आईएनडी-सीईपीआई मिशन के तहत सामने आई भारत की पहली एमआरएनए कोविड-19 वैक्सीन कौन सी है?
- A.जीईएमसीओवीएसी-19
- B.भारतवैक-19
- C.नैनोकोव-21
- D.सारबेवैक्स-19
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है जीईएमसीओवीएसी-19। भारत केंद्रित सीईपीआई मिशन, आईएनडी-सीईपीआई, को बीआरआईसी-टीएचएसटीआई और बीआईआरएसी लागू करते हैं और यह वैक्सीन इसके महत्वपूर्ण नतीजों में शामिल है। इसे आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिली थी। इस मिशन के अन्य परिणामों में एक इनएक्टिवेटेड चिकनगुनिया वैक्सीन कैंडिडेट शामिल है, जिसके फेज II और फेज III परीक्षण चल रहे हैं, तथा मंकीपॉक्स और पैन-सारबेकोवायरस के लिए मल्टीवैलेंट सेल्फ-असेम्बल्ड नैनोकेज तकनीक पर आधारित कैंडिडेट, जो उन्नत प्री-क्लिनिकल चरण में हैं। साझेदारी ने साझा ढांचा भी बनाया, क्योंकि बीआरआईसी-टीएचएसटीआई बायोएसे लैबोरेटरी सीईपीआई की 17 केंद्रीकृत नेटवर्क प्रयोगशालाओं में से एक है और इसने आठ वैक्सीन कैंडिडेट को सहयोग दिया है और वैक्सीन विकास के लिए एक लाख से अधिक नमूनों की जांच की है। विकल्प B, C और D गढ़े हुए नाम हैं और विज्ञप्ति में इनका कोई उल्लेख नहीं है। परीक्षा में वैक्सीन का नाम, उसका प्लेटफॉर्म और उसे तैयार करने वाला मिशन, तीनों साथ याद रखने चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: भारत मात्रा के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक
अभ्यास प्रश्न
सीईपीआई (CEPI) का पूरा नाम क्या है?
- A.काउंसिल फॉर एपिडेमिक प्रिवेंशन इन इंडिया
- B.कोएलिशन फॉर एपिडेमिक प्रीपेयर्डनेस इनोवेशन
- C.सेंटर फॉर इमर्जिंग पैथोजन इन्वेस्टिगेशन
- D.कमीशन फॉर एपिडेमिक पॉलिसी एंड इम्युनाइजेशन
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इसके बोर्ड और इन्वेस्टर्स काउंसिल की बैठक नई दिल्ली में हुई तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग और सीईपीआई ने मिलकर इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में उच्च स्तरीय रिसेप्शन आयोजित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विज्ञप्ति के अनुसार 2025 में भारत की जैव-अर्थव्यवस्था का आकार कितना था?
- A.165.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- B.185.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- C.195.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- D.215.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर
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भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 2025 में इस आकार तक पहुंची और इसमें अठारह प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज हुई। देश का बायोटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम बढ़कर 11 हजार 855 स्टार्टअप तक पहुंचा, जिनमें से 1 हजार 780 अकेले उसी वर्ष जुड़े, और बायोफार्मा क्षेत्र की हिस्सेदारी जैव-अर्थव्यवस्था में लगभग तीस प्रतिशत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 तक I-STEM पोर्टल पर कितने उपकरण सूचीबद्ध थे?
- A.4,044
- B.18,250
- C.31,540
- D.45,000
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6 नवंबर 2026 तक, यानी जिस दिन स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के साथ इसका एपीआई एकीकरण शुरू हुआ, I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण दर्ज थे, जो शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के लिए बड़ा राष्ट्रीय संसाधन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 को स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के एपीआई एकीकरण के शुभारंभ की अध्यक्षता किसने की?
- A.डॉ. परविंदर मैनी
- B.प्रो. अजय कुमार सूद
- C.अतीश कुमार सिंह
- D.डॉ. विशाल चौधरी
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उन्होंने इस एकीकरण को संस्थाओं का तालमेल बताया, जिससे शोध और विकास का खर्च घटेगा, महंगी सुविधाओं का दोहराव रुकेगा और सार्वजनिक धन से बने ढांचे का बेहतर उपयोग होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवंबर 2026 में स्टार्टअप इंडिया पोर्टल से जोड़े गए I-STEM पोर्टल का पूरा नाम क्या है?
- A.इंडियन स्कीम फॉर टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग मेंटरशिप
- B.इंडियन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग फैसिलिटीज मैप
- C.इंटीग्रेटेड स्टार्टअप टेक्नोलॉजी एनेबलमेंट मिशन
- D.इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथमेटिक्स
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I-STEM वह पोर्टल है जो शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक उपकरणों और शोध सुविधाओं का नक्शा तैयार करता है, ताकि उन्हें साझा किया जा सके।
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