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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 63

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 63) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: रेडियोधर्मिता और नाभिकीय ऊर्जा, औद्योगिक रसायन: कांच, सीमेंट, उर्वरक और विस्फोटक, अर्धचालक और मूल इलेक्ट्रॉनिकी और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

अल्फा कण किस परमाणु के नाभिक के समान होता है?

  1. A.हाइड्रोजन
  2. B.हीलियम
  3. C.लिथियम
  4. D.ड्यूटीरियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हीलियम

व्याख्या

सही उत्तर B, हीलियम है। अल्फा कण में दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन बँधे रहते हैं, और यही हीलियम-4 परमाणु का नाभिक है, इसलिए उसका आवेश धन दो तथा द्रव्यमान संख्या चार होती है। भारी तथा द्विआवेशित होने के कारण वह वायु को प्रबलता से आयनित करता है पर ऊर्जा शीघ्र खो देता है, और कागज की एक शीट या कुछ सेंटीमीटर वायु उसे रोक देती है। विकल्प A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन का नाभिक एक प्रोटॉन है, जो कुछ नाभिकीय अभिक्रियाओं में निकलता है पर अल्फा कण नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि लिथियम के नाभिक में तीन प्रोटॉन होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि ड्यूटीरियम का नाभिक, ड्यूटरॉन, एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन का होता है और भारी जल में प्रयुक्त होता है, अल्फा क्षय में नहीं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 04 Oct 2017, Shift 2आसान

सीमेंट, रोड़ी, मोटी बालू और पानी के मिश्रण को _______ कहा जाता है।

  1. A.मोर्टार
  2. B.कंक्रीट
  3. C.स्लरी
  4. D.मॉडरेटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कंक्रीट

व्याख्या

सही उत्तर है B, कंक्रीट। कंक्रीट वह निर्माण सामग्री है जो सीमेंट के साथ रोड़ी जैसे मोटे गिट्टी पदार्थ, बालू जैसे महीन पदार्थ और पानी मिलाकर बनाई जाती है।

सीमेंट और पानी के बीच जलयोजन नामक अभिक्रिया होती है, जिससे मिश्रण जमकर कठोर हो जाता है और गिट्टी को बाँध लेता है। साधारण काम के लिए एक भाग सीमेंट, दो भाग बालू और चार भाग रोड़ी का अनुपात आम है, जिसे 1:2:4 लिखा जाता है। कंक्रीट संपीडन में मजबूत पर तनाव में कमजोर होती है, इसलिए इसमें लोहे की छड़ें डालकर प्रबलित सीमेंट कंक्रीट बनाई जाती है, जिससे आज की इमारतें, पुल और बाँध बनते हैं।

विकल्प A, मोर्टार, में केवल सीमेंट या चूना, बालू और पानी होता है, रोड़ी नहीं, और इससे ईंटें जोड़ी जाती हैं। विकल्प C, स्लरी, किसी ठोस का पतला बहने वाला मिश्रण है। विकल्प D, मॉडरेटर, नाभिकीय रिएक्टर में न्यूट्रॉन की गति धीमी करने वाला पदार्थ है।

परीक्षा सुझाव: मोर्टार में रोड़ी नहीं, कंक्रीट में रोड़ी, और लोहे की छड़ मिलाने पर आरसीसी।

Q3.सामान्य विज्ञानमध्यम

कक्ष ताप पर सिलिकॉन का वर्जित ऊर्जा अंतराल लगभग कितना होता है?

