मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास क्विज: भारतीय इतिहास में सिक्के और मुद्राएं

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें

इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास के अंतर्गत "भारतीय इतिहास में सिक्के और मुद्राएं" विषय पर यह क्विज़ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासआसान

भारत के सबसे प्राचीन सिक्के, जिन पर अलग-अलग ठप्पों से चिह्न अंकित हैं और कोई लेख नहीं है, किस नाम से जाने जाते हैं?

  1. A.आहत सिक्के
  2. B.दीनार सिक्के
  3. C.जीतल सिक्के
  4. D.पोटिन सिक्के
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आहत सिक्के

ये भारत के सबसे पुराने सिक्के हैं, अधिकतर चाँदी के अनियमित आकार के टुकड़े, जिन पर एक-एक करके ठप्पे मारकर सूर्य, छह भुजाओं वाला चक्र, पहाड़, वृक्ष और पशु जैसे चिह्न अंकित किए गए।

Q2.भारतीय इतिहासमध्यम

भारत में चाँदी का टंका और ताँबे का जीतल किस शासक ने चलाया?

  1. A.कुतुबुद्दीन ऐबक
  2. B.इल्तुतमिश
  3. C.अलाउद्दीन खिलजी
  4. D.फिरोज शाह तुगलक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इल्तुतमिश

इल्तुतमिश ने दिल्ली सल्तनत को उसकी मानक मुद्रा दी और चाँदी का टंका तथा ताँबे का जीतल जारी किया, जिन पर पूर्णतः अरबी लेख और टकसाल का नाम अंकित रहता था; यही जोड़ी आगे सल्तनत की मुद्रा का आधार बनी रही।

Q3.भारतीय इतिहासआसान

पीतल और ताँबे की सांकेतिक मुद्रा, जिसे चाँदी के मूल्य पर वैध घोषित किया गया, किसने जारी की?

  1. A.बलबन
  2. B.मुहम्मद बिन तुगलक
  3. C.सिकंदर लोदी
  4. D.अकबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मुहम्मद बिन तुगलक

उसने 1329 या 1330 में पीतल तथा ताँबे के टोकन जारी किए और उन्हें एक चाँदी के टंके के बराबर घोषित किया।

Q4.भारतीय इतिहासआसान

आधुनिक भारतीय रुपये का पूर्वज, रुपया नामक चाँदी का सिक्का सर्वप्रथम किसने जारी किया?

  1. A.शेरशाह सूरी
  2. B.हुमायूँ
  3. C.अकबर
  4. D.जहाँगीर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. शेरशाह सूरी

अपने मुद्रा सुधार के अंतर्गत उसने लगभग एक सौ अठहत्तर ग्रेन की चाँदी की मुद्रा जारी की जिसे रुपया कहा गया, साथ ही ताँबे का दाम और सोने का मोहर चलाया तथा इनकी विनिमय दरें निश्चित कीं।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

बारह राशियों के चिह्न वाले सिक्के किस मुगल बादशाह ने जारी किए?

  1. A.अकबर
  2. B.जहाँगीर
  3. C.शाहजहाँ
  4. D.औरंगजेब
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जहाँगीर

जहाँगीर ने सोने और चाँदी के सिक्कों की एक प्रसिद्ध श्रेणी ढलवाई जिन पर बारह राशियों के चिह्न अंकित थे, तथा एक अन्य श्रेणी पर अपना चित्र भी अंकित कराया, जो इस्लामी मुद्रा परंपरा में असामान्य है; उसने नूरजहाँ के नाम से भी सिक्के जारी किए।

Q6.भारतीय इतिहासमध्यम

प्राचीन भारत में सर्वाधिक संख्या में स्वर्ण सिक्के किस वंश ने जारी किए?

  1. A.मौर्य
  2. B.सातवाहन
  3. C.गुप्त
  4. D.चोल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गुप्त

गुप्तों के स्वर्ण सिक्के, जिन्हें दीनार कहा जाता था, किसी भी अन्य प्राचीन भारतीय वंश से अधिक संख्या में मिले हैं, और उनके प्रकार राजचित्रों की एक प्रदर्शनी जैसे हैं - राजा-रानी प्रकार, समुद्रगुप्त के अश्वमेध तथा वीणावादक प्रकार, और चंद्रगुप्त द्वितीय के धनुर्धर तथा चक्रविक्रम प्रकार।

Q7.भारतीय इतिहासकठिन

कुमारदेवी के साथ शासक को दर्शाने वाले राजा-रानी प्रकार के स्वर्ण सिक्के किससे संबंधित हैं?

  1. A.चंद्रगुप्त प्रथम
  2. B.समुद्रगुप्त
  3. C.चंद्रगुप्त द्वितीय
  4. D.स्कंदगुप्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चंद्रगुप्त प्रथम

इन सिक्कों के एक ओर राजा के साथ लिच्छवि राजकुमारी कुमारदेवी और दूसरी ओर आसीन देवी के साथ लिच्छवयः लेख अंकित है, और परंपरा से ये चंद्रगुप्त प्रथम को दिए जाते हैं, जिनके इस विवाह ने आरंभिक गुप्त राज्य को मजबूती दी; कुछ विद्वान मानते हैं कि इन्हें उनके पुत्र…

Q8.भारतीय इतिहासकठिन

अर्थशास्त्र में टकसाल का प्रभारी अधिकारी किस नाम से जाना जाता था?

  1. A.रूपदर्शक
  2. B.लक्षणाध्यक्ष
  3. C.संस्थाध्यक्ष
  4. D.पण्याध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लक्षणाध्यक्ष

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में अनेक अध्यक्षों का वर्णन है, और लक्षणाध्यक्ष टकसाल का अध्यक्ष था, जो निर्धारित तौल तथा मिश्रण के सिक्के ढालने के लिए उत्तरदायी था।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

भारतीय रुपये का दशमलवीकरण, अर्थात उसका सौ छोटी इकाइयों में विभाजन, किस वर्ष हुआ?

  1. A.1935
  2. B.1947
  3. C.1957
  4. D.1964
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1957

1 अप्रैल 1957 से रुपया सोलह आने और चौंसठ पाई में विभाजित होना बंद हो गया और उसे सौ इकाइयों में बाँटा गया, जिन्हें पहले नये पैसे और 1964 से केवल पैसे कहा गया।

Q10.भारतीय इतिहासमध्यम

सीसे और पोटिन के सिक्के, जिनमें कुछ पर दो मस्तूल वाले जहाज की आकृति है, किस वंश की विशेषता थे?

  1. A.कुषाण
  2. B.सातवाहन
  3. C.हिंद-यवन
  4. D.पश्चिमी क्षत्रप
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सातवाहन

दक्कन के सातवाहनों ने अपने सिक्के मुख्यतः सीसे और पोटिन में ढाले, जो ताँबे के साथ राँगा, सीसा तथा जस्ता की मिश्र धातु है, और उनके कुछ सिक्कों पर दो मस्तूल वाला जहाज अंकित है, जिसे इतिहासकार पूर्वी तट पर उनके समुद्री व्यापार का प्रमाण मानते हैं।

सभी क्विज देखें