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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 45

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 45) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बीमा और पेंशन क्षेत्र: आईआरडीएआई और पीएफआरडीए, भारत के मुक्त व्यापार समझौते, मुद्रा बाज़ार और वित्तीय साधन और अन्य। इनमें से 3 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

2000 में सामान्य बीमा की अनुषंगी कंपनियां अलग होने के बाद कौन निकाय भारत का राष्ट्रीय पुनर्बीमाकर्ता बना?

  1. A.भारतीय जीवन बीमा निगम
  2. B.भारतीय सामान्य बीमा निगम
  3. C.न्यू इंडिया एश्योरेंस
  4. D.निर्यात ऋण गारंटी निगम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय सामान्य बीमा निगम

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय सामान्य बीमा निगम है। वह 1972 के सामान्य बीमा कारोबार राष्ट्रीयकरण अधिनियम के अंतर्गत चार अनुषंगी कंपनियों वाली धारक कंपनी के रूप में बना था, अर्थात नेशनल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस। जब क्षेत्र निजी बीमाकर्ताओं के लिए खुला, तब 2000 में चारों अनुषंगियां अलग कर दी गईं और निगम को राष्ट्रीय पुनर्बीमाकर्ता के रूप में पुनर्गठित किया गया, इसलिए अब वह जनता का नहीं, बीमाकर्ताओं का बीमा करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय जीवन बीमा निगम 1956 में बना जीवन बीमाकर्ता है और उसके पास पुनर्बीमा का कार्यादेश नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि न्यू इंडिया एश्योरेंस उन चार अलग की गई अनुषंगियों में से एक है और साधारण सामान्य बीमा करती है। विकल्प D गलत है क्योंकि निर्यात ऋण गारंटी निगम निर्यातकों को भुगतान जोखिम से कवर देता है और राष्ट्रीय पुनर्बीमाकर्ता नहीं है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ का सदस्य नहीं है?

  1. A.नॉर्वे
  2. B.स्विट्जरलैंड
  3. C.डेनमार्क
  4. D.आइसलैंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डेनमार्क

व्याख्या

सही उत्तर C, डेनमार्क है। यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के आज ठीक चार सदस्य हैं: आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड। डेनमार्क 1960 में ईएफटीए की स्थापना करने वाले सात देशों में था, परंतु वह यूरोपीय समुदायों में शामिल होने के लिए बाहर निकल गया और आज यूरोपीय संघ का सदस्य है, ईएफटीए का नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि नॉर्वे ईएफटीए का सदस्य है और उसने यूरोपीय संघ से बाहर रहना चुना है। विकल्प B गलत है क्योंकि स्विट्जरलैंड ईएफटीए का सदस्य है और इन चारों में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इसी कारण सोने को टीईपीए की शुल्क कटौती से बाहर रखा गया। विकल्प D गलत है क्योंकि आइसलैंड ईएफटीए का सदस्य है; चौथा सदस्य लिकटेंस्टाइन इनमें सबसे छोटा है। ईएफटीए की स्थापना 1960 में स्टॉकहोम अभिसमय द्वारा सात देशों ने की थी, और समय के साथ अधिकांश संस्थापक सदस्य यूरोपीय समुदायों में चले गए, जिससे केवल यही चार शेष रह गए।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत में ट्रेजरी बिल जारी किए जाते हैं

  1. A.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा
  2. B.भारत सरकार की ओर से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा
  3. C.भारतीय स्टेट बैंक द्वारा
  4. D.कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत सरकार की ओर से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर B है। ट्रेजरी बिल सरकार के अल्पकालिक ऋण का साधन है, और सरकार का बैंकर तथा ऋण प्रबंधक होने के नाते भारतीय रिज़र्व बैंक उसे सरकार की ओर से नीलामी द्वारा जारी करता है। A गलत है क्योंकि सेबी प्रतिभूति बाज़ार का नियमन करता है और अंश तथा ऋणपत्र के निवेशकों की रक्षा करता है; वह कोई सरकारी पत्र जारी नहीं करता। C गलत है क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक अन्य बैंकों और प्राथमिक व्यापारियों की तरह केवल नीलामी का सहभागी है और अपने विनिधान के लिए ट्रेजरी बिल खरीदता है। D गलत है क्योंकि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय कंपनी विधि का प्रशासन करता है और सरकारी ऋण से उसका कोई संबंध नहीं। साथ में यह भी याद रखें कि ट्रेजरी बिल पर कूपन नहीं होता: वह बट्टे पर बेचा और अंकित मूल्य पर शोधित होता है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) मॉडल में निजी संचालक को वास्तव में क्या सौंपा जाता है?

