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GK क्विजविज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्विज: भारत के सुपरकंप्यूटर

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इस क्विज के बारे में

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अंतर्गत "भारत के सुपरकंप्यूटर" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 3 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: बिहार · 5th Feb 2017आसान

भारत में विकसित पहले सुपरकंप्यूटर का नाम क्या था?

  1. A.परम 8000
  2. B.आदित्य
  3. C.अनुपम-अध्याय
  4. D.सागा-220
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. परम 8000

व्याख्या

सही उत्तर A, परम 8000 है। परम 8000 को पुणे स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग अर्थात सी-डैक ने बनाया था और इसे 1991 में सामने लाया गया, यानी सी-डैक की स्थापना के तीन वर्ष बाद, जो 1988 में हुई थी। इस परियोजना का नेतृत्व सी-डैक के संस्थापक महानिदेशक विजय पी. भटकर ने किया था, और यह काम इसलिए हाथ में लिया गया क्योंकि अमेरिका ने भारत को क्रे सुपरकंप्यूटर देने से मना कर दिया था। परम शब्द संस्कृत में सर्वोच्च का अर्थ देता है और पैरेलल मशीन का संक्षिप्त रूप भी है।

विकल्प B आदित्य भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान की बहुत बाद में लगी उच्च निष्पादन मशीन है, इसलिए यह पहली मशीन नहीं है। विकल्प C अनुपम-अध्याय भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की अनुपम शृंखला का हिस्सा है, जो परमाणु शोध में काम आती है और परम के बाद आई। विकल्प D सागा-220 को इसरो ने 2011 में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में बनाया, अर्थात परम 8000 के बीस वर्ष बाद।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB NTPC · 7 Mar 2021, Shift 2मध्यम

स्वदेशी रूप से जोड़ा गया पहला सुपरकंप्यूटर परम शिवाय कहाँ स्थापित किया गया था?

  1. A.आईआईटी बीएचयू
  2. B.आईआईटी खड़गपुर
  3. C.आईआईएससी, बेंगलुरु
  4. D.आईआईएसईआर पुणे
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आईआईटी बीएचयू

व्याख्या

सही उत्तर A, आईआईटी बीएचयू है। परम शिवाय को 2019 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू), वाराणसी में चालू किया गया था और यह राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत भारत के भीतर जोड़ा गया पहला सुपरकंप्यूटर था। यह मिशन 2015 में शुरू हुआ और इसका संचालन इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिलकर करते हैं, जबकि इसे लागू करने वाली संस्थाएँ सी-डैक पुणे और भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु हैं। मशीन को भारत में जोड़ने का उद्देश्य देश में उच्च निष्पादन कंप्यूटिंग हार्डवेयर का कौशल तैयार करना था।

विकल्प B आईआईटी खड़गपुर को इसी मिशन की बाद की मशीन परम शक्ति मिली थी। विकल्प C आईआईएससी बेंगलुरु मिशन की कार्यान्वयन संस्था है और वहाँ 2022 में परम प्रवेग लगाया गया। विकल्प D आईआईएसईआर पुणे में परम ब्रह्मा स्थापित है। चारों संस्थानों में मिशन की मशीनें हैं, और यही भ्रम प्रश्न में बनाया गया है; पहला केवल आईआईटी (बीएचयू) का परम शिवाय था।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB ग्रुप D · 15 Sept 2022, Shift 3मध्यम

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के दूसरे चरण के अंतर्गत मार्च 2022 में सी-डैक द्वारा आईआईटी रुड़की में डिजाइन और स्थापित किए गए सुपरकंप्यूटर का नाम क्या है?

  1. A.परम गंगा
  2. B.परम भीम
  3. C.परम युवा
  4. D.परम यमुना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. परम गंगा

व्याख्या

सही उत्तर A, परम गंगा है। परम गंगा को 2022 में राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के दूसरे चरण के अंतर्गत आईआईटी रुड़की में लगाया गया और इसका डिजाइन तथा स्थापना सी-डैक ने की। मिशन का दूसरा चरण वह अवस्था है जिसमें सर्वर बोर्ड तैयार आयात करने के बजाय भारत में बनने लगे, इसलिए इस चरण की मशीनें आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम मानी जाती हैं। मिशन में नाम रखने की शैली यह है कि मेजबान संस्थान से जुड़ा कोई परिचित भारतीय नाम चुना जाए, और गंगा रुड़की के लिए उपयुक्त है, जो उत्तराखंड में गंगा बेसिन में बसा है।

विकल्प B परम भीम रुड़की की इस मिशन की मशीन नहीं है। विकल्प C परम युवा सी-डैक पुणे की पुरानी पीढ़ी की मशीन है, जहाँ परम युवा दो 2013 में चालू हुआ था, अर्थात मिशन शुरू होने से भी पहले। विकल्प D परम यमुना नदी के नाम पर सुनने में सही लगता है, पर आईआईटी रुड़की में ऐसी कोई मशीन नहीं लगाई गई।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारत की परम सुपरकंप्यूटर शृंखला का शिल्पी किसे माना जाता है?

