निम्नलिखित में से कौन-सा बहमनी सुल्तान अपनी क्रूरता के लिए प्रसिद्ध था और इसी कारण उसे ‘ज़ालिम’ की उपाधि मिली?
- A.हुमायूँ शाह
- B.फिरोज शाह
- C.मुजाहिद शाह
- D.अहमद शाह
सही उत्तर
A. हुमायूँ शाह
व्याख्या
सही उत्तर A, हुमायूँ शाह है। हुमायूँ शाह बहमनी ने 1458 से 1461 तक शासन किया और दक्कन के इतिहासकारों ने उसके दंडों को इतना निर्मम बताया कि उसे ज़ालिम अर्थात अत्याचारी कहा जाने लगा। उसका छोटा शासनकाल मुख्यतः इसी उपाधि के लिए और इस तथ्य के लिए याद किया जाता है कि महमूद गवाँ उसके परामर्श मंडल में थे। विकल्प B गलत है क्योंकि फिरोज शाह बहमनी, जिन्होंने 1397 से 1422 तक शासन किया, इस वंश के सबसे विद्वान सुल्तान थे, जिन्होंने दौलताबाद में वेधशाला बनवाई और देवराय प्रथम की पुत्री से विवाह किया। विकल्प C गलत है क्योंकि मुजाहिद शाह, जिन्होंने 1375 से 1378 तक शासन किया, अपने विजयनगर अभियान और अपने चाचा द्वारा की गई हत्या के लिए जाने जाते हैं, क्रूरता के लिए नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि अहमद शाह वली, जिन्होंने 1422 से 1436 तक शासन किया, राजधानी गुलबर्गा से बीदर ले जाने और अपनी संत जैसी छवि के लिए याद किए जाते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: विजयनगर और बहमनी राज्य: शासक, युद्ध और स्थापत्य
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस नेता ने बहमनी सल्तनत की स्थापना की थी?
- A.महमूद गवाँ
- B.अलाउद्दीन हसन बहमन शाह
- C.मुहम्मद शाह
- D.मुहम्मद बिन तुगलक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अलाउद्दीन हसन बहमन शाह
व्याख्या
सही उत्तर B, अलाउद्दीन हसन बहमन शाह है। 1347 ईस्वी में दौलताबाद के अमीरान-ए-सदा नामक सरदारों ने दिल्ली सुल्तान के विरुद्ध विद्रोह किया और अपने ही एक साथी हसन गंगू को दक्कन का सिंहासन सौंप दिया। उन्होंने अलाउद्दीन हसन बहमन शाह की उपाधि ली और गुलबर्गा को, जिसका नाम अहसनाबाद रखा गया, अपनी राजधानी बनाया। उन्हीं के नाम पर यह वंश बहमनी कहलाया। विकल्प A गलत है क्योंकि महमूद गवाँ फारस के व्यापारी थे जो सौ वर्ष से भी अधिक बाद दक्कन आए और मुहम्मद शाह तृतीय के वजीर बने; वे मंत्री थे, संस्थापक नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मुहम्मद शाह प्रथम हसन बहमन शाह के पुत्र और उत्तराधिकारी थे, जिन्होंने राज्य को चार तरफ में बाँटा पर उसे बनाया नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मुहम्मद बिन तुगलक वही दिल्ली सुल्तान थे जिनके विरुद्ध दक्कन के अमीरों ने विद्रोह किया; बहमनी राज्य उन्हीं के साम्राज्य से कटकर बना था।
विजयनगर साम्राज्य की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष हुई थी?
- A.1210
- B.1315
- C.1336
- D.1368
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1336
व्याख्या
सही उत्तर C, 1336 है। संगम के पुत्रों हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम ने 1336 ईस्वी में तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर उस स्थान पर विजयनगर नगर और साम्राज्य की नींव रखी जिसे आज कर्नाटक का हम्पी कहा जाता है। परंपरा इस स्थापना को शृंगेरी के संत विद्यारण्य से जोड़ती है और साम्राज्य ने विरूपाक्ष को अपना आराध्य माना। विकल्प A गलत है क्योंकि 1210 दिल्ली सल्तनत का आरंभिक वर्ष है, जब कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु हुई थी, और तब दक्षिण में ऐसा कोई साम्राज्य नहीं बना। विकल्प B गलत है क्योंकि 1315 अलाउद्दीन खिलजी के अंतिम वर्षों में आता है, जब मलिक काफूर सुदूर दक्षिण पर आक्रमण कर रहा था; उस समय दक्कन में इतना बड़ा स्वतंत्र साम्राज्य नहीं था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1368 स्थापना के बाद का वर्ष है, जब तक संगम शासक रायचूर दोआब को लेकर बहमनियों से लड़ रहे थे। विजयनगर 1336 और बहमनी 1347 की जोड़ी याद रखें।
विजयनगर साम्राज्य का स्वर्ण काल किसके शासनकाल को माना जाता है?