  1. A.निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
  2. B.पहले से टोल वसूल रहा चालू राष्ट्रीय राजमार्ग खंड
  3. C.लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने के लिए भूमि
  4. D.राज्य सरकार के स्वामित्व वाली रेल लाइन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पहले से टोल वसूल रहा चालू राष्ट्रीय राजमार्ग खंड

व्याख्या

सही उत्तर B, पहले से टोल वसूल रहा चालू राष्ट्रीय राजमार्ग खंड है। टीओटी में प्राधिकरण उन पूर्ण राजमार्ग खंडों को गुच्छों में जोड़ता है जिनका यातायात रिकॉर्ड सिद्ध है, और एक अग्रिम भुगतान के बदले लंबी रियायत अवधि, आमतौर पर तीस वर्ष, के लिए टोल वसूली का अधिकार नीलाम करता है। इस तरह मिला धन नई सड़कें बनाने में लगता है, इसलिए टीओटी निर्माण मॉडल नहीं, मुद्रीकरण का साधन है, और अवधि के अंत में संपत्ति प्राधिकरण को लौट आती है। A बीओटी या एचएएम जैसी ग्रीनफील्ड रियायत का वर्णन है, जहां सड़क बननी बाकी है और यातायात केवल अनुमान है। C भूमि पट्टा है, टोल रियायत नहीं। D योजना के बाहर है, जो केंद्रीय प्राधिकरण के राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करती है। इसलिए टीओटी को मुद्रीकरण के खंड में रखकर याद करें, निर्माण मॉडलों के साथ नहीं।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत राशन कार्ड के प्रयोजन से परिवार का मुखिया किसे माना जाता है?

  1. A.परिवार का सबसे बड़ा पुरुष सदस्य
  2. B.परिवार की अठारह वर्ष या अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला
  3. C.सबसे अधिक आय वाला सदस्य
  4. D.ग्राम पंचायत द्वारा नामित कोई वयस्क सदस्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. परिवार की अठारह वर्ष या अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला

व्याख्या

सही उत्तर B, परिवार की अठारह वर्ष या अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला है। अधिनियम कहता है कि राशन कार्ड परिवार की उस सबसे बड़ी महिला के नाम जारी किया जाएगा जो अठारह वर्ष या अधिक की हो, जिससे हकदारी महिला के हाथ में रहे; ऐसी महिला न हो तो सबसे बड़ा पुरुष सदस्य तब तक कार्ड रखता है जब तक कोई महिला सदस्य अठारह वर्ष की हो जाए। A गलत है क्योंकि सबसे बड़ा पुरुष केवल विकल्प है, नियम नहीं। C गलत है क्योंकि आय यह तय करती है कि परिवार दायरे में आएगा या नहीं, यह नहीं कि कार्ड किसके नाम होगा। D गलत है क्योंकि ग्राम पंचायत की भूमिका पहचान, सामाजिक अंकेक्षण और निगरानी में है, इस प्रयोजन से मुखिया नामित करने की शक्ति उसके पास नहीं। यह भी ध्यान रखें कि यह प्रावधान महिला को हकदारी का स्वामी बनाने के उद्देश्य से रखा गया था।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

विस्तार और मुकदमेबाजी के समय सहित कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया कितने दिन में पूरी होनी चाहिए?

