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GK क्विजभूगोल

भूगोल क्विज: मानचित्र, मानचित्र प्रक्षेप और सुदूर संवेदन

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भूगोल के अंतर्गत "मानचित्र, मानचित्र प्रक्षेप और सुदूर संवेदन" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 1 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भूगोलआसान

किसी मानचित्र का प्रदर्शक भिन्न 1:50,000 लिखा है। इसका अर्थ क्या है?

  1. A.मानचित्र की एक इकाई धरातल पर उसी इकाई के 50,000 के बराबर है
  2. B.मानचित्र का एक सेंटीमीटर धरातल पर 50,000 किलोमीटर दर्शाता है
  3. C.मानचित्र 50,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र दिखाता है
  4. D.मानचित्र को वायु फोटोचित्र से 50,000 गुना छोटा किया गया है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मानचित्र की एक इकाई धरातल पर उसी इकाई के 50,000 के बराबर है

व्याख्या

सही उत्तर A है। प्रदर्शक भिन्न इकाई रहित शुद्ध अनुपात है, इसलिए मानचित्र पर लंबाई की एक इकाई धरातल पर उसी इकाई के पचास हजार के बराबर होती है; इसे सेंटीमीटर, इंच अथवा किसी भी इकाई में पढ़ा जा सकता है, इसीलिए यह सर्वत्र समझा जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि इसमें इकाइयां मिला दी गई हैं: ऐसी शीट पर एक सेंटीमीटर पचास हजार सेंटीमीटर अर्थात आधा किलोमीटर दर्शाता है, पचास हजार किलोमीटर नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रदर्शक भिन्न यह नहीं बताता कि शीट कितना क्षेत्र आवरित करती है; वह कागज के आकार पर निर्भर है। विकल्प D गलत है क्योंकि यह भिन्न मानचित्र की तुलना धरातल से करती है, फोटोचित्र से नहीं, और मानचित्र भू-सर्वेक्षण से भी बन सकता है। इसी कारण प्रदर्शक भिन्न को अंतरराष्ट्रीय मापक भी कहा जाता है, क्योंकि कोई भी देश उसे अपनी मापन पद्धति में पढ़ सकता है और मानचित्र का अर्थ वही रहता है।

Q2.भूगोलपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPSSSC JE Civil 2015 Paper 2कठिन

1:10,000 मापक वाले मानचित्र के लिए उपयुक्त समोच्च अंतराल कितना होता है?

  1. A.2 मीटर
  2. B.5 मीटर
  3. C.10 मीटर
  4. D.20 मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 2 मीटर

व्याख्या

सही उत्तर A, 2 मीटर है। किसी शीट के लिए चुना गया समोच्च अंतराल मुख्यतः उसके मापक तथा धरातल के उच्चावच पर निर्भर करता है: बड़े मापक का मानचित्र रेखाओं को एक-दूसरे में मिलने दिए बिना निकट-निकट समोच्च रेखाएं दिखा सकता है, इसलिए छोटा अंतराल संभव और वांछनीय होता है। एक बटे दस हजार का मापक विस्तृत सर्वेक्षण तथा अभियांत्रिकी कार्य में प्रयुक्त बड़ा मापक है, जिसके लिए दो मीटर का अंतराल सामान्य चुनाव है। विकल्प B, C और D गलत हैं क्योंकि पाँच, दस और बीस मीटर के अंतराल क्रमशः छोटे मापकों के लिए उपयुक्त होते हैं; एक बटे दस हजार की शीट पर इतना बड़ा अंतराल ढालों को लगभग खाली छोड़ देगा और मापक से मिलने वाली शुद्धता व्यर्थ हो जाएगी। स्मरणीय नियम यह है कि मापक जितना छोटा और धरातल जितना विषम, समोच्च अंतराल उतना बड़ा।

Q3.भूगोलमध्यम

1569 का मर्केटर प्रक्षेप किस वर्ग का है और कौन सा गुण सुरक्षित रखता है?

