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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 44

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 44) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: ऊष्मा और ऊष्मागतिकी, गैस नियम और गैसों का अणुगति सिद्धांत, प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 3आसान

ऊष्मा स्थानांतरण की निम्नलिखित विधियों में से किसमें किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है?

  1. A.विकिरण और चालन दोनों
  2. B.चालन
  3. C.संवहन
  4. D.विकिरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. विकिरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, विकिरण। विकिरण में ऊष्मा विद्युत-चुंबकीय तरंगों के रूप में चलती है, इसलिए इसे किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती और यह निर्वात से भी गुजर सकती है। सूर्य की ऊष्मा खाली अंतरिक्ष को पार करके इसी तरह पृथ्वी तक पहुँचती है, और आग के सामने खड़े होकर उसे छुए बिना गर्मी महसूस होना भी विकिरण है। परम शून्य से ऊपर का प्रत्येक पिंड ऊर्जा का विकिरण करता है, और वस्तु जितनी गर्म होगी उतना ही अधिक विकिरण करेगी। A गलत है क्योंकि इसमें चालन भी जोड़ा गया है, जबकि चालन माध्यम के बिना नहीं हो सकता। B गलत है क्योंकि चालन में ऊष्मा ठोस के भीतर कण से कण तक पहुँचती है, इसलिए माध्यम अनिवार्य है। C गलत है क्योंकि संवहन गर्म द्रव या गैस के बहने से होता है, इसलिए निर्वात में यह रुक जाता है। परीक्षा टिप: चालन को ठोस, संवहन को द्रव और विकिरण को कुछ भी नहीं चाहिए - निर्वात को केवल विकिरण पार करता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 16 April 2023आसान

समान ताप और दाब पर मापे जाने पर सभी गैसों के समान आयतन में कणों की संख्या समान होती है। यह नियम किसने दिया?

  1. A.चार्ल्स
  2. B.बॉयल
  3. C.एवोगाद्रो
  4. D.लुसाक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एवोगाद्रो

व्याख्या

सही उत्तर है C, एवोगाद्रो। प्रश्न में दिया गया कथन एवोगाद्रो का नियम है, जिसे इतालवी वैज्ञानिक अमेडियो एवोगाद्रो ने 1811 में दिया था। इसके अनुसार समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए गैस का आयतन उसमें उपस्थित मोलों की संख्या के समानुपाती होता है। इसी कारण मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर आयतन घेरता है, और एक मोल में कणों की संख्या, लगभग 6.022 गुणा 10 की घात 23, को उनके नाम पर एवोगाद्रो संख्या कहा जाता है। A गलत है क्योंकि चार्ल्स का नियम स्थिर दाब पर गैस के आयतन को उसके ताप से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि बॉयल का नियम कहता है कि स्थिर ताप पर आयतन दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है। D गलत है क्योंकि गे-लुसाक ने संयोजी आयतनों का नियम तथा दाब और ताप का नियम दिया था। परीक्षा टिप: एवोगाद्रो आयतन को अणुओं की संख्या से, बॉयल दाब से और चार्ल्स ताप से जोड़ता है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 1मध्यम

वायु में f फोकस दूरी वाले एक उत्तल दर्पण को 4/3 अपवर्तनांक वाले द्रव में डुबोया जाता है। द्रव में इस दर्पण की फोकस दूरी क्या होगी?

