3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक से बनने वाली देश की पहली आवास परियोजना किस राज्य में शुरू हुई?
- A.मध्य प्रदेश
- B.आंध्र प्रदेश
- C.तेलंगाना
- D.तमिलनाडु
सही उत्तर
B. आंध्र प्रदेश
व्याख्या
सही उत्तर आंध्र प्रदेश है। 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक से बनने वाली देश की पहली आवासीय परियोजना की आधारशिला गुंटूर जिले के बुर्रीपालेम और ओबुलनायडुपालेम में रखी गई। यह 177 मकानों की पायलट परियोजना है और इस पर 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मशीनों तथा उन्नत तकनीक के कारण हर मकान लगभग छह महीने में तैयार होगा, समय, लागत और मेहनत की बचत होगी तथा घर परंपरागत मकानों से अधिक मजबूत और टिकाऊ रहेंगे। विकल्प A यानी मध्य प्रदेश गलत है, हालांकि परियोजना शुरू करने वाले केंद्रीय मंत्री का नाता उस राज्य से रहा है; परियोजना आंध्र प्रदेश में है। विकल्प C तेलंगाना और विकल्प D तमिलनाडु पड़ोसी दक्षिणी राज्य हैं और केवल भ्रमित करने के लिए दिए गए हैं, इनमें यह पायलट परियोजना नहीं लग रही है।
पूरा लेख पढ़ें: आंध्र प्रदेश को 3 लाख पीएमएवाई-जी आवास, लागत 3,600 करोड़ रुपये
अभ्यास प्रश्न
बुर्रीपालेम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 के तहत आंध्र प्रदेश के लिए कितने पक्के आवास स्वीकृत किए गए?
- A.76,000
- B.1 लाख
- C.3 लाख
- D.9 लाख
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 3 लाख
व्याख्या
सही उत्तर 3 लाख है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुंटूर जिले के बुर्रीपालेम गांव में मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में आंध्र प्रदेश को तीन लाख पक्के आवास सौंपे, जिनकी लागत 3,600 करोड़ रुपये है। विकल्प A यानी 76,000 गलत है, क्योंकि यह वह कोटा था जो मंत्रालय के अधिकारियों ने शुरू में राज्य के लिए तय किया था; मुख्यमंत्री के आग्रह पर पहली किस्त बढ़ाई गई। विकल्प B यानी एक लाख किसी भी घोषणा से मेल नहीं खाता और केवल एक गोल संख्या है। विकल्प D यानी नौ लाख गलत है, क्योंकि नौ लाख राज्य की कुल मांग है, इस दिन मंजूर संख्या नहीं; इसमें तीन लाख पहली किस्त है और शेष छह लाख आवास तीन-तीन लाख की किस्तों में बाद में स्वीकृत होंगे।
आंध्र प्रदेश के किसान को पीएम-किसान और अन्नदाता सुखी भव योजना से मिलाकर साल में कितनी राशि मिलती है?
- A.6,000 रुपये
- B.14,000 रुपये
- C.20,000 रुपये
- D.26,000 रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 20,000 रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 20,000 रुपये है। केंद्र सरकार पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को साल में 6,000 रुपये देती है और आंध्र प्रदेश सरकार अपनी अन्नदाता सुखी भव योजना से 14,000 रुपये जोड़ती है, इसलिए राज्य के किसान को साल में बीस हजार रुपये की मदद मिलती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 6,000 रुपये केवल केंद्र का हिस्सा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 14,000 रुपये केवल राज्य सरकार की ओर से जोड़ी गई राशि है, जो केंद्र की किस्तों के ऊपर दी जाती है। विकल्प D ऐसी राशि है जो किसी भी योजना से नहीं निकलती और केवल भ्रमित करने के लिए रखी गई है। केंद्रीय मंत्री ने इसी क्रम में बताया कि राज्य में तेईस लाख बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं और यह संख्या साठ लाख तक पहुंचाई जाएगी।
राष्ट्रीय सरस मेला पहली बार दिल्ली से बाहर कहां आयोजित होगा और इसका उद्घाटन कौन करेंगी?
