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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 28

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 28) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: विजयनगर और बहमनी राज्य, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महत्वपूर्ण अधिवेशन, मुगल साम्राज्य और अन्य। इनमें से 13 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 05 Oct, 2023, Shift 3कठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा बहमनी सुल्तान अपनी क्रूरता के लिए प्रसिद्ध था और इसी कारण उसे ‘ज़ालिम’ की उपाधि मिली?

  1. A.हुमायूँ शाह
  2. B.फिरोज शाह
  3. C.मुजाहिद शाह
  4. D.अहमद शाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हुमायूँ शाह

व्याख्या

सही उत्तर A, हुमायूँ शाह है। हुमायूँ शाह बहमनी ने 1458 से 1461 तक शासन किया और दक्कन के इतिहासकारों ने उसके दंडों को इतना निर्मम बताया कि उसे ज़ालिम अर्थात अत्याचारी कहा जाने लगा। उसका छोटा शासनकाल मुख्यतः इसी उपाधि के लिए और इस तथ्य के लिए याद किया जाता है कि महमूद गवाँ उसके परामर्श मंडल में थे। विकल्प B गलत है क्योंकि फिरोज शाह बहमनी, जिन्होंने 1397 से 1422 तक शासन किया, इस वंश के सबसे विद्वान सुल्तान थे, जिन्होंने दौलताबाद में वेधशाला बनवाई और देवराय प्रथम की पुत्री से विवाह किया। विकल्प C गलत है क्योंकि मुजाहिद शाह, जिन्होंने 1375 से 1378 तक शासन किया, अपने विजयनगर अभियान और अपने चाचा द्वारा की गई हत्या के लिए जाने जाते हैं, क्रूरता के लिए नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि अहमद शाह वली, जिन्होंने 1422 से 1436 तक शासन किया, राजधानी गुलबर्गा से बीदर ले जाने और अपनी संत जैसी छवि के लिए याद किए जाते हैं।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 6 March 2023कठिन

निम्नलिखित में से कौन 1915 के अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे?

  1. A.सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा
  2. B.अंबिका चरण मजूमदार
  3. C.भूपेंद्र नाथ बोस
  4. D.मदन मोहन मालवीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर है A, सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 1915 का अधिवेशन बंबई में हुआ और उसकी अध्यक्षता सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा ने की, जो बाद में लॉर्ड सिन्हा ऑफ रायपुर कहलाए। वे 1909 में वायसराय की कार्यकारी परिषद में नियुक्त होने वाले पहले भारतीय थे, और आगे चलकर भारत के अवर राज्य सचिव तथा बिहार और ओडिशा के राज्यपाल बने, यानी किसी प्रांत के पहले भारतीय राज्यपाल। उनकी अध्यक्षता उसी वर्ष हुई जब गोपाल कृष्ण गोखले और फिरोजशाह मेहता का निधन हुआ और गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से लौटे, इसलिए यह अधिवेशन पार्टी के लिए मोड़ माना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अंबिका चरण मजूमदार ने 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता की, जहाँ कांग्रेस और मुस्लिम लीग का समझौता हुआ तथा नरम और गरम दल एक हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि भूपेंद्र नाथ बोस ने 1914 के मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की। विकल्प D गलत है, क्योंकि मदन मोहन मालवीय 1909 में लाहौर और 1918 के दिल्ली विशेष अधिवेशन के अध्यक्ष रहे। परीक्षा टिप: 1914 मद्रास बोस, 1915 बंबई सिन्हा, 1916 लखनऊ मजूमदार।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2015आसान

किस मुगल सम्राट को रंगीला के नाम से जाना जाता है?

