भारतीय रुपये का दशमलवीकरण, अर्थात उसका सौ छोटी इकाइयों में विभाजन, किस वर्ष हुआ?
- A.1935
- B.1947
- C.1957
- D.1964
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, 1957 है। 1 अप्रैल 1957 से रुपया सोलह आने और चौंसठ पाई में विभाजित होना बंद हो गया और उसे सौ इकाइयों में बाँटा गया, जिन्हें पहले नये पैसे और 1964 से केवल पैसे कहा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1935 भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना का वर्ष है, 1 अप्रैल को, जिसके बाद उसने बैंक नोट जारी करने का कार्य संभाला। विकल्प B गलत है क्योंकि 1947 की स्वतंत्रता से मुद्रा में तुरंत कोई परिवर्तन नहीं आया और कुछ वर्ष पुरानी व्यवस्था चलती रही। विकल्प D गलत है क्योंकि 1964 केवल वह वर्ष है जब सिक्के के नाम से नया शब्द हटाया गया। तीनों तिथियाँ अलग रखें - 1935 रिजर्व बैंक, 1957 दशमलवीकरण, 1964 नाम परिवर्तन। इसके साथ 1835 का सिक्का अधिनियम और 1861 का कागजी मुद्रा अधिनियम भी जोड़ लें, क्योंकि विकल्पों में ये पाँच तिथियाँ आपस में बदलकर पूछी जाती हैं।
पूरा लेख पढ़ें: भारतीय इतिहास में सिक्के और मुद्राएं: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के सबसे प्राचीन सिक्के, जिन पर अलग-अलग ठप्पों से चिह्न अंकित हैं और कोई लेख नहीं है, किस नाम से जाने जाते हैं?
- A.आहत सिक्के
- B.दीनार सिक्के
- C.जीतल सिक्के
- D.पोटिन सिक्के
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ये भारत के सबसे पुराने सिक्के हैं, अधिकतर चाँदी के अनियमित आकार के टुकड़े, जिन पर एक-एक करके ठप्पे मारकर सूर्य, छह भुजाओं वाला चक्र, पहाड़, वृक्ष और पशु जैसे चिह्न अंकित किए गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में चाँदी का टंका और ताँबे का जीतल किस शासक ने चलाया?
- A.कुतुबुद्दीन ऐबक
- B.इल्तुतमिश
- C.अलाउद्दीन खिलजी
- D.फिरोज शाह तुगलक
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इल्तुतमिश ने दिल्ली सल्तनत को उसकी मानक मुद्रा दी और चाँदी का टंका तथा ताँबे का जीतल जारी किया, जिन पर पूर्णतः अरबी लेख और टकसाल का नाम अंकित रहता था; यही जोड़ी आगे सल्तनत की मुद्रा का आधार बनी रही।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीतल और ताँबे की सांकेतिक मुद्रा, जिसे चाँदी के मूल्य पर वैध घोषित किया गया, किसने जारी की?
- A.बलबन
- B.मुहम्मद बिन तुगलक
- C.सिकंदर लोदी
- D.अकबर
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उसने 1329 या 1330 में पीतल तथा ताँबे के टोकन जारी किए और उन्हें एक चाँदी के टंके के बराबर घोषित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आधुनिक भारतीय रुपये का पूर्वज, रुपया नामक चाँदी का सिक्का सर्वप्रथम किसने जारी किया?
- A.शेरशाह सूरी
- B.हुमायूँ
- C.अकबर
- D.जहाँगीर
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अपने मुद्रा सुधार के अंतर्गत उसने लगभग एक सौ अठहत्तर ग्रेन की चाँदी की मुद्रा जारी की जिसे रुपया कहा गया, साथ ही ताँबे का दाम और सोने का मोहर चलाया तथा इनकी विनिमय दरें निश्चित कीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बारह राशियों के चिह्न वाले सिक्के किस मुगल बादशाह ने जारी किए?
- A.अकबर
- B.जहाँगीर
- C.शाहजहाँ
- D.औरंगजेब
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जहाँगीर ने सोने और चाँदी के सिक्कों की एक प्रसिद्ध श्रेणी ढलवाई जिन पर बारह राशियों के चिह्न अंकित थे, तथा एक अन्य श्रेणी पर अपना चित्र भी अंकित कराया, जो इस्लामी मुद्रा परंपरा में असामान्य है; उसने नूरजहाँ के नाम से भी सिक्के जारी किए।
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