  1. A.180 दिन
  2. B.270 दिन
  3. C.330 दिन
  4. D.365 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 330 दिन

व्याख्या

सही उत्तर C, 330 दिन है। संहिता की धारा 12 समाधान प्रक्रिया को आवेदन स्वीकार होने की तिथि से 180 दिन देती है, निर्णायक प्राधिकारी को समाधान समिति के प्रस्ताव पर उसे एक बार 90 दिन तक बढ़ाने की अनुमति देती है, और 2019 के संशोधन ने 330 दिन की बाहरी सीमा जोड़ी, जिसमें मुकदमेबाजी तथा विस्तार में लगा समय भी शामिल है। विकल्प A गलत है क्योंकि 180 दिन केवल पहली अवधि है, किसी विस्तार से पहले की। विकल्प B गलत है क्योंकि 270 दिन, अर्थात 180 और 90, 2019 के संशोधन से पहले की सीमा थी, और प्रश्नपत्र उसे पुराने नोट्स पढ़ने वाले परीक्षार्थियों के लिए जाल बनाए रखते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि संहिता बाहरी सीमा 330 दिन गिनती है, एक वर्ष नहीं। सीमा के भीतर कोई योजना स्वीकृत न हो तो कंपनी परिसमापन में जाती है।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

निम्नलिखित में से कौन सी सबसे पुरानी अधिमान्य व्यापार व्यवस्था है जिसका भारत पक्षकार है?

  1. A.एशिया-प्रशांत व्यापार समझौता, पहले बैंकॉक समझौता
  2. B.दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र
  3. C.भारत-श्रीलंका मुक्त व्यापार समझौता
  4. D.भारत-सिंगापुर व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एशिया-प्रशांत व्यापार समझौता, पहले बैंकॉक समझौता

व्याख्या

सही उत्तर A, एशिया-प्रशांत व्यापार समझौता, पहले बैंकॉक समझौता है। यह 1975 में संयुक्त राष्ट्र के एशिया और प्रशांत के लिए आर्थिक एवं सामाजिक आयोग के तत्वावधान में संपन्न हुआ, 2005 में इसका नाम एशिया-प्रशांत व्यापार समझौता रखा गया, और इसके सदस्य भारत, बांग्लादेश, चीन, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, लाओस और मंगोलिया हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि साफ्टा पर हस्ताक्षर 2004 में हुए और वह 2006 में प्रभावी हुआ। विकल्प C गलत है क्योंकि भारत-श्रीलंका मुक्त व्यापार समझौता 1998 में हस्ताक्षरित हुआ और 2000 में क्रियान्वित हुआ, अर्थात बैंकॉक समझौते के दो दशक से अधिक बाद। विकल्प D गलत है क्योंकि सिंगापुर के साथ समझौता 2005 का है। एपीटीए की एक विशेषता यह भी है कि यह एकमात्र ऐसी व्यवस्था है जो भारत और चीन को जोड़ती है।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में आरटीजीएस से भेजी जा सकने वाली न्यूनतम राशि कितनी है?

  1. A.एक लाख रुपये
  2. B.दो लाख रुपये
  3. C.पाँच लाख रुपये
  4. D.कोई न्यूनतम सीमा नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दो लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर B, दो लाख रुपये है। वास्तविक समय सकल निपटान बड़ी राशि के अंतरण के लिए बनाया गया है, जिसमें प्रत्येक लेनदेन रिज़र्व बैंक की पुस्तकों में अलग और तत्काल निपटाया जाता है, और ग्राहक लेनदेन की न्यूनतम राशि दो लाख रुपये है, जबकि ऊपरी सीमा नहीं है। विकल्प A गलत है क्योंकि एक लाख वह संख्या है जो अभ्यर्थी सबसे अधिक भूलवश याद रखते हैं और वह आरटीजीएस के किसी वर्तमान नियम में नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि पाँच लाख इस प्रणाली की कोई सीमा नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि न्यूनतम सीमा एनईएफटी में नहीं है, आरटीजीएस में है; एनईएफटी समूहों में निपटता है और किसी भी राशि के साधारण भुगतान के लिए प्रयुक्त होता है। तीसरी प्रणाली आईएमपीएस है।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में ट्रेजरी बिल वर्तमान में निम्नलिखित में से किन अवधियों के लिए जारी किए जाते हैं?