  1. A.फर्रुखसियर
  2. B.रफी-उद-दराजात
  3. C.मुहम्मद शाह
  4. D.रफी-उद-दौला
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मुहम्मद शाह

व्याख्या

सही उत्तर C, मुहम्मद शाह है। 1719 से 1748 तक शासन करने वाले मुहम्मद शाह को संगीत, चित्रकला और विलासिता के प्रेम के कारण रंगीला कहा गया, जबकि उसी समय साम्राज्य चारों ओर से बिखर रहा था। उसके काल में मराठे उत्तर भारत तक बढ़ आए और फारस के नादिर शाह ने 1739 में करनाल का युद्ध जीतकर दिल्ली लूटी और तख्त-ए-ताऊस तथा कोहिनूर ले गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1713 से 1719 तक शासन करने वाला फर्रुखसियर 1717 के उस फरमान के लिए याद किया जाता है जिसने अंग्रेजों को बंगाल में व्यापारिक सुविधाएँ दीं। विकल्प B गलत है क्योंकि रफी-उद-दराजात 1719 में केवल कुछ महीने गद्दी पर रहा और उसका ऐसा कोई उपनाम नहीं है। विकल्प D भी इसी कारण गलत है: रफी-उद-दौला, जिसे शाहजहाँ द्वितीय भी कहा जाता है, 1719 में सैयद बंधुओं के नियंत्रण में थोड़े समय शासक रहा।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 25 Mar, 2026, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किस स्वतंत्रता सेनानी ने 1927 में महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व किया?

  1. A.ज्योतिराव फुले
  2. B.ई वी रामास्वामी नायकर
  3. C.के केलप्पन
  4. D.बी आर आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बी आर आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर है D, बी आर आंबेडकर। 20 मार्च 1927 को डॉ बी आर आंबेडकर हजारों दलितों के साथ महाराष्ट्र के महाड़ में चवदार तालाब पहुँचे और उसका पानी पिया, जिससे दलित वर्गों का सार्वजनिक जल स्रोत पर अधिकार जताया गया। बाद में ऊँची जातियों के समूहों ने गोबर और दही डालकर तालाब का शुद्धिकरण किया, और उसी वर्ष दिसंबर में आंबेडकर महाड़ लौटे तथा मनुस्मृति का सार्वजनिक दहन किया। इस दिन को सामाजिक सशक्तीकरण दिवस के रूप में याद किया जाता है और महाड़ को आधुनिक भारत में दलित स्वाभिमान की पहली सामूहिक कार्रवाई कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ज्योतिराव फुले का निधन 1890 में ही हो गया था, हालाँकि उनके 1873 के सत्यशोधक समाज ने जमीन तैयार की थी। विकल्प B गलत है क्योंकि पेरियार कहे जाने वाले ई वी रामास्वामी नायकर ने दक्षिण में आत्म-सम्मान आंदोलन और वैकोम सत्याग्रह चलाया। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल गांधी कहे जाने वाले के केलप्पन ने 1931 का गुरुवायूर सत्याग्रह चलाया। परीक्षा टिप: महाड़ 1927 और कालाराम मंदिर 1930 — दोनों का नेतृत्व आंबेडकर ने किया।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 April 2021, Shift 2आसान

बारदोली का किसान आंदोलन कब शुरू हुआ था?

  1. A.1928
  2. B.1934
  3. C.1919
  4. D.1943
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1928

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1928। बारदोली सत्याग्रह फरवरी 1928 में गुजरात के सूरत जिले की बारदोली तहसील में शुरू हुआ था। कारण यह था कि बंबई सरकार ने ऐसे साल में लगान लगभग बाईस प्रतिशत बढ़ा दिया, जब फसल पहले ही खराब हो चुकी थी। वल्लभभाई पटेल ने किसानों का नेतृत्व किया और किसानों ने एक रुपया भी न देने का फैसला किया। जाति और समुदाय के भेद भुलाकर वे एकजुट रहे तथा जमीन, मवेशी और गाड़ियाँ जब्त होने पर भी अहिंसा नहीं छोड़ी। अंत में सरकार को ब्रूमफील्ड और मैक्सवेल जाँच बैठानी पड़ी, जिसने बढ़ोतरी को अनुचित माना और उसे घटाकर लगभग छह प्रतिशत कर दिया। इसी आंदोलन में बारदोली की महिलाओं ने वल्लभभाई को 'सरदार' की उपाधि दी थी। B गलत है क्योंकि 1934 में कांग्रेस समाजवादी पार्टी बनी थी। C गलत है क्योंकि 1919 रौलट सत्याग्रह और जलियाँवाला बाग का वर्ष है। D गलत है क्योंकि 1943 में बंगाल का अकाल पड़ा था। परीक्षा टिप: बारदोली 1928–सरदार पटेल, कर बंदी सत्याग्रह।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 31 July 2021, Shift 1आसान

सोवियत संघ का विघटन निम्नलिखित में से किस वर्ष शुरू हुआ?