  1. A.शंक्वाकार, और क्षेत्रफल सुरक्षित रखता है
  2. B.बेलनाकार, और आकार सुरक्षित रखता है
  3. C.खमध्य, और दूरी सुरक्षित रखता है
  4. D.शंक्वाकार, और दिशा केवल ध्रुवों पर सुरक्षित रखता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बेलनाकार, और आकार सुरक्षित रखता है

व्याख्या

सही उत्तर B, बेलनाकार, और आकार सुरक्षित रखता है है। मर्केटर बेलनाकार प्रक्षेप है, जिस पर अक्षांश और देशांतर दोनों सरल रेखाएं हैं और समकोण पर मिलती हैं; यह ऑर्थोमॉर्फिक अर्थात शुद्ध आकृति वाला है, जिससे स्थानीय आकार सही रहते हैं और स्थिर दिक्मान की रंब रेखा सरल रेखा बनती है। विकल्प A दोनों दृष्टि से गलत है: प्रक्षेप शंक्वाकार नहीं है और उच्च अक्षांशों में क्षेत्रफल बहुत बढ़ा दिखाता है, जो उस पर सबसे बड़ी आपत्ति है। विकल्प C गलत है क्योंकि खमध्य या दिगंशीय प्रक्षेप ग्लोब को स्पर्श करने वाले समतल पर बनते हैं और मुख्यतः ध्रुवीय प्रदेशों के लिए प्रयुक्त होते हैं, तथा मर्केटर दूरियां शुद्ध नहीं रखता। विकल्प D गलत है क्योंकि इसमें गलत वर्ग और ऐसा गुण जोड़ा गया है जिसका यह प्रक्षेप दावा नहीं करता।

Q4.भूगोलआसान

मानचित्र पर समवर्षा रेखा किन स्थानों को जोड़ती है?

  1. A.समान तापमान वाले
  2. B.समान वर्षा वाले
  3. C.समान वायुदाब वाले
  4. D.समान सूर्यप्रकाश अवधि वाले
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. समान वर्षा वाले

व्याख्या

सही उत्तर B, समान वर्षा वाले है। समवर्षा रेखा उन स्थानों को जोड़ती है जहाँ निर्धारित अवधि में समान मात्रा में वर्षा होती है, और भारत के वर्षा मानचित्र इसी रेखा से आर्द्र तथा शुष्क पेटियां दिखाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि समान तापमान वाली रेखा समताप रेखा कहलाती है, जो तापमान और जलवायु मानचित्रों में प्रयुक्त होती है। विकल्प C गलत है क्योंकि समान वायुदाब वाली रेखा समदाब रेखा है, जिस पर मौसम मानचित्र आधारित होते हैं और जिससे दाब प्रवणता तथा पवन पढ़ी जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि समान सूर्यप्रकाश अवधि वाली रेखा समधूप रेखा है, और परीक्षा में यही जोड़ा समवर्षा रेखा से सबसे अधिक भ्रमित करता है। दो अन्य स्मरणीय रेखाएं हैं मेघाच्छादन की सममेघ रेखा और जल गहराई की समगहराई रेखा।

Q5.भूगोलआसान

स्थलाकृतिक शीट पर निकट-निकट खिंची समोच्च रेखाएं किसका संकेत देती हैं?

  1. A.मंद ढाल
  2. B.तीव्र ढाल
  3. C.मैदान
  4. D.पठार का शीर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तीव्र ढाल

व्याख्या

सही उत्तर B, तीव्र ढाल है। चूंकि एक शीट पर समोच्च अंतराल स्थिर रहता है, दो रेखाओं के बीच की क्षैतिज दूरी यह बताती है कि उस निश्चित ऊँचाई तक चढ़ने के लिए कितनी दूर चलना होगा; कम दूरी का अर्थ है तेज चढ़ाई अर्थात तीव्र ढाल। विकल्प A गलत है क्योंकि मंद ढाल पर रेखाएं दूर-दूर फैली रहती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि मैदान में समोच्च रेखाएं बहुत कम और बहुत दूर-दूर होती हैं, क्योंकि ऊँचाई में अंतर कम है। विकल्प D गलत है क्योंकि पठार का समतल शीर्ष दूर-दूर अथवा अनुपस्थित रेखाओं से दिखता है, और निकट रेखाएं केवल उसके तीव्र किनारों या कगार पर आती हैं। जो रेखाएं वस्तुतः मिल जाती हैं वे कगार या लंबवत ढाल बताती हैं, और ऊपरी दिशा में इंगित वी आकार घाटी बताता है।

Q6.भूगोलमध्यम

भारत का पहला परिचालनिक सुदूर संवेदन उपग्रह कौन था और उसका प्रक्षेपण किस वर्ष हुआ?