  1. A.14, 91 और 182 दिन
  2. B.91, 182 और 364 दिन
  3. C.30, 60 और 90 दिन
  4. D.182, 364 और 730 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 91, 182 और 364 दिन

व्याख्या

सही उत्तर B, 91, 182 और 364 दिन है। रिज़र्व बैंक इन तीन अवधियों के ट्रेजरी बिल नीलाम करता है, जिनमें 91 दिन का बिल सर्वाधिक बार नीलाम होता है। A गलत है क्योंकि 14 दिन का ट्रेजरी बिल बंद कर दिया गया है और वह नियमित नीलामी कैलेंडर का भाग नहीं है; वह केवल पुरानी अध्ययन सामग्री में मिलता है। C गलत है क्योंकि 30, 60 और 90 दिन व्यापारिक बिलों तथा कुछ जमा प्रमाणपत्रों की सामान्य अवधियाँ हैं, ट्रेजरी बिल की नहीं। D गलत है क्योंकि 730 दिन का साधन दो वर्ष चलता है और इसलिए वह पूंजी बाज़ार की दिनांकित सरकारी प्रतिभूति है, जो मुद्रा बाज़ार की एक वर्ष की सीमा से बाहर है। 91 दिन से कम अवधि के लिए सरकार नकदी प्रबंध बिल का प्रयोग करती है, जो 2010 में आरंभ हुए।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम किस वर्ष बनाया गया?

  1. A.2005
  2. B.2009
  3. C.2013
  4. D.2016
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2013

व्याख्या

सही उत्तर C, 2013 है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, जिसे प्रायः भोजन का अधिकार अधिनियम कहा जाता है, संसद ने 2013 में पारित किया और इसने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सस्ते अनाज को योजना का लाभ नहीं, कानूनी हकदारी बना दिया, जो जिला शिकायत निवारण अधिकारी तथा राज्य खाद्य आयोग के माध्यम से लागू कराई जा सकती है। A, 2005, गलत है, हालांकि उस वर्ष दो और ऐतिहासिक कानून आए, सूचना का अधिकार अधिनियम और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, इसी कारण यह विकल्प आकर्षक लगता है। B, 2009, गलत है क्योंकि वह वर्ष निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम का है। D, 2016, गलत है; उस वर्ष का कोई केंद्रीय खाद्य सुरक्षा कानून नहीं है, उस वर्ष दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता आई। यह भी ध्यान रखें कि अधिनियम जुलाई 2013 से प्रभावी किया गया, इसीलिए कुछ पुस्तकें वर्ष के साथ वही माह देती हैं।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में चावल, गेहूं और मोटे अनाज के लिए तय निर्गम मूल्य, रुपये प्रति किलोग्राम में, क्रमशः क्या थे?

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.2, 3 और 1
  3. C.3, 2 और 1
  4. D.5, 3 और 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 3, 2 और 1

व्याख्या

सही उत्तर C, 3, 2 और 1 है। अधिनियम ने निर्गम मूल्य चावल के लिए तीन रुपये प्रति किलोग्राम, गेहूं के लिए दो रुपये और मोटे अनाज के लिए एक रुपया तय किया, और यह व्यवस्था की कि ये मूल्य प्रारंभ की तिथि से तीन वर्ष तक रहेंगे, जिसके बाद केंद्र सरकार इन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य तक बढ़ा सकती है। A और B गलत हैं क्योंकि वे इन्हीं तीन अंकों का क्रम बदल देते हैं, और परीक्षाओं में विकल्प ठीक इसी तरह बनाया जाता है; अवरोही क्रम याद रखें, चावल सबसे महंगा और मोटा अनाज सबसे सस्ता। D गलत है क्योंकि वे वैधानिक आंकड़े ही नहीं हैं। 2023 के आरंभ से अधिनियम का अनाज व्यवहार में निःशुल्क दिया जा रहा है, पर अधिनियम में लिखे मूल्य तीन, दो और एक ही हैं।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 28 Sept 2022, Shift 3मध्यम

अप्रैल 2022 तक, रेल अवसंरचना परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और अनुरक्षण में स्वचालित मार्ग से रेलवे में कितने प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है?