  1. A.(4/3) f
  2. B.(3/4) f
  3. C.(7/3) f
  4. D.f
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. f

व्याख्या

सही उत्तर है D, f। दर्पण की फोकस दूरी उसके चारों ओर के माध्यम पर निर्भर नहीं करती, इसलिए वायु में f फोकस दूरी वाले उत्तल दर्पण की फोकस दूरी द्रव में भी f ही रहती है। दर्पण परावर्तन के नियम से काम करता है और गोलीय दर्पण के लिए f = R/2 होता है, जहाँ R उसकी सतह की वक्रता त्रिज्या है। R केवल दर्पण की बनावट से तय होता है, इसलिए वायु के स्थान पर जल, तेल या कोई भी द्रव आ जाए, फोकस दूरी नहीं बदलती। लेंस का मामला इसके उलट है, क्योंकि वह अपवर्तन से काम करता है - उसकी फोकस दूरी काँच के अपवर्तनांक और आसपास के माध्यम के अनुपात पर निर्भर करती है, इसलिए द्रव में लेंस की फोकस दूरी बदल जाती है। A गलत है क्योंकि f को 4/3 से गुणा करना दर्पण को लेंस मान लेने जैसा है। B भी इसी कारण गलत है, वहाँ केवल गुणक उलट दिया गया है। C गलत है क्योंकि 7/3 का यहाँ कोई आधार नहीं है। परीक्षा टिप: दर्पण की फोकस दूरी R/2 होती है और हर माध्यम में वही रहती है, लेंस की नहीं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग पौधों में गैसों के विनिमय में सहायक होता है?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.केंद्रक
  3. C.रंध्र
  4. D.रक्षक कोशिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, रंध्र। रंध्र पत्ती की सतह पर बने सूक्ष्म छिद्र हैं, जिनसे पौधा कार्बन डाइऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन तथा जलवाष्प बाहर निकालता है, इसलिए गैसों का विनिमय इन्हीं से होता है। प्रत्येक रंध्र के दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो रक्षक कोशिकाएँ होती हैं, जो फूलकर छिद्र खोलती हैं और सिकुड़कर उसे बंद कर देती हैं; इसी तरह पौधा जल की हानि पर नियंत्रण रखता है। अधिकांश रंध्र पत्ती की निचली सतह पर होते हैं, जिससे सीधी धूप में जल कम उड़ता है। वाष्पोत्सर्जन भी मुख्य रूप से इन्हीं छिद्रों से होता है। A गलत है क्योंकि कोशिका झिल्ली एक कोशिका में पदार्थों के आने-जाने को नियंत्रित करती है, पूरे पौधे का गैस विनिमय नहीं। B गलत है क्योंकि केंद्रक आनुवंशिक पदार्थ रखता है और कोशिका की क्रियाओं का निर्देशन करता है। D गलत है क्योंकि रक्षक कोशिकाएँ केवल छिद्र को खोलती और बंद करती हैं, विनिमय रंध्र के छिद्र से ही होता है। परीक्षा टिप: गैस विनिमय और वाष्पोत्सर्जन रंध्र से होता है, खोलना और बंद करना रक्षक कोशिकाएँ करती हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 Sept 2022, Shift 1कठिन

आधुनिक आवर्त सारणी के किस समूह में केवल दो अधातु तत्व हैं?

  1. A.16
  2. B.14
  3. C.15
  4. D.17
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 15

व्याख्या

सही उत्तर है C, 15। समूह 15, यानी नाइट्रोजन परिवार, में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, आर्सेनिक, एंटीमनी और बिस्मथ आते हैं। इनमें केवल नाइट्रोजन और फॉस्फोरस अधातु हैं; आर्सेनिक तथा एंटीमनी उपधातु हैं और बिस्मथ धातु है, इसलिए इस समूह में ठीक दो अधातु तत्व हैं। इसका कारण समूह में नीचे जाने पर दिखने वाली प्रवृत्ति है: कोशों की संख्या बढ़ने से नाभिक की पकड़ बाहरी इलेक्ट्रॉनों पर कमजोर पड़ती जाती है, परमाणु इलेक्ट्रॉन आसानी से छोड़ने लगता है और गुण अधातु से उपधातु और फिर धातु की ओर बदल जाता है। A गलत है क्योंकि समूह 16 में ऑक्सीजन, सल्फर और सेलेनियम तीन अधातु हैं, टेल्यूरियम उपधातु और पोलोनियम धातु है। B गलत है क्योंकि समूह 14 में अधातु केवल कार्बन है, सिलिकॉन तथा जर्मेनियम उपधातु और टिन तथा सीसा धातु हैं। D गलत है क्योंकि समूह 17 के फ्लुओरीन से आयोडीन तक सभी प्रचलित हैलोजन अधातु हैं। परीक्षा टिप: अधातुओं की गिनती - समूह 14 में एक, 15 में दो, 16 में तीन।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022आसान

निम्नलिखित में से हाइड्रोजन गैस का रंग कौन-सा है?

