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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 33

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 33) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: ध्वनि और तरंगें, पौधों और जंतुओं के वैज्ञानिक नाम, विद्युत और चुंबकत्व और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस माध्यम में ध्वनि सबसे तेज चलती है?

  1. A.गैस
  2. B.निर्वात
  3. C.द्रव
  4. D.ठोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ठोस

व्याख्या

सही उत्तर है D, ठोस। ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है: वह तभी चलती है जब माध्यम के कण अपने पड़ोसी कणों को धक्का दें, इसलिए कण जितने पास-पास और मजबूती से बंधे होंगे, विक्षोभ उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा। ठोस में कण सबसे सघन रूप से जमे होते हैं और उनके बीच अंतराआण्विक बल सबसे प्रबल होता है, इसलिए ध्वनि उसमें सबसे तेज चलती है। सामान्य ताप पर वायु में इसकी चाल लगभग 346 मीटर प्रति सेकंड, जल में लगभग 1500 मीटर प्रति सेकंड और इस्पात में लगभग 5000 मीटर प्रति सेकंड होती है, यही कारण है कि रेल की पटरी आती हुई गाड़ी की आवाज हवा से बहुत पहले पहुंचा देती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गैस के कण बहुत दूर-दूर होते हैं, जिससे चाल सबसे कम रहती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि निर्वात में कण होते ही नहीं, इसलिए ध्वनि वहां चल नहीं सकती। विकल्प C गलत है, क्योंकि द्रव में चाल गैस से अधिक पर ठोस से कम होती है। परीक्षा टिप: क्रम है ठोस, फिर द्रव, फिर गैस; ध्वनि को माध्यम चाहिए, प्रकाश को नहीं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 3मध्यम

जब चुंबकीय क्षेत्र उत्तर की ओर कार्य कर रहा हो और किसी चालक में धारा पूर्व से पश्चिम दिशा में बह रही हो, तो चालक ______ दिशा में गति करेगा।

  1. A.बाईं ओर
  2. B.नीचे की ओर
  3. C.ऊपर की ओर
  4. D.दाईं ओर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नीचे की ओर

व्याख्या

सही उत्तर है B, नीचे की ओर। चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा फ्लेमिंग के वाम हस्त नियम से ज्ञात की जाती है। बाएं हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को परस्पर समकोण पर फैलाइए: तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती है, जो यहां उत्तर है, मध्यमा धारा की दिशा बताती है, जो यहां पूर्व से पश्चिम है, और तब अंगूठा बल की दिशा देता है, जो यहां ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर निकलती है। इस बल का परिमाण F = BIL sin कोण होता है और यह तब अधिकतम होता है जब धारा क्षेत्र के लंबवत हो, जैसा यहां है। यही बल विद्युत मोटर का सिद्धांत है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बल बगल की ओर तभी लगता जब क्षेत्र और धारा एक ऊर्ध्वाधर तल में होते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऊपर की ओर बल पाने के लिए धारा या क्षेत्र में से किसी एक की दिशा उलटनी पड़ेगी। विकल्प D गलत है, उसी कारण से जो विकल्प A के लिए बताया गया। परीक्षा टिप: फ्लेमिंग का वाम हस्त नियम मोटर के लिए है और बल देता है, दक्षिण हस्त नियम जनित्र के लिए है और प्रेरित धारा देता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन मिश्रधातु नहीं है?

  1. A.सोल्डर
  2. B.चाँदी
  3. C.काँसा
  4. D.पीतल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चाँदी

व्याख्या

सही उत्तर B, चाँदी है। चाँदी एक तत्व है, शुद्ध धातु है जिसका आवर्त सारणी में अपना स्थान है, इसलिए वह मिश्रधातु नहीं हो सकती; मिश्रधातु दो या अधिक धातुओं का, अथवा किसी धातु और कार्बन जैसी अधातु का समांगी मिश्रण होती है। विकल्प A, सोल्डर सीसा और टिन की मिश्रधातु है, जिसका कम गलनांक विद्युत तार जोड़ने में उपयोगी है। विकल्प C, काँसा ताँबा और टिन की मिश्रधातु है, जिसके नाम पर मानव इतिहास का एक युग पड़ा। विकल्प D, पीतल ताँबा और जिंक की मिश्रधातु है, जो बर्तन, फिटिंग और वाद्ययंत्रों में प्रयुक्त होती है। यहाँ जाल जर्मन सिल्वर है, जिसमें ताँबा, जिंक और निकल होते हैं और चाँदी बिल्कुल नहीं होती, इसलिए नाम के बावजूद वह मिश्रधातु है, जबकि चाँदी स्वयं नहीं।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 23 Apr 2017आसान

मानव आँख में रंगों की दृष्टि किन प्रकाशग्राही कोशिकाओं का कार्य है?