  1. A.आर्यभट्ट, 1975
  2. B.भास्कर-एक, 1979
  3. C.आईआरएस-1ए, 1988
  4. D.कार्टोसैट-1, 2005
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आईआरएस-1ए, 1988

व्याख्या

सही उत्तर C, आईआरएस-1ए, 1988 है। यह भारतीय सुदूर संवेदन श्रेणी का पहला उपग्रह था और इसी से भारत में कृषि, वानिकी, जल संसाधन तथा भू-उपयोग के लिए परिचालनिक भू-प्रेक्षण आरंभ हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि 1975 में प्रक्षेपित आर्यभट्ट भारत का पहला उपग्रह था और उसमें खगोल तथा भौतिकी के प्रयोग थे, परिचालनिक भू-प्रेक्षण पेलोड नहीं। विकल्प B निकट है परंतु गलत है: 1979 का भास्कर-एक भारत का पहला प्रायोगिक भू-प्रेक्षण उपग्रह था, और प्रश्न में आया परिचालनिक शब्द ही उसे आईआरएस-1ए से अलग करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 2005 में प्रक्षेपित कार्टोसैट-1 कार्यक्रम में बहुत बाद में आया और उच्च विभेदन मानचित्रण के लिए बना था, जब भारतीय सुदूर संवेदन श्रेणी स्थापित हो चुकी थी। परीक्षा में आर्यभट्ट, भास्कर और आईआरएस श्रेणी के वर्ष एक साथ पूछे जाते हैं, इसलिए पहला उपग्रह, पहला प्रायोगिक भू-प्रेक्षण उपग्रह और पहला परिचालनिक उपग्रह अलग-अलग याद रखना आवश्यक है।

Q7.भूगोलमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सक्रिय सुदूर संवेदन संवेदक का उदाहरण है?

  1. A.साधारण वायु कैमरा
  2. B.परावर्तित सूर्य प्रकाश अंकित करने वाला बहुवर्णक्रमीय स्कैनर
  3. C.रडार
  4. D.पृथ्वी के उत्सर्जन को अंकित करने वाला तापीय संवेदक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रडार

व्याख्या

सही उत्तर C, रडार है। सक्रिय संवेदक स्वयं ऊर्जा उत्पन्न करता है, उसे लक्ष्य तक भेजता है और लौटी ऊर्जा मापता है; रडार यह कार्य सूक्ष्म तरंगों से और लिडार लेजर स्पंद से करता है, इसी कारण ऐसे संवेदक रात में तथा सूक्ष्म तरंगों की स्थिति में बादल, धुंध और धुएं के पार भी प्रतिबिंब ले सकते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि वायु कैमरा धरातल पर पड़ने वाले सूर्य प्रकाश पर निर्भर है और इसलिए निष्क्रिय है। विकल्प B इसी कारण गलत है: परावर्तित सूर्य प्रकाश अंकित करने वाला स्कैनर स्वयं कोई ऊर्जा नहीं देता। विकल्प D गलत है क्योंकि तापीय संवेदक पृथ्वी द्वारा उत्सर्जित विकिरण अंकित करता है, जो संवेदक की उत्पन्न ऊर्जा नहीं है, इसलिए वह रात में काम करते हुए भी निष्क्रिय है। विभाजक रेखा ऊर्जा का स्रोत है, दिन या रात नहीं।

Q8.भूगोलमध्यम

भू-स्थिर उपग्रह पृथ्वी से लगभग कितनी ऊँचाई पर स्थापित किया जाता है?

