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GK24
भूगोलमध्यमपूछा गया: RRB NTPC · 13 Jun, 2026, Shift 2

ओरिएंट एक्सप्रेस (ट्रांस-कॉन्टिनेंटल रेलवे मार्ग) का अधिकांश मार्ग किस महाद्वीप में स्थित है?

  1. A.एशिया
  2. B.उत्तरी अमेरिका
  3. C.यूरोप
  4. D.दक्षिण अमेरिका

सही उत्तर

C. यूरोप

व्याख्या

सही उत्तर है C, यूरोप। ओरिएंट एक्सप्रेस फ्रांस के पेरिस से तुर्की के इस्तांबुल तक चलती थी और स्ट्रासबर्ग, म्यूनिख, वियना, बुडापेस्ट, बेलग्रेड तथा सोफिया से गुजरती थी, इसलिए इसकी लगभग 3,000 किलोमीटर लंबी लाइन का लगभग पूरा हिस्सा यूरोप के अंदर ही है। केवल इस्तांबुल का अंतिम छोर एशिया को छूता है, इसीलिए इसे यूरोप की ट्रांस-कॉन्टिनेंटल रेलवे माना जाता है। यह 1883 में शुरू हुई और पनीर, शराब, रेशम तथा यात्रियों को महाद्वीप के आर-पार ले जाती थी; भूगोल की किताबें इसे ट्रांस-साइबेरियन, कैनेडियन पैसिफिक और ऑस्ट्रेलियन ट्रांस-कॉन्टिनेंटल लाइनों के साथ गिनाती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि एशिया की लंबी ट्रांस-कॉन्टिनेंटल लाइन मॉस्को से व्लादिवोस्तोक तक की ट्रांस-साइबेरियन रेलवे है। विकल्प B गलत है क्योंकि उत्तरी अमेरिका की लाइनें कैनेडियन पैसिफिक और यूनियन पैसिफिक हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि दक्षिण अमेरिका का प्रसिद्ध मार्ग ब्यूनस आयर्स को वालपराइसो से जोड़ने वाली ट्रांस-एंडियन लाइन है। परीक्षा टिप: ओरिएंट एक्सप्रेस पेरिस–इस्तांबुल, यूरोप; ट्रांस-साइबेरियन मॉस्को–व्लादिवोस्तोक, दुनिया की सबसे लंबी।

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Q1.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · 3 March 2019मध्यम

अवनालिका (गली) अपरदन किसकी उन्नत अवस्था है?

  1. A.रिल अपरदन
  2. B.छींटा (स्प्लैश) अपरदन
  3. C.परत (शीट) अपरदन
  4. D.वायु अपरदन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रिल अपरदन

व्याख्या

सही उत्तर है A, रिल अपरदन। जल द्वारा मिट्टी का अपरदन एक निश्चित क्रम में बढ़ता है। पहले वर्षा की बूँदें गिरकर मिट्टी के कणों को ढीला करती हैं – यह छींटा अपरदन है। फिर बहता पानी ऊपरी मिट्टी की एक पतली और समान परत बहा ले जाता है – यह परत अपरदन है। इसके बाद पानी छोटी-छोटी उँगलीनुमा नालियों में बहने लगता है, जिन्हें रिल कहते हैं। जब यही रिल बहते पानी से और गहरी तथा चौड़ी हो जाती हैं कि उन्हें जोतकर पाटा न जा सके, तो वे अवनालिका (गली) बन जाती हैं। इस तरह गली बड़ी हो चुकी रिल है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में चंबल के बीहड़ इसी अपरदन से बने उत्खात भूमि (बैडलैंड) के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। B गलत है क्योंकि छींटा अपरदन पहली अवस्था है। C गलत है क्योंकि परत अपरदन रिल से पहले आता है। D गलत है क्योंकि वायु अपरदन अलग कारक है, जो सूखी ढीली मिट्टी उड़ाता है। परीक्षा टिप: क्रम – छींटा, परत, रिल, अवनालिका।

Q2.भूगोलपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा दर्रा श्रीनगर और लेह को जोड़ता है?

  1. A.नाथू ला
  2. B.बारा-लाचा-ला
  3. C.जेलेप ला
  4. D.जोजी ला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जोजी ला

व्याख्या

सही उत्तर है D, जोजी ला। जोजी ला, जिसे आमतौर पर जोजिला लिखा जाता है, जांस्कर श्रेणी में लगभग 3,528 मीटर की ऊँचाई पर श्रीनगर–कारगिल–लेह राजमार्ग का दर्रा है और कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाला एकमात्र सड़क मार्ग है। भारी बर्फ के कारण यह सर्दियों में महीनों बंद रहता है, इसीलिए इस रास्ते को साल भर खुला रखने के लिए जोजिला सुरंग बनाई जा रही है। विकल्प A गलत है क्योंकि नाथू ला सिक्किम में तिब्बत जाने वाले पुराने व्यापार मार्ग पर है। विकल्प B गलत है क्योंकि बारा-लाचा-ला हिमाचल प्रदेश में मनाली–लेह मार्ग पर है, जो लद्दाख तक दूसरी ओर से पहुँचता है। विकल्प C गलत है क्योंकि जेलेप ला भी सिक्किम में है और चुंबी घाटी की ओर जाता है। परीक्षा टिप: श्रीनगर से लेह का दर्रा जोजिला है; मनाली से लेह के रास्ते में रोहतांग, बारालाचा ला, लाचुंग ला और तांगलांग ला पड़ते हैं।

Q3.भूगोलपूछा गया: RRB NTPC · 07 Aug, 2025, Shift 1आसान

भारत के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन पाए जाते हैं?

