'अवेस्ता', जिसे 'जेंद-अवेस्ता' भी कहा जाता है, किस धर्म की पवित्र पुस्तक है?
- A.पारसी धर्म (जरथ्रुस्ट धर्म)
- B.बौद्ध धर्म
- C.जैन धर्म
- D.यहूदी धर्म
सही उत्तर
A. पारसी धर्म (जरथ्रुस्ट धर्म)
व्याख्या
सही उत्तर है A, पारसी धर्म। अवेस्ता, जिसे जेंद-अवेस्ता भी कहते हैं, पारसी या जरथ्रुस्ट धर्म की पवित्र पुस्तक है। यह धर्म प्राचीन ईरान के पैगंबर जरथुस्त्र की शिक्षाओं पर आधारित है। अवेस्ता अवेस्तन भाषा में लिखी गई है, जो प्राचीन ईरानी भाषा है और ऋग्वेद की संस्कृत के बहुत निकट है, इसीलिए दोनों ग्रंथों में कई शब्द और देवता समान मिलते हैं। इसका सबसे प्राचीन और सम्मानित भाग गाथाएँ हैं, जिन्हें स्वयं जरथुस्त्र के वचन माना जाता है। पारसी लोग अहुर मज्दा की उपासना करते हैं, अपने अग्नि मंदिरों में पवित्र अग्नि जलाए रखते हैं और अच्छे विचार, अच्छे वचन तथा अच्छे कर्म के सिद्धांत पर चलते हैं। भारत में उनके वंशज पारसी कहलाते हैं, जो लगभग आठवीं सदी में गुजरात पहुँचे थे। B गलत है क्योंकि बौद्ध धर्म का मूल ग्रंथ पालि में लिखा त्रिपिटक है। C गलत है क्योंकि जैन ग्रंथ प्राकृत में लिखे आगम या अंग हैं। D गलत है क्योंकि यहूदी धर्म की पवित्र पुस्तक तोराह है। परीक्षा टिप: अवेस्ता – पारसी, त्रिपिटक – बौद्ध, आगम – जैन, तोराह – यहूदी, गुरु ग्रंथ साहिब – सिख।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें'गांधार' कला शैली निम्नलिखित में से किस यूरोपीय देश की कला से प्रभावित थी?
- A.ग्रीस
- B.इटली
- C.हंगरी
- D.बेल्जियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ग्रीस
व्याख्या
सही उत्तर है A, ग्रीस। गांधार कला शैली उत्तर-पश्चिम में तक्षशिला और पेशावर के आसपास पहली से पाँचवीं शताब्दी के बीच विकसित हुई और उस पर यूनानी अर्थात हेलेनिस्टिक मूर्तिकला का प्रभाव था, जो सिकंदर के अभियान के बाद इस क्षेत्र में पहुँची और हिंद-यवन तथा कुषाण शासकों के समय बनी रही। इसी कारण इसकी बुद्ध प्रतिमाओं में लहरदार बाल, तीखे नक्श, बिना अलंकरण का प्रभामंडल और गहरी सिलवटों वाले भारी वस्त्र दिखते हैं, जो प्रायः नीले-भूरे शिस्ट पत्थर में तराशे गए। मथुरा शैली के साथ-साथ इसी शैली में बुद्ध की पहली मानव प्रतिमाएँ बनीं। कनिष्क इसका सबसे प्रसिद्ध संरक्षक था। B गलत है क्योंकि रोमन प्रभाव बाद में और सीमित रूप में, मुख्यतः व्यापार के रास्ते आया। C और D गलत हैं क्योंकि हंगरी और बेल्जियम का प्राचीन भारत से कोई संपर्क नहीं था। परीक्षा टिप: गांधार यूनानी, मथुरा लाल बलुआ पत्थर।
भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में हर वर्ष 'अंबुबाची मेला' आयोजित किया जाता है?
- A.केरल
- B.गुजरात
- C.सिक्किम
- D.असम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. असम
व्याख्या
सही उत्तर है D, असम। अंबुबाची मेला हर वर्ष असम के गुवाहाटी में नीलाचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या मंदिर में लगता है। यह आहार मास में, लगभग जून के मध्य में पड़ता है और इस मान्यता से जुड़ा है कि देवी अपने वार्षिक रजस्वला चक्र से गुज़रती हैं। इसीलिए मंदिर के द्वार तीन दिन बंद रहते हैं और चौथे दिन खुलते हैं, जब प्रसाद के रूप में लाल वस्त्र बाँटा जाता है। इसमें हज़ारों साधु, तांत्रिक और श्रद्धालु जुटते हैं, इसी कारण इसे कभी-कभी पूर्व का महाकुंभ भी कहा जाता है। कामाख्या की गणना शक्तिपीठों में होती है। A गलत है क्योंकि केरल त्रिशूर पूरम और नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि गुजरात रण उत्सव और तरणेतर मेले के लिए प्रसिद्ध है। C गलत है क्योंकि सिक्किम में लोसार और पांग ल्हाब्सोल मनाए जाते हैं। परीक्षा टिप: अंबुबाची, कामाख्या, जून।
मध्य भारत में 950 से 1050 ई. के बीच खजुराहो मंदिरों का निर्माण निम्नलिखित में से किस वंश के शासकों ने कराया था?