  1. A.0.7 eV
  2. B.1.1 eV
  3. C.3.5 eV
  4. D.5.5 eV
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1.1 eV

व्याख्या

सही उत्तर B, लगभग 1.1 eV है। सिलिकॉन सर्वाधिक प्रयुक्त अर्धचालक है और उसका वर्जित ऊर्जा अंतराल, अर्थात् संयोजी बैंड के शिखर तथा चालन बैंड के तल के बीच का अंतर, कक्ष ताप पर लगभग 1.1 इलेक्ट्रॉन वोल्ट है। विकल्प A गलत है क्योंकि 0.7 इलेक्ट्रॉन वोल्ट जर्मेनियम का बैंड अंतराल है, जो दूसरा तात्विक अर्धचालक है, और यही दो मान परीक्षाओं में सर्वाधिक आपस में बदले जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि इस आकार का अंतराल चौड़े बैंड अंतराल वाले पदार्थ का है, सिलिकॉन का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 5.5 इलेक्ट्रॉन वोल्ट हीरे का बैंड अंतराल है, जिसे विद्युतरोधी का मानक उदाहरण बताया जाता है। तुलना के लिए गैलियम आर्सेनाइड का अंतराल लगभग 1.43 इलेक्ट्रॉन वोल्ट है। यही कारण है कि सिलिकॉन तथा जर्मेनियम के मान एक साथ याद रखने चाहिए, क्योंकि प्रश्न प्रायः एक का मान पूछकर दूसरे का विकल्प सामने रख देते हैं और अभ्यर्थी भ्रमित हो जाते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 5 (Civil Engineering) 2012मध्यम

निम्नलिखित में से सही कथन चुनें: 1. हुक का नियम समानुपातिकता सीमा तक मान्य है। 2. हुक का नियम प्रत्यास्थता सीमा तक मान्य है। 3. समानुपातिकता सीमा सदैव प्रत्यास्थता सीमा से कम होती है। 4. समानुपातिकता सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है। सही उत्तर है

  1. A.1 और 4
  2. B.2 और 4
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 4। हुक का नियम केवल समानुपातिकता सीमा तक लागू होता है, और यह सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है, इसलिए कथन 1 और 4 ही सही जोड़ी बनाते हैं। हुक के नियम के अनुसार प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है, और यही प्रतिबल-विकृति ग्राफ का सीधा भाग है; जहाँ वक्र सीधी रेखा छोड़ देता है, वही बिंदु समानुपातिकता सीमा है। उससे कुछ आगे तक भी पदार्थ बल हटाने पर अपने मूल रूप में लौट आता है, और जहाँ तक ऐसा होता है वह अंतिम बिंदु प्रत्यास्थता सीमा कहलाता है। अधिकांश धातुओं में ये दोनों बिंदु बहुत पास होते हैं और आदर्श पदार्थ में एक ही हो जाते हैं। B गलत है क्योंकि कथन 2 नियम को ग्राफ के सीधे भाग से आगे तक खींच देता है, जहाँ समानुपात नहीं रहता। C और D गलत हैं क्योंकि कथन 3 सदैव कम कहता है, जबकि दोनों सीमाएँ बराबर भी हो सकती हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - समानुपातिकता सीमा, प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु, परम प्रतिबल।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

जब कोई नाभिक अल्फा कण उत्सर्जित करता है तो उसकी द्रव्यमान संख्या और परमाणु संख्या में क्या परिवर्तन होता है?

  1. A.द्रव्यमान संख्या 2 और परमाणु संख्या 1 घटती है
  2. B.द्रव्यमान संख्या 4 और परमाणु संख्या 2 घटती है
  3. C.द्रव्यमान संख्या अपरिवर्तित रहती है और परमाणु संख्या 1 बढ़ती है
  4. D.दोनों अपरिवर्तित रहती हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. द्रव्यमान संख्या 4 और परमाणु संख्या 2 घटती है

व्याख्या

सही उत्तर B, द्रव्यमान संख्या 4 और परमाणु संख्या 2 घटती है। अल्फा कण दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन ले जाता है, इसलिए जनक नाभिक की द्रव्यमान संख्या चार तथा परमाणु संख्या दो घट जाती है और वह आवर्त सारणी में दो स्थान पीछे का तत्व बन जाता है; उदाहरण के लिए यूरेनियम-238 थोरियम-234 बन जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कोई भी क्षय दो इकाई द्रव्यमान के साथ एक इकाई आवेश नहीं घटाता। विकल्प C गलत है क्योंकि यह बीटा ऋण क्षय का वर्णन है, जिसमें न्यूट्रॉन प्रोटॉन बन जाता है और इलेक्ट्रॉन निकलता है, इसलिए आवेश एक बढ़ता है और द्रव्यमान संख्या वही रहती है। विकल्प D गलत है क्योंकि यह गामा उत्सर्जन है, जिसमें नाभिक केवल अतिरिक्त ऊर्जा छोड़ता है और कोई संख्या नहीं बदलती।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · RRB ALP CBT I Official Mock Test 2024आसान

पिसीकल्चर शब्द किससे संबंधित है?