  1. A.हल्का पीला
  2. B.नारंगी
  3. C.काला
  4. D.रंगहीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रंगहीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, रंगहीन। हाइड्रोजन एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है, इसलिए दिए गए किसी भी रंग से उसका मेल नहीं बैठता। यह सबसे हल्का तत्व है, जिसमें एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन होता है, और यह ब्रह्मांड में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है, जबकि पृथ्वी पर यह अधिकतर जल तथा कार्बनिक यौगिकों में संयुक्त रूप में मिलता है। हाइड्रोजन द्विपरमाणुक अणु H2 के रूप में रहती है, वायु में हल्की नीली ज्वाला के साथ जलती है और केवल जल बनाती है, इसी कारण इसे स्वच्छ ईंधन के रूप में देखा जाता है। इसका उपयोग हेबर विधि से अमोनिया बनाने तथा वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदलने में होता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन का कोई सामान्य रूप पीला नहीं होता। B गलत है क्योंकि नारंगी रंग सोडियम वाष्प लैंप में दिखता है, हाइड्रोजन में नहीं। C गलत है क्योंकि यहाँ दी गई कोई गैस काली नहीं है; कार्बन का काजल रूप काला होता है, पर वह ठोस है। परीक्षा टिप: हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन तीनों रंगहीन तथा गंधहीन गैसें हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 16 April 2023आसान

निम्नलिखित में से कौन ऑक्सीकरण अभिक्रिया नहीं है?

  1. A.लोहे में जंग लगना
  2. B.सोडा की बोतल खोलना
  3. C.विकृतगंधिता
  4. D.दहन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सोडा की बोतल खोलना

व्याख्या

सही उत्तर है B, सोडा की बोतल खोलना। सोडा की बोतल खोलने पर किसी पदार्थ का ऑक्सीकरण नहीं होता; भीतर का दाब घट जाता है, घुली कार्बन डाइऑक्साइड की विलेयता कम हो जाती है और वह बुलबुलों के रूप में निकल जाती है। यह हेनरी के नियम से चलने वाला भौतिक परिवर्तन है, रासायनिक अभिक्रिया नहीं, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड के अणु वही रहते हैं। इसके विपरीत ऑक्सीकरण का अर्थ है किसी पदार्थ द्वारा ऑक्सीजन ग्रहण करना या इलेक्ट्रॉन खोना। विकल्प A गलत है, क्योंकि जंग लगना ऑक्सीकरण है: लोहा ऑक्सीजन और नमी से क्रिया करके जलयोजित आयरन ऑक्साइड बनाता है, जो लालिमा लिए भूरा जंग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विकृतगंधिता भोजन में वसा और तेलों का ऑक्सीकरण है, जिससे बासी गंध और स्वाद आता है, और जिसे वायुरुद्ध पैकिंग, प्रशीतन, नाइट्रोजन भरने या प्रतिऑक्सीकारकों से धीमा किया जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि दहन ऊष्मा और प्रकाश के साथ होने वाला तीव्र ऑक्सीकरण है। परीक्षा टिप: परिवर्तन रासायनिक तभी है जब नया पदार्थ बने, इसलिए घुलना और बुदबुदाना भौतिक हैं, पर जंग, विकृतगंधिता और जलना ऑक्सीकरण हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 2मध्यम

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास और भार किस प्रकार गति करते हैं?

  1. A.विपरीत दिशा में
  2. B.एक ही दिशा में
  3. C.लंबवत दिशा में
  4. D.भार के अनुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक ही दिशा में

व्याख्या

सही उत्तर है B, एक ही दिशा में। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आलंब एक सिरे पर होता है, आयास बीच में लगाया जाता है और भार दूसरे सिरे पर होता है। चूँकि आयास और भार दोनों आलंब के एक ही ओर पड़ते हैं, छड़ एक ही ओर घूमती है और दोनों एक ही दिशा में गति करते हैं। इसमें आयास भुजा भार भुजा से छोटी होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है और भार से अधिक बल लगाना पड़ता है; ऐसे उत्तोलक से गति और गति का बड़ा विस्तार मिलता है। मनुष्य की अग्रबाहु, चीनी उठाने वाला चिमटा, मछली पकड़ने की छड़ और स्टेपलर इसी प्रकार काम करते हैं। A गलत है क्योंकि आयास और भार विपरीत दिशा में प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में चलते हैं, जिसमें आलंब दोनों के बीच होता है, जैसे सी-सॉ या कैंची। C गलत है क्योंकि उत्तोलक एक स्थिर बिंदु पर घूमता है और उसके दोनों सिरे कभी एक-दूसरे के समकोण पर नहीं चलते। D गलत है क्योंकि भार का मान लगने वाले बल को बदलता है, गति की दिशा को नहीं। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में और तृतीय में आयास बीच में।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 24 May 2022, Shift 1मध्यम

म्यूरिएटिक अम्ल किस यौगिक का दूसरा नाम है, जिसका उपयोग क्लोराइड, उर्वरक और रंजक बनाने में, विद्युत-लेपन में तथा फोटोग्राफी, वस्त्र और रबर उद्योगों में किया जाता है?

  1. A.परक्लोरिक अम्ल
  2. B.सल्फ्यूरिक अम्ल
  3. C.हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
  4. D.नाइट्रिक अम्ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है C, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल। म्यूरिएटिक अम्ल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का पुराना व्यापारिक नाम है, जो हाइड्रोजन क्लोराइड गैस का जलीय विलयन है; धातु और चिनाई की सफाई में काम आने वाले कच्चे व्यापारिक ग्रेड के लिए यह नाम आज भी बाजार में चलता है। यह एक प्रबल खनिज अम्ल है जो क्लोराइड बनाता है, और उद्योग इसका उपयोग उर्वरक तथा रंजक बनाने में, विद्युत-लेपन और इस्पात की पिकलिंग में तथा फोटोग्राफी, वस्त्र और रबर उद्योगों में करता है। तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मनुष्य के गैस्ट्रिक रस में भी होता है, जहाँ यह पाचन में सहायता करता है। A गलत है क्योंकि परक्लोरिक अम्ल HClO4 है, एक प्रबल ऑक्सीकारक अम्ल, जिसका यह प्रचलित नाम नहीं है। B गलत है क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल H2SO4 को पहले ऑयल ऑफ विट्रिऑल कहा जाता था। D गलत है क्योंकि नाइट्रिक अम्ल HNO3 का पुराना नाम एक्वा फोर्टिस था। परीक्षा टिप: पुराने नाम याद रखें - म्यूरिएटिक अम्ल HCl, ऑयल ऑफ विट्रिऑल H2SO4 और एक्वा फोर्टिस HNO3।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 29th Jan 2023आसान

एक सरल लोलक 64 सेकंड में 40 दोलन पूरे करता है। लोलक का आवर्तकाल क्या है?

  1. A.0.6 सेकंड
  2. B.6 सेकंड
  3. C.1.6 सेकंड
  4. D.16 सेकंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1.6 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1.6 सेकंड। आवर्तकाल वह समय है जो एक पूरा दोलन करने में लगता है, इसलिए यह कुल समय में दोलनों की संख्या का भाग देकर निकलता है, अर्थात 64 में 40 का भाग देने पर 1.6 सेकंड। आवृत्ति इसकी उलटी राशि है, यानी एक सेकंड में होने वाले दोलनों की संख्या, जो यहाँ 40 बटा 64 अर्थात 0.625 हर्ट्ज़ है। आवर्तकाल और आवृत्ति सदा एक-दूसरे के व्युत्क्रम होते हैं। सरल लोलक का आवर्तकाल केवल धागे की लंबाई और गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर करता है, सूत्र T बराबर 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल। यह गोलक के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता और छोटे दोलनों के लिए दोलन के विस्तार पर भी नहीं। लगभग एक मीटर लंबे लोलक का आवर्तकाल करीब दो सेकंड होता है। A गलत है क्योंकि 0.6 सेकंड होने पर 64 सेकंड में सौ से अधिक दोलन हो जाते। B और D गलत हैं क्योंकि एक मिनट से कुछ अधिक समय में 40 दोलनों के लिए 6 और 16 सेकंड बहुत अधिक हैं। परीक्षा टिप: आवर्तकाल बराबर कुल समय बटा दोलनों की संख्या।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · 12 Aug 2018मध्यम

निम्नलिखित में से किस रत्न में बेरिलियम धातु पाई जाती है?

