भारत में संघीय न्यायालय (फेडरल कोर्ट) की स्थापना की वकालत निम्नलिखित में से किस अधिनियम/आयोग द्वारा की गई थी?
- A.भारत सरकार अधिनियम, 1919
- B.ली आयोग, 1923
- C.भारत सरकार अधिनियम, 1935
- D.भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, भारत सरकार अधिनियम, 1935। इस अधिनियम में संघीय न्यायालय का प्रावधान था, जिसकी स्थापना अक्टूबर 1937 में दिल्ली में केंद्र और प्रांतों के बीच विवाद सुलझाने के लिए हुई।
1935 के अधिनियम ने ब्रिटिश प्रांतों और देशी रियासतों के एक अखिल भारतीय संघ की योजना बनाई थी, और संघ में शक्तियों के बँटवारे की व्याख्या के लिए एक न्यायालय ज़रूरी होता है। संघीय न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश और अधिकतम छह न्यायाधीश थे; इसके पहले मुख्य न्यायाधीश सर मॉरिस ग्वायर थे। यह संघ की इकाइयों के बीच विवाद और संवैधानिक व्याख्या से जुड़ी अपीलें सुनता था, जबकि इसके फ़ैसलों के विरुद्ध अपील लंदन की प्रिवी काउंसिल में जाती थी। यह 1950 तक चला, जब भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इसकी जगह ली।
A, 1919 के अधिनियम ने प्रांतों में द्वैध शासन लागू किया, संघीय न्यायालय नहीं। B, ली आयोग, 1923, उच्च सिविल सेवाओं के वेतन और भारतीयकरण से जुड़ा था। D, भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 (मॉर्ले-मिंटो सुधार) ने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल दिए।
परीक्षा टिप: संघीय न्यायालय — भारत सरकार अधिनियम 1935, स्थापना 1937, 28 जनवरी 1950 को सर्वोच्च न्यायालय ने जगह ली।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंबिपिन चंद्र पाल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.वे कांग्रेस के नरमपंथी गुट के सदस्य थे।
- B.वे कांग्रेस के गरमपंथी गुट के सदस्य थे।
- C.वे स्वतंत्र भारत की पहली सरकार में रक्षा मंत्री थे।
- D.वे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री थे।
उत्तर देखें
बिपिन चंद्र पाल प्रमुख गरमपंथी नेताओं में से थे और प्रसिद्ध तिकड़ी लाल-बाल-पाल के "पाल" थे। यह तिकड़ी थी पंजाब के लाला लाजपत राय, महाराष्ट्र के बाल गंगाधर तिलक और बंगाल के बिपिन चंद्र पाल।
पूरी व्याख्या पढ़ें →थियोसोफिकल सोसाइटी का नेतृत्व किसने किया था?
- A.ए. ओ. ह्यूम
- B.आर्थर ग्रिफ़िथ
- C.एनी बेसेंट
- D.लॉर्ड डफ़रिन
उत्तर देखें
एनी बेसेंट 1907 में थियोसोफिकल सोसाइटी की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं और 1933 में अपनी मृत्यु तक इसका नेतृत्व करती रहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कथन I : सम्राट अशोक ने मृत्युदंड समाप्त कर दिया और अपनी सेना भंग कर दी।
कथन II : कलिंग युद्ध के बाद अशोक को पश्चाताप हुआ और वह बौद्ध बन गया।
- A.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
- B.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, परंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन I सत्य है, परंतु कथन II असत्य है
- D.कथन I असत्य है, परंतु कथन II सत्य है
उत्तर देखें
कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया, लेकिन उसने न तो मृत्युदंड समाप्त किया और न ही अपनी सेना भंग की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पहली शताब्दी ईस्वी में निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तु भारत से रोम को होने वाले निर्यात की प्रमुख वस्तु नहीं थी?
- A.काली मिर्च
- B.जटामांसी (स्पाइकनार्ड)
- C.कछुए की खोल
- D.जायफल
उत्तर देखें
जायफल आज के इंडोनेशिया के मोलुक्का द्वीपों में बांडा द्वीपों से आता है, और यह भारत से रोम भेजी जाने वाली मुख्य वस्तुओं में नहीं था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में शिक्षा की स्थिति का सर्वेक्षण करने के लिए नियुक्त हंटर आयोग (1882) ने
- A.विश्वविद्यालयी शिक्षा की निंदा की
- B.1854 के डिस्पैच को अस्वीकार कर दिया
- C.प्राथमिक शिक्षा पर अधिक बल के साथ 1854 के डिस्पैच का समर्थन किया
- D.स्कूली शिक्षा की अनुदान सहायता प्रणाली की आलोचना की
उत्तर देखें
आयोग ने वुड के डिस्पैच को सही ठहराया, पर सरकार से प्राथमिक शिक्षा के प्रसार पर विशेष ध्यान देने को कहा।
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