  1. A.मधुमक्खी पालन
  2. B.रेशम कीट पालन
  3. C.मछली पालन
  4. D.पक्षी पालन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मछली पालन

व्याख्या

सही उत्तर है C, मछली पालन। पिसीकल्चर का अर्थ तालाबों, जलकुंडों तथा अन्य प्रबंधित जलाशयों में मछली पालना है; लैटिन शब्द पिसिस का अर्थ ही मछली है। यह जलकृषि की एक शाखा है और भारत विश्व के सबसे बड़े मछली उत्पादकों में एक है। मछली उत्पादन की योजनाबद्ध वृद्धि को नीली क्रांति कहा जाता है, और रोहू, कतला तथा मृगल भारतीय तालाबों में पाली जाने वाली प्रमुख कार्प मछलियाँ हैं। A गलत है क्योंकि मधुमक्खी पालन एपीकल्चर कहलाता है, जिससे शहद और मोम मिलता है। B गलत है क्योंकि रेशम कीट पालन सेरीकल्चर है, जिसमें शहतूत खाने वाला बॉम्बिक्स मोराई कीट संसार का अधिकांश रेशम देता है। D गलत है क्योंकि पक्षी पालन एवीकल्चर कहलाता है और अंडे तथा मांस के लिए मुर्गी पालना कुक्कुट पालन है। परीक्षा टिप: सभी शब्द साथ याद रखें - पिसीकल्चर मछली, एपीकल्चर मधुमक्खी, सेरीकल्चर रेशम कीट, एवीकल्चर पक्षी, हॉर्टीकल्चर फल-सब्जी, फ्लोरीकल्चर फूल।

Q7.सामान्य विज्ञानआसान

इलेक्ट्रॉनिक परिपथ में p-n संधि डायोड का मुख्य उपयोग किस रूप में होता है?

  1. A.दिष्टकारी
  2. B.वोल्टता प्रवर्धक
  3. C.दोलित्र
  4. D.परिणामित्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दिष्टकारी

व्याख्या

सही उत्तर A, दिष्टकारी है। p-n संधि अग्र अभिनति में स्वतंत्र रूप से चालन करती है, जहाँ विभव प्राचीर घट जाता है, और पश्च अभिनति में धारा रोकती है, जहाँ केवल सूक्ष्म क्षरण धारा बहती है। यह एकदिशीय चालन ठीक वही है जो प्रत्यावर्ती धारा को दिष्ट धारा में बदलने के लिए आवश्यक है, इसलिए डायोड का मुख्य उपयोग दिष्टकारी के रूप में होता है, अर्ध-तरंग, पूर्ण-तरंग या सेतु व्यवस्था में। विकल्प B गलत है क्योंकि प्रवर्धन के लिए ट्रांजिस्टर जैसी त्रि-सिरे वाली युक्ति आवश्यक है; दो सिरे वाला डायोड शक्ति लाभ नहीं दे सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि दोलित्र के लिए धनात्मक पुनर्निवेश वाले प्रवर्धक की आवश्यकता होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि परिणामित्र कुंडलियों के बीच अन्योन्य प्रेरण से कार्य करता है, केवल प्रत्यावर्ती धारा संभालता है, और उसमें कोई अर्धचालक नहीं होता।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 17 Aug 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसने पहली बार यह निष्कर्ष निकाला कि निर्वात में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं और एक ही समय में जमीन पर पहुँचती हैं?

