1854 के कैनसस-नेब्रास्का अधिनियम के कारण निम्नलिखित में से कौन-सा घटनाक्रम हुआ?
- A.मिसौरी समझौता रद्द कर दिया गया और कैनसस तथा नेब्रास्का के लोगों को यह तय करने दिया गया कि वे दास रखें या नहीं।
- B.अधिनियम ने इन क्षेत्रों को दास प्रथा के प्रश्न पर मतदान का अधिकार नहीं दिया।
- C.दास प्रथा के मुद्दे पर बहुमत की आवाज़ दबा दी गई।
- D.दास प्रथा पर निर्णय का एकमात्र अधिकार संघीय सरकार को था।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, मिसौरी समझौता रद्द कर दिया गया और कैनसस तथा नेब्रास्का के लोगों को यह तय करने दिया गया कि वे दास रखें या नहीं।। इस अधिनियम ने मिसौरी समझौते को हटा दिया और दोनों क्षेत्रों के बसने वालों को मतदान से दास प्रथा पर निर्णय करने दिया।
1820 के मिसौरी समझौते ने लुइसियाना क्षेत्रों में 36°30′ अक्षांश के उत्तर में दास प्रथा पर रोक लगाई थी। सीनेटर स्टीफ़न डगलस के 1854 के कैनसस-नेब्रास्का अधिनियम ने इस रेखा की जगह 'लोकप्रिय संप्रभुता' रखी, यानी बसने वाले स्वयं मत देकर तय करें। दास प्रथा के समर्थक और विरोधी बसने वाले कैनसस पहुँचे और आपस में लड़े; इस दौर को 'ब्लीडिंग कैनसस' कहते हैं। अधिनियम के विरोध से रिपब्लिकन पार्टी बनी और यह संघर्ष 1861 के अमेरिकी गृहयुद्ध तक पहुँचा।
B गलत है क्योंकि अधिनियम ने उलटा इन क्षेत्रों को दास प्रथा पर मतदान का अधिकार दिया। C गलत है क्योंकि इसने निर्णय बसने वालों के बहुमत पर छोड़ा, उनकी आवाज़ नहीं दबाई। D गलत है क्योंकि इसने निर्णय कांग्रेस से लेकर क्षेत्रों को सौंप दिया।
परीक्षा टिप: 1820 मिसौरी समझौता (36°30′ रेखा) → 1854 कैनसस-नेब्रास्का अधिनियम (लोकप्रिय संप्रभुता) → ब्लीडिंग कैनसस → रिपब्लिकन पार्टी → 1861 गृहयुद्ध।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभू-राजस्व में रैयतवाड़ी प्रयोग किसने शुरू किया था?
- A.हेनरी डुंडास
- B.अलेक्ज़ेंडर रीड
- C.डेविड रिकार्डो
- D.माउंटस्टुअर्ट एल्फ़िंस्टन
उत्तर देखें
कैप्टन अलेक्ज़ेंडर रीड ने 1792 में टीपू सुल्तान से लिए गए बारामहल क्षेत्र में रैयतवाड़ी प्रयोग शुरू किया, और थॉमस मुनरो उनके सहायकों में से एक थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को किसने पढ़ा (उनका अर्थ निकाला)?
- A.पियदस्सी
- B.कॉलिन मैकेंज़ी
- C.अलेक्ज़ेंडर कनिंघम
- D.जेम्स प्रिंसेप
उत्तर देखें
ईस्ट इंडिया कंपनी की टकसाल के अधिकारी और एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के सचिव प्रिंसेप ने 1837 में ब्राह्मी लिपि को पढ़ा और खरोष्ठी को पढ़ने में भी निर्णायक सफलता पाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जस्टिस पार्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसने गैर-ब्राह्मणों के लिए उसी प्रकार के पृथक सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की ज़ोरदार मांग की, जैसा मॉर्ले-मिंटो सुधारों द्वारा मुसलमानों को दिया गया था।
- B.इसे मुख्य रूप से धनी भूस्वामी और शहरी मध्यवर्गीय गैर-ब्राह्मणों का संरक्षण प्राप्त था।
- C.इसने मॉन्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड सुधारों में गैर-ब्राह्मणों के लिए 28 आरक्षित सीटों का प्रावधान करवाने में सफलता पाई।
- D.इसने 1920 में चुनावों के बहिष्कार के कांग्रेस के आह्वान का समर्थन किया।
उत्तर देखें
जस्टिस पार्टी 1920 के चुनावों के कांग्रेस के बहिष्कार में शामिल नहीं हुई; उसने चुनाव लड़ा, मद्रास विधान परिषद में बहुमत जीता और नए सुधारों के तहत पहला मंत्रिमंडल बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1915 में हरिद्वार कुंभ मेले में कौन-सा संगठन शुरू किया गया था?
- A.सनातन धर्म सभा
- B.देव समाज
- C.ब्राह्मण सभा
- D.हिंदू महासभा
उत्तर देखें
अखिल भारतीय हिंदू महासभा का स्थापना अधिवेशन 1915 के कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में हुआ, जिसमें 1909 से पहले पंजाब और फिर दूसरे प्रांतों में बनी हिंदू सभाएं एक साथ आईं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ (ऑल इंडिया डिप्रेस्ड क्लासेज़ एसोसिएशन) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ का गठन नागपुर में हुआ और एम. सी. राजा इसके पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने।
- B.1926 में डॉ. बी. आर. आंबेडकर अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ में शामिल नहीं हुए।
- C.आंबेडकर ने अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ से त्यागपत्र देकर 1930 में अपनी अखिल भारतीय दलित वर्ग कांग्रेस बनाई।
- D.अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ ने दलित वर्गों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की आंबेडकर की मांग का समर्थन किया।
उत्तर देखें
अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ ने पृथक निर्वाचन मंडल की आंबेडकर की मांग का समर्थन नहीं किया; एम. सी. राजा के नेतृत्व में उसने दलित वर्गों के लिए आरक्षित सीटों वाले संयुक्त निर्वाचन मंडल का समर्थन किया।
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