  1. A.पृथ्वी से 900 किलोमीटर ऊपर
  2. B.पृथ्वी से 10,000 किलोमीटर ऊपर
  3. C.भूमध्य रेखा से 36,000 किलोमीटर ऊपर
  4. D.भूमध्य रेखा से 1,00,000 किलोमीटर ऊपर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भूमध्य रेखा से 36,000 किलोमीटर ऊपर

व्याख्या

सही उत्तर C, भूमध्य रेखा से लगभग 36,000 किलोमीटर ऊपर है। इस ऊँचाई पर उपग्रह का परिक्रमण काल पृथ्वी के घूर्णन काल के बराबर हो जाता है, इसलिए वह भूमध्य रेखा के एक ही बिंदु के ऊपर रहता है और आकाश में स्थिर प्रतीत होता है, जो संचार तथा मौसम उपग्रहों के लिए आवश्यक है। विकल्प A गलत है क्योंकि कुछ सौ किलोमीटर की ऊँचाई भू-प्रेक्षण उपग्रहों की निकट-ध्रुवीय सूर्य तुल्यकालिक कक्षाओं की है, जो प्रत्येक चक्कर में भूमध्य रेखा को समान स्थानीय समय पर पार करती हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि दस हजार किलोमीटर पर परिक्रमण काल एक दिन से बहुत कम होगा और उपग्रह आकाश में खिसकता दिखेगा। विकल्प D गलत है क्योंकि एक लाख किलोमीटर भू-स्थिर पट्टी से बहुत ऊपर है और वहाँ परिक्रमण काल एक दिन से अधिक होगा।

Q9.भूगोलआसान

भारत में उपग्रह आंकड़े प्राप्त तथा वितरित करने वाले राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र का मुख्यालय कहाँ है?

  1. A.बेंगलुरु
  2. B.हैदराबाद
  3. C.अहमदाबाद
  4. D.देहरादून
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हैदराबाद

व्याख्या

सही उत्तर B, हैदराबाद है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का यह केंद्र हैदराबाद से कार्य करता है और निकट स्थित शाडनगर के भू-केंद्र का संचालन करता है, जहाँ भारतीय तथा विदेशी उपग्रहों के आंकड़े प्राप्त होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि बेंगलुरु में इसरो का मुख्यालय तथा यू. आर. राव उपग्रह केंद्र है, जहाँ उपग्रह बनाए जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अहमदाबाद में अंतरिक्ष उपयोग केंद्र है, जो पेलोड और अनुप्रयोग विकसित करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि देहरादून में भारतीय सर्वेक्षण विभाग का मुख्यालय तथा भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान है, जो प्रशिक्षण और शोध संस्थान है, आंकड़ा केंद्र नहीं। परीक्षा के लिए तीनों नगर एक साथ याद रखें: इसरो मुख्यालय बेंगलुरु, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र अहमदाबाद और राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र हैदराबाद, तथा भारतीय सर्वेक्षण विभाग देहरादून में है।

Q10.भूगोलमध्यम

सुदूर संवेदन में धरातल पर उस सबसे छोटी वस्तु का आकार, जिसे संवेदक पहचान सकता है, क्या कहलाता है?

  1. A.वर्णक्रमीय विभेदन
  2. B.विकिरणमितीय विभेदन
  3. C.कालिक विभेदन
  4. D.स्थानिक विभेदन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. स्थानिक विभेदन

व्याख्या

सही उत्तर D, स्थानिक विभेदन है। इसे सामान्यतः एक पिक्सेल के धरातलीय आकार में बताया जाता है, इसलिए एक मीटर विभेदन वाला संवेदक लगभग एक मीटर की वस्तुओं को अलग कर सकता है, और इसी से उच्च विभेदन चित्र नगर मानचित्रण में उपयोगी होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि वर्णक्रमीय विभेदन अंकित तरंगदैर्घ्य बैंडों की संख्या और उनकी संकीर्णता बताता है, जिससे तय होता है कि भिन्न पदार्थ कितनी बारीकी से पहचाने जा सकेंगे। विकल्प B गलत है क्योंकि विकिरणमितीय विभेदन संकेत की तीव्रता के अंतर के प्रति संवेदनशीलता है, जो स्तरों अथवा बिट में बताई जाती है। विकल्प C गलत है क्योंकि कालिक विभेदन वह अंतराल है जिसके बाद उसी क्षेत्र का चित्र दोबारा लिया जाता है, जो फसल की वृद्धि या बाढ़ के फैलाव को देखने में महत्वपूर्ण है।