  1. A.49%
  2. B.74%
  3. C.100%
  4. D.80%
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 100%

व्याख्या

सही उत्तर है C, 100%। भारत में रेल अवसंरचना परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और अनुरक्षण में स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है।

यह छूट 2014 में दी गई थी और इसमें सार्वजनिक निजी भागीदारी से बनने वाले उपनगरीय कॉरिडोर, हाई स्पीड रेल परियोजनाएँ, समर्पित माल ढुलाई लाइनें, रेल डिब्बे बनाने के कारखाने, रेलवे विद्युतीकरण, सिग्नल प्रणाली, माल टर्मिनल और यात्री टर्मिनल शामिल हैं। स्वचालित मार्ग का अर्थ है कि निवेशक को सरकार या भारतीय रिज़र्व बैंक से पहले अनुमति नहीं लेनी पड़ती, वह निवेश आने के बाद केवल आवश्यक सूचना देता है। रेलगाड़ियों का संचालन भारतीय रेल के पास ही रहता है, इसलिए निवेश परिसंपत्तियाँ बनाने और उनके रखरखाव में लगता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि रेल अवसंरचना पर 49 प्रतिशत की कोई सीमा नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि 74 प्रतिशत की सीमा कुछ अन्य क्षेत्रों में लगती है, यहाँ नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 80 प्रतिशत भारत की एफडीआई नीति में कहीं सीमा नहीं है।

परीक्षा टिप: रेल अवसंरचना में 100 प्रतिशत एफडीआई स्वचालित मार्ग से, पर रेल संचालन भारतीय रेल के पास।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

बैंकों के बीच एक दिन की अवधि के लिए दिया और लिया गया उधार कहलाता है

  1. A.अवधि मुद्रा
  2. B.सूचना मुद्रा
  3. C.मांग मुद्रा
  4. D.सेतु वित्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मांग मुद्रा

व्याख्या

सही उत्तर C, मांग मुद्रा है। मांग मुद्रा बैंकों और प्राथमिक व्यापारियों के बीच एक रात का अप्रतिभूत उधार है, जिससे बैंक दिन के अंत में अपनी नकद आरक्षित स्थिति संतुलित करता है; इस पर का ब्याज मांग मुद्रा दर है, जो तंत्र की सर्वाधिक संवेदनशील ब्याज दर मानी जाती है। A गलत है क्योंकि अवधि मुद्रा 15 दिन से एक वर्ष की अंतर-बैंक जमा है। B गलत है क्योंकि सूचना मुद्रा 2 से 14 दिन के लिए होती है और उसकी वापसी अल्प सूचना देने पर होती है, और मांग तथा सूचना मुद्रा का यही भेद परीक्षक जाँचते हैं। D गलत है क्योंकि सेतु वित्त किसी कंपनी या परियोजना को दीर्घकालिक ऋण अथवा प्रतिभूति निर्गम पूरा होने तक दिया जाने वाला अल्पकालिक ऋण है, और वह अंतर-बैंक मुद्रा बाज़ार साधन नहीं है।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 13 Sept, 2024, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा सार्वजनिक क्षेत्र का उद्योग है?

  1. A.बीएचईएल
  2. B.रिलायंस
  3. C.टाटा
  4. D.अदानी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बीएचईएल

व्याख्या

सही उत्तर है A, बीएचईएल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, अर्थात उसके अधिकांश शेयर सरकार के पास हैं और प्रबंधन पर सरकार का नियंत्रण है। वर्ष 1964 में स्थापित और नई दिल्ली में मुख्यालय वाली यह कंपनी देश में बिजलीघरों के उपकरण, जैसे बॉयलर, टर्बाइन और जनरेटर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है, और इसे महारत्न का दर्जा प्राप्त है, जो किसी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम को मिलने वाला सर्वोच्च दर्जा है। सार्वजनिक उपक्रम केवल लाभ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए काम करते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज अंबानी परिवार द्वारा प्रवर्तित निजी कंपनी है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जमशेदजी टाटा द्वारा स्थापित टाटा समूह निजी स्वामित्व वाला समूह है, चाहे उसकी कई कंपनियाँ देश के लिए महत्वपूर्ण हों। विकल्प D गलत है, क्योंकि अदानी समूह भी निजी व्यावसायिक घराना है। परीक्षा टिप: सार्वजनिक उपक्रम सरकारी होते हैं, और बीएचईएल, सेल, ओएनजीसी, गेल, एनटीपीसी तथा आईओसी महारत्न कंपनियाँ हैं।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

निर्धनतम परिवारों के लिए बनी अंत्योदय अन्न योजना किस वर्ष आरंभ हुई?

