भारत में स्थापित पहला जीवमंडल निचय कौन सा था?
- A.नंदा देवी
- B.नीलगिरि
- C.सुंदरबन
- D.मन्नार की खाड़ी
सही उत्तर
B. नीलगिरि
व्याख्या
सही उत्तर B, नीलगिरि जीवमंडल निचय है, जो 1986 में अधिसूचित हुआ। यह पश्चिमी घाट में तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के मिलन बिंदु पर फैला है और अपने भीतर कई प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान तथा अभयारण्य समेटे है।
विकल्प A, उत्तराखंड का नंदा देवी, विकल्प C, पश्चिम बंगाल का सुंदरबन और विकल्प D, तमिलनाडु तट के पास मन्नार की खाड़ी सभी भारत के जीवमंडल निचय हैं, पर सभी नीलगिरि के बाद घोषित हुए। प्रश्न लगभग हमेशा यही पूछता है कि पहला कौन था, इसलिए नीलगिरि और 1986 का जोड़ा याद रखिए। साथ ही उस ढाँचे को भी याद रखिए जिससे ये जुड़े हैं, अर्थात यूनेस्को का 1971 में आरंभ मानव और जीवमंडल कार्यक्रम, तथा हर निचय के तीन क्षेत्र, अर्थात क्रोड़, बफर और संक्रमण क्षेत्र, जिन पर अलग से भी प्रश्न बनते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: जैव विविधता और संरक्षण: हॉटस्पॉट तथा कानून
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजैव विविधता हॉटस्पॉट की संकल्पना किस वैज्ञानिक ने दी?
- A.नॉर्मन मायर्स
- B.चार्ल्स डार्विन
- C.रॉबर्ट व्हिटेकर
- D.अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट
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सही उत्तर: A. नॉर्मन मायर्स
व्याख्या
सही उत्तर A, नॉर्मन मायर्स है, जिन्होंने 1988 में यह विचार रखा ताकि संरक्षण के सीमित साधन उन स्थानों पर लगें जहाँ सबसे अधिक जातियाँ बचाई जा सकें। कोई क्षेत्र तभी हॉटस्पॉट बनता है जब वहाँ कहीं और न मिलने वाली जातियाँ बहुत हों और उसकी अधिकांश मूल वनस्पति नष्ट हो चुकी हो।
विकल्प B, चार्ल्स डार्विन ने प्राकृतिक चयन द्वारा विकास का सिद्धांत दिया और इस वर्गीकरण से उनका संबंध नहीं। विकल्प C, रॉबर्ट व्हिटेकर वास्तविक जाल हैं, क्योंकि अल्फा, बीटा तथा गामा विविधता के शब्द उन्हीं के दिए हैं और वे पाँच जगत वाले वर्गीकरण के लिए भी जाने जाते हैं। विकल्प D, हम्बोल्ट ने बताया कि क्षेत्रफल बढ़ने के साथ जाति समृद्धि कैसे बढ़ती है। भारत तक चार हॉटस्पॉट फैले हैं: हिमालय, इंडो-बर्मा, पश्चिमी घाट के साथ श्रीलंका, और निकोबार द्वीपों वाला सुंडालैंड, और इन्हें एक साथ याद रखना ही इस अध्याय का सबसे निश्चित अंक है।
निम्नलिखित में से कौन भारत तक फैला जैव विविधता हॉटस्पॉट नहीं है?
- A.हिमालय
- B.इंडो-बर्मा
- C.पूर्वी घाट
- D.पश्चिमी घाट और श्रीलंका
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सही उत्तर: C. पूर्वी घाट
व्याख्या
सही उत्तर C, पूर्वी घाट है। ये टूटी हुई और तुलनात्मक रूप से शुष्क पहाड़ी शृंखला हैं और हॉटस्पॉट की दोनों कसौटियों, अर्थात असाधारण स्थानिकता तथा गंभीर संकट, पर खरी नहीं उतरतीं।
विकल्प A, हिमालय, विकल्प B, इंडो-बर्मा, जो हिमालय शृंखला से आगे पूर्वोत्तर को घेरता है, और विकल्प D, पश्चिमी घाट के साथ श्रीलंका, भारत तक फैले चार हॉटस्पॉट में से तीन हैं। चौथा सुंडालैंड है, जिसमें निकोबार द्वीप समूह आता है। प्रश्नपत्र इसे बेमेल विकल्प के रूप में पूछते हैं और सामान्य गलत विकल्प पूर्वी घाट तथा अरावली होते हैं, जो उस अभ्यर्थी को सही लगते हैं जिसने केवल इतना पढ़ा हो कि हॉटस्पॉट पहाड़ी होते हैं। स्थानिकता के लिए पश्चिमी घाट अवश्य याद रखिए, क्योंकि सिंहपुच्छी मकाक और अनेक उभयचर वहीं मिलते हैं और कहीं नहीं, और यही असाधारण स्थानिकता उसे हॉटस्पॉट बनाती है।
जैव विविधता अभिसमय किस सम्मेलन में हस्ताक्षरित हुआ था?