  1. A.राज रेड्डी
  2. B.विजय पी. भटकर
  3. C.नरिंदर सिंह कपानी
  4. D.सैम पित्रोदा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विजय पी. भटकर

व्याख्या

सही उत्तर B, विजय पी. भटकर है। वे 1988 में पुणे में स्थापित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग के संस्थापक महानिदेशक थे और उन्होंने उस दल का नेतृत्व किया जिसने 1991 में परम 8000 तैयार किया। चूँकि विदेशी मशीन मना किए जाने के बाद इस परियोजना ने भारत को अपना सुपरकंप्यूटर दिया, इसलिए उन्हें आमतौर पर भारत के सुपरकंप्यूटर कार्यक्रम का शिल्पी या जनक कहा जाता है। बाद में वे स्वदेशी कंप्यूटिंग के राष्ट्रीय प्रयासों और कई शिक्षण संस्थानों से जुड़े रहे।

विकल्प A राज रेड्डी भारतीय मूल के प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक और ट्यूरिंग पुरस्कार विजेता हैं, परंतु उनका काम अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिकी में रहा, परम कार्यक्रम में नहीं। विकल्प C नरिंदर सिंह कपानी भौतिक विज्ञानी थे और उन्हें प्रकाशिक तंतु का जनक कहा जाता है, जो अलग क्षेत्र है। विकल्प D सैम पित्रोदा ने सी-डॉट अर्थात सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स के माध्यम से दूरसंचार क्रांति का नेतृत्व किया, जिसका नाम सी-डैक से मिलता-जुलता होने के कारण भ्रम होता है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1984
  2. B.1988
  3. C.1991
  4. D.1995
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1988

व्याख्या

सही उत्तर B, 1988 है। सी-डैक की स्थापना 1988 में पुणे में केंद्र सरकार की एक वैज्ञानिक संस्था के रूप में हुई थी, और इसका निश्चित काम था भारतीय सुपरकंप्यूटर का डिजाइन तैयार करना, क्योंकि मौसम पूर्वानुमान के लिए माँगी गई क्रे मशीन देने से अमेरिका ने मना कर दिया था। यह संस्था आज इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन काम करती है और राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन की कार्यान्वयन संस्था भी है।

विकल्प A 1984 राष्ट्रीय कंप्यूटर नीति की शुरुआत और दूरसंचार संस्था सी-डॉट से जुड़ा वर्ष है, इसलिए यह स्वाभाविक जाल है। विकल्प C 1991 वह वर्ष है जब परम 8000 तैयार हुआ, अर्थात संस्था बनने के तीन वर्ष बाद; जो परीक्षार्थी केवल एक तिथि याद रखते हैं वे अक्सर दोनों को मिला देते हैं। विकल्प D 1995 दोनों से बाद का है और इस कहानी में कुछ नहीं दर्शाता। सुरक्षित तरीका यही है कि जोड़ा याद रखें: सी-डैक 1988 और परम 8000 1991।

Q6.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन का संचालन भारत सरकार की किन दो संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है?

  1. A.शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी
  2. B.इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
  3. C.इसरो और परमाणु ऊर्जा विभाग
  4. D.नीति आयोग और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग

व्याख्या

सही उत्तर B, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग है। 2015 में शुरू हुए राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन का संचालन ये दोनों संस्थाएँ मिलकर करती हैं, और जमीनी काम सी-डैक पुणे तथा भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु करते हैं। इसका उद्देश्य शैक्षणिक तथा शोध संस्थानों में सुपरकंप्यूटरों का जाल बनाना है, जिन्हें राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क से जोड़ा जाए और जिनमें हार्डवेयर का भारतीय हिस्सा हर चरण में बढ़ता जाए।

विकल्प A में शिक्षा से जुड़ी संस्थाएँ हैं, जिनके संस्थानों में कई मशीनें लगी तो हैं पर वे मिशन का संचालन नहीं करतीं। विकल्प C में इसरो और परमाणु ऊर्जा विभाग हैं, जो सागा-220 तथा अनुपम शृंखला जैसी अपनी मशीनें चलाते हैं पर मिशन के संचालक नहीं हैं। विकल्प D में नीति आयोग एक नीति संस्था है और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पास प्रत्यूष तथा मिहिर जैसी अलग मौसम मशीनें हैं।

Q7.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

सुपरकंप्यूटर की संसाधन गति सामान्यतः किस इकाई में मापी जाती है?

