2007 में जारी ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता उन नए वाणिज्यिक भवनों पर लागू थी जिनका संयोजित भार कम से कम कितना हो?
- A.10 किलोवाट
- B.50 किलोवाट
- C.100 किलोवाट
- D.500 किलोवाट
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, 100 किलोवाट है। यह संहिता ऊर्जा दक्षता ब्यूरो ने उन नए वाणिज्यिक भवनों के लिए बनाई जिनका संयोजित भार 100 किलोवाट या अधिक अथवा अनुबंधित मांग 120 केवीए या अधिक हो, और यह भवन आवरण, प्रकाश, वातानुकूलन, जल तापन तथा विद्युत प्रणालियों की शर्तें तय करती है। विकल्प A और B सीमा से नीचे हैं, और इतनी नीची सीमा उन छोटी दुकानों और दफ्तरों को भी घेर लेती जो अनुपालन का खर्च नहीं उठा सकते। विकल्प D बहुत ऊँचा है और इससे वही दफ्तर, होटल और अस्पताल छूट जाते जिनके वातानुकूलन भार को नियंत्रित करने के लिए संहिता लिखी गई थी। कथन आधारित प्रश्नों के लिए दो बातें और याद रखें: आवासीय समकक्ष 2018 की इको निवास संहिता है, और किसी राज्य के अधिसूचित करने पर ही संहिता वहाँ निर्माताओं पर बाध्यकारी होती है।
पूरा लेख पढ़ें: ऊर्जा संरक्षण: बीईई, स्टार लेबलिंग और उजाला
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंऊर्जा दक्षता ब्यूरो की स्थापना निम्नलिखित में से किस अधिनियम के अंतर्गत हुई?
- A.विद्युत अधिनियम, 2003
- B.ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001
- C.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- D.वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981
उत्तर देखें
इसी अधिनियम ने ऊर्जा दक्षता ब्यूरो को वैधानिक निकाय के रूप में बनाया और उसे दक्षता मानक तय करने, लेबलिंग कार्यक्रम चलाने तथा भवन संहिता तैयार करने की शक्ति दी; ब्यूरो 1 मार्च 2002 को विद्युत मंत्रालय के अधीन अस्तित्व में आया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ऊर्जा दक्षता ब्यूरो किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- B.नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- C.विद्युत मंत्रालय
- D.भारी उद्योग मंत्रालय
उत्तर देखें
बीईई विद्युत मंत्रालय से संबद्ध वैधानिक निकाय है और उसकी गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष केंद्रीय विद्युत मंत्री होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी उपकरण पर लगे बीईई स्टार लेबल में अधिक स्टार का अर्थ है कि वह उपकरण
- A.उतने ही काम के लिए कम बिजली खर्च करता है
- B.उतने ही काम के लिए अधिक बिजली खर्च करता है
- C.कम स्टार वाले मॉडल से सस्ता है
- D.अधिक लंबी वारंटी के साथ आता है
उत्तर देखें
स्टार लेबल उपकरण को उसके ऊर्जा प्रदर्शन के आधार पर एक स्टार से पाँच स्टार तक के वर्ग में रखता है, इसलिए पाँच स्टार मॉडल सबसे दक्ष होता है और अपने आकार वर्ग में सबसे कम वार्षिक ऊर्जा खपत दिखाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दक्ष प्रकाश व्यवस्था की सरकारी योजना उजाला का पूरा नाम क्या है?
- A.उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडीज फॉर ऑल
- B.यूनिवर्सल ज्योति एंड लाइटिंग असिस्टेंस
- C.अर्बन ज्योति एंड अफोर्डेबल लैंप्स फॉर ऑल
- D.उन्नत जन आधार लाइटिंग अभियान
उत्तर देखें
यह कार्यक्रम घरेलू दक्ष प्रकाश कार्यक्रम के रूप में शुरू हुआ और 5 जनवरी 2015 को उजाला नाम से आरंभ किया गया, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट और दक्ष पंखे खुदरा दर से बहुत कम मूल्य पर दिए जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उजाला और स्ट्रीट लाइटिंग राष्ट्रीय कार्यक्रम का कार्यान्वयन कौन करता है?
- A.ऊर्जा दक्षता ब्यूरो
- B.एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड
- C.केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण
- D.सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर B, एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड है, जो विद्युत मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रमों का संयुक्त उद्यम है और एलईडी बल्ब तथा स्ट्रीट लाइट थोक में खरीदकर लागत उपभोक्ताओं से या नगरपालिका के बिजली बिल में हुई बचत से वसूलता है।
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