  1. A.अल्बर्ट आइंस्टीन
  2. B.गैलीलियो गैलिली
  3. C.थॉमस अल्वा एडिसन
  4. D.आइजैक न्यूटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गैलीलियो गैलिली

व्याख्या

सही उत्तर है B, गैलीलियो गैलिली। गैलीलियो ने पहली बार यह तर्क दिया कि वायु प्रतिरोध हटा देने पर हर वस्तु अपने द्रव्यमान से निरपेक्ष, समान त्वरण से गिरती है। उसने नत तलों पर गेंदें लुढ़काकर और समय मापकर यह निष्कर्ष निकाला, और लोकप्रिय विवरणों में यह विचार पीसा की झुकी मीनार के उसके प्रयोग से जुड़ा है। इससे अरस्तू की पुरानी मान्यता गलत सिद्ध हुई कि भारी वस्तुएँ तेज गिरती हैं। उसने जिस त्वरण की बात की वही g है, जो पृथ्वी के निकट लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। A गलत है क्योंकि आइंस्टीन ने बहुत बाद में व्यापक सापेक्षता के तुल्यता सिद्धांत में इसी पर आगे काम किया। C गलत है क्योंकि एडिसन विद्युत बल्ब और फोनोग्राफ के आविष्कारक थे, गिरती वस्तुओं पर उनका कोई कार्य नहीं है। D गलत है क्योंकि न्यूटन, जिनका जन्म गैलीलियो की मृत्यु के वर्ष हुआ, ने बाद में गुरुत्वाकर्षण नियम से इसका कारण समझाया। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - गैलीलियो ने बताया कि सब वस्तुएँ एक साथ गिरती हैं, न्यूटन ने कारण बताया।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित विकिरणों में सर्वाधिक भेदन क्षमता किसकी होती है?

  1. A.अल्फा किरणें
  2. B.बीटा किरणें
  3. C.गामा किरणें
  4. D.तीनों की समान
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गामा किरणें

व्याख्या

सही उत्तर C, गामा किरणें है। गामा विकिरण विद्युत चुंबकीय है, उसमें न आवेश होता है न विराम द्रव्यमान, इसलिए वह आवेशित कणों की तुलना में पदार्थ से बहुत सरलता से पार निकलता है और उसे घटाने के लिए मोटा सीसा या कंक्रीट चाहिए। विकल्प A गलत है क्योंकि अल्फा कण तीनों में सर्वाधिक आयनकारी होते हुए भी कागज की एक शीट अथवा कुछ सेंटीमीटर वायु से रुक जाता है, और इसका कारण यही प्रबल अन्योन्यक्रिया है। विकल्प B गलत है क्योंकि बीटा कण हल्के इलेक्ट्रॉन होने से अल्फा से अधिक भेदते हैं पर कुछ मिलीमीटर एल्युमिनियम से रुक जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि तीनों में बहुत अंतर है। उपयोगी नियम यह है कि भेदन क्षमता अल्फा से बीटा और गामा की ओर बढ़ती है जबकि आयनन क्षमता उसी क्रम में घटती है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 1 Sept 2019, Shift 1 (Electrical)मध्यम

विद्युत लेपन शुरू करने से पहले कौन-सी क्रिया अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए?

  1. A.बफिंग
  2. B.सोल्डरिंग
  3. C.सफाई
  4. D.पॉलिशिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सफाई

व्याख्या

सही उत्तर है C, सफाई। विद्युत लेपन में जिस वस्तु पर परत चढ़ानी होती है उसे कैथोड बनाया जाता है, लेपन की धातु एनोड का काम करती है, और दोनों को उसी धातु के लवण वाले विद्युत-अपघट्य में डुबोया जाता है। धारा बहने पर धातु के आयन कैथोड की ओर जाकर उस पर जम जाते हैं। यह परत तभी मजबूती से चिपकती है जब सतह रासायनिक रूप से साफ हो, इसलिए पहले चिकनाई, तेल, जंग और ऑक्साइड को डीग्रीसिंग तथा अम्ल में पिकलिंग द्वारा हटाया जाता है; यदि कोई पतली परत रह जाए तो लेपन उखड़ जाता है, फूल जाता है या जगह-जगह से अधूरा रह जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बफिंग से पहले से साफ सतह पर केवल चमक आती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोल्डरिंग भराव मिश्रधातु से दो धातुओं को जोड़ने की क्रिया है, लेपन की तैयारी से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पॉलिशिंग सतह को यांत्रिक रूप से चिकना करती है, पर चिपकने में बाधा डालने वाली तेल और ऑक्साइड की परत नहीं हटाती। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें, पहले सफाई फिर लेपन, और वस्तु सदैव कैथोड होती है।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

