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GK24
भारतीय इतिहासमध्यमपूछा गया: SSC CGL · 14 Jul 2023, Shift 1

भारत में अंग्रेजों द्वारा शुरू की गई रैयतवाड़ी राजस्व व्यवस्था किस सिद्धांत पर आधारित थी?

  1. A.स्मिथ का लगान सिद्धांत
  2. B.रिकार्डो का लगान सिद्धांत
  3. C.माल्थस का लगान सिद्धांत
  4. D.मार्क्स का लगान सिद्धांत

सही उत्तर

B. रिकार्डो का लगान सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है B, रिकार्डो का लगान सिद्धांत। रैयतवाड़ी व्यवस्था डेविड रिकार्डो के लगान सिद्धांत पर खड़ी थी, जिसके अनुसार लगान वह अधिशेष है जो खेती की लागत निकालने के बाद बचता है, इसलिए राज्य उस अधिशेष को सीधे किसान से माँग सकता था। अलेक्जेंडर रीड और थॉमस मुनरो ने इसे मद्रास में लागू किया, और यह आगे बंबई, असम तथा बरार तक फैली, जिसमें ब्रिटिश भारत का लगभग आधा भाग आ गया। लगान का बंदोबस्त सीधे रैयत अर्थात किसान के साथ होता था, जिसे लगान देते रहने तक भूमि का स्वामी माना जाता था; बीच में कोई जमींदार नहीं था, माँग नकद और ऊँची रहती थी और बंदोबस्त लगभग हर तीस वर्ष में संशोधित होता था। A गलत है क्योंकि एडम स्मिथ ने श्रम विभाजन और मुक्त व्यापार पर लिखा, इस बंदोबस्त पर नहीं। C गलत है क्योंकि माल्थस अपने जनसंख्या सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं। D गलत है क्योंकि मार्क्स बाद के विचारक थे और ब्रिटिश राजस्व नीति में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त - कॉर्नवालिस और बंगाल, रैयतवाड़ी - मुनरो और मद्रास, महालवाड़ी - होल्ट मैकेंजी और उत्तर-पश्चिमी प्रांत।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 09 Sept, 2024, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किसने 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा का गठन किया?

  1. A.कुँवर सिंह
  2. B.जे एम सेनगुप्ता
  3. C.जयप्रकाश नारायण
  4. D.स्वामी सहजानंद सरस्वती
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्वामी सहजानंद सरस्वती

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्वामी सहजानंद सरस्वती। स्वामी सहजानंद सरस्वती ने 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा की स्थापना की, जिसका उद्देश्य बिहार के किसानों को जमींदारों के विरुद्ध संगठित करना था। वे संन्यासी थे जो किसानों के काम में उतरे, और उनकी सभा अवैध करों तथा बेगार की समाप्ति और रैयत को काश्तकारी की सुरक्षा देने की माँग उठाती रही। बिहार में उन्होंने जो आधार खड़ा किया, वही आगे अखिल भारतीय किसान सभा बनी, जिसकी स्थापना 1936 में लखनऊ में हुई और जिसके पहले अध्यक्ष सहजानंद सरस्वती तथा महासचिव एन जी रंगा थे। A गलत है क्योंकि कुँवर सिंह ने बिहार में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया और 1858 में उनका निधन हो गया। B गलत है क्योंकि जे एम सेनगुप्ता बंगाल के कांग्रेस नेता थे और इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी। C गलत है क्योंकि जयप्रकाश नारायण बिहार के नेता होते हुए भी उन दिनों कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी खड़ी कर रहे थे, जिसकी स्थापना 1934 में हुई। परीक्षा टिप: बिहार प्रांतीय किसान सभा 1929 और अखिल भारतीय किसान सभा 1936 लखनऊ, दोनों सहजानंद सरस्वती से जुड़ी हैं।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 07 Dec 2022, Shift 2आसान

तंजावुर किस वंश की राजधानी थी?

  1. A.पाल
  2. B.चोल
  3. C.वाकाटक
  4. D.परमार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चोल

व्याख्या

सही उत्तर है B, चोल। तंजावुर चोल वंश की राजधानी थी, जिसने नौवीं से तेरहवीं शताब्दी तक तमिल प्रदेश पर शासन किया। विजयालय चोल ने लगभग 850 ईस्वी में मुत्तरैयरों से तंजावुर छीनकर उसे अपनी राजधानी बनाया, और साम्राज्य के सबसे वैभवशाली वर्षों तक यही सत्ता का केंद्र रही। राजराज प्रथम ने यहीं बृहदेश्वर मंदिर बनवाया, जो द्रविड़ शैली का ग्रेनाइट से बना शिव मंदिर है, लगभग 1010 ईस्वी में पूरा हुआ और आज विश्व धरोहर स्थल है; उनके पुत्र राजेंद्र प्रथम ने बाद में गंगईकोंडचोलपुरम नई राजधानी बसाई। A गलत है क्योंकि पाल वंश बंगाल और बिहार पर शासन करता था, जिसके केंद्र पाटलिपुत्र और मुंगेर थे। C गलत है क्योंकि वाकाटक दक्कन में नंदिवर्धन और वत्सगुल्म से शासन करते थे। D गलत है क्योंकि परमार वंश मालवा पर राज करता था और उसकी राजधानी धार थी। परीक्षा टिप: तंजावुर और बृहदेश्वर मंदिर चोल शासक राजराज प्रथम से जोड़कर याद रखें।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 3आसान

दिल्ली सल्तनत की पहली महिला शासक रजिया सुल्तान किस वंश से संबंधित थीं?