  1. A.1990
  2. B.1989
  3. C.1991
  4. D.1992
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1991

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1991। सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ का विघटन 1991 में हुआ: उस वर्ष अगस्त में मिखाइल गोर्बाचेव के विरुद्ध हुए असफल तख्तापलट ने केंद्र की सत्ता तोड़ दी, गणराज्य एक के बाद एक स्वतंत्रता घोषित करते गए, और 25 दिसंबर 1991 को गोर्बाचेव ने इस्तीफा दे दिया। अगले ही दिन क्रेमलिन से सोवियत ध्वज उतार लिया गया और सोवियत संघ की जगह पंद्रह अलग-अलग देश बन गए, जिनमें रूस उसका उत्तराधिकारी राज्य बना। इनमें से अधिकांश दिसंबर 1991 की अल्मा-अता घोषणा से बने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रकुल में शामिल हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1990 में जर्मनी का एकीकरण हुआ और गणराज्यों में संप्रभुता की पहली आवाजें उठीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 1989 में बर्लिन की दीवार गिरी और पूर्वी यूरोप साम्यवाद से मुड़ गया, पर सोवियत संघ बना रहा। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 तक विघटन पूरा हो चुका था। परीक्षा टिप: बर्लिन दीवार 1989 → जर्मनी एकीकरण 1990 → सोवियत संघ विघटन 1991, और शीत युद्ध समाप्त।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 1मध्यम

भारत का राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' पहली बार किसी राजनीतिक अवसर पर कब गाया गया था?

  1. A.1896 का कांग्रेस अधिवेशन
  2. B.1903 का कांग्रेस अधिवेशन
  3. C.1911 का कांग्रेस अधिवेशन
  4. D.1900 का कांग्रेस अधिवेशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1896 का कांग्रेस अधिवेशन

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1896 का कांग्रेस अधिवेशन। वंदे मातरम् पहली बार किसी राजनीतिक अवसर पर 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था और इसकी धुन रवींद्रनाथ टैगोर ने बनाई तथा उन्होंने ही इसे वहाँ गाया। यह गीत इससे पहले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने संस्कृतनिष्ठ बांग्ला में लिखा था और अपने उपन्यास 'आनंदमठ' में रखा था, जो 1882 में प्रकाशित हुआ। 1905 में बंगाल विभाजन के बाद यह स्वदेशी आंदोलन का नारा बन गया और आगे चलकर संविधान सभा ने इसे राष्ट्रगीत का दर्जा दिया, जिसे राष्ट्रगान के बराबर सम्मान देने की बात कही गई। B गलत है क्योंकि 1903 का अधिवेशन उस पहली प्रस्तुति के सात साल बाद हुआ। C गलत है क्योंकि 1911 का कलकत्ता अधिवेशन 'जन गण मन' के पहली बार गाए जाने के लिए याद किया जाता है। D गलत है क्योंकि 1900 के अधिवेशन से ऐसा कोई प्रसंग नहीं जुड़ा। परीक्षा टिप: वंदे मातरम्–रचना 1882, पहली प्रस्तुति 1896; जन गण मन–1911।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 03 Aug, 2023, Shift 2आसान

चोल साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?

