा देता है?
- A.अनुच्छेद 114
- B.अनुच्छेद 112
- C.अनुच्छेद 116
- D.अनुच्छेद 110
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर D, अनुच्छेद 110 है। अनुच्छेद 110 धन विधेयक की परिभाषा देता है, अर्थात वह विधेयक जो केवल कर लगाने या समाप्त करने, भारत सरकार द्वारा उधार लेने, भारत की संचित निधि या आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा, और संचित निधि से धन के विनियोग जैसे विषयों से संबंधित हो। धन विधेयक केवल लोकसभा में और राष्ट्रपति की सिफारिश से ही पुरःस्थापित किया जा सकता है, तथा कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इस पर लोकसभा अध्यक्ष का प्रमाणन अंतिम होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 114 विनियोग विधेयक से संबंधित है, जो संचित निधि से धन निकालने की अनुमति देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण यानी बजट की व्यवस्था करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 116 लेखानुदान, प्रत्यायानुदान और अपवादानुदान से संबंधित है।
पूरा लेख पढ़ें: संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद: भागवार सूची
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारतीय संविधान का अनुच्छेद 32 किस भाग में आता है?
- A.भाग 2
- B.भाग 1
- C.भाग 3
- D.भाग 4
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, भाग 3 है। अनुच्छेद 32 संवैधानिक उपचारों का अधिकार है और यह भाग 3 में आता है, जो मूल अधिकारों का अध्याय है और अनुच्छेद 12 से 35 तक चलता है। अनुच्छेद 32 के अंतर्गत नागरिक मूल अधिकार के प्रवर्तन के लिए सीधे उच्चतम न्यायालय जा सकता है और न्यायालय बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण तथा अधिकार-पृच्छा रिट जारी कर सकता है। डॉ भीमराव आंबेडकर ने इसी अनुच्छेद को संविधान की आत्मा कहा था। विकल्प A गलत है क्योंकि भाग 2 नागरिकता से संबंधित है, अनुच्छेद 5 से 11। विकल्प B गलत है क्योंकि भाग 1 संघ और उसके राज्यक्षेत्र से संबंधित है, अनुच्छेद 1 से 4, जिसमें नए राज्यों का निर्माण भी आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि भाग 4 में नीति-निर्देशक तत्त्व हैं, अनुच्छेद 36 से 51, जो किसी न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं हैं।
संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता प्राप्त करने का निर्देश देता है?
- A.अनुच्छेद 42
- B.अनुच्छेद 43
- C.अनुच्छेद 44
- D.अनुच्छेद 45
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व्याख्या
सही उत्तर C, अनुच्छेद 44 है। अनुच्छेद 44 भाग 4 का नीति-निर्देशक तत्त्व है और कहता है कि राज्य भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता प्राप्त करने का प्रयास करेगा। प्रत्येक नीति-निर्देशक तत्त्व की तरह यह किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है, फिर भी उच्चतम न्यायालय ने व्यक्तिगत विधि के कई निर्णयों में इसका उल्लेख किया है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 42 काम की न्यायसंगत और मानवीय दशाओं तथा प्रसूति सहायता का उपबंध करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 43 कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी और काम की उचित दशाओं की बात करता है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों का कुटीर उद्योग भी शामिल है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 45, 86वें संशोधन के बाद, छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारंभिक देखरेख और शिक्षा का निर्देश देता है।
भारतीय नागरिकों के मूल कर्तव्य संविधान के किस अनुच्छेद में दिए गए हैं?
- A.अनुच्छेद 48क
- B.अनुच्छेद 49
- C.अनुच्छेद 51क
- D.अनुच्छेद 50
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व्याख्या
सही उत्तर C, अनुच्छेद 51क है। मूल कर्तव्य अंगीकृत संविधान में नहीं थे। इन्हें 1976 के 42वें संशोधन अधिनियम द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर नए भाग 4क में अनुच्छेद 51क के रूप में जोड़ा गया, और 2002 के 86वें संशोधन ने एक और कर्तव्य जोड़ा, अर्थात माता-पिता या संरक्षक का अपने बच्चे को शिक्षा के अवसर देने का कर्तव्य। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 48क, जो भी 42वें संशोधन से जोड़ा गया, राज्य को पर्यावरण के संरक्षण तथा वन और वन्यजीव की रक्षा का निर्देश देता है; यह नागरिकों का कर्तव्य नहीं, नीति-निर्देशक तत्त्व है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 49 राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और स्थानों के संरक्षण की बात करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 50 कार्यपालिका से न्यायपालिका के पृथक्करण का निर्देश देता है।
संसद का सत्र न चलने पर भारत का राष्ट्रपति किस अनुच्छेद के अंतर्गत अध्यादेश जारी कर सकता है?
- A.अनुच्छेद 123
- B.अनुच्छेद 213
- C.अनुच्छेद 143
- D.अनुच्छेद 356
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, अनुच्छेद 123 है। अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है कि संसद के किसी सदन का सत्र न चलने पर वह अध्यादेश जारी करे, जिसका बल संसद के अधिनियम के समान होता है। अध्यादेश को पुनः समवेत होने पर दोनों सदनों के समक्ष रखना आवश्यक है और उस तारीख से छह सप्ताह बाद वह प्रवर्तन में नहीं रहता, यदि उससे पहले अनुमोदित न हो जाए। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 213 यही शक्ति राज्य के लिए राज्यपाल को देता है, और यही इस प्रश्न का सामान्य भटकाव है; 123 संघ के लिए और 213 राज्य के लिए याद रखना चाहिए। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति को लोक महत्व के विधि या तथ्य के प्रश्न पर उच्चतम न्यायालय की सलाह लेने देता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 356 राज्य में राष्ट्रपति शासन से संबंधित है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 280 किस निकाय के गठन का उपबंध करता है?
- A.भारत निर्वाचन आयोग
- B.वित्त आयोग
- C.भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
- D.संघ लोक सेवा आयोग
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, वित्त आयोग है। अनुच्छेद 280 के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक पाँचवें वर्ष, या उससे पहले भी, एक वित्त आयोग का गठन करेगा जिसमें एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य होंगे। यह आयोग सिफारिश करता है कि करों की शुद्ध आय संघ और राज्यों के बीच कैसे बाँटी जाए, प्रत्येक राज्य का हिस्सा कैसे तय हो, और भारत की संचित निधि से राज्यों को कौन से सहायता अनुदान दिए जाएँ। विकल्प A गलत है क्योंकि निर्वाचन आयोग का सृजन अनुच्छेद 324 करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का उपबंध अनुच्छेद 148 में है और उसके कर्तव्य तथा शक्तियाँ अनुच्छेद 149 में हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 315 संघ और प्रत्येक राज्य के लिए लोक सेवा आयोग का उपबंध करता है।