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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 12

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 12) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: वैदिक काल, विश्व इतिहास: क्रांतियां और विश्व युद्ध, बौद्ध और जैन धर्म और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासमध्यम

चार वर्णों का पहला उल्लेख करने वाला पुरुष सूक्त ऋग्वेद के किस मंडल में है?

  1. A.तीसरा मंडल
  2. B.सातवां मंडल
  3. C.नवां मंडल
  4. D.दसवां मंडल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दसवां मंडल

व्याख्या

सही उत्तर D, दसवां मंडल है। पुरुष सूक्त में उस विराट पुरुष के यज्ञ का वर्णन है जिसके अंगों से ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र उत्पन्न बताए गए हैं, और यही चार वर्णों का पहला कथन है। दसवां मंडल ऋग्वेद के सबसे बाद के भागों में है, इसीलिए इतिहासकार मानते हैं कि वर्ण व्यवस्था पूर्व वैदिक काल के अंत में ही कठोर हुई।

विकल्प A, तीसरे मंडल में गायत्री मंत्र है जो सूर्य देवता सवितृ को समर्पित है। विकल्प B, सातवें मंडल में दाशराज्ञ युद्ध का वर्णन है। विकल्प C, नवां मंडल पूरी तरह सोम को समर्पित है। चूँकि प्रश्नपत्र इन चारों मंडलों को बारी-बारी पूछते हैं, इन्हें एक साथ याद रखना सबसे सुरक्षित है: तीन गायत्री, सात दाशराज्ञ, नौ सोम और दस पुरुष सूक्त।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 20 Sept 2018, Shift 3आसान

बोस्टन टी पार्टी की घटना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1773
  2. B.1776
  3. C.1775
  4. D.1774
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1773

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1773। बोस्टन टी पार्टी की घटना 16 दिसंबर 1773 को हुई, जब अमेरिकी उपनिवेशवासियों ने बोस्टन बंदरगाह में ब्रिटिश चाय के संदूक फेंक दिए थे। यह विरोध 1773 के चाय अधिनियम के खिलाफ था, जिसने ईस्ट इंडिया कंपनी को उपनिवेशों में सामान्य शुल्क चुकाए बिना चाय बेचने की छूट दी और स्थानीय व्यापारियों का धंधा चौपट कर दिया। सन्स ऑफ लिबर्टी के सदस्य, जिनमें कुछ मोहॉक आदिवासियों के वेश में थे, ग्रिफिन्स व्हार्फ पर खड़े तीन जहाजों पर चढ़े और चाय के 342 संदूक पानी में डाल दिए। ब्रिटेन ने जवाब में असहनीय कानून लगाए, और उनसे उपजे गुस्से ने 1774 की पहली महाद्वीपीय कांग्रेस तथा 1775 से अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम की राह बनाई। B गलत है क्योंकि 1776 में 4 जुलाई को स्वतंत्रता की घोषणा स्वीकार की गई थी। C गलत है क्योंकि 1775 में लेक्सिंगटन और कॉनकॉर्ड से लड़ाई शुरू हुई। D गलत है क्योंकि 1774 असहनीय कानूनों और पहली महाद्वीपीय कांग्रेस का वर्ष है। परीक्षा टिप: बोस्टन टी पार्टी 1773, युद्ध की शुरुआत 1775, स्वतंत्रता की घोषणा 1776।

Q3.भारतीय इतिहासआसान

निम्नलिखित में से कौन जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर थे?