  1. A.रॉड्स (शलाका कोशिकाएँ)
  2. B.कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)
  3. C.अंध बिंदु
  4. D.फोविया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)। रेटिना की शंकु कोशिकाएँ तेज़ प्रकाश में रंगों की पहचान कराती हैं। मानव रेटिना में दो तरह की प्रकाशग्राही कोशिकाएँ होती हैं। शंकु कोशिकाएँ लगभग साठ से सत्तर लाख होती हैं और रेटिना के मध्य भाग में घनी रूप से बैठी रहती हैं। ये तीन प्रकार की होती हैं, जो लाल, हरे और नीले प्रकाश के प्रति संवेदनशील हैं; मस्तिष्क इन्हीं संकेतों को मिलाकर हर रंग बनाता है। इन्हें काम करने के लिए अच्छा प्रकाश चाहिए, इसीलिए शाम ढलते ही रंग फीके लगने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शलाका कोशिकाएँ संख्या में बहुत अधिक हैं, पर वे मंद प्रकाश में काम करती हैं और केवल काले-सफेद रंग दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंध बिंदु वह जगह है जहाँ से दृक तंत्रिका आँख से बाहर निकलती है और वहाँ कोई प्रकाशग्राही कोशिका नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि फोविया रेटिना का एक छोटा गड्ढा है, कोशिका का प्रकार नहीं, यद्यपि वहाँ शंकु कोशिकाएँ सबसे अधिक होती हैं। परीक्षा टिप: रात और धूसर रंग के लिए रॉड्स, रंग और दिन के प्रकाश के लिए कोन्स; वर्णांधता शंकु कोशिकाओं का दोष है।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Oct 2018, Shift 2मध्यम

C6H14 के कितने समावयवी होते हैं?

  1. A.3
  2. B.6
  3. C.4
  4. D.5
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 5

व्याख्या

सही उत्तर D, पांच है। हेक्सेन यानी C6H14 को छह कार्बन की सीधी शृंखला के रूप में, पांच कार्बन की शृंखला पर अलग-अलग स्थानों पर मेथिल शाखा के साथ दो रूपों में, तथा चार कार्बन की शृंखला पर शाखाओं के साथ दो रूपों में लिखा जा सकता है, जिससे एक ही अणुसूत्र की पांच भिन्न संरचनाएं बनती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि तीन समावयवी पेंटेन यानी C5H12 के होते हैं, और छोटे सदस्य को याद रखने वाले अभ्यर्थी प्रायः यही चुन बैठते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि आरंभिक ऐल्केनों में छह किसी की संख्या नहीं है; अगला सदस्य हेप्टेन नौ समावयवी देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि चार भी इस भाग के किसी ऐल्केन से मेल नहीं खाता। याद रखने योग्य क्रम सरल है: ब्यूटेन दो, पेंटेन तीन, हेक्सेन पांच, हेप्टेन नौ।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 Sep 2018, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा सरल स्थायी ऊतक है?

  1. A.शीर्षस्थ विभज्योतक
  2. B.कॉलेनकाइमा
  3. C.कैम्बियम
  4. D.जाइलम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कॉलेनकाइमा

व्याख्या

सही उत्तर है B, कॉलेनकाइमा। पादप ऊतकों को पहले विभज्योतकी ऊतक, जिसकी कोशिकाएं लगातार विभाजित होती रहती हैं, और स्थायी ऊतक, जिसकी कोशिकाएं विभाजन बंद करके निश्चित आकार तथा काम ले चुकी होती हैं, में बांटा जाता है। स्थायी ऊतक फिर सरल स्थायी ऊतक, जो केवल एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बनता है, और जटिल स्थायी ऊतक, जो एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बनता है, में बंटता है। तीन सरल स्थायी ऊतक हैं पैरेनकाइमा, कॉलेनकाइमा और स्क्लेरेनकाइमा। कॉलेनकाइमा की कोशिकाएं कोनों पर सेल्यूलोज तथा पेक्टिन से मोटी होती हैं और युवा तनों और पर्णवृंतों को लचीलापन देती हैं, जिससे वे टूटे बिना मुड़ जाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ और प्ररोह के सिरों पर होता है तथा विभज्योतकी है, स्थायी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कैम्बियम पार्श्व विभज्योतक है, जो मोटाई में वृद्धि कराता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जाइलम जटिल स्थायी ऊतक है। परीक्षा टिप: सरल स्थायी ऊतक पैरेनकाइमा, कॉलेनकाइमा तथा स्क्लेरेनकाइमा हैं; जाइलम और फ्लोएम जटिल स्थायी ऊतक हैं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 2मध्यम