  1. A.पंजाब
  2. B.सुंदरबन
  3. C.पश्चिमी घाट
  4. D.राजस्थान
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पश्चिमी घाट

व्याख्या

सही उत्तर है C, पश्चिमी घाट। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों के लिए 200 सेंटीमीटर से अधिक वार्षिक वर्षा और बहुत छोटा शुष्क मौसम चाहिए, और भारत में पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढलानों को दक्षिण-पश्चिम मानसून से यही वर्षा मिलती है। ऐसे वन अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तथा असम की ऊपरी पहाड़ियों में भी मिलते हैं। नमी कभी खत्म नहीं होती, इसलिए पेड़ अलग-अलग समय पर पत्तियाँ गिराते हैं और जंगल कभी पत्तियों से खाली नहीं दिखता; यह कई परतों वाला, घना और चलने में कठिन होता है, जिसमें शीशम, महोगनी, आबनूस और ऐनी जैसे पेड़ हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि कम वर्षा और अधिक खेती वाले पंजाब में कँटीली और झाड़ीदार वनस्पति ही है। विकल्प B गलत है क्योंकि सुंदरबन डेल्टा का ज्वारीय या मैंग्रोव वन है, जिसमें खारापन सहने वाला सुंदरी वृक्ष प्रमुख है। विकल्प D गलत है क्योंकि राजस्थान की शुष्क जलवायु में खेजड़ी और नागफनी जैसे मरुस्थलीय कँटीले वन होते हैं। परीक्षा टिप: सदाबहार के लिए 200 सेंटीमीटर से ऊपर वर्षा — पश्चिमी घाट, अंडमान-निकोबार, पूर्वोत्तर भारत।

Q4.भूगोलपूछा गया: RRB NTPC · 13 June 2022, Shift 1मध्यम

बाढ़ के मैदानों या घाटियों में जलोढ़ निक्षेप के रूप में पाए जाने वाले धात्विक खनिज _______ कहलाते हैं।

  1. A.धात्विक पिंडक (नोड्यूल)
  2. B.स्थूल निक्षेप
  3. C.शिरा निक्षेप
  4. D.प्लेसर निक्षेप
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. प्लेसर निक्षेप

व्याख्या

सही उत्तर है D, प्लेसर निक्षेप। जो खनिज अपनी मूल चट्टान से कटकर बहते पानी के साथ आते हैं और नदी तल, बाढ़ के मैदान या घाटी की रेत-बजरी में जमा हो जाते हैं, उन्हें प्लेसर निक्षेप कहा जाता है। बहता पानी हल्की सामग्री बहा ले जाता है और भारी, जल्दी न गलने वाले कण वहीं छोड़ देता है, इसलिए प्लेसर में सोना, प्लैटिनम, टिन और टंगस्टन मिलते हैं। स्वर्णरेखा नदी की रेत से सोना छानना और केरल के मोनाजाइट वाले समुद्र तटीय बालू इसके भारतीय उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मैंगनीज नोड्यूल गहरे समुद्र तल पर पड़े आलू जैसे पिंड हैं, घाटियों में नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि स्थूल निक्षेप का अर्थ केवल बड़ी मात्रा में निकाला जाने वाला अयस्क है, उसके बनने के तरीके से इसका संबंध नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि शिरा निक्षेप ठोस चट्टान की दरारों में भरे खनिज हैं, और प्लेसर तो उन्हीं के कटाव से बनता है। परीक्षा टिप: प्लेसर = नदी या तट की रेत में भारी खनिज; शिरा = चट्टान की दरारें; नोड्यूल = समुद्र तल।

Q5.भूगोलपूछा गया: RRB ग्रुप D · 26 Oct 2018, Shift 3मध्यम

भारत में जिप्सम और चांदी के अयस्क का अधिकांश भाग _______ में निकाला जाता है।

  1. A.बिहार
  2. B.राजस्थान
  3. C.झारखंड
  4. D.ओडिशा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर है B, राजस्थान। भारत में जिप्सम का अधिकांश भाग और चांदी का अयस्क लगभग पूरा राजस्थान से मिलता है।

राजस्थान में जिप्सम मुख्य रूप से बीकानेर, नागौर, जैसलमेर और बाड़मेर में निकाला जाता है, जहाँ यह थार क्षेत्र की शुष्क अवसादी परतों में मिलता है; इसका उपयोग सीमेंट और प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने तथा क्षारीय मिट्टी सुधारने में होता है। चांदी उदयपुर जिले की जावर खानों से आती है, जहाँ यह सीसा और जस्ता के अयस्क के साथ निकलती है, क्योंकि भारत में चांदी अलग खनिज के रूप में नहीं, बल्कि सीसा-जस्ता के प्रगलन के उपोत्पाद के रूप में मिलती है। सीसा, जस्ता, संगमरमर और रॉक फॉस्फेट में भी राजस्थान पहले स्थान पर है।

विकल्प A गलत है क्योंकि बिहार अभ्रक और चूना पत्थर के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि झारखंड कोयला, लौह अयस्क और ताँबे में आगे है। विकल्प D गलत है क्योंकि ओडिशा लौह अयस्क, बॉक्साइट, मैंगनीज और क्रोमाइट में आगे है।

परीक्षा टिप: जिप्सम, चांदी, सीसा, जस्ता और संगमरमर के लिए राजस्थान; लौह अयस्क, बॉक्साइट और क्रोमाइट के लिए ओडिशा।