  1. A.ऋषभदेव
  2. B.पार्श्वनाथ
  3. C.नेमिनाथ
  4. D.महावीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पार्श्वनाथ

व्याख्या

सही उत्तर B, पार्श्वनाथ है। वे तेईसवें तीर्थंकर थे, वाराणसी के राजा अश्वसेन के पुत्र, और उनका चिह्न सर्प है। परंपरा उन्हें महावीर से लगभग ढाई सौ वर्ष पूर्व रखती है और उन्होंने अपने अनुयायियों को चार व्रत दिए: अहिंसा, सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह।

विकल्प A, ऋषभदेव या आदिनाथ प्रथम तीर्थंकर थे, जिनका चिह्न वृषभ है और जिनका नाम ऋग्वेद में भी मिलता है। विकल्प C, नेमिनाथ बाईसवें तीर्थंकर थे, जिन्हें परंपरा कृष्ण से जोड़ती है। विकल्प D, महावीर चौबीसवें और अंतिम तीर्थंकर थे, जिन्होंने पाँचवाँ व्रत ब्रह्मचर्य जोड़ा और जिनका चिह्न सिंह है। इतिहासकार पार्श्वनाथ और महावीर इन दो तीर्थंकरों को ही ऐतिहासिक व्यक्ति मानते हैं, शेष बाईस परंपरा से जाने जाते हैं। परीक्षा प्रायः पहला, तेईसवाँ और चौबीसवाँ तीर्थंकर ही पूछती है, इसलिए इन तीनों को उनके चिह्न तथा जन्मस्थान सहित याद रखें।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

भक्ति आंदोलन के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.वल्लभाचार्य ने पुष्टिमार्ग की स्थापना की।
  2. B.निम्बार्क ने द्वैताद्वैत के सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
  3. C.माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया।
  4. D.रामानंद ने राम भक्ति परंपरा का प्रचार किया।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया।

व्याख्या

सही उत्तर है C, माध्वाचार्य वाला कथन। यही कथन गलत है, क्योंकि माध्वाचार्य रूप और गुणों वाले साकार ईश्वर विष्णु के उपासक थे, इसलिए उनका मार्ग सगुण भक्ति था, निर्गुण नहीं। कर्नाटक के उडुपी से जुड़े 13वीं शताब्दी के आचार्य माध्व ने द्वैतवाद सिखाया: ईश्वर और जीव सदा अलग हैं, और जीव को मुक्ति केवल भक्ति तथा ईश्वर की कृपा से मिलती है। उन्होंने उडुपी में कृष्ण मंदिर की स्थापना की, जो आज भी उनकी परंपरा का केंद्र है। निर्गुण भक्ति, यानी निराकार ईश्वर की उपासना, कबीर, नानक और दादू जैसे संतों से जुड़ी है। विकल्प A सही कथन है, क्योंकि वल्लभाचार्य ने 'कृपा के मार्ग' पुष्टिमार्ग की स्थापना की, जिसके केंद्र में श्रीनाथजी रूप में कृष्ण हैं। विकल्प B सही है, क्योंकि निम्बार्क ने द्वैताद्वैत का सिद्धांत दिया। विकल्प D सही है, क्योंकि रामानंद ने उत्तर भारत में राम भक्ति फैलाई और सभी जातियों के शिष्य बनाए, जिनमें कबीर और रैदास भी थे। परीक्षा टिप: शंकर अद्वैत, रामानुज विशिष्टाद्वैत, माध्व द्वैत, निम्बार्क द्वैताद्वैत, वल्लभ शुद्धाद्वैत।

Q5.भारतीय इतिहासआसान

ऋग्वेद में सर्वाधिक सूक्त किस देवता को समर्पित हैं?

  1. A.अग्नि
  2. B.इंद्र
  3. C.वरुण
  4. D.प्रजापति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इंद्र

व्याख्या

सही उत्तर B, इंद्र है। वे वर्षा और युद्ध के देवता हैं, जिन्हें पुरंदर अर्थात किलों को तोड़ने वाला कहा गया, और ऋग्वेद के सर्वाधिक सूक्त उन्हीं को समर्पित हैं, जो उस समाज के अनुरूप है जिसका जीवन वर्षा और पशुओं पर टिका था।

विकल्प A, अग्नि दूसरे स्थान पर हैं और उन्हें वह दूत माना गया जो मनुष्यों की आहुति देवताओं तक पहुँचाते हैं; ऋग्वेद का पहला सूक्त उन्हीं का है, और अभ्यर्थी अक्सर इस पहले स्थान को सर्वाधिक संख्या समझ लेते हैं। विकल्प C, वरुण ऋत अर्थात विश्व की नैतिक व्यवस्था के रक्षक हैं, महत्वपूर्ण पर कम पूजे गए। विकल्प D, प्रजापति उत्तर वैदिक देवता हैं: वे ब्राह्मण ग्रंथों में ही सर्वोच्च सृष्टिकर्ता बनते हैं, तब तक इंद्र और अग्नि अपना पुराना महत्व खो चुके थे। प्रजापति का यही उत्थान स्वयं एक प्रिय प्रश्न है।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान

पानीपत की तीसरी लड़ाई मराठा शासकों एवं _____ के बीच लड़ी गई।

  1. A.हेमू
  2. B.मोहम्मद गौरी
  3. C.अहमद शाह अब्दाली
  4. D.बाबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अहमद शाह अब्दाली

व्याख्या

सही उत्तर है C, अहमद शाह अब्दाली। 14 जनवरी 1761 को अफ़ग़ान शासक अहमद शाह अब्दाली, जिसे अहमद शाह दुर्रानी भी कहते हैं, ने आज के हरियाणा में स्थित पानीपत में मराठा सेना को बुरी तरह हराया। मराठों का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे, और पेशवा बालाजी बाजीराव के युवा पुत्र विश्वासराव इस युद्ध में मारे गए। अब्दाली को रुहेला सरदार नजीबुद्दौला और अवध के नवाब शुजाउद्दौला का साथ मिला। इस हार ने लगभग दस साल तक उत्तर भारत में मराठों का विस्तार रोक दिया और अंग्रेजों के उभरने का रास्ता आसान कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि हेमू 1556 में पानीपत की दूसरी लड़ाई में अकबर की सेना से हारा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोहम्मद गौरी ने 1191 और 1192 में तराइन के युद्ध लड़े थे, पानीपत के नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी थी। परीक्षा टिप: पानीपत I 1526 बाबर बनाम इब्राहिम लोदी; पानीपत II 1556 अकबर बनाम हेमू; पानीपत III 1761 अब्दाली बनाम मराठे।

Q7.भारतीय इतिहासमध्यम

पार्श्वनाथ के चार व्रतों में महावीर ने कौन सा व्रत जोड़ा था?

  1. A.अहिंसा
  2. B.सत्य
  3. C.अपरिग्रह
  4. D.ब्रह्मचर्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ब्रह्मचर्य

व्याख्या

सही उत्तर D, ब्रह्मचर्य है। पार्श्वनाथ ने चार संयम बताए थे और महावीर ने उनमें ब्रह्मचर्य जोड़ा, इसलिए जैन साधु का आचार पाँच महाव्रतों पर टिका है: अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य। यही जोड़ दोनों तीर्थंकरों को अलग करता है, इसलिए यह एक पंक्ति का प्रिय प्रश्न है।

विकल्प A, अहिंसा पुराने चार व्रतों में पहला था और जैन धर्म का केंद्रीय सिद्धांत है, जिसे वनस्पति और सूक्ष्म जीवों तक बढ़ाया गया। विकल्प B, सत्य और विकल्प C, अपरिग्रह भी उन्हीं चार पुराने व्रतों में सम्मिलित थे, जिनमें चौथा अस्तेय था। यह भी ध्यान रखें कि गृहस्थ इन्हीं व्रतों का हल्का रूप अणुव्रत के रूप में पालन करता है जबकि मुनि इन्हें पूर्ण रूप से निभाता है। पाँच महाव्रतों का यह क्रम और महावीर द्वारा जोड़ा गया पाँचवाँ व्रत, दोनों ही परीक्षा में बार बार पूछे जाते हैं, इसलिए सूची को क्रम से दोहराएँ।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

मध्यकालीन गुजरात के निम्नलिखित शासकों में से किसने दीव पुर्तगालियों को सौंपा?

  1. A.अहमद शाह
  2. B.महमूद बेगड़ा
  3. C.बहादुर शाह
  4. D.मुहम्मद शाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बहादुर शाह

व्याख्या

सही उत्तर है C, बहादुर शाह। गुजरात के इस सुल्तान ने मुगल बादशाह हुमायूँ के खिलाफ मदद के बदले पुर्तगालियों को दीव दिया। बसई की संधि (1534) से बहादुर शाह ने बसई पुर्तगालियों को दी, और 1535 में, जब हुमायूँ ने गुजरात पर हमला किया, उन्हें दीव में किला बनाने की अनुमति दे दी। जल्द ही संबंध बिगड़ गए और 1537 में दीव के पास एक पुर्तगाली जहाज पर बहादुर शाह मारा गया। इसके बाद पुर्तगालियों ने दमन और गोवा के साथ दीव पर दिसंबर 1961 तक कब्जा रखा, जब ऑपरेशन विजय से भारत ने इन्हें वापस लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि अहमद शाह प्रथम ने पंद्रहवीं सदी में अहमदाबाद बसाया, पुर्तगालियों के आने से बहुत पहले। विकल्प B गलत है, क्योंकि महमूद बेगड़ा पुर्तगालियों से लड़ा, चौल (1508) में मिस्र के बेड़े के साथ रहा और दीव का युद्ध (1509) हारा। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुहम्मद शाह का दीव सौंपने से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: बहादुर शाह, हुमायूँ का खतरा, 1535 में दीव का किला पुर्तगालियों को।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

ऋग्वेद में किस नदी को नदीतमा अर्थात सबसे पवित्र नदी कहा गया है?

  1. A.गंगा
  2. B.सिंधु
  3. C.सरस्वती
  4. D.यमुना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सरस्वती

व्याख्या

सही उत्तर C, सरस्वती है। ऋग्वेद उसे नदीतमा अर्थात नदियों में श्रेष्ठ कहता है और उसे नदी के साथ देवी भी मानता है। माना जाता है कि वह बाद में सूख गई, इसीलिए आगे की शताब्दियों के ग्रंथों में उसका वही महत्व नहीं रहा।

विकल्प B, सिंधु एक कठिन विकल्प है क्योंकि ऋग्वेद में सर्वाधिक बार उसी का उल्लेख हुआ है, परंतु सर्वाधिक उल्लेख और सर्वाधिक पवित्रता दो अलग बातें हैं और प्रश्नपत्र जानबूझकर दोनों को साथ रखते हैं। विकल्प A, गंगा का उल्लेख केवल एक बार दसवें मंडल में है और विकल्प D, यमुना का तीन बार; यही दुर्लभता इस बात का प्रमाण है कि पूर्व वैदिक लोग उत्तर-पश्चिम में रहते थे और पूर्व की ओर बाद में बढ़े। जोड़ा याद रखिए: सिंधु सर्वाधिक उल्लिखित, सरस्वती सर्वाधिक पूजित।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1मध्यम

1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने बल्लभगढ़ रियासत को अपने राज्य में मिला लिया था। इसके अंतिम शासक कौन थे?

  1. A.नाहर सिंह
  2. B.बलराम सिंह
  3. C.अजीत सिंह
  4. D.गोपाल सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाहर सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है A, नाहर सिंह। राजा नाहर सिंह बल्लभगढ़ के अंतिम शासक थे, जो आज के हरियाणा के फरीदाबाद ज़िले में, दिल्ली के ठीक दक्षिण में स्थित एक छोटी जाट रियासत थी। 1857 के विद्रोह में उन्होंने विद्रोहियों और मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र का साथ दिया। दिल्ली पर अंग्रेजों का दोबारा कब्ज़ा होने के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर मुकदमा चलाया गया और 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के चाँदनी चौक में फाँसी दे दी गई; इसके बाद उनकी रियासत अंग्रेजी राज में मिला ली गई। फरीदाबाद आज भी उन्हें याद करता है, क्योंकि वहाँ का क्रिकेट स्टेडियम और बल्लभगढ़ का दिल्ली मेट्रो स्टेशन उनके नाम पर हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बलराम सिंह, जिन्हें बल्लू भी कहा जाता है, 18वीं सदी में बल्लभगढ़ रियासत के संस्थापक थे, यानी 1857 से बहुत पहले। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजीत सिंह विद्रोह के समय बल्लभगढ़ के शासक नहीं थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि गोपाल सिंह भी इसके अंतिम शासक नहीं थे; 1857 में गद्दी पर नाहर सिंह थे। परीक्षा टिप: हरियाणा में 1857 के नायकों में रेवाड़ी के राव तुलाराम, बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह और झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खान शामिल हैं।

Q11.भारतीय इतिहासमध्यम

अभिधम्म पिटक का संकलन किस बौद्ध संगीति में हुआ था?

  1. A.राजगृह की प्रथम संगीति
  2. B.वैशाली की द्वितीय संगीति
  3. C.पाटलिपुत्र की तृतीय संगीति
  4. D.कश्मीर की चतुर्थ संगीति
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पाटलिपुत्र की तृतीय संगीति

व्याख्या

सही उत्तर C, पाटलिपुत्र की तृतीय संगीति है। अशोक के शासनकाल में मोग्गलिपुत्त तिस्स की अध्यक्षता में हुई इस संगीति ने संघ से भेदकारी तत्वों को अलग किया, दर्शन से संबंधित तीसरी पिटक अभिधम्म पिटक को ग्रंथ में जोड़ा और श्रीलंका सहित अन्य देशों में धर्म प्रचारक भेजने का निर्णय लिया।

विकल्प A, राजगृह की प्रथम संगीति में केवल विनय और सुत्त पिटक निश्चित हुए, जिन्हें क्रमशः उपालि और आनंद ने सुनाया। विकल्प B, वैशाली की द्वितीय संगीति संघ के नियमों में ढील को लेकर बुलाई गई और उसी से पहला बड़ा विभाजन हुआ। विकल्प D, कनिष्क के समय कश्मीर की चतुर्थ संगीति में नई पिटक नहीं, संस्कृत टीकाएँ तैयार हुईं। अर्थात तीन पिटक पहली और तीसरी संगीति से तथा दोनों विभाजन दूसरी और चौथी से जुड़े हैं।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुआ था?

  1. A.लाहौर
  2. B.बंबई
  3. C.कलकत्ता
  4. D.इलाहाबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बंबई

व्याख्या

सही उत्तर है B, बंबई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन 28 से 31 दिसंबर 1885 तक बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था। इसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की, देशभर से 72 प्रतिनिधि आए, और सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम ने इसके आयोजन में मुख्य भूमिका निभाई। यह अधिवेशन पहले पूना में होना था, पर वहाँ हैज़ा फैलने के कारण इसे बंबई ले जाया गया। पेपर सेटर अगले कुछ अधिवेशनों के बारे में भी पूछते हैं, इसलिए हर स्थान को उसके अध्यक्ष के साथ याद करें। A गलत है क्योंकि लाहौर में 1929 का प्रसिद्ध अधिवेशन जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ। C गलत है क्योंकि कलकत्ता में 1886 का दूसरा अधिवेशन दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में हुआ। D गलत है क्योंकि इलाहाबाद में 1888 का चौथा अधिवेशन जॉर्ज यूल की अध्यक्षता में हुआ, जो कांग्रेस के पहले ब्रिटिश अध्यक्ष थे। परीक्षा टिप: 1885 बंबई, डब्ल्यू.सी. बनर्जी, 72 प्रतिनिधि; 1886 कलकत्ता, दादाभाई नौरोजी; 1929 लाहौर, पूर्ण स्वराज।

Q13.भारतीय इतिहासकठिन

सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ किस ग्रंथ में कहा गया है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.अथर्ववेद
  4. D.शतपथ ब्राह्मण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अथर्ववेद

व्याख्या

सही उत्तर C, अथर्ववेद है, जिसमें सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ कहा गया है। यह वाक्य परीक्षाओं में इसलिए बार-बार पूछा जाता है कि इससे दोनों संस्थाओं के नाम और उनका उल्लेख करने वाला ग्रंथ, दोनों एक साथ याद हो जाते हैं।

विकल्प A, ऋग्वेद में सभा, समिति और उससे भी प्राचीन विदथ का उल्लेख तो है, परंतु यह वर्णन नहीं। विकल्प B, सामवेद स्वरबद्ध मंत्रों का ग्रंथ है और राजनीतिक संस्थाओं पर कुछ नहीं कहता। विकल्प D, शतपथ ब्राह्मण सबसे बड़ा ब्राह्मण ग्रंथ है, यजुर्वेद से जुड़ा है और मुख्यतः कर्मकांड तथा जलप्लावन जैसी कथाओं से संबंधित है; वह उत्तर वैदिक काल का है जब ये संस्थाएँ अपना बल खो रही थीं। अंतर स्पष्ट रखिए: सभा वृद्धों की छोटी परिषद थी और समिति पूरे जन की बड़ी सभा।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025कठिन

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसने प्रशासन के विषयों को दो श्रेणियों, केंद्रीय और प्रांतीय, में बाँटा।

2. केंद्रीय विषयों को 'आरक्षित' और 'हस्तांतरित' विषयों में बाँटा गया।

3. प्रांतीय सरकारों को अपना बजट बनाने और कर लगाने की शक्ति दी गई।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। अधिनियम ने विषयों को केंद्र और प्रांतों में बाँटा, पर आरक्षित और हस्तांतरित का बँटवारा केवल प्रांतीय विषयों पर लागू था। भारत सरकार अधिनियम, 1919 ने मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों को कानून का रूप दिया। हस्तांतरण नियमों के ज़रिए इसने केंद्रीय और प्रांतीय विषय अलग किए और पहली बार प्रांतीय बजट को केंद्रीय बजट से अलग किया, जिससे प्रांतों को अपने राजस्व स्रोत और अपना बजट पारित करने का अधिकार मिला। प्रांतों में द्वैध शासन लागू हुआ: शिक्षा और स्थानीय स्वशासन जैसे हस्तांतरित विषय विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी मंत्रियों को मिले, जबकि पुलिस और भू-राजस्व जैसे आरक्षित विषय गवर्नर और उसकी कार्यकारी परिषद के पास रहे। कथन 2 गलत है, क्योंकि केंद्रीय विषयों का ऐसा बँटवारा कभी नहीं हुआ; केंद्र में द्वैध शासन 1935 के अधिनियम में प्रस्तावित हुआ और वह भी लागू नहीं हो पाया। इसलिए विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि तीनों में कथन 2 है। परीक्षा टिप: 1919 अधिनियम, प्रांतों में द्वैध शासन; 1935 अधिनियम, केंद्र में द्वैध शासन का प्रस्ताव।

Q15.भारतीय इतिहासकठिन

महावीर को कैवल्य अर्थात पूर्ण ज्ञान किस नदी के तट पर प्राप्त हुआ था?

  1. A.निरंजना
  2. B.ऋजुपालिका
  3. C.परुष्णी
  4. D.गंडक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ऋजुपालिका

व्याख्या

सही उत्तर B, ऋजुपालिका है। बारह वर्ष की कठोर तपस्या के बाद बयालीस वर्ष की आयु में जृंभिकग्राम में ऋजुपालिका नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे महावीर को कैवल्य प्राप्त हुआ, और उसी क्षण से वे जिन तथा केवलिन कहलाए।