  1. A.दंतिदुर्ग
  2. B.सिंहविष्णु
  3. C.उपेंद्रराय
  4. D.विजयालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. विजयालय

व्याख्या

सही उत्तर है D, विजयालय। विजयालय ने लगभग 850 ईस्वी में मुत्तरैयर सरदारों से तंजावुर छीनकर उस वंश की नींव रखी, जिसे इतिहास में साम्राज्यवादी चोल कहा जाता है। ये सरदार पल्लवों के अधीन सामंत थे। विजयालय ने जीते हुए नगर में निशुंभसूदिनी देवी का मंदिर बनवाया और तंजावुर तब तक चोलों की राजधानी बना रहा, जब तक राजेंद्र प्रथम ने अपनी राजधानी गंगईकोंडचोलपुरम नहीं बसाई। इस वंश का सबसे गौरवशाली दौर राजराज प्रथम और राजेंद्र प्रथम के समय आया। राजराज प्रथम ने तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर बनवाया, जबकि राजेंद्र प्रथम ने श्रीलंका तथा समुद्र पार श्रीविजय तक चोल सेना पहुँचाई। A गलत है क्योंकि दंतिदुर्ग ने दक्कन के राष्ट्रकूट वंश की स्थापना की थी। B गलत है क्योंकि सिंहविष्णु कांचीपुरम के आरंभिक पल्लव शासक थे। C गलत है क्योंकि उपेंद्रराय का चोल वंशावली में कोई स्थान नहीं है। परीक्षा टिप: विजयालय–तंजावुर, राजराज प्रथम–बृहदेश्वर मंदिर, राजेंद्र प्रथम–गंगईकोंडचोलपुरम।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

किस बहमनी शासक ने राजधानी गुलबर्गा से बीदर स्थानांतरित की थी?

  1. A.फिरोज शाह बहमनी
  2. B.अहमद शाह वली
  3. C.मुहम्मद शाह तृतीय
  4. D.अलाउद्दीन हसन बहमन शाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अहमद शाह वली

व्याख्या

सही उत्तर B, अहमद शाह वली है। 1425 ईस्वी में अहमद शाह वली ने बहमनी राजधानी गुलबर्गा से हटाकर बीदर कर दी और उसका नाम मुहम्मदाबाद रखा; राज्य के टूटने तक बीदर ही राजधानी रही। इस परिवर्तन से सत्ता का केंद्र उत्तर-पूर्व की ओर, तेलंगाना की सीमा के पास और विजयनगर की सीमा से दूर खिसक गया। विकल्प A गलत है क्योंकि उनके पूर्ववर्ती फिरोज शाह बहमनी गुलबर्गा से ही शासन करते थे और वे अपनी विद्वत्ता तथा वेधशाला के लिए जाने जाते हैं, राजधानी बदलने के लिए नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मुहम्मद शाह तृतीय ने आधी सदी बाद बीदर से शासन किया; उन्हें राजधानी विरासत में मिली थी और उनका काल महमूद गवाँ के सुधारों तथा विजयों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D गलत है क्योंकि संस्थापक अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने 1347 में गुलबर्गा को राजधानी बनाया और उसे अहसनाबाद नाम दिया। याद रखने की जोड़ी है गुलबर्गा 1347 और बीदर 1425।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 Oct 2020, Shift 3आसान

'दिल्ली चलो' और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा' के नारे किसने दिए?

  1. A.मोहनदास करमचंद गांधी
  2. B.जवाहरलाल नेहरू
  3. C.सुभाष चंद्र बोस
  4. D.सरदार वल्लभ भाई पटेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सुभाष चंद्र बोस

व्याख्या

सही उत्तर है C, सुभाष चंद्र बोस। दोनों नारे नेताजी और आजाद हिंद फौज से जुड़े हैं, जिसका नेतृत्व उन्होंने 1943 से किया। दिल्ली चलो का नारा देकर उन्होंने दिल्ली की ओर बढ़ना फौज का लक्ष्य बनाया, और दक्षिण पूर्व एशिया के भारतीयों से अपनी प्रसिद्ध अपील में आजादी के बदले खून माँगा। उन्होंने जय हिंद का अभिवादन भी दिया, अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद की अस्थायी सरकार बनाई, और महिला सैनिकों की रानी झाँसी रेजिमेंट खड़ी की। विकल्प A गलत है, क्योंकि गांधीजी के नारे 1942 में दिए गए भारत छोड़ो और करो या मरो थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि नेहरू अपने ट्रिस्ट विद डेस्टिनी भाषण के लिए याद किए जाते हैं, इन नारों के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि लौह पुरुष पटेल बारदोली आंदोलन और देशी रियासतों के विलय से जुड़े हैं। परीक्षा टिप: दिल्ली चलो, जय हिंद और खून दो, तीनों सुभाष चंद्र बोस की ओर इशारा करते हैं।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 24 Jul 2023, Shift 4मध्यम

पानीपत के तृतीय युद्ध के समय मुगल सम्राट कौन था?

