भारत की संविधान सभा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. सभा का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से हुआ था। 2. चुनाव सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर हुए थे। 3. चुनाव की योजना कैबिनेट प्रतिनिधिमंडल ने निर्धारित की थी। 4. सीटों का वितरण माउंटबेटन योजना के आधार पर किया गया था। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.1, 2 और 3
- C.2 और 4
- D.केवल 1 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, केवल 1 और 3। संविधान सभा को 1946 के कैबिनेट मिशन द्वारा बनाई गई योजना के तहत प्रांतीय विधानसभाओं ने अप्रत्यक्ष रूप से चुना था।
मई 1946 की कैबिनेट मिशन (कैबिनेट प्रतिनिधिमंडल) योजना ने कुल 389 सीटें तय कीं: ब्रिटिश प्रांतों के लिए 292, मुख्य आयुक्त प्रांतों के लिए 4 और देसी रियासतों के लिए 93। प्रांतों में सीटें लगभग जनसंख्या के अनुपात में, यानी करीब दस लाख लोगों पर एक सीट के हिसाब से बाँटी गईं। जुलाई-अगस्त 1946 में चुनाव हुए और प्रांतों के सदस्यों को प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों ने एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से चुना। सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई।
विकल्प A गलत है क्योंकि कथन 3 भी सही है। विकल्प B गलत है क्योंकि सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार नहीं था; प्रांतीय विधानसभाएँ भी सीमित मताधिकार से चुनी गई थीं। विकल्प C गलत है क्योंकि सीटें कैबिनेट मिशन योजना से बँटीं, विभाजन से जुड़ी जून 1947 की माउंटबेटन योजना से नहीं।
परीक्षा टिप: कैबिनेट मिशन 1946 = 389 सीटें, अप्रत्यक्ष चुनाव, दस लाख जनसंख्या पर एक सीट।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत में पंचायतों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. पंचायत की सीटें पंचायत क्षेत्र के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरी जाती हैं। 2. ग्राम सभा पंचायत क्षेत्र के भीतर किसी गाँव से संबंधित निर्वाचक नामावली में पंजीकृत व्यक्तियों का निकाय है। 3. पंचायतें संवैधानिक स्वायत्तता के सिद्धांत पर कार्य करती हैं। 4. राज्य विधानमंडल विधि द्वारा पंचायतों को ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार दे सकता है जो उन्हें कार्य करने में समर्थ बनाएँ। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.1, 2 और 3
- B.2, 3 और 4
- C.1, 2 और 4
- D.केवल 1 और 4
उत्तर देखें
कथन 1, 2 और 4 संविधान के भाग IX की बातें दोहराते हैं, जबकि कथन 3 इस व्यवस्था का हिस्सा नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित आयोगों को उनके गठन की तिथि के आधार पर कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग 2. ग्यारहवाँ वित्त आयोग 3. पुंछी आयोग 4. सरकारिया आयोग नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.4, 2, 1, 3
- B.4, 3, 2, 1
- C.3, 2, 4, 1
- D.3, 4, 1, 2
उत्तर देखें
गठन का क्रम है: सरकारिया आयोग (1983), ग्यारहवाँ वित्त आयोग (1998), द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (2005) और पुंछी आयोग (2007)।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत चुनाव लड़ने के योग्य होने के लिए किसी उम्मीदवार को 1. घर में कार्यशील शौचालय रखना चाहिए 2. बिजली बिलों के भुगतान की पर्चियाँ रखनी चाहिए 3. सहकारी ऋण का बकायेदार नहीं होना चाहिए 4. श्रेणी चाहे जो हो, कम-से-कम मैट्रिक तक पढ़ा होना चाहिए नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1, 2 और 3
- B.केवल 1, 2 और 4
- C.1, 2, 3 और 4
- D.केवल 3 और 4
उत्तर देखें
2015 के संशोधन में घर पर कार्यशील शौचालय, बिजली बिलों का कोई बकाया न होना और सहकारी ऋण का बकायेदार न होना ज़रूरी किया गया, पर शिक्षा की शर्त हर वर्ग के लिए एक जैसी नहीं थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आयोगों के गठन का सबसे पहले से आरंभ करते हुए सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.वित्त आयोग, योजना आयोग, निवेश आयोग, निर्वाचन आयोग
- B.निर्वाचन आयोग, योजना आयोग, वित्त आयोग, निवेश आयोग
- C.योजना आयोग, निर्वाचन आयोग, वित्त आयोग, निवेश आयोग
- D.निवेश आयोग, वित्त आयोग, योजना आयोग, निर्वाचन आयोग
उत्तर देखें
ये चारों संस्थाएँ क्रमशः 1950, 1950, 1951 और 2004 में बनीं। निर्वाचन आयोग की स्थापना अनुच्छेद 324 के तहत 25 जनवरी 1950 को हुई, यानी संविधान लागू होने से एक दिन पहले।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोकपाल संस्था के गठन की सिफ़ारिश सबसे पहले किसने की थी?
- A.विधि आयोग
- B.संथानम समिति
- C.शाह आयोग
- D.प्रशासनिक सुधार आयोग
उत्तर देखें
प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग ने 1966 की अपनी रिपोर्ट में लोकपाल और लोकायुक्त की सिफ़ारिश की थी। 1966 में मोरारजी देसाई की अध्यक्षता में गठित और बाद में के. हनुमंतैया की अध्यक्षता वाले प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग ने नागरिकों की शिकायतों के निवारण की समस्याओं पर एक अंतरिम रिपोर्ट दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →