1·5 m लंबी सीता अपना पूरा प्रतिबिंब देखने के लिए दीवार पर लगे एक समतल दर्पण के सामने खड़ी है। समतल दर्पण की न्यूनतम ऊंचाई कितनी होनी चाहिए ताकि सीता अपना पूरा प्रतिबिंब देख सके?
- A.0·50 m
- B.0·35 m
- C.0·75 m
- D.0·25 m
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 0·75 m। समतल दर्पण में अपना पूरा प्रतिबिंब देखने के लिए दर्पण की ऊंचाई कम से कम व्यक्ति की ऊंचाई की आधी होनी चाहिए: 1·5 m का आधा 0·75 m है।
सीता के पैरों से आने वाला प्रकाश दर्पण से परावर्तित होकर उसकी आंखों तक पहुंचना चाहिए, और सिर के ऊपरी भाग से आने वाला प्रकाश भी। परावर्तन के नियम से पैरों वाली किरण दर्पण पर आंख और पैरों के बीच की आधी ऊंचाई पर पड़ती है, और सिर वाली किरण सिर और आंख के बीच की आधी ऊंचाई पर। इसलिए दर्पण को आंख से पैर की आधी दूरी और आंख से सिर की आधी दूरी, यानी कुल ऊंचाई का आधा, ढकना चाहिए। दर्पण सही ऊंचाई पर लगा होना चाहिए, और यह परिणाम दर्पण से दूरी पर निर्भर नहीं करता।
A गलत है: 0·50 m उसकी ऊंचाई का एक-तिहाई है और प्रतिबिंब का कुछ भाग कट जाएगा।
B गलत है: 0·35 m आधी ऊंचाई से बहुत कम है।
D गलत है: 0·25 m में शरीर का छोटा-सा भाग ही दिखेगा।
परीक्षा टिप: पूरे प्रतिबिंब के लिए समतल दर्पण की न्यूनतम ऊंचाई = व्यक्ति की ऊंचाई का आधा, दूरी चाहे जो हो।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी आवृत्ति परास मानव कानों के लिए संवेदनशील है?
- A.0-200 Hz
- B.20-20,000 Hz
- C.केवल 200-20,000 Hz
- D.केवल 2,000-20,000 Hz
उत्तर देखें
सामान्य मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की ध्वनि सुनता है, जिसे श्रव्य परास कहते हैं। आवृत्ति, जिसका मात्रक हर्ट्ज है, प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या है और यही ध्वनि का तारत्व तय करती है: आवृत्ति जितनी अधिक, स्वर उतना तीखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पराश्रव्य तरंगों की आवृत्ति होती है
- A.20 Hz से कम
- B.20 Hz और 2 kHz के बीच
- C.2 kHz और 20 kHz के बीच
- D.20 kHz से अधिक
उत्तर देखें
पराश्रव्य ध्वनि वह है जिसकी आवृत्ति 20,000 Hz से अधिक हो, जो मानव श्रवण की ऊपरी सीमा है। मनुष्य लगभग 20 Hz से 20 kHz तक की ध्वनि सुन सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा स्वच्छ ईंधन का उदाहरण है?
- A.कोक
- B.प्रोपेन
- C.पेट्रोल
- D.मोम
उत्तर देखें
प्रोपेन एक हल्का गैसीय हाइड्रोकार्बन है जो नीली लौ के साथ पूरी तरह जलता है और धुआं, कालिख या राख नहीं छोड़ता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'मृदु साबुन' के एक नमूने में क्या होता है?
- A.सीज़ियम
- B.पोटैशियम
- C.कैल्शियम
- D.मैग्नीशियम
उत्तर देखें
मृदु साबुन वसीय अम्लों के पोटैशियम लवण होते हैं, जबकि सामान्य कठोर साबुन की टिकियां सोडियम लवण होती हैं। साबुन साबुनीकरण से बनता है, जिसमें किसी तेल या वसा को क्षार के साथ गर्म किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से तत्वों के किस समूह की संयोजकता समान है?
- A.Na, Mg, Ca
- B.Na, Mg, Al
- C.Mg, Ca, K
- D.Mg, Ca, Ba
उत्तर देखें
मैग्नीशियम, कैल्शियम और बेरियम तीनों समूह 2 की क्षारीय मृदा धातुएं हैं, और हर एक की संयोजकता 2 है। आवर्त सारणी के एक ही समूह के तत्वों के सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है, इसलिए उनकी संयोजकता भी समान होती है।
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