  1. A.पुखराज (टोपाज़)
  2. B.पन्ना (एमराल्ड)
  3. C.माणिक (रूबी)
  4. D.नीलम (ब्लू सैफायर)
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पन्ना (एमराल्ड)

व्याख्या

सही उत्तर है B, पन्ना (एमराल्ड)। पन्ना खनिज बेरिल का गहरा हरा रूप है, जो बेरिलियम ऐलुमिनियम सिलिकेट होता है, इसलिए बेरिलियम इसके सूत्र का ही हिस्सा है। इसमें मौजूद क्रोमियम और कभी-कभी वैनेडियम की थोड़ी मात्रा इसे हरा रंग देती है। बेरिल बेरिलियम का मुख्य अयस्क है; यह हल्की और कठोर धातु एक्स-रे खिड़कियों, विमान मिश्रातुओं और नाभिकीय रिएक्टरों में काम आती है, और इसी खनिज का हल्का नीला रूप बेरुज (एक्वामरीन) कहलाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुखराज ऐलुमिनियम सिलिकेट है जिसमें फ्लोरीन और हाइड्रॉक्सिल समूह होते हैं, बेरिलियम नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि माणिक कोरंडम यानी ऐलुमिनियम ऑक्साइड है, जो क्रोमियम की अशुद्धि से लाल दिखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीलम भी वही कोरंडम है, जिसे लोहे और टाइटेनियम की मात्रा नीला रंग देती है। परीक्षा टिप: पन्ना = बेरिल (बेरिलियम); माणिक और नीलम = कोरंडम (ऐलुमिनियम ऑक्साइड)।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25th March 2022आसान

टेफ्लॉन का उपयोग बेयरिंग बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसका

  1. A.घर्षण गुणांक कम होता है
  2. B.ऊष्मा अपवहन बेहतर होता है
  3. C.कम स्थान लगता है
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. घर्षण गुणांक कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, घर्षण गुणांक कम होता है। टेफ्लॉन पॉलिटेट्राफ्लोरोएथिलीन का व्यापारिक नाम है, और इसकी सतह ठोस पदार्थों में सबसे अधिक चिकनी सतहों में से एक है, जिसका घर्षण गुणांक लगभग 0.04 होता है। बेयरिंग का काम है कि शाफ्ट कम से कम रगड़ के साथ घूमे, इसलिए यही चिकनाई टेफ्लॉन को चुनने का कारण है; इसी गुण से ऐसे कई बेयरिंग तेल या ग्रीस के बिना भी चल जाते हैं। यह बहुलक 1938 में रॉय प्लंकेट को संयोग से मिला था, लगभग हर रसायन के प्रति निष्क्रिय रहता है और करीब 260 डिग्री सेल्सियस तक टिकता है, इसीलिए इसे नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाया जाता है और पाइप के चूड़ों पर सीलिंग टेप के रूप में लपेटा जाता है। B गलत है क्योंकि टेफ्लॉन ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसे ऊष्मा बाहर निकालने के लिए नहीं चुना जाता। C गलत है क्योंकि स्थान की बचत बेयरिंग के डिज़ाइन पर निर्भर करती है, पदार्थ पर नहीं। D गलत है क्योंकि केवल पहला कारण ही सही है। परीक्षा टिप: टेफ्लॉन यानी PTFE, सबसे कम घर्षण वाला नॉन-स्टिक बहुलक।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 27 Nov, 2025, Shift 1आसान

वह क्रियात्मक समूह जिसमें ऑक्सीजन विषम परमाणु नहीं होता है:

  1. A.ऐल्कोहॉल
  2. B.हैलो ऐल्केन
  3. C.कीटोन
  4. D.कार्बोक्सिलिक अम्ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हैलो ऐल्केन