- A.गुर्जर-प्रतिहार वंश
- B.राष्ट्रकूट वंश
- C.पाल वंश
- D.चंदेल वंश
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. चंदेल वंश
व्याख्या
सही उत्तर है D, चंदेल वंश। मध्य प्रदेश के छतरपुर ज़िले में स्थित खजुराहो के मंदिर लगभग 950 से 1050 ई. के बीच बुंदेलखंड के चंदेल शासकों ने बनवाए थे। इनमें यशोवर्मन ने लक्ष्मण मंदिर बनवाया, तथा धंग और विद्याधर के समय विशाल कंदारिया महादेव मंदिर तैयार हुआ। मूल पचासी मंदिरों में से लगभग पच्चीस आज बचे हैं, जो ऊँचे चबूतरों पर नागर शैली में बने हैं और अपने उठते शिखरों तथा प्रसिद्ध उत्कीर्ण मूर्तियों के लिए जाने जाते हैं। 1986 से यह समूह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। A गलत है क्योंकि गुर्जर-प्रतिहार कन्नौज से शासन करते थे और ओसियाँ के मंदिरों से जुड़े हैं। B गलत है क्योंकि राष्ट्रकूटों ने एलोरा का कैलाश मंदिर बनवाया। C गलत है क्योंकि बंगाल-बिहार के पालों ने विक्रमशिला जैसे बौद्ध विहार बनवाए। परीक्षा टिप: खजुराहो, चंदेल, नागर शैली।
प्रसिद्ध संगीतकार उस्ताद सुल्तान खान किस वाद्य यंत्र से जुड़े हैं?
- A.ड्रम
- B.सारंगी
- C.तबला
- D.बाँसुरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सारंगी
व्याख्या
सही उत्तर है B, सारंगी। उस्ताद सुल्तान खान हाल के दौर के सबसे प्रसिद्ध सारंगी वादकों में से एक थे। वे राजस्थान के सीकर घराने से थे, उन्होंने अपने पिता उस्ताद गुलाब खान से सीखा, और शास्त्रीय मंच के साथ-साथ फिल्म संगीत में भी बजाया। 'अलबेला सजन' और 'पिया बसंती' जैसे गीतों में उनकी आवाज़ और गज दोनों सुनाई देते हैं। वे ज़ाकिर हुसैन के साथ 'तबला बीट साइंस' समूह के संस्थापक सदस्य थे और उन्हें पद्म भूषण मिला। सारंगी छोटी गर्दन वाला गज से बजने वाला वाद्य है, जिसकी ध्वनि मानव कंठ के सबसे निकट मानी जाती है, इसीलिए यह लंबे समय तक गायकों की संगत करती रही। A गलत है क्योंकि ड्रम आघात वाद्य है। C गलत है क्योंकि तबला ज़ाकिर हुसैन और अल्लाह रक्खा से जुड़ा है। D गलत है क्योंकि बाँसुरी हरिप्रसाद चौरसिया से जुड़ी है। परीक्षा टिप: सारंगी और सुल्तान खान।
भारत की चित्रकला के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सी जोड़ी असंगत है?
- A.फड़ चित्रकला – राजस्थान
- B.सौरा चित्रकला – ओडिशा
- C.बाघ चित्रकला – मध्य प्रदेश
- D.गुलेर चित्रकला – कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. गुलेर चित्रकला – कर्नाटक
व्याख्या
सही उत्तर है D, गुलेर चित्रकला – कर्नाटक, क्योंकि यही जोड़ी गलत है। गुलेर चित्रकला हिमाचल प्रदेश की है, कर्नाटक की नहीं। काँगड़ा घाटी की छोटी पहाड़ी रियासत गुलेर में अठारहवीं सदी में सेऊ परिवार के चित्रकारों ने पहाड़ी शैली को नया और कोमल रूप दिया, और वहीं से आगे चलकर प्रसिद्ध काँगड़ा शैली विकसित हुई, जो मुलायम रेखाओं और हरे पहाड़ी दृश्यों के लिए जानी जाती है। A सही जोड़ी है क्योंकि फड़ राजस्थान की लंबी कपड़े पर बनी चित्र-कथा है जिसमें पाबूजी और देवनारायण जैसे लोक देवताओं की गाथा चित्रित होती है। B सही है क्योंकि सौरा ओडिशा की सौरा जनजाति की भित्ति कला है, जो वारली से मिलती-जुलती है। C सही है क्योंकि बाघ चित्र मध्य प्रदेश की बाघ गुफाओं के भित्ति चित्र हैं। परीक्षा टिप: गुलेर और काँगड़ा दोनों हिमाचल की पहाड़ी शैलियाँ हैं।