भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 370 के निरसन को किस माह और वर्ष के निर्णय में वैध ठहराया?
- A.अगस्त 2019
- B.मार्च 2020
- C.दिसंबर 2023
- D.जुलाई 2024
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, दिसंबर 2023 है। मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पाँच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने इन री: आर्टिकल 370 ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन मामले का निर्णय 11 दिसंबर 2023 को दिया। न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 370 संक्रमणकाल के लिए अस्थायी उपबंध था, विलय के बाद जम्मू-कश्मीर के पास आंतरिक संप्रभुता शेष नहीं रही, राज्य की संविधान सभा के भंग होने पर भी अनुच्छेद 370(3) की शक्ति बनी रही, और लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश का निर्माण वैध था; साथ ही यथाशीघ्र राज्य का दर्जा लौटाने और 30 सितंबर 2024 तक विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया। विकल्प A गलत है क्योंकि अगस्त 2019 में आदेश और अधिनियम आए थे, याचिकाएँ उसके बाद दाखिल हुईं। विकल्प B गलत है क्योंकि मार्च 2020 में न्यायालय ने मामले को बड़ी पीठ को भेजने से इनकार किया। विकल्प D गलत है क्योंकि निर्णय 2024 के चुनावों से पहले आया।
पूरा लेख पढ़ें: अनुच्छेद 370: विशेष दर्जा, निरसन और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 संविधान के किस भाग में रखा गया था?
- A.भाग 18
- B.भाग 21
- C.भाग 15
- D.भाग 19
उत्तर देखें
अनुच्छेद 370 संविधान के भाग 21 का अनुच्छेद था, जिसका शीर्षक अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध है, और इसका सीमांत शीर्षक जम्मू-कश्मीर राज्य के संबंध में अस्थायी उपबंध था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जम्मू-कश्मीर रियासत के विलय-पत्र पर महाराजा हरि सिंह ने किस तिथि को हस्ताक्षर किए?
- A.15 अगस्त 1947
- B.26 अक्टूबर 1947
- C.27 अक्टूबर 1948
- D.26 जनवरी 1950
उत्तर देखें
अक्टूबर 1947 के तीसरे सप्ताह में पाकिस्तान समर्थित कबायली हमलावर कश्मीर घाटी में घुस आए, जिसके बाद डोगरा वंश के महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को विलय-पत्र पर हस्ताक्षर किए; गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने अगले दिन उसे स्वीकार किया और भारतीय सेना को श्रीनगर पहुँचाया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1954 के राष्ट्रपति के आदेश से जोड़ा गया वह कौन-सा अनुच्छेद था जो जम्मू-कश्मीर विधानमंडल को स्थायी निवासी परिभाषित करने और उन्हें विशेष अधिकार देने की शक्ति देता था?
- A.अनुच्छेद 35क
- B.अनुच्छेद 371क
- C.अनुच्छेद 35ख
- D.अनुच्छेद 370क
उत्तर देखें
राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 370(1)(घ) के अंतर्गत जारी संविधान (जम्मू-कश्मीर पर लागू होना) आदेश, 1954 ने भाग 3 के अंत में अनुच्छेद 35क जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 अपने नियत दिन से प्रभावी हुआ। वह दिन कौन-सा था?
- A.5 अगस्त 2019
- B.9 अगस्त 2019
- C.31 अक्टूबर 2019
- D.26 जनवरी 2020
उत्तर देखें
अधिनियम में एक नियत दिन तय किया गया था जिस दिन जम्मू-कश्मीर राज्य समाप्त होकर दो केंद्र-शासित प्रदेश अस्तित्व में आते; संघ ने वह दिन 31 अक्टूबर 2019 अधिसूचित किया, जो सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है और राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 से बने दो केंद्र-शासित प्रदेशों में से किसे विधानसभा नहीं दी गई?
- A.जम्मू-कश्मीर
- B.लद्दाख
- C.दोनों को
- D.किसी को नहीं
उत्तर देखें
अधिनियम ने लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश बिना विधानमंडल के बनाया, जिसका प्रशासन उपराज्यपाल करता है और जो लेह तथा कारगिल दो जिलों से बना; इसके पहले उपराज्यपाल राधा कृष्ण माथुर थे।
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