अनुच्छेद 167 के अंतर्गत राज्य के मुख्यमंत्री का कर्तव्य इनमें से कौन है?
- A.विधानसभा का आह्वान और सत्रावसान करना
- B.राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्ति करना
- C.राज्य के प्रशासन से संबंधित सूचना राज्यपाल को देना
- D.किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित करना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, राज्य के प्रशासन से संबंधित सूचना राज्यपाल को देना है। अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री को तीन कर्तव्य देता है: राज्य के प्रशासन और विधान के प्रस्तावों से जुड़े मंत्रिपरिषद के सभी निर्णय राज्यपाल को बताना, प्रशासन से संबंधित जो सूचना राज्यपाल माँगे वह देना, और राज्यपाल के कहने पर किसी ऐसे विषय को मंत्रिपरिषद के विचार के लिए रखना जिस पर किसी मंत्री ने अकेले निर्णय ले लिया है।
विकल्प A, B और D सभी राज्यपाल की शक्तियाँ हैं, मुख्यमंत्री के कर्तव्य नहीं: सदन का आह्वान और सत्रावसान अनुच्छेद 174 में, महाधिवक्ता की नियुक्ति अनुच्छेद 165 में और विधेयक को राष्ट्रपति के लिए आरक्षित करना अनुच्छेद 200 में आता है। इस अनुच्छेद का ढाँचा याद रखना उपयोगी है, क्योंकि राष्ट्रपति के प्रति प्रधानमंत्री का वही कर्तव्य अनुच्छेद 78 में है।
पूरा लेख पढ़ें: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मंत्रिपरिषद: अनुच्छेद और शक्तियाँ
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंउत्तर प्रदेश के राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
- A.भारत का प्रधानमंत्री
- B.भारत का राष्ट्रपति
- C.इलाहाबाद उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
- D.उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री
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अनुच्छेद 155 कहता है कि राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा करेगा, अर्थात यह पद नियुक्ति से भरा जाता है, चुनाव से कभी नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्यपाल पद पर नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु कितनी निर्धारित है?
- A.25 वर्ष
- B.30 वर्ष
- C.35 वर्ष
- D.40 वर्ष
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अनुच्छेद 157 राज्यपाल पद के लिए केवल दो योग्यताएँ रखता है: व्यक्ति भारत का नागरिक हो और पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुख्यमंत्री सहित उत्तर प्रदेश की मंत्रिपरिषद में अधिकतम कितने मंत्री हो सकते हैं?
- A.40
- B.50
- C.60
- D.80
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संविधान के इक्यानबेवें संशोधन अधिनियम, 2003 से जोड़ा गया अनुच्छेद 164(1A) मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या को विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित करता है और न्यूनतम बारह रखता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश के राज्यपाल किसके समक्ष पद की शपथ लेते हैं?
- A.भारत के राष्ट्रपति
- B.भारत के मुख्य न्यायाधीश
- C.राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
- D.विधानसभा के अध्यक्ष
उत्तर देखें
अनुच्छेद 159 के अनुसार प्रत्येक राज्यपाल पद ग्रहण करने से पूर्व उस राज्य के संबंध में अधिकारिता रखने वाले उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष, और उनकी अनुपस्थिति में उस न्यायालय के उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश के समक्ष, शपथ लेता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुच्छेद 161 के अंतर्गत राज्यपाल की क्षमादान शक्ति के बाहर इनमें से क्या है?
- A.राज्य विधि के अपराध में दंड का परिहार
- B.मृत्युदंड का निलंबन
- C.मृत्युदंड की क्षमा
- D.मृत्युदंड का लघुकरण
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अनुच्छेद 161 राज्यपाल को उस विधि के विरुद्ध अपराध के लिए दोषसिद्ध व्यक्ति के दंड में क्षमा, प्रविलंबन, विराम या परिहार देने तथा दंड को निलंबित, परिहार या लघुकृत करने की शक्ति देता है जो राज्य की कार्यपालिका शक्ति के विषय से संबंधित है।
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