  1. A.अकबर द्वितीय
  2. B.शाह आलम द्वितीय
  3. C.बहादुर शाह प्रथम
  4. D.बहादुर शाह ज़फ़र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शाह आलम द्वितीय

व्याख्या

सही उत्तर B, शाह आलम द्वितीय है। पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 में अफगानिस्तान के अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच हुआ, जिसमें मराठे हार गए। उस समय मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय था, जिसने 1759 से 1806 तक शासन किया, हालाँकि उसके पास वास्तविक शक्ति नहीं थी और युद्ध के समय वह दिल्ली से बाहर था। विकल्प A गलत है क्योंकि अकबर द्वितीय ने 1806 से 1837 तक शासन किया, 1761 के बहुत बाद, और वह राम मोहन राय को राजा की उपाधि देने के लिए याद किया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि औरंगजेब का पुत्र बहादुर शाह प्रथम 1707 से 1712 तक शासक रहा, युद्ध से आधी शताब्दी पहले। विकल्प D गलत है क्योंकि अंतिम सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र 1837 में गद्दी पर आया और 1857 के विद्रोह के बाद हटाया गया। तीनों पानीपत को 1526, 1556 और 1761 से जोड़कर याद रखिए।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 4आसान

1793 में बंगाल में स्थायी बंदोबस्त लागू किए जाने के समय बंगाल का गवर्नर जनरल कौन था?

  1. A.चार्ल्स कॉर्नवालिस
  2. B.लॉर्ड विलियम बेंटिक
  3. C.लॉर्ड माउंटबेटन
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चार्ल्स कॉर्नवालिस

व्याख्या

सही उत्तर है A, चार्ल्स कॉर्नवालिस। कॉर्नवालिस 1786 से 1793 तक गवर्नर जनरल रहे और उन्होंने 1793 में बंगाल, बिहार तथा ओडिशा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया, जिसकी अधिकांश तैयारी जॉन शोर ने की थी। इस व्यवस्था ने जमींदारों को भूमि का स्वामी मान लिया और कंपनी को दिया जाने वाला लगान हमेशा के लिए तय कर दिया। इसका असर यह हुआ कि बाद में पैदावार बढ़ने पर जो लाभ हुआ, वह सरकार के बजाय जमींदार के पास गया। सूर्यास्त कानून के अनुसार तय दिन सूर्यास्त तक रकम जमा न करने वाले जमींदार की जागीर नीलाम हो जाती थी, जिससे कई पुराने घराने उजड़ गए और नए जमींदारों का वर्ग बना, जबकि किसान को जोत की कोई सुरक्षा नहीं मिली। B गलत है क्योंकि बेंटिक 1828 में आए और सती प्रथा की समाप्ति के लिए जाने जाते हैं। C गलत है क्योंकि माउंटबेटन 1947 के अंतिम वायसराय थे। D गलत है क्योंकि रिपन 1880 के दशक में स्थानीय स्वशासन के लिए प्रसिद्ध हैं। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793–कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी–मुनरो, महालवाड़ी–होल्ट मैकेंजी।

Q13.भारतीय इतिहासमध्यम

तालीकोटा का युद्ध, जिसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहा जाता है, किस वर्ष लड़ा गया था?