- A.ओडिशा, प्रधानमंत्री
- B.आंध्र प्रदेश, राष्ट्रपति
- C.गुजरात, उपराष्ट्रपति
- D.बिहार, ग्रामीण विकास मंत्री
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सही उत्तर: B. आंध्र प्रदेश, राष्ट्रपति
व्याख्या
सही उत्तर आंध्र प्रदेश, राष्ट्रपति है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने बुर्रीपालेम में घोषणा की कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का राष्ट्रीय सरस मेला 15 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लगेगा और देश के इतिहास में पहली बार यह मेला दिल्ली से बाहर आयोजित हो रहा है। इसका शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी, जिसे मंत्री ने दीदियों का महाकुंभ कहा। विकल्प A दोनों आधार पर गलत है, क्योंकि इस घोषणा से न ओडिशा जुड़ा है और न प्रधानमंत्री। विकल्प C में गुजरात और उपराष्ट्रपति तथा विकल्प D में बिहार और ग्रामीण विकास मंत्री दिए गए हैं; घोषणा मंत्री ने की, लेकिन उद्घाटन राष्ट्रपति करेंगी और स्थान आंध्र प्रदेश है, इसलिए ये दोनों विकल्प गलत हैं। मेले की यह घोषणा उसी समारोह में हुई जिसमें राज्य को तीन लाख पक्के आवास सौंपे गए और 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक की पायलट परियोजना की आधारशिला रखी गई, इसलिए परीक्षा में स्थान, तारीख और उद्घाटन करने वाले पद - तीनों तथ्य साथ में पूछे जा सकते हैं।
पहली सोलह पेंशन अदालतों में मौके पर समाधान की सफलता दर क्या रही?
- A.61.79 प्रतिशत
- B.65.50 प्रतिशत
- C.71.79 प्रतिशत
- D.81.79 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 71.79 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर 71.79 प्रतिशत है। वर्तमान अदालत से पहले हुई सोलह पेंशन अदालतों में कुल 28,797 शिकायतें ली गई थीं, जिनमें से 20,676 शिकायतें मौके पर ही निपटा दी गईं, और इसी अनुपात से सफलता दर 71.79 प्रतिशत निकलती है। विकल्प A, B और D में दी गई दरें सुनने में मिलती-जुलती लगती हैं, लेकिन इस अनुपात से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे गलत हैं। बची हुई शिकायतों को छोड़ा नहीं गया; पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने उन्हें बाद में अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों में उठाया, जिससे पिछली हर अदालत के मामले अंत में सुलझ गए। इसी रिकॉर्ड के कारण 2017 में शुरू हुई यह व्यवस्था केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए मुकदमेबाजी का किफायती और कारगर विकल्प मानी जाती है। 17वीं अदालत इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए विषयगत है, जिसमें 24 मंत्रालयों से जुड़ी 897 शिकायतें 5 अक्टूबर 2026 को ली जा रही हैं।
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने पेंशन अदालत पहल की शुरुआत किस वर्ष की थी?
- A.2014
- B.2017
- C.2019
- D.2021
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2017
व्याख्या
सही उत्तर 2017 है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 2017 में पेंशन अदालत की शुरुआत की थी, ताकि केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की उलझी और लंबे समय से लटकी शिकायतों का वैकल्पिक रास्ते से समाधान हो सके। इसकी बुनियादी सोच यह है कि किसी एक प्रकार की शिकायत से जुड़े सभी पक्ष एक ही मंच पर बैठें और मामला उसी बैठक में निपट जाए; विभाग इसे संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण कहता है। चूँकि इससे महंगी और समय खाने वाली अदालती कार्यवाही की जरूरत नहीं पड़ती, यह मुकदमेबाजी घटाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को भी पूरा करती है। विकल्प A, C और D में दिए गए वर्ष इस पहल की शुरुआत के नहीं हैं, इसलिए वे गलत हैं। तब से अब तक सोलह अदालतों में 28,797 शिकायतें ली गईं, जिनमें से 20,676 मौके पर ही सुलझीं और सफलता दर 71.79 प्रतिशत रही। 5 अक्टूबर 2026 की 17वीं अदालत पहली विषयगत अदालत है।