  1. A.1992
  2. B.1997
  3. C.2000
  4. D.2013
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2000

व्याख्या

सही उत्तर C, 2000 है। अंत्योदय अन्न योजना दिसंबर 2000 में एक करोड़ निर्धनतम परिवारों के लिए आरंभ हुई, जिन्हें सबसे कम निर्गम मूल्य पर खाद्यान्न दिया गया; कोटा पहले प्रति परिवार प्रति माह पच्चीस किलोग्राम था और 2002 में पैंतीस किलोग्राम कर दिया गया। A, 1992, गलत है क्योंकि वह पुनर्गठित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का वर्ष है, जिसने सूखाग्रस्त, रेगिस्तानी, जनजातीय तथा पहाड़ी क्षेत्रों के 1,775 विकास खंडों में बेहतर शर्तें दीं। B, 1997, गलत है क्योंकि उस वर्ष लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने परिवारों को गरीबी रेखा से नीचे और ऊपर में बांटा। D, 2013, गलत है क्योंकि वह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का वर्ष है, जिसने अंत्योदय श्रेणी और उसकी पैंतीस किलोग्राम की हकदारी यथावत रखी। इसलिए 1992, 1997 और 2000 का क्रम याद रखें; परीक्षक इन तीनों वर्षों को आपस में बदलकर इसी प्रकार का प्रश्न बनाता है और अंत्योदय का वर्ष 2000 ही है।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 5 July 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से 1947 का कौन-सा अधिनियम ट्रेड यूनियनों तथा व्यक्तिगत श्रमिकों से संबंधित भारतीय श्रम कानून को नियंत्रित करता है?

  1. A.भारतीय परिषद अधिनियम
  2. B.चार्टर अधिनियम
  3. C.रॉलेट अधिनियम
  4. D.औद्योगिक विवाद अधिनियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. औद्योगिक विवाद अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, औद्योगिक विवाद अधिनियम। औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में बना और यह तय करता है कि नियोक्ताओं तथा श्रमिकों के बीच के विवाद, जिनमें ट्रेड यूनियनों से जुड़े मामले और व्यक्तिगत श्रमिक के मामले दोनों आते हैं, कैसे उठाए और निपटाए जाएँगे। इसके तहत कार्य समितियाँ, सुलह अधिकारी, जाँच न्यायालय, श्रम न्यायालय, औद्योगिक अधिकरण और राष्ट्रीय अधिकरण बनाए जाते हैं; यह बताता है कि हड़ताल या तालाबंदी कब वैध है, और बड़े प्रतिष्ठानों के लिए छँटनी, ले-ऑफ या बंदी से पहले सरकार की अनुमति जरूरी करता है। इसके प्रावधान अब औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 में समाहित कर दिए गए हैं। A गलत है क्योंकि 1861, 1892 और 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम विधान परिषदों से जुड़े थे, श्रम से नहीं। B गलत है क्योंकि चार्टर अधिनियम, जिनमें अंतिम 1853 का था, ईस्ट इंडिया कंपनी के चार्टर का नवीकरण करते थे। C गलत है क्योंकि 1919 का रॉलेट अधिनियम बिना मुकदमे नजरबंदी की छूट देता था और जलियाँवाला बाग के विरोध का कारण बना। परीक्षा टिप: औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947, अब औद्योगिक संबंध संहिता 2020 का हिस्सा।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारतीय मुद्रा बाज़ार में जमा प्रमाणपत्र किस वर्ष आरंभ किए गए?

  1. A.1985
  2. B.1989
  3. C.1991
  4. D.1997
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1989

व्याख्या

सही उत्तर B, 1989 है। मुद्रा बाज़ार पर वाघुल समिति की सिफारिशों के बाद रिज़र्व बैंक ने 1989 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को परक्राम्य जमा प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति दी, और एक वर्ष बाद 1990 में वाणिज्यिक पत्र आया। A गलत है क्योंकि 1985 मौद्रिक प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सुखमय चक्रवर्ती समिति से जुड़ा वर्ष है, जिसकी रिपोर्ट से ये सुधार हुए, परंतु साधन उसी वर्ष नहीं आया। C गलत है क्योंकि 1991 आर्थिक सुधारों और वित्तीय प्रणाली पर नरसिंहम समिति का वर्ष है, जमा प्रमाणपत्र का नहीं। D गलत है क्योंकि 1997 में मुद्रा बाज़ार के अन्य परिवर्तन हुए, जैसे तदर्थ ट्रेजरी बिलों की समाप्ति और नीलामी व्यवस्था की ओर बढ़ना। स्मरण रखने योग्य जोड़ी है: जमा प्रमाणपत्र 1989 और वाणिज्यिक पत्र 1990।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारतीय खाद्य निगम की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.1955
  2. B.1965
  3. C.1972
  4. D.1985
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1965

