भारत में पहुंच एवं लाभ साझाकरण (एबीएस) व्यवस्था किस अधिनियम के तहत चलती है?
- A.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
- B.जैविक विविधता अधिनियम, 2002
- C.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- D.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर जैविक विविधता अधिनियम, 2002 है। भारत की एबीएस व्यवस्था इसी अधिनियम से संचालित होती है, जिसमें 2023 में संशोधन हुआ, तथा इसके साथ जैविक विविधता नियम, 2024 और पहुंच एवं लाभ साझाकरण विनियम, 2025 लागू हैं। अधिनियम की धारा 21 में यह तय करने का प्रावधान है कि जैविक संसाधन के उपयोग से मिले लाभ का न्यायसंगत बंटवारा कैसे होगा, और इसी के तहत राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण कंपनियों से राशि लेकर राज्य जैव विविधता बोर्डों को देता है। बाकी विकल्प दूसरे विषयों के कानून हैं। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम वन्य जीवों और पौधों की रक्षा तथा संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन से जुड़ा है, लाभ साझाकरण से नहीं। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण मानकों का व्यापक कानून है। वन (संरक्षण) अधिनियम वन भूमि के गैर-वन उपयोग में परिवर्तन को नियंत्रित करता है। इनमें से कोई भी न लाभ साझाकरण व्यवस्था बनाता है और न राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण का गठन करता है।
पूरा लेख पढ़ें: एनबीए ने जैव विविधता बोर्डों को 1.04 करोड़ रुपये एबीएस राशि दी
अभ्यास प्रश्न
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा बांटी गई एबीएस राशि में सर्वाधिक हिस्सा किस राज्य को मिला?
- A.महाराष्ट्र
- B.मध्य प्रदेश
- C.उत्तर प्रदेश
- D.बिहार
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राशि बराबर नहीं बांटी गई: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने क्षेत्र आधारित तरीका अपनाया, इसलिए हर राज्य का हिस्सा संबंधित फसलों के भौगोलिक फैलाव और उनके अधीन रकबे के अनुसार तय हुआ, जिसके आंकड़े कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के एकीकृत कृषि सांख्यिकी पोर्टल से लिए गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत का एबीएस ढांचा किस वैश्विक ढांचे के लक्ष्य 13 को आगे बढ़ाता है?
- A.कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा
- B.आपदा जोखिम न्यूनीकरण का सेंडाई ढांचा
- C.आइची जैव विविधता लक्ष्य
- D.पेरिस समझौता
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इसका लक्ष्य 13 कहता है कि आनुवंशिक संसाधनों, डिजिटल क्रम सूचना तथा उनसे जुड़े पारंपरिक ज्ञान के उपयोग से मिले लाभ का उचित और न्यायसंगत बंटवारा सुनिश्चित करने के लिए ठोस उपाय किए जाएं, और राज्य जैव विविधता बोर्डों को दी गई यह राशि ठीक वही काम करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के जैव विविधता और एबीएस कार्य को दिखाने वाला सीबीडी सीओपी 17 सहयोगी कार्यक्रम कहां होगा?
- A.कैली, कोलंबिया
- B.येरेवान, आर्मेनिया
- C.मॉन्ट्रियल, कनाडा
- D.नागोया, जापान
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'फ्रॉम पॉलिसी टू प्रैक्टिस: एडवांसिंग इंडियाज बायोडायवर्सिटी कमिटमेंट्स थ्रू इनोवेशन, फाइनेंस एंड एबीएस' नाम का यह सहयोगी कार्यक्रम 28 अक्टूबर 2026 को जैविक विविधता अभिसमय के पक्षकारों के सम्मेलन में रखा जाएगा और इसमें दिखाया जाएगा कि भारत नीति, नवाचार, वित्त तथा लाभ साझाकरण के जरिये अपने जैव विविधता वादों…
पूरी व्याख्या पढ़ें →जिला प्रशासनों से किसानों को किन संस्थाओं से जोड़ने को कहा गया, ताकि अवशेष प्रबंधन के समाधान बिना देरी मिलें?
- A.कस्टम हायरिंग केंद्र और मशीन उपलब्ध कराने वाले
- B.क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और बीमा एजेंट
- C.केवल कृषि उपज मंडी समितियां
- D.पंचायत पुस्तकालय और सहकारी भंडार
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आयोग ने जिला प्रशासनों से कहा कि किसानों, कस्टम हायरिंग केंद्रों, मशीन उपलब्ध कराने वालों तथा अन्य हितधारकों के बीच तालमेल मजबूत किया जाए, जिससे किसानों को अवशेष प्रबंधन के समाधान बिना इंतजार मिल सकें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आयोग ने धान की पराली का ईंधन के रूप में अधिकतम उपयोग कहां करने का निर्देश दिया?
- A.केवल घरेलू चूल्हों में
- B.ताप विद्युत संयंत्रों, ईंट-भट्ठों और उद्योगों में
- C.रेल इंजनों में
- D.केवल नगरपालिका भट्टियों में
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आयोग ने इस रास्ते पर जोर दिया और यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्रवार नोडल अधिकारी अपने क्षेत्रों में पराली के वास्तविक उपयोग के लिए जवाबदेह बनाए जाएं तथा अनुपालन की नियमित निगरानी और रिपोर्ट करें।
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