  1. A.हर्ट्ज
  2. B.फ्लॉप्स
  3. C.बाइट प्रति सेकंड
  4. D.मिप्स प्रति वाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्लॉप्स

व्याख्या

सही उत्तर B, फ्लॉप्स है, जिसका पूरा रूप फ्लोटिंग पॉइंट ऑपरेशंस पर सेकंड है। सुपरकंप्यूटर दशमलव संख्याओं पर वैज्ञानिक गणना के लिए बनाया जाता है, इसलिए उपयोगी माप यही है कि वह एक सेकंड में कितनी ऐसी गणनाएँ पूरी करता है, न कि किसी एक चिप की घड़ी कितनी तेज चलती है। इकाइयों की सीढ़ी गीगाफ्लॉप, टेराफ्लॉप, पेटाफ्लॉप और एक्साफ्लॉप है, जिनमें हर अगली इकाई पिछली से एक हजार गुना है, और टॉप500 सूची विश्व की सबसे तेज मशीनों को लिनपैक बेंचमार्क पर प्राप्त फ्लॉप्स के आधार पर क्रम देती है।

विकल्प A हर्ट्ज प्रोसेसर की घड़ी आवृत्ति मापता है। यह बताता है कि चिप एक सेकंड में कितने चक्र पूरे करती है, पर यह नहीं बताता कि हजारों चिपों का समूह मिलकर कितनी उपयोगी गणनाएँ करता है। विकल्प C बाइट प्रति सेकंड नेटवर्क या डिस्क में आँकड़ों के बहाव की दर है, जो भंडारण के लिए महत्वपूर्ण है पर गणना की गति नहीं। विकल्प D पुरानी निर्देश गणना और बिजली के आँकड़े को मिलाता है और मानक इकाई नहीं है।

Q8.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

मौसम और जलवायु शोध में प्रयुक्त सुपरकंप्यूटर प्रत्यूष किस संस्थान में स्थापित है?

  1. A.भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे
  2. B.भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली
  3. C.भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
  4. D.भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे

व्याख्या

सही उत्तर A, भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे है। प्रत्यूष को 2018 में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत चालू किया गया और यह मंत्रालय की मौसम तथा जलवायु मॉडलिंग वाली दो मशीनों में बड़ी मशीन है। इसकी साथी मशीन नोएडा के राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र का मिहिर है। दोनों ने मिलकर पूर्वानुमान मॉडल को कहीं अधिक महीन ग्रिड पर चलाना संभव बनाया, जिससे मानसून का अनुमान, चक्रवात का मार्ग और भारी वर्षा की चेतावनी बेहतर हुई।

विकल्प B भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली पूर्वानुमान और चेतावनी जारी करता है, पर भारी गणना पुणे तथा नोएडा की मशीनों पर होती है। विकल्प C भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन की कार्यान्वयन संस्था है और वहाँ परम प्रवेग है, मौसम मशीन नहीं। विकल्प D भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद अंतरिक्ष विभाग के अधीन अंतरिक्ष तथा वायुमंडल विज्ञान पर काम करती है और वहाँ प्रत्यूष नहीं है।

Q9.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

2011 में बना सुपरकंप्यूटर सागा-220 किस संगठन ने विकसित किया था?

  1. A.भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
  2. B.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
  3. C.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
  4. D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन है। सागा-220 को 2011 में तिरुवनंतपुरम के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में बनाया गया था, और इसके नाम का अर्थ है सुपरकंप्यूटर फॉर एयरोस्पेस विद जीपीयू आर्किटेक्चर, जबकि 220 का अंक लगभग 220 टेराफ्लॉप की गति दर्शाता है। इसके डिजाइन में केवल सामान्य प्रोसेसरों के स्थान पर ग्राफिक्स प्रोसेसिंग इकाइयों का प्रयोग हुआ, जिससे यह तुलनात्मक रूप से सस्ता, छोटा और कम बिजली खाने वाला बना। इसरो इसका उपयोग प्रक्षेपण यान के चारों ओर गैसों के प्रवाह जैसी समस्याओं में करता है।

विकल्प A भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र परमाणु विज्ञान के लिए अनुपम शृंखला चलाता है, जो अलग परिवार है। विकल्प C डीआरडीओ रक्षा प्रणालियाँ बनाता है और उसकी अपनी कंप्यूटिंग सुविधाएँ हैं, पर सागा-220 उसने नहीं बनाया। विकल्प D सीएसआईआर राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का जाल है और कई प्रयोगशालाओं में उच्च निष्पादन कंप्यूटिंग है, फिर भी प्रश्न में नामित मशीन अंतरिक्ष कार्यक्रम की है।

Q10.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

विश्व के पाँच सौ सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटरों का क्रम कौन-सी सूची देती है?