व्याख्या

सही उत्तर B, 1965 है। भारतीय खाद्य निगम की स्थापना 1964 के खाद्य निगम अधिनियम के अंतर्गत 1965 में हुई, हरित क्रांति से पहले की भीषण कमी के वर्षों में, जिसका काम समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न खरीदना, भंडारित करना, देश भर में ले जाना और वितरण प्रणाली को देना है। A, 1955, गलत है, हालांकि वह आवश्यक वस्तु अधिनियम का वर्ष है, जिसके अंतर्गत सरकार आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और मूल्य नियंत्रित करती है। C, 1972, गलत है; उस वर्ष का इस प्रकार का कोई निकाय नहीं है। D, 1985, गलत है, पर इस अध्याय में वह वर्ष दूसरे कारण से वास्तविक है: 1965 में बने कृषि मूल्य आयोग का नाम 1985 में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग कर दिया गया। इसलिए 1964 अधिनियम का वर्ष और 1965 स्थापना का वर्ष है; प्रश्न में दोनों आ जाएं तो स्थापना के लिए 1965 और अधिनियम के लिए 1964 चुनें।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

निम्नलिखित में से कौन मुद्रा बाज़ार का साधन नहीं है?

  1. A.जमा प्रमाणपत्र
  2. B.ट्रेजरी बिल
  3. C.समता अंश
  4. D.वाणिज्यिक पत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. समता अंश

व्याख्या

सही उत्तर C, समता अंश है। समता अंश की कोई परिपक्वता तिथि नहीं होती; वह कंपनी के अस्तित्व तक उसके स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करता है, अतः वह पूंजी बाज़ार का प्रतिनिधि साधन है, जो प्राथमिक बाज़ार में जारी होता है और सेबी के नियमन में शेयर बाज़ारों पर खरीदा-बेचा जाता है। A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि जमा प्रमाणपत्र बैंक द्वारा सात दिन से एक वर्ष के लिए जारी मुद्रा बाज़ार साधन है। B गलत है क्योंकि ट्रेजरी बिल सरकार का 91, 182 अथवा 364 दिन का अल्पकालिक पत्र और मुद्रा बाज़ार का सुरक्षित साधन है। D गलत है क्योंकि वाणिज्यिक पत्र कंपनी का सात दिन से एक वर्ष की अवधि वाला अप्रतिभूत वचन पत्र है। ऐसे प्रश्नों में कसौटी सरल है: जिस साधन की अवधि एक वर्ष से अधिक हो सकती है, वह मुद्रा बाज़ार का नहीं है।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत में किसी फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिश कौन करता है?

  1. A.भारतीय खाद्य निगम
  2. B.कृषि लागत एवं मूल्य आयोग
  3. C.भारतीय रिजर्व बैंक
  4. D.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
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सही उत्तर: B. कृषि लागत एवं मूल्य आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, कृषि लागत एवं मूल्य आयोग है। 1965 में कृषि मूल्य आयोग के रूप में बना और 1985 में नाम बदला यह आयोग उत्पादन लागत, मांग और आपूर्ति, मूल्य प्रवृत्तियों तथा व्यापार शर्तों को तोलकर बाईस अधिदेशित फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिश करता है; अंतिम निर्णय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति लेती है, इसलिए आयोग केवल सलाह देता है। A गलत है क्योंकि भारतीय खाद्य निगम वह एजेंसी है जो घोषित मूल्य पर खरीदती, भंडारित और वितरित करती है; वह मूल्य तय नहीं करती। C गलत है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक प्राधिकरण है और फसल मूल्यों में उसकी कोई भूमिका नहीं। D गलत है क्योंकि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय आंकड़े जुटाता और प्रकाशित करता है, जिनमें फसल अनुमान भी हैं, पर वह किसी मूल्य की सिफारिश नहीं करता।

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