  1. A.1526
  2. B.1556
  3. C.1565
  4. D.1576
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1565

व्याख्या

सही उत्तर C, 1565 है। 26 जनवरी 1565 को बीजापुर, अहमदनगर, गोलकुंडा और बीदर की संयुक्त सेनाओं ने आलिया राम राय के नेतृत्व वाली विजयनगर सेना को तालीकोटा में हराया; पास के दो गाँवों के नाम पर इसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहते हैं। राम राय पकड़े गए और मार डाले गए तथा राजधानी कई महीनों तक लूटी गई और फिर कभी बसाई नहीं गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1526 पानीपत का प्रथम युद्ध है, जिसमें बाबर ने इब्राहीम लोदी को हराकर मुगल शासन की नींव रखी। विकल्प B गलत है क्योंकि 1556 पानीपत का द्वितीय युद्ध है, जो बैरम खाँ के नेतृत्व में अकबर की सेना और हेमू के बीच हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि 1576 हल्दीघाटी का युद्ध है, जो अकबर की सेना और महाराणा प्रताप के बीच लड़ा गया। परीक्षक तालीकोटा को इन्हीं पानीपत तिथियों के बीच रखते हैं क्योंकि वर्ष मिलते-जुलते लगते हैं, इसलिए 1565 पक्का याद रखें।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 05 Dec 2022, Shift 4आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा विद्रोह कान्हू और सिद्धू के नेतृत्व में हुआ था?

  1. A.भील विद्रोह
  2. B.खासी विद्रोह
  3. C.मुंडा विद्रोह
  4. D.संथाल विद्रोह
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. संथाल विद्रोह

व्याख्या

सही उत्तर है D, संथाल विद्रोह। संथाल विद्रोह, जिसे हूल कहा जाता है, सिद्धू और कान्हू मुर्मू भाइयों के नेतृत्व में हुआ। यह 1855 में दामिन-ए-कोह क्षेत्र की राजमहल पहाड़ियों में भड़का, जो आज झारखंड में है, जब संथाल किसान उन साहूकारों, जमींदारों, ठेकेदारों और पुलिस के खिलाफ उठ खड़े हुए जिन्होंने उनकी जमीन छीन ली थी और उन्हें कर्ज के बंधन में डाल दिया था। हजारों लोग भगनाडीह में जुटे, अपना शासन घोषित किया और मैदानों की ओर बढ़े; भारी लड़ाई के बाद अंग्रेजों ने 1856 तक इस विद्रोह को दबा दिया और सिद्धू तथा कान्हू मारे गए। इसके बाद सरकार ने विशेष सुरक्षा नियमों वाला अलग संथाल परगना जिला बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि खानदेश के भील विद्रोह का नेतृत्व सेवाराम और बाद में गोविंद गुरु ने किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि मेघालय की पहाड़ियों के खासी विद्रोह का नेता तिरोत सिंह था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1899 के मुंडा उलगुलान का नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया। परीक्षा टिप: हूल 1855 यानी सिद्धू-कान्हू और उलगुलान 1899 यानी बिरसा मुंडा।

Q15.भारतीय इतिहासआसान

1526 के पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने किसे हराया था?

  1. A.राणा सांगा
  2. B.इब्राहीम लोदी
  3. C.हेमू
  4. D.मेदिनी राय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इब्राहीम लोदी

व्याख्या

सही उत्तर B, इब्राहीम लोदी है। 1526 के पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने दिल्ली के लोदी वंश के अंतिम सुल्तान इब्राहीम लोदी को हराया, जो युद्धभूमि में ही मारा गया। इस विजय से दिल्ली सल्तनत समाप्त हुई और भारत में मुगल शासन की नींव पड़ी; इसका बड़ा कारण बाबर की तोपें और दोनों पार्श्वों से घेरने की तुलुगमा रणनीति थी। विकल्प A गलत है क्योंकि मेवाड़ के राणा सांगा अगले वर्ष, 1527 में खानवा के युद्ध में हारे। विकल्प C गलत है क्योंकि हेमू वह अफगान सेनापति था जिसे तीस वर्ष बाद 1556 के पानीपत के द्वितीय युद्ध में अकबर के संरक्षक बैरम खान ने हराया। विकल्प D गलत है क्योंकि मेदिनी राय 1528 में चंदेरी में पराजित हुए। इन चार नामों को उनके वर्ष और युद्ध के साथ याद कर लेना प्रश्नों के पूरे समूह का उत्तर दे देता है।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किस वंश की राजधानी दक्षिण भारत में नहीं थी?