कौन डायोड पश्च भंजन क्षेत्र में चलाया जाता है और वोल्टता नियंत्रक के रूप में प्रयुक्त होता है?

  1. A.प्रकाश उत्सर्जक डायोड
  2. B.फोटो डायोड
  3. C.जेनर डायोड
  4. D.सौर सेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जेनर डायोड

व्याख्या

सही उत्तर C, जेनर डायोड है। जेनर डायोड को अत्यधिक मादित किया जाता है जिससे भंजन कम और तीव्र रूप से निश्चित पश्च वोल्टता पर होता है। उस बिंदु के बाद उसके सिरों की वोल्टता लगभग स्थिर रहती है, भले ही उसमें से बहने वाली धारा बहुत बदल जाए, और यही गुण वोल्टता नियंत्रक के लिए आवश्यक है। विकल्प A गलत है क्योंकि प्रकाश उत्सर्जक डायोड अग्र अभिनति में चलाया जाता है और विद्युत् ऊर्जा को प्रकाश में बदलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि फोटो डायोड वास्तव में पश्च अभिनत होता है, परंतु उसका उपयोग प्रकाश का संसूचन करने में होता है, वोल्टता स्थिर रखने में नहीं, और उसे भंजन में नहीं चलाया जाता। विकल्प D गलत है क्योंकि सौर सेल बिना किसी बाह्य अभिनति के कार्य करता है और आपतित प्रकाश से स्वयं विद्युत् वाहक बल उत्पन्न करता है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 3 March 2019मध्यम

कौन-सा औषधीय पौधा 'विंटर चेरी' के नाम से जाना जाता है?

  1. A.अश्वगंधा
  2. B.गुलाब
  3. C.लिली
  4. D.चाँदनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अश्वगंधा

व्याख्या

सही उत्तर है A, अश्वगंधा। अश्वगंधा का वानस्पतिक नाम विथानिया सोम्नीफेरा है और अंग्रेजी में इसे 'विंटर चेरी' कहा जाता है, क्योंकि इसके पतले आवरण के भीतर छोटा लाल फल लगता है। इसे 'इंडियन जिनसेंग' भी कहते हैं। इसका उपयोगी भाग जड़ है, जिसे आयुर्वेद में कमजोरी, तनाव और नींद न आने की स्थिति में बलवर्धक के रूप में दिया जाता है; ताजी जड़ से घोड़े जैसी गंध आने के कारण ही इसका नाम अश्वगंधा पड़ा। यह सूखे इलाकों का कड़ा पौधा है, इसलिए राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात इसके मुख्य उत्पादक राज्य हैं; राजस्थान के नागौर की 'नागौरी' किस्म तथा मध्य प्रदेश के मंदसौर-नीमच क्षेत्र की खेती सबसे प्रसिद्ध है। B गलत है क्योंकि गुलाब सजावटी और इत्र वाली फसल है। C गलत है क्योंकि लिली कंद से उगने वाला बागवानी पुष्प है। D गलत है क्योंकि चाँदनी सफेद फूलों वाला सजावटी झाड़ीदार पौधा है। परीक्षा टिप: अश्वगंधा – विथानिया सोम्नीफेरा, विंटर चेरी, जड़ का उपयोग।

Q13.सामान्य विज्ञानमध्यम

नाभिकीय रिएक्टर में भारी जल का मुख्य उपयोग किस रूप में होता है?