  1. A.टॉप500
  2. B.ग्रीन ग्रिड
  3. C.फॉर्च्यून 500
  4. D.ग्लोबल एचपीसी इंडेक्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. टॉप500

व्याख्या

सही उत्तर A, टॉप500 है। टॉप500 सूची 1993 से वर्ष में दो बार प्रकाशित होती है और मापी गई मशीनों में से पाँच सौ सबसे शक्तिशाली प्रणालियों को क्रम देती है। इसका आधार लिनपैक बेंचमार्क है, जिसमें मशीन से रैखिक समीकरणों का बड़ा निकाय हल कराकर समय नापा जाता है। भारतीय मशीनें इस सूची में कई बार आई हैं; 2007 में पुणे में बना एका उसी वर्ष नवंबर की सूची में विश्व में चौथे स्थान पर रहा था।

विकल्प B ग्रीन ग्रिड अलग ग्रीन500 क्रम की ओर संकेत करता है, जो मशीनों को सीधी गति के बजाय प्रति वाट बिजली पर मिले निष्पादन के आधार पर क्रम देता है। विकल्प C फॉर्च्यून 500 राजस्व के आधार पर सबसे बड़ी कंपनियों की व्यापारिक सूची है और इसका कंप्यूटिंग निष्पादन से कोई संबंध नहीं। विकल्प D ग्लोबल एचपीसी इंडेक्स गढ़ा हुआ नाम है, जैसा प्रश्नकर्ता सही उत्तर को कठिन बनाने के लिए जोड़ते हैं।

Q11.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

एक पेटाफ्लॉप प्रति सेकंड कितनी फ्लोटिंग पॉइंट गणनाओं के बराबर होता है?

  1. A.दस लाख
  2. B.एक अरब
  3. C.एक हजार अरब
  4. D.दस लाख अरब
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दस लाख अरब

व्याख्या

सही उत्तर D, दस लाख अरब है। इकाइयों की सीढ़ी हर पायदान पर एक हजार गुना बढ़ती है: मेगाफ्लॉप का अर्थ है एक सेकंड में दस लाख गणनाएँ, गीगाफ्लॉप एक अरब, टेराफ्लॉप एक हजार अरब और पेटाफ्लॉप एक हजार टेराफ्लॉप अर्थात दस लाख अरब। अगला पायदान एक्साफ्लॉप है, जो एक हजार पेटाफ्लॉप के बराबर है। परम गंगा और परम प्रवेग जैसी मिशन की भारतीय मशीनों की गति पेटाफ्लॉप में बताई जाती है, इसीलिए इस विषय में यह इकाई महत्वपूर्ण है।

विकल्प A दस लाख मेगाफ्लॉप है, जो आरंभिक मशीनों का स्तर था। विकल्प B एक अरब गीगाफ्लॉप है; 1998 के परम 10000 की गति लगभग सौ गीगाफ्लॉप आँकी गई थी। विकल्प C एक हजार अरब टेराफ्लॉप है, वही इकाई जिसमें सागा-220 की गति 220 बताई गई। हर गलत विकल्प इसी सीढ़ी का एक पायदान है, इसलिए प्रश्न उसी को अंक देता है जिसने क्रम याद किया हो, केवल एक संख्या नहीं।

Q12.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

2024 में समर्पित तीन परम रुद्र सुपरकंप्यूटर पुणे, नई दिल्ली और किस तीसरे शहर में स्थापित किए गए थे?

  1. A.चेन्नई
  2. B.कोलकाता
  3. C.हैदराबाद
  4. D.अहमदाबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोलकाता

व्याख्या

सही उत्तर B, कोलकाता है। राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत 2024 में समर्पित तीन परम रुद्र मशीनें पुणे के पास स्थित विशाल मीटरवेव रेडियो दूरबीन को रेडियो खगोल विज्ञान के लिए, नई दिल्ली के अंतर-विश्वविद्यालय त्वरक केंद्र को भौतिकी तथा पदार्थ विज्ञान के शोध के लिए और कोलकाता के एस. एन. बोस राष्ट्रीय मूल विज्ञान केंद्र को भौतिकी, ब्रह्मांड विज्ञान तथा पृथ्वी विज्ञान के काम के लिए दी गईं। रुद्र मिशन के अंतर्गत विकसित स्वदेशी उच्च निष्पादन सर्वर का नाम भी है, जिसके साथ त्रिनेत्र नाम का इंटरकनेक्ट जुड़ा है।

विकल्प A चेन्नई में शोध से जुड़ी अन्य कंप्यूटिंग सुविधाएँ हैं, पर इस समूह की परम रुद्र मशीन वहाँ नहीं है। विकल्प C हैदराबाद सूचना प्रौद्योगिकी का बड़ा केंद्र है और वहाँ बड़े व्यावसायिक डेटा केंद्र हैं, इसलिए यह लुभावना विकल्प लगता है। विकल्प D अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला और अंतरिक्ष विज्ञान का काम होता है, पर तीसरी रुद्र मशीन कोलकाता गई।

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