आग्नेय चट्टानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : I. इन चट्टानों को कायांतरित चट्टानों में नहीं बदला जा सकता। II. जब पिघला हुआ पदार्थ बहुत अधिक गहराई पर धीरे-धीरे ठंडा होता है, तो खनिज कण बहुत छोटे होते हैं। III. इन चट्टानों को प्राथमिक चट्टानें कहा जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I और II
- B.केवल III
- C.केवल II और III
- D.I, II और III
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल III। आग्नेय चट्टानों को प्राथमिक चट्टानें कहा जाता है, पर वे कायांतरित चट्टानों में बदल सकती हैं, और धीरे ठंडा होने पर कण बड़े बनते हैं, छोटे नहीं।
आग्नेय चट्टानें मैग्मा या लावा के ठंडा होकर जमने से बनती हैं। बाकी सभी चट्टानों का मूल अंततः इन्हीं से जुड़ता है, इसलिए इन्हें प्राथमिक चट्टानें कहते हैं। इनके कणों का आकार ठंडा होने की गति पर निर्भर करता है: भूपर्पटी के भीतर गहराई में धीरे ठंडा होने वाला मैग्मा, जैसे ग्रेनाइट, बड़े क्रिस्टल बनाता है, जबकि सतह पर तेज़ी से ठंडा होने वाला लावा, जैसे बेसाल्ट, महीन कण या काँच जैसी संरचना देता है। ताप और दाब के प्रभाव में आग्नेय चट्टानें कायांतरित चट्टानों में बदल जाती हैं; जैसे ग्रेनाइट से नीस बनती है।
कथन I गलत है, क्योंकि ग्रेनाइट का नीस में बदलना दिखाता है कि आग्नेय चट्टानें कायांतरित हो सकती हैं। कथन II गलत है, क्योंकि गहराई में धीमे ठंडा होने से बड़े कण बनते हैं। इसलिए A, C और D, जिनमें I या II शामिल है, गलत हैं।
परीक्षा टिप: गहराई में धीमा ठंडा होना यानी मोटे कण (ग्रेनाइट); सतह पर तेज़ ठंडा होना यानी महीन कण (बेसाल्ट)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहंबनटोटा बंदरगाह कहाँ स्थित है?
- A.ईरान
- B.श्रीलंका
- C.जापान
- D.पाकिस्तान
उत्तर देखें
हंबनटोटा बंदरगाह श्रीलंका के दक्षिणी तट पर, हिंद महासागर के प्रमुख समुद्री मार्गों के पास स्थित है। यह बंदरगाह चीनी ऋण से बना और 2010 में शुरू हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. हिमालयी नदियों का उद्गम बर्फ से ढके क्षेत्रों में होता है, इसलिए वे शीत ऋतु में सूखी रहती हैं। 2. प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ प्रौढ़ावस्था में पहुँच चुकी हैं। 3. हिमालयी नदियाँ अपरदन के सामान्य चक्र की तीनों अवस्थाएँ दर्शाती हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 2
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
हिमालयी नदियाँ बारहमासी हैं, इसलिए कथन 1 गलत है, जबकि कथन 2 और 3 सही हैं। गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र जैसी हिमालयी नदियाँ हिमनदों और हिमक्षेत्रों से निकलती हैं और इन्हें मानसून की वर्षा का जल भी मिलता है, इसलिए ये शीत ऋतु सहित पूरे वर्ष बहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्षांश से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं? 1. वर्षा, तापमान और वनस्पति अक्षांश के साथ बदलते हैं। 2. सबसे लंबे दिन और सबसे छोटे दिन का अंतर अक्षांश के साथ बढ़ता है। 3. इंदिरा पॉइंट लगभग 6°45' उत्तरी अक्षांश पर स्थित है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
अक्षांश से जुड़े तीनों कथन सत्य हैं। अक्षांश तय करता है कि किसी स्थान पर सूर्य की किरणें कितनी सीधी पड़ती हैं, इसलिए भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर तापमान, वर्षा और वनस्पति बदलती जाती है, गर्म और नम वर्षावनों से लेकर ठंडे टुंड्रा तक।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी झील/झीलें लद्दाख में स्थित है/हैं? 1. त्सो कार 2. पैंगोंग त्सो 3. सोमगो 4. त्सो मोरीरी नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.2 और 3
- C.1, 2 और 4
- D.केवल 2 और 4
उत्तर देखें
त्सो कार, पैंगोंग त्सो और त्सो मोरीरी लद्दाख की ऊँचाई पर स्थित झीलें हैं, जबकि सोमगो झील सिक्किम में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लगभग 115 किलोमीटर की छोटी नहरों और वितरिकाओं वाली दमनगंगा जलाशय परियोजना कहाँ स्थित है?
- A.राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT)
- B.दादरा और नगर हवेली
- C.पुडुचेरी
- D.गोवा
उत्तर देखें
दमनगंगा जलाशय परियोजना दादरा और नगर हवेली की मुख्य सिंचाई योजना है, जिसकी लगभग 115 किलोमीटर लंबी छोटी नहरें और वितरिकाएँ इसी क्षेत्र को पानी देती हैं।
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