  1. A.गुलाम वंश
  2. B.खिलजी वंश
  3. C.लोदी वंश
  4. D.मुगल वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गुलाम वंश

व्याख्या

सही उत्तर है A, गुलाम वंश। रजिया सुल्तान इल्तुतमिश की पुत्री थीं और इल्तुतमिश गुलाम वंश का शासक था, जिसे मामलूक वंश या इल्बरी तुर्क भी कहा जाता है। रजिया ने 1236 से 1240 तक दिल्ली पर शासन किया और वे दिल्ली सल्तनत की गद्दी पर बैठने वाली एकमात्र महिला थीं। इल्तुतमिश ने अपने पुत्रों के स्थान पर उन्हें उत्तराधिकारी चुना, और उन्होंने शासन अपने हाथ में लिया, पर्दा त्यागा, खुला दरबार लगाया तथा स्वयं सेना का नेतृत्व किया। तुर्क सरदारों के दल, चहलगानी, को महिला शासक स्वीकार नहीं थी; 1240 में उन्हें गद्दी से हटाकर मार डाला गया। B गलत है क्योंकि खिलजी वंश 1290 में जलालुद्दीन खिलजी के साथ सत्ता में आया। C गलत है क्योंकि लोदी वंश 1451 से 1526 तक रहा और सल्तनत का अंतिम वंश था। D गलत है क्योंकि मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने 1526 में की, रजिया के लगभग तीन शताब्दी बाद। परीक्षा टिप: रजिया - इल्तुतमिश की पुत्री, गुलाम वंश, 1236 से 1240 तक।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 2015 Combined Competitive Examआसान

बंगाल विभाजन के बाद कौन-सा आंदोलन आरंभ हुआ?

  1. A.सविनय अवज्ञा आंदोलन
  2. B.स्वदेशी आंदोलन
  3. C.भारत छोड़ो आंदोलन
  4. D.असहयोग आंदोलन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्वदेशी आंदोलन

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्वदेशी आंदोलन। स्वदेशी आंदोलन लॉर्ड कर्जन के बंगाल विभाजन के उत्तर में शुरू हुआ, जो 16 अक्टूबर 1905 को लागू हुआ था। कर्जन ने इसे प्रशासनिक सुविधा का कदम कहा, पर असली उद्देश्य हिंदुओं और मुसलमानों को बाँटकर बंगाल में राष्ट्रवादियों की ताकत तोड़ना था। विरोध का रूप था विदेशी कपड़े और सामान का बहिष्कार तथा देशी कपड़े, नमक, विद्यालयों और बैंकों को बढ़ावा देना; विभाजन के दिन को शोक दिवस के रूप में मनाया गया और 1911 में यह विभाजन रद्द कर दिया गया। A गलत है क्योंकि सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में दांडी यात्रा से शुरू हुआ। C गलत है क्योंकि भारत छोड़ो आंदोलन क्रिप्स मिशन की विफलता के बाद अगस्त 1942 में चलाया गया। D गलत है क्योंकि असहयोग आंदोलन 1920 में जलियाँवाला बाग और खिलाफत के प्रश्न से उठा था। परीक्षा टिप: 1905 का बंगाल विभाजन स्वदेशी और बहिष्कार से जुड़ा है, और यह विभाजन 1911 में रद्द हुआ।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · 45th BPSC Prelims (Held in 2002)मध्यम

तैमूर के आक्रमण के बाद निम्नलिखित में से किस वंश ने भारत पर शासन किया?

  1. A.लोदी वंश
  2. B.सैयद वंश
  3. C.तुगलक वंश
  4. D.खिलजी वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सैयद वंश

व्याख्या

सही उत्तर है B, सैयद वंश। तैमूर ने 1398 में भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली को लूटा, इस आघात के बाद दिल्ली पर तुगलकों की पकड़ टूट गई और दिल्ली की गद्दी पर अगला शासन सैयद वंश का रहा। तैमूर ने खिज्र खाँ को मुल्तान का सूबेदार छोड़ा था, उसी ने 1414 में दिल्ली पर अधिकार कर सैयद वंश की नींव रखी, जो दिल्ली सल्तनत के पाँच वंशों में तीसरा था। सैयद वंश ने 1451 तक शासन किया और उसके अंतिम शासक आलम शाह ने दिल्ली बहलोल लोदी को सौंप दी। A गलत है क्योंकि लोदी वंश सैयदों के बाद आया और 1451 से 1526 तक रहा, जिसका अंत पानीपत में इब्राहिम लोदी की पराजय से हुआ। C गलत है क्योंकि तैमूर के आक्रमण के समय तुगलक वंश ही सत्ता में था और इसी आक्रमण ने उसे हाशिये पर डाल दिया। D गलत है क्योंकि खिलजी वंश इससे बहुत पहले 1290 से 1320 तक शासन कर चुका था। परीक्षा टिप: दिल्ली सल्तनत के पाँच वंशों का क्रम - गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी।