निम्नलिखित पर विचार कीजिए: A. तड़ित (बिजली गिरना), B. भूस्खलन, C. गर्जन, D. सुनामी, E. बाढ़। भूकंप किनका कारण बन सकता है?
- A.B, D और E
- B.A, B और C
- C.केवल B
- D.B और E
सही उत्तर
A. B, D और E
व्याख्या
सही उत्तर है A, B, D और E, अर्थात् भूस्खलन, सुनामी और बाढ़। भूकंप तब आता है जब भ्रंश (फॉल्ट) के सहारे जमा ऊर्जा अचानक मुक्त होती है और धरती हिलती है; यही कंपन आगे कई अन्य आपदाओं को जन्म देता है। तीखी ढाल पर कंपन से मिट्टी और चट्टानें ढीली होकर भूस्खलन ले आती हैं। समुद्र के नीचे तल के अचानक खिसकने से पानी का बड़ा स्तंभ ऊपर उठता है और सुनामी उठती है, जैसा दिसंबर 2004 में हिंद महासागर में हुआ था। बाढ़ तब आती है जब कंपन से बाँध या तटबंध चटक जाए, या भूस्खलन नदी को रोक दे और बाद में पानी उस रुकावट को तोड़ दे। विकल्प B गलत है क्योंकि तड़ित और गर्जन मौसमी घटनाएँ हैं, जो ऊँचे कपासी वर्षा मेघों में बनती हैं और धरती के भीतर की हलचल से इनका कोई संबंध नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि इसमें केवल भूस्खलन है और सुनामी छूट जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि इसमें बाढ़ जुड़ती है, पर सुनामी फिर भी छूट जाती है। परीक्षा टिप: भूकंप – भूस्खलन, सुनामी और बाँध टूटने से बाढ़; तड़ित व गर्जन गरज वाले तूफान से।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमहासागरीय जल की औसत लवणता कितनी होती है?
- A.130‰
- B.25‰
- C.225‰
- D.35‰
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 35‰
व्याख्या
सही उत्तर है D, 35‰। समुद्री जल के प्रत्येक किलोग्राम में लगभग 35 ग्राम घुले हुए लवण होते हैं, जिसे 35 प्रति हज़ार लिखा जाता है, और इनमें से लगभग 27 ग्राम साधारण नमक यानी सोडियम क्लोराइड होता है। लवणता हर जगह एक जैसी नहीं रहती। जहाँ बड़ी नदियाँ मीठा पानी डालती हैं या जहाँ भारी वर्षा और पिघलती बर्फ़ समुद्र को पतला कर देती है, वहाँ यह घट जाती है, और जहाँ गर्मी अधिक हो तथा बेसिन बंद हो, वहाँ तेज़ वाष्पीकरण से यह बढ़ जाती है। यही कारण है कि लाल सागर की लवणता लगभग 41 प्रति हज़ार है जबकि बाल्टिक सागर की केवल 7 के आसपास। A गलत है क्योंकि 130 प्रति हज़ार किसी भी खुले महासागर से कहीं अधिक है और यह नमक की क्यारी जैसा मान है। B गलत है क्योंकि 25 प्रति हज़ार नदी मुहाने के खारे-मीठे तटीय जल का मान है। C गलत है क्योंकि 225 प्रति हज़ार प्रयोगशाला में बनी गाढ़ी नमकीन घोल जैसी सांद्रता है। परीक्षा टिप: औसत 35, सबसे खारा लाल सागर, सबसे कम खारा बाल्टिक।
किस प्रकार के मृदा अपरदन में मिट्टी की परत नष्ट होती रहती है पर लंबे समय तक पता नहीं चलता?
- A.अवनालिका अपरदन (गली अपरदन)
- B.नदी तट अपरदन
- C.रिल अपरदन
- D.परत अपरदन (शीट अपरदन)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. परत अपरदन (शीट अपरदन)
व्याख्या
सही उत्तर है D, परत अपरदन। परत अपरदन में पूरी ढलान से ऊपरी मिट्टी की एक पतली और एक समान तह छिलकर बह जाती है। कोई नाली या निशान नहीं बनता, इसलिए वर्षों तक किसान को पता ही नहीं चलता और खेत की उर्वरता चुपचाप घटती रहती है। इसकी शुरुआत वर्षा की बूँदों के प्रहार से होती है, जो खुली सतह को ढीला कर देती हैं, और फिर बहते पानी की उथली चादर सबसे महीन तथा सबसे उपजाऊ कण बहा ले जाती है। संकेत केवल इतने होते हैं कि मिट्टी का रंग फीका पड़ जाता है और कंकड़ तथा जड़ें सतह से ऊपर दिखने लगती हैं। A गलत है क्योंकि अवनालिका अपरदन गहरी और चौड़ी नालियाँ काटता है जो साफ़ दिखती हैं। B गलत है क्योंकि नदी तट अपरदन किनारे को काटता है और धँसती मिट्टी से तुरंत दिख जाता है। C गलत है क्योंकि रिल अपरदन छोटी उँगली जैसी नालियाँ बनाता है, जो उथली होने पर भी दिखाई देती हैं। परीक्षा टिप: दिखने के क्रम से याद रखें — परत, फिर रिल, फिर अवनालिका।
महासागरीय जल की लवणता, समुद्री जल के _____ ग्राम में घुले नमक की मात्रा (ग्राम में) के रूप में निकाली जाती है।
- A.10,000
- B.100
- C.1000
- D.10