अग्निशामक यंत्र में 'कार्बन डाइऑक्साइड' भराव को किस रंग की पट्टी से दर्शाया जाता है?

  1. A.लाल
  2. B.नीला
  3. C.सफेद
  4. D.काला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. काला

व्याख्या

सही उत्तर है D, काला। अग्निशामक यंत्रों के रंग संकेत में काली पट्टी या लेबल कार्बन डाइऑक्साइड वाले यंत्र को दर्शाता है। सिलेंडर का शरीर सिग्नल लाल रंग का होता है और लेबल के पास लगी रंगीन पट्टी एक नज़र में बता देती है कि भीतर कौन-सा पदार्थ है, जिससे आपात स्थिति में सही सिलेंडर तुरंत उठाया जा सके। कार्बन डाइऑक्साइड वाला यंत्र आग को घेरकर बुझाता है: यह गैस हवा से भारी होती है, इसलिए ईंधन के पास से ऑक्सीजन हटा देती है, और हॉर्न से बाहर फैलते समय सतह को ठंडा भी कर देती है। चूँकि यह विद्युत की चालक नहीं है और कोई अवशेष नहीं छोड़ती, इसलिए विद्युत प्रवाहित उपकरणों, स्विचबोर्ड, प्रयोगशालाओं और कंप्यूटर कक्षों के लिए यही उपयुक्त है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लाल पट्टी साधारण जल वाले यंत्र की पहचान है, जो लकड़ी और कागज़ की आग में काम आता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि नीला रंग सूखे चूर्ण का है, जो द्रव और गैस की आग में प्रयुक्त होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि फोम वाले यंत्र का रंग क्रीम होता है, सफेद नहीं। परीक्षा टिप: लाल — जल, क्रीम — फोम, नीला — सूखा चूर्ण, काला — कार्बन डाइऑक्साइड, पीला — वेट केमिकल।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 1आसान

आमाशय द्वारा स्रावित श्लेष्मा (म्यूकस) की क्या भूमिका है?

  1. A.आमाशय की भीतरी परत की रक्षा करना
  2. B.वसा का पाचन करना
  3. C.भोजन के कीटाणुओं को मारना
  4. D.प्रोटीन का पाचन करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आमाशय की भीतरी परत की रक्षा करना

व्याख्या

सही उत्तर है A, आमाशय की भीतरी परत की रक्षा करना। आमाशय की दीवार में स्थित जठर ग्रंथियाँ तीन चीजें छोड़ती हैं — हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, पेप्सिन नामक एंजाइम और श्लेष्मा। अम्ल आमाशय के भीतर के पदार्थ को तेज अम्लीय बना देता है, जिससे पेप्सिन काम कर सके, और श्लेष्मा भीतरी दीवार पर एक मोटी चिकनी परत बना देता है, ताकि यह अम्ल और एंजाइम आमाशय के अपने ही ऊतक को न पचा दें। जब श्लेष्मा की यह परत टूट जाती है, तो अम्ल दीवार पर आघात करता है और घाव या अल्सर बन जाता है; इसका एक सामान्य कारण हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक जीवाणु है। B गलत है क्योंकि वसा का पाचन लाइपेज से होता है, जिसमें यकृत से आया पित्त सहायता करता है, और यह मुख्यतः छोटी आँत में होता है। C गलत है क्योंकि भोजन के कीटाणु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मारता है, श्लेष्मा नहीं। D गलत है क्योंकि प्रोटीन आमाशय में पेप्सिन और आगे ट्रिप्सिन द्वारा तोड़ा जाता है। परीक्षा टिप: जठर रस — HCl अम्लता के लिए, पेप्सिन प्रोटीन के लिए, श्लेष्मा सुरक्षा के लिए।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा कीटभक्षी (मांसाहारी) पौधा है?