- A.वीर नरसिंह
- B.कृष्णदेव राय
- C.सदाशिव राय
- D.अच्युत देव राय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कृष्णदेव राय
व्याख्या
सही उत्तर B, कृष्णदेव राय है। तुलुव वंश के कृष्णदेव राय ने 1509 से 1529 तक शासन किया और उनका काल विजयनगर का स्वर्ण युग माना जाता है। इसी काल में रायचूर दोआब फिर से जीता गया, ओडिशा के गजपति शासक को झुकाया गया, अष्टदिग्गज कहे जाने वाले आठ दरबारी कवियों के कारण तेलुगु साहित्य फला-फूला तथा विट्ठलस्वामी और हजारा राम मंदिर बने। उन्होंने स्वयं तेलुगु में आमुक्तमाल्यद लिखा। विकल्प A गलत है क्योंकि उनके सौतेले भाई और पूर्ववर्ती वीर नरसिंह ने केवल 1505 से 1509 तक शासन किया और वह समय विद्रोह दबाने में बीता। विकल्प C गलत है क्योंकि सदाशिव राय परवर्ती तुलुव वंश के नाममात्र के शासक थे, जिनके नाम पर आलिया राम राय शासन चलाते थे और 1565 की तालीकोटा की पराजय इसी काल में हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि अच्युत देव राय, जिन्होंने 1529 से 1542 तक शासन किया, कृष्णदेव राय के कमजोर उत्तराधिकारी थे और उन्हीं के समय साम्राज्य ढलने लगा।
किस बहमनी शासक ने राजधानी गुलबर्गा से बीदर स्थानांतरित की थी?
- A.फिरोज शाह बहमनी
- B.अहमद शाह वली
- C.मुहम्मद शाह तृतीय
- D.अलाउद्दीन हसन बहमन शाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अहमद शाह वली
व्याख्या
सही उत्तर B, अहमद शाह वली है। 1425 ईस्वी में अहमद शाह वली ने बहमनी राजधानी गुलबर्गा से हटाकर बीदर कर दी और उसका नाम मुहम्मदाबाद रखा; राज्य के टूटने तक बीदर ही राजधानी रही। इस परिवर्तन से सत्ता का केंद्र उत्तर-पूर्व की ओर, तेलंगाना की सीमा के पास और विजयनगर की सीमा से दूर खिसक गया। विकल्प A गलत है क्योंकि उनके पूर्ववर्ती फिरोज शाह बहमनी गुलबर्गा से ही शासन करते थे और वे अपनी विद्वत्ता तथा वेधशाला के लिए जाने जाते हैं, राजधानी बदलने के लिए नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मुहम्मद शाह तृतीय ने आधी सदी बाद बीदर से शासन किया; उन्हें राजधानी विरासत में मिली थी और उनका काल महमूद गवाँ के सुधारों तथा विजयों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D गलत है क्योंकि संस्थापक अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने 1347 में गुलबर्गा को राजधानी बनाया और उसे अहसनाबाद नाम दिया। याद रखने की जोड़ी है गुलबर्गा 1347 और बीदर 1425।
तालीकोटा का युद्ध, जिसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहा जाता है, किस वर्ष लड़ा गया था?
- A.1526
- B.1556
- C.1565
- D.1576
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1565
व्याख्या
सही उत्तर C, 1565 है। 26 जनवरी 1565 को बीजापुर, अहमदनगर, गोलकुंडा और बीदर की संयुक्त सेनाओं ने आलिया राम राय के नेतृत्व वाली विजयनगर सेना को तालीकोटा में हराया; पास के दो गाँवों के नाम पर इसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहते हैं। राम राय पकड़े गए और मार डाले गए तथा राजधानी कई महीनों तक लूटी गई और फिर कभी बसाई नहीं गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1526 पानीपत का प्रथम युद्ध है, जिसमें बाबर ने इब्राहीम लोदी को हराकर मुगल शासन की नींव रखी। विकल्प B गलत है क्योंकि 1556 पानीपत का द्वितीय युद्ध है, जो बैरम खाँ के नेतृत्व में अकबर की सेना और हेमू के बीच हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि 1576 हल्दीघाटी का युद्ध है, जो अकबर की सेना और महाराणा प्रताप के बीच लड़ा गया। परीक्षक तालीकोटा को इन्हीं पानीपत तिथियों के बीच रखते हैं क्योंकि वर्ष मिलते-जुलते लगते हैं, इसलिए 1565 पक्का याद रखें।