Q11.भूगोलमध्यम

कैडेस्ट्रल अर्थात भू-अभिलेख मानचित्र मुख्यतः किस प्रयोजन से बनाए जाते हैं?

  1. A.भूखंडों की सीमा और स्वामित्व का अभिलेख रखने के लिए
  2. B.किसी देश में वर्षा का वितरण दिखाने के लिए
  3. C.महाद्वीपों के बीच वायुमार्ग दिखाने के लिए
  4. D.किसी पर्वत श्रेणी का उच्चावच छोटे मापक पर दिखाने के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भूखंडों की सीमा और स्वामित्व का अभिलेख रखने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर A है। कैडेस्ट्रल मानचित्र गाँव या नगर का बहुत बड़े मापक का मानचित्र है, जो भूखंडों, खेतों, उनकी सीमाओं तथा स्वामियों को दर्ज करने के लिए बनता है और भू-राजस्व अभिलेख तथा संपत्ति के पंजीकरण का आधार होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि वर्षा का मानचित्र विषयक या वितरण मानचित्र है, जो छोटे मापक पर समवर्षा रेखाओं से बनता है। विकल्प C गलत है क्योंकि वायुमार्ग छोटे मापक के मार्ग अथवा एटलस मानचित्रों पर दिखाए जाते हैं, जहाँ धरातल का विवरण जानबूझकर छोड़ा जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि उच्चावच स्थलाकृतिक मानचित्रों पर समोच्च रेखाओं से दिखाया जाता है, और छोटा मापक शब्द इसे दुगुना गलत बनाता है, क्योंकि कैडेस्ट्रल मानचित्र नियमित प्रयोग के सबसे बड़े मापक वाले मानचित्र हैं। कैडेस्ट्रल शब्द का अर्थ ही संपत्ति का पंजिका अभिलेख है, और यही इसे याद रखने का सरल सूत्र है।

Q12.भूगोलकठिन

जो मानचित्र प्रक्षेप दिखाए गए प्रदेशों का क्षेत्रफल शुद्ध रखता है, उसे क्या कहा जाता है?

  1. A.ऑर्थोमॉर्फिक
  2. B.होमोलोग्राफिक
  3. C.दिगंशीय
  4. D.ग्नोमोनिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. होमोलोग्राफिक

व्याख्या

सही उत्तर B, होमोलोग्राफिक है। होमोलोग्राफिक अर्थात समक्षेत्र प्रक्षेप मानचित्र पर क्षेत्रफलों का अनुपात ग्लोब के समान रखता है, इसीलिए जनसंख्या, फसल अथवा वन के विश्व वितरण मानचित्र मोलवाइड या साइनुसॉइडल जैसे प्रक्षेपों पर बनाए जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि ऑर्थोमॉर्फिक, जिसे कनफॉर्मल भी कहते हैं, उस प्रक्षेप के लिए प्रयुक्त होता है जो स्थानीय स्तर पर आकार शुद्ध रखता है, जैसे मर्केटर; कोई प्रक्षेप बड़े क्षेत्र पर एक साथ ऑर्थोमॉर्फिक और होमोलोग्राफिक नहीं हो सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि दिगंशीय या खमध्य उस वर्ग का नाम है जो ग्लोब को स्पर्श करते समतल पर बनता है, सुरक्षित गुण का नाम नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्नोमोनिक एक विशेष परिदृश्य खमध्य प्रक्षेप है, जिस पर बृहत वृत्त सरल रेखा बनता है और जो विमानन में उपयोगी है।

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