कोरिऑलिस प्रभाव किसका परिणाम है?
- A.दाब प्रवणता
- B.पृथ्वी के अक्ष का झुकाव
- C.पृथ्वी का घूर्णन
- D.पृथ्वी का परिक्रमण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पृथ्वी का घूर्णन
व्याख्या
सही उत्तर है C, पृथ्वी का घूर्णन। कोरिऑलिस प्रभाव पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने से पैदा होने वाला आभासी बल है। यह सतह पर स्वतंत्र रूप से चलती किसी भी वस्तु को, जैसे पवन, महासागरीय धारा या वायुयान, उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विचलित कर देता है; इस नियम को फेरल का नियम कहते हैं। इसका मान भूमध्य रेखा पर शून्य होता है और ध्रुवों की ओर बढ़ता जाता है, इसीलिए भूमध्य रेखा के लगभग पाँच डिग्री के भीतर चक्रवात नहीं बनते और व्यापारिक पवनें सीधे उत्तर से नहीं, बल्कि उत्तर-पूर्व से चलती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि दाब प्रवणता बल हवा को उच्च दाब से निम्न दाब की ओर चलाता है; दोनों बल मिलकर भूविक्षेपी पवन देते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अक्ष का झुकाव ऋतुओं का कारण है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सूर्य के चारों ओर परिक्रमण से वर्ष की लंबाई तय होती है। परीक्षा टिप: कोरिऑलिस घूर्णन से, भूमध्य रेखा पर शून्य और ध्रुवों पर अधिकतम।