- A.1972 का स्टॉकहोम सम्मेलन
- B.1992 का रियो डी जनेरियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन
- C.1997 का क्योटो सम्मेलन
- D.1971 का रामसर सम्मेलन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1992 का रियो डी जनेरियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन
व्याख्या
सही उत्तर B, 1992 में रियो डी जनेरियो में हुआ पृथ्वी शिखर सम्मेलन है। इस अभिसमय के तीन उद्देश्य हैं: जैव विविधता का संरक्षण, उसके घटकों का संपोषणीय उपयोग, और आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से मिलने वाले लाभों का न्यायसंगत बँटवारा।
विकल्प A, 1972 का स्टॉकहोम सम्मेलन मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र का पहला बड़ा सम्मेलन था जिससे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम बना। विकल्प C, 1997 का क्योटो सम्मेलन ग्रीनहाउस गैसों में कटौती के प्रोटोकॉल से जुड़ा है और जलवायु परिवर्तन अध्याय का है। विकल्प D, 1971 का रामसर सम्मेलन आर्द्रभूमियों का अभिसमय लाया। रियो अभिसमय के बाद दो प्रोटोकॉल आए: जैव सुरक्षा से संबंधित 2000 का कार्टाजेना प्रोटोकॉल और आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच तथा लाभ बँटवारे से संबंधित 2010 का नागोया प्रोटोकॉल, और परीक्षा में इन दोनों के वर्ष तथा विषय दोनों पूछे जाते हैं।
जीवमंडल निचय किन तीन क्षेत्रों में बँटा होता है?
- A.क्रोड़, बफर और संक्रमण
- B.क्रोड़, अभयारण्य और उद्यान
- C.भीतरी, मध्य और बाहरी
- D.संरक्षित, प्रतिबंधित और खुला
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सही उत्तर: A. क्रोड़, बफर और संक्रमण
व्याख्या
सही उत्तर A, क्रोड़, बफर और संक्रमण क्षेत्र है। क्रोड़ क्षेत्र कानूनी रूप से संरक्षित और अछूता रहता है और वहाँ किसी मानव गतिविधि की अनुमति नहीं होती। उसके चारों ओर का बफर क्षेत्र शोध, शिक्षा और सीमित संसाधन उपयोग की अनुमति देता है जिससे क्रोड़ को हानि न पहुँचे। सबसे बाहर संक्रमण क्षेत्र है, जहाँ बस्तियाँ, खेती और स्थानीय लोगों की गतिविधियाँ चलती रहती हैं।
विकल्प B दो अलग प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों को मिला देता है; अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत घोषित होते हैं और जीवमंडल निचय के क्षेत्र नहीं हैं, यद्यपि वे प्रायः किसी निचय के भीतर पड़ते हैं। विकल्प C और D गढ़े हुए नाम हैं। तीन क्षेत्रों की यही रचना केंद्र में कठोर संरक्षण और किनारे पर आजीविका दोनों संभव बनाती है।
भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ?
- A.1962
- B.1972
- C.1980
- D.1986
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1972
व्याख्या
सही उत्तर B, 1972 है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम राष्ट्रीय उद्यानों तथा वन्यजीव अभयारण्यों की घोषणा का कानूनी आधार देता है, अपनी अनुसूचियों में संरक्षित जातियाँ सूचीबद्ध करता है, और उनके शिकार तथा व्यापार पर रोक लगाता है।
विकल्प C, 1980 वन संरक्षण अधिनियम का वर्ष है, जो वन भूमि के गैर वन उपयोग पर रोक लगाता है। विकल्प D, 1986 पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का वर्ष है, जो भोपाल गैस त्रासदी के बाद बना छत्र कानून है, और इसी वर्ष नीलगिरि जीवमंडल निचय भी अधिसूचित हुआ। विकल्प A, 1962 से ऐसा कोई कानून नहीं जुड़ा। ये तीन वर्ष बारी-बारी पूछे जाते हैं और इन्हें 1973 के प्रोजेक्ट टाइगर, 1992 के प्रोजेक्ट एलीफेंट तथा 2002 के जैव विविधता अधिनियम के साथ याद करना चाहिए, क्योंकि प्रश्नपत्र प्रायः इन्हीं वर्षों को विकल्पों में आमने-सामने रखते हैं।