  1. A.चोल
  2. B.चेर
  3. C.पल्लव
  4. D.पाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, पाल। पाल वंश ने पूर्वी भारत, यानी बंगाल और बिहार पर शासन किया, इसलिए इसकी राजधानी कभी दक्षिण भारत में नहीं रही। इस वंश की नींव लगभग 750 ईस्वी में गोपाल ने रखी थी, जिन्हें बंगाल के सरदारों ने लंबे समय की अराजकता खत्म करने के लिए अपना राजा चुना। उनके बाद धर्मपाल और देवपाल ने पाटलिपुत्र और मुंगेर से शासन किया और विक्रमशिला का प्रसिद्ध बौद्ध महाविहार बनवाया, जहाँ तिब्बत तक से विद्यार्थी पढ़ने आते थे। A गलत है क्योंकि चोलों की राजधानी पहले तंजावुर और बाद में गंगईकोंडचोलपुरम रही, जो तमिल क्षेत्र में हैं। B गलत है क्योंकि चेर वंश आज के केरल के मालाबार तट पर था और उसका केंद्र वंजी यानी करूर माना जाता है। C गलत है क्योंकि पल्लवों की राजधानी तमिलनाडु का कांचीपुरम थी और उन्होंने महाबलीपुरम के तट मंदिर बनवाए। परीक्षा टिप: चोल–तंजावुर, चेर–वंजी और पल्लव–कांचीपुरम दक्षिण भारत में; पाल–बंगाल तथा बिहार में।

Q17.भारतीय इतिहासमध्यम

तेलुगु ग्रंथ आमुक्तमाल्यद की रचना किस शासक ने की थी?

  1. A.अल्लसानी पेद्दन्ना
  2. B.कृष्णदेव राय
  3. C.देवराय द्वितीय
  4. D.हरिहर प्रथम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कृष्णदेव राय

व्याख्या

सही उत्तर B, कृष्णदेव राय है। आमुक्तमाल्यद तमिल संत आंडाल के जीवन पर लिखा तेलुगु काव्य है, जिसमें राजा के कर्तव्य भी बताए गए हैं, और इसकी रचना स्वयं कृष्णदेव राय ने की थी। इसी कारण उन्हें कवि-राजा कहा जाता है और आंध्रभोज की उपाधि मिली। विकल्प A गलत है क्योंकि अष्टदिग्गज कहे जाने वाले आठ दरबारी कवियों में सर्वप्रमुख अल्लसानी पेद्दन्ना ने मनुचरितम् लिखा और उन्हें आंध्र कवितापितामह कहा जाता है, पर आमुक्तमाल्यद उनकी रचना नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि संगम वंश के देवराय द्वितीय, जिन्हें गजबेटेकार कहा जाता था, लगभग एक शताब्दी पहले हुए और वे अपनी सेना में मुस्लिम तीरंदाजों की भर्ती तथा अब्दुर रज्जाक की यात्रा के लिए याद किए जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि हरिहर प्रथम 1336 में साम्राज्य के संस्थापक थे और उनकी कोई साहित्यिक रचना नहीं है। जोड़ी याद रखें: कृष्णदेव राय और आमुक्तमाल्यद, पेद्दन्ना और मनुचरितम्।

Q18.भारतीय इतिहासमध्यम

अकबर ने दीन-ए-इलाही की घोषणा किस वर्ष की?