  1. A.मंदक के रूप में
  2. B.ईंधन के रूप में
  3. C.नियंत्रक छड़ के रूप में
  4. D.परिरक्षण के रूप में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मंदक के रूप में

व्याख्या

सही उत्तर A, मंदक के रूप में है। भारी जल, जिसमें साधारण जल का हाइड्रोजन ड्यूटीरियम से बदला होता है, विखंडन में निकले तेज न्यूट्रॉनों को उस निम्न गति तक धीमा करता है जिस पर वे आगे यूरेनियम नाभिक तोड़ने में अधिक सक्षम होते हैं, और ऐसा करते हुए वह बहुत कम न्यूट्रॉन सोखता है, इसीलिए भारतीय दाबित भारी जल रिएक्टर प्राकृतिक यूरेनियम का उपयोग कर सकते हैं। ऐसे रिएक्टरों में भारी जल शीतलक का कार्य भी करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि ईंधन यूरेनियम अथवा प्लूटोनियम होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि नियंत्रक छड़ें कैडमियम या बोरॉन जैसे न्यूट्रॉन अवशोषकों की बनती हैं, जिनका उद्देश्य उलटा है। विकल्प D गलत है क्योंकि परिरक्षण क्रोड के चारों ओर मोटे कंक्रीट और सीसे से होता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

लिटमस विलयन एक बैंगनी रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त होता है; यह पौधा ________ संघ (डिवीजन) का सदस्य है।

  1. A.जिम्नोस्पर्म
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.थैलोफाइटा
  4. D.ब्रायोफाइटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है C, थैलोफाइटा। लिटमस एक बैंगनी रंजक है जो लाइकेन से निकाला जाता है, और विद्यालयी विज्ञान में प्रयुक्त वर्गीकरण में लाइकेन को थैलोफाइटा में रखा जाता है। थैलोफाइटा उन साधारण पौधों का समूह है जिनका शरीर अविभेदित थैलस होता है, यानी उनमें असली जड़, तना और पत्ती नहीं होती। शैवाल और कवक भी इसी समूह में आते हैं, और लाइकेन असल में एक शैवाल और एक कवक के सहजीवन से बनता है। लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है: उदासीन विलयन में यह बैंगनी रहता है, अम्ल में लाल और क्षार में नीला हो जाता है; इसका उपयोग विलयन और लिटमस पत्र दोनों रूपों में होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जिम्नोस्पर्म विकसित पौधे हैं जिनके बीज नग्न होते हैं, जैसे चीड़ और साइकस। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा यानी फर्न संवहन ऊतक वाले पहले पौधे हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मॉस और मार्केंशिया जैसे ब्रायोफाइट को पादप जगत का जलस्थलचर कहा जाता है। परीक्षा टिप: लिटमस अम्ल में लाल, क्षार में नीला और उदासीन में बैंगनी।

Q15.सामान्य विज्ञानमध्यम

द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में कौन क्षेत्र सबसे पतला और सबसे अल्प मादित होता है?

  1. A.उत्सर्जक
  2. B.आधार
  3. C.संग्राहक
  4. D.तीनों समान रूप से मादित होते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आधार

व्याख्या

सही उत्तर B, आधार है। ट्रांजिस्टर का आधार बहुत पतला और केवल अल्प मादित बनाया जाता है जिससे उत्सर्जक द्वारा भेजे गए अधिकांश वाहक उसमें पुनर्योजन करने के स्थान पर सीधे संग्राहक तक पहुँच जाएँ। यही ट्रांजिस्टर को उसका बड़ा धारा अंतरण अनुपात देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि उत्सर्जक सर्वाधिक मादित क्षेत्र है, क्योंकि उसका कार्य वाहकों की पर्याप्त आपूर्ति करना है। विकल्प C गलत है क्योंकि संग्राहक मध्यम मादित होता है और उसे भौतिक रूप से सबसे बड़ा बनाया जाता है जिससे वह वहाँ उत्पन्न ऊष्मा का क्षय कर सके। विकल्प D गलत है क्योंकि असमान मादन आवश्यक है; यही कारण है कि दो अलग डायोड को पीठ से पीठ जोड़कर ट्रांजिस्टर नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि तब कोई पतला उभयनिष्ठ आधार नहीं होगा।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 11 Oct 2018, Shift 2आसान

विद्युत बल्ब भरने के लिए निम्नलिखित में से किस गैस का उपयोग किया जाता है?