व्याख्या

सही उत्तर है B, हैलो ऐल्केन। हैलोऐल्केन में एक हैलोजन परमाणु - फ्लोरीन, क्लोरीन, ब्रोमीन या आयोडीन - कार्बन शृंखला से जुड़ा रहता है, इसलिए इसके क्रियात्मक समूह में ऑक्सीजन होता ही नहीं। क्लोरोएथेन C2H5Cl इसका सरल उदाहरण है। क्रियात्मक समूह वह परमाणु या परमाणुओं का समूह है जो तय करता है कि कार्बन यौगिक कैसा व्यवहार करेगा, और हैलोजन अपने से जुड़े कार्बन को थोड़ा धनात्मक बना देता है, इसी कारण कार्बनिक रसायन में प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं की शुरुआत प्रायः हैलोऐल्केन से होती है। A गलत है क्योंकि ऐल्कोहॉल में हाइड्रॉक्सिल समूह -OH होता है, जिसमें ऑक्सीजन ही विषम परमाणु है। C गलत है क्योंकि कीटोन में दो कार्बन परमाणुओं के बीच कार्बोनिल समूह -CO- रहता है, और यह समूह ऑक्सीजन पर ही टिका है। D गलत है क्योंकि कार्बोक्सिलिक अम्ल में -COOH होता है, जिसमें चारों विकल्पों में सबसे अधिक, यानी दो ऑक्सीजन परमाणु हैं। परीक्षा टिप: सामान्य क्रियात्मक समूहों में केवल हैलोऐल्केन और ऐमीन ऑक्सीजन रहित हैं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 4 Dec 2018, Shift 2आसान

सल्फर डाइऑक्साइड [SO2] का अपेक्षित आण्विक द्रव्यमान क्या है?

  1. A.6.4 u
  2. B.65 u
  3. C.64 u
  4. D.6.5 u
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 64 u

व्याख्या

सही उत्तर है C, 64 u। सल्फर डाइऑक्साइड एक सल्फर परमाणु और दो ऑक्सीजन परमाणुओं से बना है, इसलिए इसका आण्विक द्रव्यमान इनके परमाणु द्रव्यमानों का योग है: 32 जमा 2 गुणा 16, यानी 32 जमा 32, जो 64 u देता है। आण्विक द्रव्यमान एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई में बताया जाता है, जिसे u लिखते हैं, और एक u कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग है। सल्फर डाइऑक्साइड वही तीखी गंध वाली रंगहीन गैस है जो सल्फर या कोयले जैसे सल्फर युक्त ईंधन के जलने पर निकलती है, और वायुमंडल में ऑक्सीकृत होकर घुलने पर सल्फ्यूरिक अम्ल बनाती है, जो अम्लीय वर्षा का मुख्य कारण है। A गलत है क्योंकि 6.4 u सही योग को दस से भाग देने पर मिलता है, यह दशमलव की चूक है। B गलत है क्योंकि 65 u के लिए ऑक्सीजन का भार 16.5 u मानना पड़ेगा। D गलत है क्योंकि इसमें गलत योग पर वही दशमलव की चूक दोहराई गई है। परीक्षा टिप: S = 32 u और O = 16 u, इसलिए SO2 = 64 u तथा SO3 = 80 u।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 18 Mar, 2026, Shift 2आसान

मेयोनीज़ किस प्रक्रिया द्वारा तैयार की जाती है?

  1. A.कैरेमेलीकरण
  2. B.पायसीकरण
  3. C.मेलार्ड अभिक्रिया
  4. D.ऑक्सीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पायसीकरण

व्याख्या

सही उत्तर है B, पायसीकरण। मेयोनीज़ एक पायस यानी इमल्शन है: तेल की अत्यंत सूक्ष्म बूँदें अंडे की जर्दी, सिरका या नींबू रस वाले जलीय द्रव में फेंटकर मिलाई जाती हैं, और ये बूँदें अलग परत बनाने के बजाय पूरे मिश्रण में फैली रहती हैं। तेल और पानी स्वयं नहीं मिलते, इसलिए ऐसे मिश्रण को पायसकारी कारक की आवश्यकता होती है, और यहाँ वह अंडे की जर्दी का लेसिथिन है, जिसके अणु का एक सिरा जल को पसंद करता है और दूसरा तेल को, इसलिए वे प्रत्येक बूँद को ढककर उसे दूसरी बूँदों से अलग रखते हैं। दूध जल में वसा का प्राकृतिक पायस है और मक्खन वसा में जल का पायस है। विकल्प A गलत है क्योंकि कैरेमेलीकरण तेज गर्म करने पर शर्करा का भूरा होना है। विकल्प C गलत है क्योंकि मेलार्ड अभिक्रिया प्रोटीन और अपचायक शर्करा के बीच होती है, जिससे रोटी की पपड़ी और भुने मांस का रंग आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि वसा का ऑक्सीकरण उसे विकृतगंधी बना देता है। परीक्षा टिप: मेयोनीज़ जल में तेल का पायस है, जिसे अंडे की जर्दी का लेसिथिन स्थिर रखता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम

सड़क पर चलती कार के पहिये के बारे में कौन-सा विकल्प सही है?

