भारत सरकार अधिनियम, 1858 से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. ब्रिटिश क्राउन ने ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत पर संप्रभुता अपने हाथ में ले ली। 2. ब्रिटिश संसद ने अंग्रेज़ों के प्रत्यक्ष शासन के अधीन भारत के शासन के लिए पहला कानून बनाया। 3. यह अधिनियम देश के प्रशासन में किसी भी जन-भागीदारी के बिना पूर्ण साम्राज्यवादी नियंत्रण के सिद्धांत से प्रभावित था। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2
- C.1, 2 और 3
- D.केवल 1 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1, 2 और 3। तीनों कथन 1858 के अधिनियम का सही वर्णन करते हैं: इसने कंपनी का शासन समाप्त कर भारत को सीधे क्राउन के अधीन कर दिया, जिसका शासन लंदन से चलता था और उसमें भारतीयों की कोई आवाज़ नहीं थी।
1857 के विद्रोह के बाद पारित 'भारत के बेहतर शासन के लिए अधिनियम' ने ईस्ट इंडिया कंपनी के क्षेत्र और शक्तियाँ ब्रिटिश क्राउन को सौंप दीं, इसलिए कथन 1 सही है। यह अंग्रेज़ों के प्रत्यक्ष शासन में भारत के शासन के लिए ब्रिटिश संसद का पहला कानून था, इसलिए कथन 2 सही है। इसने भारत सचिव का पद बनाया, जो ब्रिटिश मंत्रिमंडल का सदस्य था और जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यों की भारत परिषद थी; गवर्नर-जनरल वायसराय बन गया और लॉर्ड कैनिंग पहले वायसराय बने। नियंत्रण लंदन में केंद्रित था और प्रशासन में भारतीयों की कोई हिस्सेदारी नहीं थी, इसलिए कथन 3 भी सही है।
विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें सही कथन 3 छूट गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें कथन 1 और 3 छूट गए हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें कथन 2 छूट गया है।
Exam tip: 1858 का अधिनियम = क्राउन का शासन, भारत सचिव, वायसराय (पहले कैनिंग)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभू-राजस्व में रैयतवाड़ी प्रयोग किसने शुरू किया था?
- A.हेनरी डुंडास
- B.अलेक्ज़ेंडर रीड
- C.डेविड रिकार्डो
- D.माउंटस्टुअर्ट एल्फ़िंस्टन
उत्तर देखें
कैप्टन अलेक्ज़ेंडर रीड ने 1792 में टीपू सुल्तान से लिए गए बारामहल क्षेत्र में रैयतवाड़ी प्रयोग शुरू किया, और थॉमस मुनरो उनके सहायकों में से एक थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को किसने पढ़ा (उनका अर्थ निकाला)?
- A.पियदस्सी
- B.कॉलिन मैकेंज़ी
- C.अलेक्ज़ेंडर कनिंघम
- D.जेम्स प्रिंसेप
उत्तर देखें
ईस्ट इंडिया कंपनी की टकसाल के अधिकारी और एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के सचिव प्रिंसेप ने 1837 में ब्राह्मी लिपि को पढ़ा और खरोष्ठी को पढ़ने में भी निर्णायक सफलता पाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जस्टिस पार्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसने गैर-ब्राह्मणों के लिए उसी प्रकार के पृथक सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की ज़ोरदार मांग की, जैसा मॉर्ले-मिंटो सुधारों द्वारा मुसलमानों को दिया गया था।
- B.इसे मुख्य रूप से धनी भूस्वामी और शहरी मध्यवर्गीय गैर-ब्राह्मणों का संरक्षण प्राप्त था।
- C.इसने मॉन्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड सुधारों में गैर-ब्राह्मणों के लिए 28 आरक्षित सीटों का प्रावधान करवाने में सफलता पाई।
- D.इसने 1920 में चुनावों के बहिष्कार के कांग्रेस के आह्वान का समर्थन किया।
उत्तर देखें
जस्टिस पार्टी 1920 के चुनावों के कांग्रेस के बहिष्कार में शामिल नहीं हुई; उसने चुनाव लड़ा, मद्रास विधान परिषद में बहुमत जीता और नए सुधारों के तहत पहला मंत्रिमंडल बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1915 में हरिद्वार कुंभ मेले में कौन-सा संगठन शुरू किया गया था?
- A.सनातन धर्म सभा
- B.देव समाज
- C.ब्राह्मण सभा
- D.हिंदू महासभा
उत्तर देखें
अखिल भारतीय हिंदू महासभा का स्थापना अधिवेशन 1915 के कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में हुआ, जिसमें 1909 से पहले पंजाब और फिर दूसरे प्रांतों में बनी हिंदू सभाएं एक साथ आईं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ (ऑल इंडिया डिप्रेस्ड क्लासेज़ एसोसिएशन) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ का गठन नागपुर में हुआ और एम. सी. राजा इसके पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने।
- B.1926 में डॉ. बी. आर. आंबेडकर अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ में शामिल नहीं हुए।
- C.आंबेडकर ने अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ से त्यागपत्र देकर 1930 में अपनी अखिल भारतीय दलित वर्ग कांग्रेस बनाई।
- D.अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ ने दलित वर्गों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की आंबेडकर की मांग का समर्थन किया।
उत्तर देखें
अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ ने पृथक निर्वाचन मंडल की आंबेडकर की मांग का समर्थन नहीं किया; एम. सी. राजा के नेतृत्व में उसने दलित वर्गों के लिए आरक्षित सीटों वाले संयुक्त निर्वाचन मंडल का समर्थन किया।
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