विकल्प A, निरंजना यानी आधुनिक फल्गु बोधगया की वह नदी है जहाँ बुद्ध को पीपल वृक्ष के नीचे ज्ञान मिला, और यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा भ्रम है। विकल्प C, परुष्णी यानी आधुनिक रावी वैदिक युग की नदी है, जिसके तट पर दाशराज्ञ युद्ध हुआ था। विकल्प D, गंडक वैशाली के पास बहती है और महावीर के जन्मस्थान कुंडग्राम से जुड़ी है, पर कैवल्य की घटना से इसका संबंध नहीं है। इस जोड़ी को दो पंक्तियों में याद रखें: बुद्ध, पीपल, निरंजना, बोधगया और महावीर, साल, ऋजुपालिका, जृंभिकग्राम।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019आसान

मुस्लिम लीग एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए “सी.आर. फॉर्मूला” किसने बनाया था?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू
  2. B.राजगोपालाचारी
  3. C.चित्तरंजन दास
  4. D.वी. पी. मेनन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजगोपालाचारी

व्याख्या

सही उत्तर है B, राजगोपालाचारी। सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) ने 1944 में पाकिस्तान के सवाल पर कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच बने गतिरोध को तोड़ने के लिए यह फॉर्मूला दिया था। इसके अनुसार लीग स्वतंत्रता की माँग का समर्थन करेगी और अंतरिम सरकार बनाने में कांग्रेस का साथ देगी। युद्ध के बाद एक आयोग उत्तर-पश्चिम और पूर्व के मुस्लिम-बहुल ज़िलों की सीमा तय करेगा और वहाँ के सभी वयस्कों का जनमत संग्रह तय करेगा कि वे अलग होंगे या नहीं। सितंबर 1944 में बंबई में हुई गांधी-जिन्ना वार्ता इसी फॉर्मूले पर हुई, पर जिन्ना ने इसे ठुकरा दिया, क्योंकि वे पूरा पंजाब और बंगाल तथा केवल मुसलमानों का मतदान चाहते थे। विकल्प A गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू ने यह योजना नहीं बनाई थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि चित्तरंजन दास ने 1923 में स्वराज पार्टी बनाई थी और 1925 में ही उनका निधन हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि वी. पी. मेनन ने जून 1947 की विभाजन योजना का मसौदा बनाया और बाद में रियासतों के विलय में मदद की। परीक्षा टिप: सी.आर. फॉर्मूला 1944, गांधी-जिन्ना वार्ता सितंबर 1944, वेवेल योजना 1945।

Q17.भारतीय इतिहासआसान

पूर्व वैदिक लोगों की मुख्य फसल कौन सी थी?

  1. A.चावल
  2. B.जौ
  3. C.गेहूँ
  4. D.कपास
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जौ

व्याख्या

सही उत्तर B, जौ है, जिसे ग्रंथों में यव कहा गया है। पूर्व वैदिक लोग मुख्यतः पशुपालक थे और खेती कम करते थे, और उनके सूक्तों में बार-बार जिस अन्न का नाम आता है वह जौ ही है, जो भोजन और आहुति दोनों में प्रयुक्त होता था।

विकल्प A, चावल अर्थात व्रीहि और विकल्प C, गेहूँ अर्थात गोधूम उत्तर वैदिक काल के हैं, जब लोग पूर्व की ओर उपजाऊ गंगा-यमुना दोआब में बढ़ चुके थे और लोहे के औजारों से स्थायी खेती करने लगे थे। विकल्प D, कपास हड़प्पा काल में उगाई जाती थी और यूनानियों ने भी भारतीय कपास की चर्चा की, परंतु वैदिक कृषि से उसका संबंध नहीं जोड़ा जाता। परीक्षक यहाँ दोनों कालों का अंतर जांचते हैं: पहले पशु और जौ, बाद में लोहा और चावल, और धन पहले पशुओं में फिर भूमि में।

Q18.भारतीय इतिहासआसान

बोधगया में गौतम बुद्ध की संबोधि किस वृक्ष के नीचे हुई थी?