  1. A.H2 और N2
  2. B.Ar और H2
  3. C.N2 और O2
  4. D.Ar और N2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. Ar और N2

व्याख्या

सही उत्तर है D, Ar और N2। साधारण तंतु बल्ब में आर्गन और नाइट्रोजन का मिश्रण भरा जाता है, क्योंकि ये दोनों गैसें रासायनिक रूप से निष्क्रिय हैं और श्वेत-तप्त टंगस्टन तंतु को जलने नहीं देतीं। तंतु लगभग 2,500 डिग्री सेल्सियस पर कार्य करता है और खुली हवा में वह कुछ ही क्षणों में ऑक्सीकृत हो जाएगा। निष्क्रिय गैस का भराव काँच के भीतर दबाव भी बढ़ाता है, जिससे टंगस्टन परमाणुओं का वाष्पन धीमा पड़ता है, तंतु अधिक चलता है और काँच कम काला पड़ता है। उत्कृष्ट गैसों में आर्गन इसलिए चुनी जाती है क्योंकि वह सबसे सस्ती है और वायु का लगभग एक प्रतिशत भाग बनाती है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन अत्यधिक ज्वलनशील है और तप्त बल्ब के भीतर खतरा बनेगी। B भी इसी कारण गलत है, उसमें मिली हाइड्रोजन मिश्रण को असुरक्षित कर देती है। C गलत है क्योंकि उसमें उपस्थित ऑक्सीजन तंतु को तुरंत ऑक्सीकृत कर तोड़ देगी। परीक्षा टिप: टंगस्टन तंतु, गलनांक लगभग 3,400 डिग्री सेल्सियस, भराव आर्गन-नाइट्रोजन।

Q17.सामान्य विज्ञानमध्यम

नाभिकीय शृंखला अभिक्रिया की दर नियंत्रित करने वाली नियंत्रक छड़ें सामान्यतः किस पदार्थ की बनी होती हैं?

  1. A.ग्रेफाइट और भारी जल
  2. B.कैडमियम और बोरॉन
  3. C.सीसा और कंक्रीट
  4. D.यूरेनियम और प्लूटोनियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कैडमियम और बोरॉन

व्याख्या

सही उत्तर B, कैडमियम और बोरॉन है। दोनों न्यूट्रॉन प्रबलता से सोखते हैं, इसलिए छड़ों को क्रोड में भीतर धकेलने से न्यूट्रॉन हट जाते हैं और शृंखला अभिक्रिया धीमी होती है, जबकि बाहर खींचने से अभिक्रिया बढ़ती है; इसी से रिएक्टर की शक्ति नियंत्रित होती है और उसे बंद भी किया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ग्रेफाइट और भारी जल मंदक हैं, जो न्यूट्रॉन सोखे बिना उन्हें धीमा करते हैं, अर्थात आवश्यकता उलटी है। विकल्प C गलत है क्योंकि सीसा और कंक्रीट वह जैविक परिरक्षण बनाते हैं जो विकिरण को रिएक्टर भवन से बाहर जाने से रोकता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यूरेनियम और प्लूटोनियम वे विखंडनीय ईंधन हैं जो आरंभ में न्यूट्रॉन देते हैं। मंदक, नियंत्रक छड़, शीतलक और परिरक्षण को अपने-अपने पदार्थ से जोड़कर याद रखना चाहिए।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

तर्क द्वारों का कौन युग्म सार्वत्रिक द्वार कहलाता है?