  1. A.लोटनिक घर्षण > स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण
  2. B.स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण
  3. C.स्थैतिक घर्षण > लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण
  4. D.लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण > स्थैतिक घर्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण। एक ही सतहों के जोड़े के लिए घर्षण का क्रम हमेशा स्थैतिक, फिर गतिज और फिर लोटनिक रहता है। स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक होता है क्योंकि विराम की अवस्था में सतहों की खुरदरी उभार एक-दूसरे में फँसे रहते हैं और गति शुरू करने के लिए इस जकड़न को तोड़ना पड़ता है। सरकना शुरू होने पर संपर्क बार-बार टूटता और बनता रहता है, इसलिए गतिज घर्षण कम होता है। लोटनिक घर्षण तीनों में सबसे कम है, क्योंकि लुढ़कता पहिया सड़क पर सरकता नहीं, केवल संपर्क बिंदु पर उसे थोड़ा दबाता और विकृत करता है। इसी कारण भारी बोझ खिसकाने के लिए पहिये, रोलर और बॉल बेयरिंग काम में लिए जाते हैं। A और D गलत हैं क्योंकि ये लोटनिक घर्षण को सबसे ऊपर रखते हैं, जबकि वह तीनों में सबसे कम है। C गलत है क्योंकि यह लोटनिक घर्षण को गतिज घर्षण से बड़ा बताता है, जो सही क्रम के उलट है। परीक्षा टिप: स्थैतिक > गतिज > लोटनिक; इनमें सबसे कम वाले ने ही हमें पहिया दिया।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 8 Sep 2019आसान

निम्नलिखित में से किस कोशिकांग को कोशिका की 'आत्मघाती थैली' कहा जाता है?

  1. A.लाइसोसोम
  2. B.प्लैस्टिड
  3. C.अंतर्द्रव्यी जालिका
  4. D.माइटोकॉन्ड्रिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लाइसोसोम

व्याख्या

सही उत्तर है A, लाइसोसोम। इन्हें कोशिका की आत्मघाती थैली कहा जाता है, क्योंकि इनमें भरे पाचक एंजाइम कोशिका के अपने ही पदार्थों को तोड़ सकते हैं। लाइसोसोम झिल्ली से घिरी छोटी थैलियाँ हैं, जिन्हें गॉल्जी उपकरण बनाता है, और इनके जल-अपघटनी एंजाइम अम्लीय माध्यम में सबसे अच्छा काम करते हैं। इनका सामान्य काम सफाई का है: ये टूटे-पुराने कोशिकांगों और कोशिका के भीतर आए जीवाणुओं को पचा देते हैं। जब कोशिका घायल, भूखी या बूढ़ी हो जाती है, तो लाइसोसोम की झिल्ली फट जाती है और वही एंजाइम कोशिका को ही पचा देते हैं; इसी से यह नाम पड़ा। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्लैस्टिड केवल पादप कोशिकाओं में होते हैं और वर्णक या भोजन जमा करते हैं अथवा प्रकाश संश्लेषण करते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंतर्द्रव्यी जालिका झिल्लियों का जाल है, जो कोशिका के भीतर प्रोटीन और वसा बनाती और पहुँचाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा देते हैं और कोशिका का ऊर्जागृह कहलाते हैं। परीक्षा टिप: लाइसोसोम आत्मघाती थैली, माइटोकॉन्ड्रिया ऊर्जागृह और राइबोसोम प्रोटीन की फैक्ट्री।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 6 Dec 2017, Shift 2आसान

