2.5 D और -2.0 D क्षमता वाले लेंसों के संयोजन की सही फोकस दूरी निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- A.+0.5 m
- B.-0.5 m
- C.+2.0 m
- D.-2.0 m
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, +2.0 m। संपर्क में रखे लेंसों की क्षमताएँ जुड़ती हैं: 2.5 D + (−2.0 D) = +0.5 D, और फोकस दूरी 1/0.5 = +2.0 मीटर होती है।
लेंस की क्षमता मीटर में उसकी फोकस दूरी का व्युत्क्रम है, P = 1/f, और इसका मात्रक डायॉप्टर (D) है। उत्तल (अभिसारी) लेंस की क्षमता धनात्मक और अवतल (अपसारी) लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है। जब पतले लेंस एक-दूसरे के संपर्क में रखे जाते हैं, तो संयोजन की क्षमता उनकी क्षमताओं का बीजगणितीय योग होती है। यहाँ +2.5 D का अभिसारी लेंस −2.0 D के अपसारी लेंस के साथ है, इसलिए कुल क्षमता +0.5 D है। धनात्मक परिणाम का अर्थ है कि संयोजन +2 मीटर फोकस दूरी वाले अभिसारी लेंस की तरह काम करता है।
A गलत है, क्योंकि +0.5 डायॉप्टर में कुल क्षमता है, मीटर में फोकस दूरी नहीं। B गलत है, क्योंकि इसमें क्षमता और फोकस दूरी का भ्रम भी है और चिह्न भी गलत है। D गलत है, क्योंकि कुल क्षमता धनात्मक है, इसलिए फोकस दूरी ऋणात्मक नहीं हो सकती।
परीक्षा टिप: फोकस दूरियाँ नहीं, क्षमताएँ जोड़िए; फिर f (मीटर में) = 1/P।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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