  1. A.AND और OR
  2. B.NAND और NOR
  3. C.OR और NOT
  4. D.XOR और XNOR
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. NAND और NOR

व्याख्या

सही उत्तर B, NAND और NOR है। इन्हें सार्वत्रिक द्वार कहा जाता है क्योंकि इनमें से कोई भी एक, बार-बार प्रयोग करके, प्रत्येक अन्य तर्क द्वार बना सकता है, जिसमें NOT, AND, OR, XOR तथा XNOR शामिल हैं। व्यवहार में इसका महत्व यह है कि निर्माता केवल एक ही प्रकार के द्वार से पूरा समेकित परिपथ बिछा सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि AND तथा OR, NOT के साथ, मूल द्वार हैं, और AND तथा OR अपने आप प्रतिलोमन नहीं कर सकते। विकल्प C उसी कारण गलत है; OR और NOT मिलकर NOR और उससे शेष बना सकते हैं, परंतु दोनों द्वार अलग-अलग इस अर्थ में सार्वत्रिक नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि XOR तथा XNOR मूल द्वारों से बने व्युत्पन्न द्वार हैं और सार्वत्रिक नहीं हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

सूर्य से विकिरित ऊर्जा मुख्यतः किस प्रक्रिया से उत्पन्न होती है?

  1. A.यूरेनियम का नाभिकीय विखंडन
  2. B.हाइड्रोजन नाभिकों का नाभिकीय संलयन
  3. C.हाइड्रोजन का रासायनिक दहन
  4. D.भारी तत्वों का रेडियोधर्मी क्षय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हाइड्रोजन नाभिकों का नाभिकीय संलयन

व्याख्या

सही उत्तर B, हाइड्रोजन नाभिकों का नाभिकीय संलयन है। सूर्य के क्रोड में लाखों डिग्री ताप पर हाइड्रोजन नाभिक क्रमशः जुड़कर हीलियम बनाते हैं, और इस प्रक्रिया में जो थोड़ा द्रव्यमान घटता है वही आइंस्टाइन के द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध के अनुसार ऊर्जा बनकर निकलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि विखंडन के लिए यूरेनियम जैसे भारी नाभिक चाहिए, जो तारे का ईंधन नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि रासायनिक दहन प्रति अभिक्रिया कुछ इलेक्ट्रॉन वोल्ट ही देता है, जो सूर्य को अरबों वर्ष जलाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं, और क्रोड में जलने के लिए ऑक्सीजन भी नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि भारी तत्वों का रेडियोधर्मी क्षय पृथ्वी के आंतरिक भाग को कुछ ऊष्मा देता है, परंतु वह सौर ऊर्जा का स्रोत नहीं है।

Q20.सामान्य विज्ञानकठिन

यदि पूर्ण-तरंग दिष्टकारी के निवेश की आवृत्ति 50 हर्ट्ज़ है, तो उसके निर्गत की तरंगिका आवृत्ति कितनी होगी?

  1. A.25 हर्ट्ज़
  2. B.50 हर्ट्ज़
  3. C.100 हर्ट्ज़
  4. D.शून्य
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सही उत्तर: C. 100 हर्ट्ज़

व्याख्या

सही उत्तर C, 100 हर्ट्ज़ है। पूर्ण-तरंग दिष्टकारी निवेश चक्र के दोनों अर्धांशों में चालन करता है, क्योंकि डायोडों का एक युग्म धनात्मक अर्धांश संभालता है और दूसरा युग्म ऋणात्मक अर्धांश। अतः निर्गत में निवेश के प्रत्येक चक्र के लिए दो स्पंद होते हैं, इसलिए उसकी मूल तरंगिका आवृत्ति निवेश आवृत्ति की दोगुनी होती है, अर्थात् 50 हर्ट्ज़ की आपूर्ति के लिए 100 हर्ट्ज़। विकल्प A गलत है क्योंकि आवृत्ति दोगुनी होती है, आधी नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 50 हर्ट्ज़ अर्ध-तरंग दिष्टकारी की तरंगिका आवृत्ति है, जो प्रत्येक चक्र के केवल एक अर्धांश में चालन करता है; यही मानों का युग्म परीक्षक जाँचते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि दिष्टकारी का निर्गत स्पंदमान दिष्ट धारा है और उसकी तरंगिका छानक लगाने के बाद ही शून्य होती है।

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