  1. A.1564
  2. B.1571
  3. C.1575
  4. D.1582
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1582

व्याख्या

सही उत्तर D, 1582 है। अकबर ने 1582 में दीन-ए-इलाही की घोषणा की, जो विभिन्न धर्मों के विद्वानों से वर्षों की चर्चा के बाद बनी नैतिक भक्ति की एक व्यवस्था थी। विकल्प A गलत है क्योंकि 1564 वह वर्ष है जब उसने गैर-मुस्लिम प्रजा पर लगने वाला जजिया समाप्त किया, और उससे एक वर्ष पहले 1563 में तीर्थयात्रा कर हटाया था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1571 में उसने फतेहपुर सीकरी में नई राजधानी बनाना आरंभ किया। विकल्प C गलत है क्योंकि 1575 में उसने फतेहपुर सीकरी में इबादतखाना खोला, जहाँ धार्मिक चर्चाएँ होती थीं; दीन-ए-इलाही उसके सात वर्ष बाद आया और इसी बिंदु पर प्रश्न भ्रम पैदा करता है। इस पूरे प्रकरण में अकबर का मूल सिद्धांत सुलह-ए-कुल यानी सबके साथ शांति रहा, जिसे परीक्षाएँ नाम से भी पूछती हैं।

Q19.भारतीय इतिहासमध्यम

फारसी दूत अब्दुर रज्जाक ने किस शासक के शासनकाल में विजयनगर की यात्रा की थी?

  1. A.हरिहर द्वितीय
  2. B.देवराय द्वितीय
  3. C.कृष्णदेव राय
  4. D.आलिया राम राय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. देवराय द्वितीय

व्याख्या

सही उत्तर B, देवराय द्वितीय है। अब्दुर रज्जाक को हेरात के तैमूरी शासक शाहरुख ने भेजा था और वे 1443 में विजयनगर पहुँचे, जब संगम वंश के देवराय द्वितीय सिंहासन पर थे। उनके विवरण में राजधानी की सात परकोटों वाली दीवारों, बाजारों और दरबार की समृद्धि का वर्णन मिलता है और यह पंद्रहवीं शताब्दी के साम्राज्य पर बाहरी स्रोतों में प्रमुख है। विकल्प A गलत है क्योंकि हरिहर द्वितीय चौदहवीं शताब्दी के अंत में शासन कर रहे थे, अर्थात रज्जाक के दूतत्व से पहले। विकल्प C गलत है क्योंकि कृष्णदेव राय के दरबार में आने वाले यात्री पुर्तगाली डोमिंगो पेस और डुआर्ते बारबोसा थे, फारसी दूत नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि आलिया राम राय सोलहवीं शताब्दी के मध्य के हैं और उनका नाम तालीकोटा की पराजय से जुड़ा है। सामान्य जोड़ियाँ हैं: कोंटी और देवराय प्रथम, रज्जाक और देवराय द्वितीय, पेस और कृष्णदेव राय, नूनिज और अच्युत देव राय।

Q20.भारतीय इतिहासमध्यम

अकबर के काल में दहसाला अथवा जब्ती भू-राजस्व व्यवस्था किसने बनाई?

  1. A.राजा टोडरमल
  2. B.अबुल फजल
  3. C.बैरम खान
  4. D.राजा मान सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राजा टोडरमल

व्याख्या

सही उत्तर A, राजा टोडरमल है। अकबर के राजस्व मंत्री राजा टोडरमल ने 1580 में दहसाला या जब्ती बंदोबस्त पूरा किया। इसमें जोती गई भूमि की पैमाइश होती थी, उसे खेती की नियमितता के अनुसार वर्गों में बाँटा जाता था और राज्य की माँग पिछले दस वर्ष की औसत उपज तथा कीमतों से नकद रूप में तय की जाती थी; दहसाला का अर्थ भी दस वर्ष ही है। विकल्प B गलत है क्योंकि अबुल फजल दरबारी इतिहासकार था जिसने अकबरनामा और आइन-ए-अकबरी लिखी, यानी वही ग्रंथ जिसमें टोडरमल की व्यवस्था दर्ज है। विकल्प C गलत है क्योंकि बैरम खान अकबर के आरंभिक वर्षों का संरक्षक और 1556 के पानीपत के द्वितीय युद्ध का विजेता था, राजस्व अधिकारी नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि आमेर के राजा मान सिंह सेनापति थे जिन्होंने 1576 में हल्दीघाटी में शाही सेना का नेतृत्व किया। चारों ही अकबर के दरबार के व्यक्ति हैं, इसी से प्रश्न कठिन बनता है।

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