भारत और मर्कोसुर के बीच हस्ताक्षरित प्रथम अतिरिक्त प्रोटोकॉल मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
- A.इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्रों की स्वीकार्यता
- B.कृषि उत्पादों पर सभी शुल्क हटाना
- C.द्विपक्षीय व्यापार के लिए साझा मुद्रा
- D.शैक्षणिक डिग्रियों की पारस्परिक मान्यता
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्रों की स्वीकार्यता है। प्रोटोकॉल में प्रावधान है कि इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी मूल प्रमाणपत्र की कानूनी वैधता और मूल्य कागज पर जारी प्रमाणपत्र के समान होगा, बशर्ते उसे हर पक्ष के अपने घरेलू कानून के अनुसार अधिकृत संस्थाओं और अधिकारियों द्वारा जारी तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया हो। यह काम तरजीही व्यापार समझौते के परिशिष्ट III के अनुच्छेद 16 में संशोधन के जरिए किया गया है, जिसमें मूल नियमावली रखी गई है, और इससे प्रमाणपत्र जारी करने तथा जांचने की लागत और समय घटने की उम्मीद है। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रोटोकॉल शुल्क दरों को छूता ही नहीं; रियायतें भारत की ओर से 450 और मर्कोसुर की ओर से 452 टैरिफ लाइनों पर बनी हुई हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि किसी मुद्रा व्यवस्था की घोषणा नहीं हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह व्यापार दस्तावेज शिक्षा से जुड़ा नहीं है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत-मर्कोसुर पीटीए: प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर, विस्तार वार्ता शुरू
अभ्यास प्रश्न
भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौता कब लागू हुआ था?
- A.25 जनवरी 2004
- B.1 जून 2009
- C.27 नवंबर 2025
- D.9 अप्रैल 2026
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यहां अभ्यर्थियों को दो तिथियां अलग-अलग याद रखनी होंगी, क्योंकि विज्ञप्ति में दोनों एक ही वाक्य में आती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत सरकार की ओर से प्रथम अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किसने किए?
- A.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल
- B.वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल
- C.विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन
- D.राजदूत अल्बर्टो गुआनी
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सही उत्तर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल है, जिन्होंने भारत सरकार की ओर से हस्ताक्षर किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →होराइज़न यूरोप के स्तंभ-II के विषयगत क्लस्टरों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?
- A.स्वास्थ्य
- B.जलवायु, ऊर्जा एवं गतिशीलता
- C.रक्षा खरीद एवं हथियार निर्यात
- D.खाद्य एवं जैव-अर्थव्यवस्था
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घोषणा में स्तंभ-II के विषयगत क्लस्टरों के रूप में स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकियां, उद्योग एवं अंतरिक्ष, जलवायु, ऊर्जा एवं गतिशीलता तथा खाद्य एवं जैव-अर्थव्यवस्था का उल्लेख है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →होराइज़न यूरोप से भारत की संभावित संबद्धता की पड़ताल किस तिथि के शिखर सम्मेलन के बाद शुरू हुई थी?
- A.27 जनवरी 2026
- B.15 जुलाई 2026
- C.7 नवंबर 2026
- D.15 अगस्त 2025
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घोषणा के अनुसार संभावित संबद्धता की पड़ताल उसी तिथि को हुए भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद शुरू की गई थी, जिसे मंत्रालय ने ऐतिहासिक बताया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत ने यूरोपीय संघ के किस कार्यक्रम से जुड़ने की वार्ता संपन्न की है?
- A.इरैस्मस प्लस
- B.होराइज़न यूरोप
- C.कोपरनिकस
- D.गैलीलियो
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ ने होराइज़न यूरोप से भारत की संबद्धता के लिए वार्ता सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।
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