शरीर में ऑक्सीजन युक्त वायु को भीतर लेने की प्रक्रिया को ______ कहते हैं।

  1. A.अंतःश्वसन
  2. B.निःश्वसन
  3. C.प्लवन
  4. D.अन्वेषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंतःश्वसन

व्याख्या

सही उत्तर A, अंतःश्वसन है। अंतःश्वसन श्वासक्रिया की वह अवस्था है जिसमें डायाफ्राम चपटा होता है और अंतरापर्शुक पेशियां पसलियों को ऊपर तथा बाहर खींचती हैं, जिससे वक्ष गुहा बड़ी हो जाती है, फेफड़ों के भीतर का दाब वायुमंडलीय दाब से घट जाता है और ऑक्सीजन युक्त वायु नासाछिद्रों तथा श्वासनली से भीतर दौड़ आती है। विकल्प B गलत है क्योंकि निःश्वसन इसकी उलटी अवस्था है, जिसमें पेशियां शिथिल होती हैं, वक्ष गुहा सिकुड़ती है और कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायु बाहर धकेली जाती है; सामान्यतः यह निष्क्रिय क्रिया है। विकल्प C गलत है क्योंकि प्लवन तरल में रखी वस्तुओं का भौतिक गुण है, जिसे आर्किमिडीज का नियम बताता है, और इसका श्वसन से कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि अन्वेषण का अर्थ खोज या जांच करना है और यह जीव विज्ञान का पद ही नहीं है। इस जोड़ी को याद रखें, वायु भीतर लेना अंतःश्वसन और बाहर निकालना निःश्वसन।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 29 Sept 2018, Shift 1आसान

मानव में उत्सर्जन तंत्र की निस्यंदन इकाइयों का नाम बताइए।

  1. A.मूत्रवाहिनी
  2. B.नेफ्रॉन
  3. C.तंत्रिका कोशिका
  4. D.मूत्रमार्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नेफ्रॉन

व्याख्या

सही उत्तर B, नेफ्रॉन है। नेफ्रॉन वृक्क की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है, और मानव के प्रत्येक वृक्क में लगभग दस लाख नेफ्रॉन होते हैं। रक्त केशिकागुच्छ नामक केशिकाओं की गांठ से प्यालेनुमा बोमन संपुट में धकेला जाता है और वहीं वास्तविक निस्यंदन होता है: जल, लवण, ग्लूकोज, अमीनो अम्ल और यूरिया बाहर आ जाते हैं, जबकि रक्त कणिकाएं तथा बड़े प्लाज्मा प्रोटीन रोक लिए जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मूत्रवाहिनी केवल वह नली है जो बने हुए मूत्र को वृक्क से मूत्राशय तक ले जाती है; वह कुछ नहीं छानती। विकल्प C गलत है क्योंकि तंत्रिका कोशिकाएं आवेग संचालित करती हैं और तंत्रिका तंत्र का अंग हैं, उत्सर्जन तंत्र का नहीं; नेफ्रॉन और न्यूरॉन की मिलती ध्वनि ही इस प्रश्न का जाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि मूत्रमार्ग वह अंतिम मार्ग है जिससे मूत्र शरीर से बाहर निकलता है। क्रम याद रखें: नेफ्रॉन छानता है, मूत्रवाहिनी ढोती है, मूत्राशय संचित करता है, मूत्रमार्ग निकालता है।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 2मध्यम

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में कितने विटामिन होते हैं?

  1. A.6
  2. B.8
  3. C.7
  4. D.5
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 8

व्याख्या

सही उत्तर है B, 8। बी कॉम्प्लेक्स जल में घुलनशील आठ विटामिनों का समूह है, जो मुख्य रूप से भोजन से ऊर्जा निकालने वाली अभिक्रियाओं में सहायक की भूमिका निभाते हैं। ये हैं बी1 थायमिन, बी2 राइबोफ्लेविन, बी3 नियासिन, बी5 पैंटोथेनिक अम्ल, बी6 पाइरिडोक्सिन, बी7 बायोटिन, बी9 फोलिक अम्ल और बी12 सायनोकोबालामिन। पहले इन्हें एक ही पदार्थ समझा गया था और बाद में अलग किया गया, इसी कारण इनके क्रमांकों में रिक्त स्थान दिखते हैं। जल में घुलनशील होने के कारण ये शरीर में अधिक समय तक संचित नहीं रहते और भोजन से मिलते रहना चाहिए, इसलिए कमी जल्दी दिखती है - बी1 से बेरीबेरी, बी3 से पेलाग्रा और बी12 से रक्ताल्पता। A, C और D गलत हैं क्योंकि छह, सात और पाँच इस समूह से कम हैं, जो आठ सदस्यों पर ही पूरा होता है। परीक्षा टिप: बी कॉम्प्लेक्स में आठ विटामिन होते हैं, और कोबाल्ट बी12 में पाया जाता है।

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