  1. A.पीपल
  2. B.साल
  3. C.बरगद
  4. D.अशोक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पीपल

व्याख्या

सही उत्तर A, पीपल है। बुद्ध को बोधगया में पीपल वृक्ष के नीचे बैठकर ज्ञान प्राप्त हुआ, इसी कारण उस वृक्ष को बोधिवृक्ष कहा जाता है। आरंभिक बौद्ध कला में, जहाँ बुद्ध को मानव रूप में नहीं दिखाया जाता था, यही वृक्ष संबोधि का प्रतीक बना।

विकल्प B, साल वृक्ष इन कथाओं में दो बार आता है पर यहाँ नहीं: लुंबिनी में साल वृक्षों के उपवन में बुद्ध का जन्म हुआ और कुशीनगर में दो साल वृक्षों के बीच उनका निधन हुआ, तथा महावीर को साल वृक्ष के नीचे कैवल्य मिला। विकल्प C, बरगद परंपरा में संबोधि के बाद बोधगया के पास बिताए सप्ताहों से जुड़ा है, स्वयं घटना से नहीं। विकल्प D, अशोक वृक्ष जन्म संबंधी जैन और बौद्ध कथाओं का अंग है। एक वृक्ष को एक घटना से बाँध लें तो पूरा समूह सरल हो जाता है।

Q19.भारतीय इतिहासमध्यम

ऋग्वेद का नवां मंडल पूर्ण रूप से किस देवता को समर्पित है?

  1. A.सोम
  2. B.रुद्र
  3. C.विष्णु
  4. D.उषा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सोम

व्याख्या

सही उत्तर A, सोम है। पूरा नवां मंडल सोम के सूक्तों का है, जो एक साथ एक पौधा, उससे निकाला गया रस और उस रस का देवता है, और इससे पता चलता है कि सोम की आहुति वैदिक यज्ञ का कितना केंद्रीय अंग थी।

विकल्प B, रुद्र ऋग्वेद में एक गौण और भयप्रद देवता हैं जिनका महत्व उत्तर वैदिक काल में बढ़ता है और जो आगे शिव से जुड़ जाते हैं। विकल्प C, विष्णु ऋग्वेद में तीन पगों वाले देवता के रूप में आते हैं, परंतु वे भी गौण हैं और बाद में ऊपर उठते हैं। विकल्प D, उषा प्रभात की देवी हैं जिनकी स्तुति में ऋग्वेद की कुछ सुंदरतम कविताएँ हैं, पर उनका अपना कोई मंडल नहीं। मंडलों की संख्याएँ एक पंक्ति में याद रखिए, क्योंकि प्रश्न बारी-बारी आते हैं: तीसरे में गायत्री मंत्र, सातवें में दाशराज्ञ युद्ध, नवें में सोम और दसवें में पुरुष सूक्त।

Q20.भारतीय इतिहासमध्यम

यह जैन सिद्धांत कि सत्य को अनेक दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है, किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.अनेकांतवाद
  2. B.शून्यवाद
  3. C.विज्ञानवाद
  4. D.क्षणिकवाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनेकांतवाद

व्याख्या

सही उत्तर A, अनेकांतवाद है। यह जैन मत है कि प्रत्येक वस्तु के अनंत पक्ष होते हैं और कोई एक कथन पूरे सत्य को नहीं पकड़ सकता। इसे कहने की पद्धति स्याद्वाद है, जिसमें हर कथन के आगे स्यात यानी किसी अपेक्षा से शब्द लगता है, और अंधों तथा हाथी की कथा इसका प्रचलित उदाहरण है।

विकल्प B, शून्यवाद नागार्जुन द्वारा स्थापित महायान की माध्यमिक शाखा का सिद्धांत है। विकल्प C, विज्ञानवाद यह मत है कि केवल चेतना सत्य है, और यह असंग तथा वसुबंधु की योगाचार शाखा से जुड़ा है। विकल्प D, क्षणिकवाद भी बौद्ध सिद्धांत है, जो अनित्यता से निकलता है और कहता है कि हर वस्तु क्षणभंगुर है। परीक्षा में हर वाद किसी एक धर्म का होता है, इसलिए इन्हें कभी आपस में न मिलाएँ।

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