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1000
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1000। लवणता का अर्थ है समुद्री जल के एक हजार ग्राम में घुले नमक की मात्रा, ग्राम में, इसलिए इसे प्रति हजार भाग में पढ़ा जाता है। महासागरों की औसत लवणता लगभग पैंतीस प्रति हजार है, अर्थात एक किलोग्राम समुद्री जल में करीब पैंतीस ग्राम नमक। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा सोडियम क्लोराइड का होता है, उसके बाद मैग्नीशियम क्लोराइड, मैग्नीशियम सल्फेट और कैल्शियम सल्फेट आते हैं। जहाँ वाष्पीकरण अधिक होता है और मीठे जल की आवक कम होती है, वहाँ लवणता बढ़ जाती है, इसी कारण लाल सागर की लवणता लगभग इकतालीस प्रति हजार तक पहुँचती है; बड़ी नदियों के मुहाने और पिघलती बर्फ से भरे ध्रुवीय जल में यह घट जाती है। A, B और D गलत हैं क्योंकि दस हजार, सौ या दस ग्राम के आधार से वह प्रति हजार वाला आँकड़ा नहीं मिलेगा जिसका उपयोग समुद्र वैज्ञानिक करते हैं। परीक्षा टिप: लवणता – 1000 ग्राम समुद्री जल में नमक के ग्राम; महासागरीय औसत लगभग 35 प्रति हजार।
निम्नलिखित में से कौन-सा जलवायु प्रकार शीत जलवायु के अंतर्गत आता है?
- A.आर्द्र उपोष्ण
- B.उच्च भूमि
- C.आर्द्र महाद्वीपीय
- D.टुंड्रा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. टुंड्रा
व्याख्या
सही उत्तर है D, टुंड्रा। कोपेन के वर्गीकरण में शीत जलवायु वर्ग, जिसे E कहा जाता है, में दो प्रकार आते हैं – टुंड्रा जलवायु और हिमटोप जलवायु। टुंड्रा पेटी मुख्य रूप से आर्कटिक वृत्त के उत्तर में उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया के उत्तरी किनारों पर फैली है। यहाँ गर्मियाँ छोटी और ठंडी होती हैं, सबसे गर्म महीने का औसत तापमान भी दस डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है, उपमिट्टी स्थायी रूप से जमी रहती है जिसे पर्माफ्रॉस्ट कहते हैं, और वनस्पति केवल काई, लाइकेन तथा छोटी झाड़ियों तक सीमित रहती है – वृक्ष नहीं उगते। A गलत है क्योंकि आर्द्र उपोष्ण प्रकार उष्ण शीतोष्ण वर्ग में आता है, जिसमें उत्तरी भारत, दक्षिणी चीन और दक्षिण-पूर्वी संयुक्त राज्य शामिल हैं। C गलत है क्योंकि आर्द्र महाद्वीपीय प्रकार शीत हिम-वन वर्ग में आता है, जो ध्रुवीय वर्ग से एक कदम नरम है। B गलत है क्योंकि उच्च भूमि जलवायु को अलग वर्ग रखा गया है, जहाँ दशाएँ अक्षांश के बजाय ऊँचाई से बदलती हैं। परीक्षा टिप: कोपेन के वर्ग – A उष्ण, B शुष्क, C उष्ण शीतोष्ण, D शीत हिम-वन, E शीत या ध्रुवीय, H उच्च भूमि।
निम्नलिखित में से किस स्थान पर परमाणु ऊर्जा संयंत्र नहीं है?
- A.विजयवाड़ा
- B.नरोरा
- C.तारापुर
- D.रावतभाटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विजयवाड़ा
व्याख्या
सही उत्तर है A, विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश का विजयवाड़ा कृष्णा नदी पर बने बड़े कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र के लिए जाना जाता है, जिसका नाम डॉ. नार्ला टाटा राव के नाम पर है; वहाँ कोई परमाणु संयंत्र नहीं है। भारत के परमाणु ऊर्जा संयंत्र न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड चलाता है और प्रश्न में दिए बाकी तीनों नाम उसी सूची में हैं। B गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में गंगा के किनारे स्थित नरोरा में दो दबावयुक्त भारी जल रिएक्टर हैं। C गलत है क्योंकि महाराष्ट्र के पालघर जिले का तारापुर देश का सबसे पुराना परमाणु संयंत्र है, जो 1969 में अमेरिकी सहयोग से बने क्वथनशील जल रिएक्टरों के साथ शुरू हुआ। D गलत है क्योंकि राजस्थान का रावतभाटा चंबल नदी पर राणा प्रताप सागर बाँध के पास है और वहाँ भारत के किसी भी परमाणु स्थल से अधिक इकाइयाँ हैं। गुजरात का काकरापार, कर्नाटक का कैगा तथा तमिलनाडु के कलपक्कम और कुडनकुलम भी इसी सूची में हैं। परीक्षा टिप: तारापुर भारत का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र; विजयवाड़ा ताप विद्युत, परमाणु नहीं।