भारतीय इतिहास के संदर्भ में, द्वैध शासन (डायआर्की) का सिद्धांत किसे दर्शाता है?
- A.केंद्रीय विधानमंडल का दो सदनों में विभाजन।
- B.दोहरी सरकार, अर्थात केंद्र और राज्य सरकारों की शुरुआत।
- C.शासकों के दो समूह होना; एक लंदन में और दूसरा दिल्ली में।
- D.प्रांतों को सौंपे गए विषयों का दो श्रेणियों में विभाजन।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, प्रांतों को सौंपे गए विषयों का दो श्रेणियों में विभाजन। द्वैध शासन में प्रांतीय विषयों को हस्तांतरित और आरक्षित विषयों में बाँटा गया।
द्वैध शासन मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों पर आधारित भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा प्रांतों में लागू किया गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थानीय स्वशासन और कृषि जैसे हस्तांतरित विषय गवर्नर उन मंत्रियों की सहायता से चलाता था जो प्रांतीय विधान परिषद के प्रति उत्तरदायी थे। वित्त, कानून-व्यवस्था, पुलिस और भू-राजस्व जैसे आरक्षित विषय गवर्नर और उसकी कार्यकारी परिषद के पास रहे, जो विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी नहीं थे। यह व्यवस्था ठीक से नहीं चली और भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने प्रांतों में इसे समाप्त कर प्रांतीय स्वायत्तता दी तथा केंद्र में द्वैध शासन का प्रस्ताव रखा।
A गलत है क्योंकि द्विसदनीय केंद्रीय विधानमंडल 1919 के अधिनियम की अलग विशेषता है। B गलत है क्योंकि संघीय शक्ति-विभाजन 1935 के अधिनियम से आया। C गलत है क्योंकि द्वैध शासन का अर्थ दो राजधानियों में शासक होना नहीं था।
Exam tip: प्रांतों में द्वैध शासन, 1919 अधिनियम (हस्तांतरित और आरक्षित); 1935 के अधिनियम से वहाँ समाप्त।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस विदेशी यात्री ने भारत के हीरों और हीरे की खानों के बारे में विस्तार से चर्चा की है?
- A.फ्रांस्वा बर्नियर
- B.जीन-बैप्टिस्ट टैवर्नियर
- C.जीन डी थेवेनो
- D.अब्बे बार्थेलेमी कैरे
उत्तर देखें
वे फ्रांसीसी रत्न व्यापारी थे और उनके यात्रा वृत्तांत में भारत के हीरों और खानों का विस्तृत वर्णन है। टैवर्नियर ने लगभग 1630 से 1668 के बीच पूर्व की छह यात्राएँ कीं और शाहजहाँ व औरंगज़ेब के शासनकाल में कई बार भारत आए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : (शब्द : विवरण) 1. एरिपत्ति : वह भूमि, जिसका राजस्व गाँव के तालाब के रखरखाव के लिए अलग रखा जाता था 2. तनियूर : किसी एक ब्राह्मण या ब्राह्मणों के समूह को दान किए गए गाँव 3. घटिका : सामान्यतः मंदिरों से जुड़े विद्यालय उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 3
- C.2 और 3
- D.1 और 3
उत्तर देखें
एरिपत्ति और घटिका का विवरण सही है, पर तनियूर ब्राह्मणों को दान किए गए गाँव नहीं थे। ये शब्द आरंभिक मध्यकालीन दक्षिण भारत, विशेषकर पल्लव और चोल काल के अभिलेखों में मिलते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : कथन-I : 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस घोषित किया गया है। कथन-II : 1905 में इसी दिन स्वदेशी आंदोलन शुरू किया गया था। उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
- A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
- B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
- D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 7 अगस्त को इसीलिए मनाया जाता है कि 1905 में इसी दिन स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय इतिहास के संदर्भ में, अलेक्ज़ेंडर री, ए. एच. लॉन्गहर्स्ट, रॉबर्ट सीवेल, जेम्स बर्गेस और वॉल्टर इलियट किससे संबद्ध थे?
- A.पुरातात्विक उत्खनन
- B.औपनिवेशिक भारत में अंग्रेज़ी प्रेस की स्थापना
- C.देशी रियासतों में चर्चों की स्थापना
- D.औपनिवेशिक भारत में रेलवे का निर्माण
उत्तर देखें
ये पाँचों ब्रिटिश अधिकारी और विद्वान थे जिन्होंने मुख्य रूप से दक्षिण भारत के प्राचीन स्थलों की खुदाई और दस्तावेज़ीकरण किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1948 में स्थापित "हिंद मज़दूर सभा" के संस्थापक निम्नलिखित में से कौन थे?
- A.बी. कृष्ण पिल्लै, ई.एम.एस. नंबूदरीपाद और के.सी. जॉर्ज
- B.जयप्रकाश नारायण, दीनदयाल उपाध्याय और एम.एन. रॉय
- C.सी.पी. रामस्वामी अय्यर, के. कामराज और वीरेशलिंगम पंतुलु
- D.अशोक मेहता, टी.एस. रामानुजम और जी.जी. मेहता
उत्तर देखें
ये समाजवादी मज़दूर नेता थे जिन्होंने हिंद मज़दूर सभा (HMS) को कांग्रेस और कम्युनिस्ट दोनों के नियंत्रण से मुक्त मज़दूर संघ के रूप में बनाया।
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