अनुच्छेद 83(2) के अंतर्गत आपात उद्घोषणा के प्रवर्तन में रहते हुए संसद विधि द्वारा लोकसभा का कार्यकाल कितना बढ़ा सकती है?
- A.एक बार में छह माह
- B.एक बार में एक वर्ष
- C.एक बार में दो वर्ष
- D.आपातकाल की पूरी अवधि तक, बिना किसी सीमा के
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, एक बार में एक वर्ष है। अनुच्छेद 83(2) के परंतुक के अनुसार आपात उद्घोषणा के प्रवर्तन में रहते हुए संसद विधि द्वारा लोकसभा का कार्यकाल एक बार में एक वर्ष से अधिक नहीं बढ़ा सकती, और यह विस्तार उद्घोषणा के प्रवर्तन में न रहने के छह माह के बाद किसी भी दशा में नहीं चल सकता। 1975 के आपातकाल में पांचवीं लोकसभा का कार्यकाल इसी प्रकार बढ़ाया गया था। विकल्प A गलत है क्योंकि छह माह आपातकाल समाप्त होने के बाद की बाहरी सीमा है, प्रत्येक विस्तार की अवधि नहीं, और प्रश्नों में ये दोनों आंकड़े अक्सर बदल दिए जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि दो वर्ष का विस्तार अनुमत नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि यह शक्ति असीमित नहीं है; हर विस्तार एक वर्ष का है और उसे विधि द्वारा नए सिरे से करना पड़ता है।
पूरा लेख पढ़ें: एक राष्ट्र एक चुनाव: अनुच्छेद, समितियां और विधेयक
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद लोकसभा का कार्यकाल उसकी पहली बैठक के लिए नियत तिथि से पांच वर्ष निर्धारित करता है?
- A.अनुच्छेद 81
- B.अनुच्छेद 83
- C.अनुच्छेद 85
- D.अनुच्छेद 172
उत्तर देखें
अनुच्छेद 83(2) उपबंध करता है कि लोकसभा अपनी पहली बैठक के लिए नियत तिथि से पांच वर्ष तक ही बनी रहेगी और इस अवधि की समाप्ति सदन के विघटन के रूप में काम करेगी; यह आपात उद्घोषणा के प्रवर्तन में रहते हुए संसद को कार्यकाल एक बार में एक वर्ष…
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के लिए अंतिम बार एक साथ आम चुनाव किस वर्ष हुए थे?
- A.1957
- B.1962
- C.1967
- D.1971
उत्तर देखें
1951-52, 1957, 1962 और 1967 के पहले चार आम चुनाव संसद तथा राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ हुए थे, और 1967 उनमें अंतिम था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मार्च 2024 में रिपोर्ट सौंपने वाली एक साथ चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता किसने की थी?
- A.प्रणब मुखर्जी
- B.राम नाथ कोविंद
- C.एम. एन. वेंकटचलैया
- D.बी. पी. जीवन रेड्डी
उत्तर देखें
एक साथ चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति 2 सितंबर 2023 को पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित हुई और उसने 14 मार्च 2024 को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें दो चरणों में चुनावों के समन्वय तथा एक मतदाता सूची की सिफारिश की गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के विधि आयोग की 1999 में चुनाव कानूनों के सुधार पर दी गई किस रिपोर्ट में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के एक साथ चुनाव की सिफारिश की गई थी?
- A.170वीं रिपोर्ट
- B.255वीं रिपोर्ट
- C.79वीं रिपोर्ट
- D.18वीं रिपोर्ट
उत्तर देखें
भारत के विधि आयोग ने 1999 में चुनाव कानूनों के सुधार पर अपनी 170वीं रिपोर्ट में सिफारिश की कि लोकसभा और सभी विधानसभाओं के लिए पांच वर्ष में एक ही चुनाव होना चाहिए, और आयोग 2018 की प्रारूप रिपोर्ट में इस विषय पर फिर लौटा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 नियत तिथि और विधानसभाओं के कार्यकाल के समन्वय के लिए कौन-सा नया अनुच्छेद जोड़ने का प्रस्ताव करता है?
- A.अनुच्छेद 82क
- B.अनुच्छेद 83क
- C.अनुच्छेद 172क
- D.अनुच्छेद 324क
उत्तर देखें
17 दिसंबर 2024 को लोकसभा में पेश संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 नया अनुच्छेद 82क प्रस्तावित करता है, जिसके अंतर्गत आम चुनाव के बाद लोकसभा की पहली बैठक पर राष्ट्रपति नियत तिथि अधिसूचित करेंगे और उसके बाद गठित हर विधानसभा का कार्यकाल उसी लोकसभा के पूरे कार्यकाल के…
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