  1. A.क्लार्किया
  2. B.ड्रॉसेरा
  3. C.एलिसम
  4. D.होलीहॉक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ड्रॉसेरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, ड्रॉसेरा। ड्रॉसेरा को सनड्यू कहा जाता है और यह कीट खाने वाला पौधा है, जिसकी पत्तियों पर डंठलदार ग्रंथियाँ होती हैं और हर ग्रंथि के सिरे पर चिपचिपे द्रव की चमकती बूँद रहती है। उस पर बैठा कीट चिपक जाता है, स्पर्शक उसे घेर लेते हैं और एंजाइम उसके कोमल भागों को पचा देते हैं, जिससे पौधा नाइट्रोजन सोख लेता है। कीटभक्षी पौधे दलदली या बलुई मिट्टी में उगते हैं, जहाँ नाइट्रोजन की कमी होती है; भोजन वे प्रकाश संश्लेषण से स्वयं बनाते हैं और कीट से केवल यही कमी पूरी करते हैं। घटपर्णी (नेपेंथीस), यूट्रीकुलेरिया तथा वीनस फ्लाईट्रैप भी इसी तरह शिकार पकड़ते हैं, पर उनके पत्ती-जाल अलग-अलग होते हैं। A गलत है क्योंकि क्लार्किया सामान्य बगीचे का फूल है, जो ईवनिंग प्रिमरोज कुल का है। C गलत है क्योंकि एलिसम सरसों कुल का छोटा सजावटी पौधा है। D गलत है क्योंकि होलीहॉक मालवेसी कुल का लंबा सजावटी पौधा है। परीक्षा टिप: कीटभक्षी पौधे – ड्रॉसेरा, नेपेंथीस, यूट्रीकुलेरिया, वीनस फ्लाईट्रैप; इन्हें नाइट्रोजन चाहिए, भोजन नहीं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1आसान

मानव DNA की द्विकुंडलित संरचना में क्षार एडेनिन निम्नलिखित में से किस क्षार के साथ दो हाइड्रोजन बंध बनाकर क्षार-युग्म बनाता है?

  1. A.ग्वानिन
  2. B.साइटोसिन
  3. C.थाइमिन
  4. D.हिस्टोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थाइमिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, थाइमिन। DNA में एडेनिन हमेशा थाइमिन के साथ दो हाइड्रोजन बंधों से जुड़ता है, और ग्वानिन साइटोसिन के साथ तीन बंधों से। इसे पूरक क्षार-युग्मन कहते हैं, और इसी कारण DNA का एक सूत्र दूसरे की नकल बनाने में काम आता है। द्विकुंडली मॉडल 1953 में जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने रोज़ालिंड फ्रैंकलिन की एक्स-रे तस्वीरों की मदद से दिया था। एडेनिन और ग्वानिन दो वलय वाले प्यूरीन हैं, जबकि थाइमिन और साइटोसिन एक वलय वाले पिरिमिडीन हैं, इसलिए हर जोड़े की चौड़ाई बराबर रहती है और कुंडली एक-सी बनी रहती है। RNA में थाइमिन की जगह यूरेसिल होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्वानिन भी एडेनिन की तरह प्यूरीन है और साइटोसिन से जोड़ा बनाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि साइटोसिन तीन हाइड्रोजन बंधों से ग्वानिन के साथ जुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हिस्टोन एक प्रोटीन है, जिसके चारों ओर गुणसूत्रों में DNA लिपटा रहता है; यह क्षार है ही नहीं। परीक्षा टिप: A की जोड़ी T से दो बंधों से, G की C से तीन बंधों से; RNA में T की जगह U होता है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC Assistant 2014 Official Paperआसान

ध्वनि ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है

  1. A.माइक्रोफोन द्वारा
  2. B.लाउडस्पीकर द्वारा
  3. C.सोनोमीटर द्वारा
  4. D.इयरफोन द्वारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. माइक्रोफोन द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर है A, माइक्रोफोन द्वारा। माइक्रोफोन एक ट्रांसड्यूसर है: ध्वनि तरंगें उसके पतले डायाफ्राम से टकराती हैं, डायाफ्राम कंपित होता है और यह यांत्रिक कंपन बदलते हुए विद्युत संकेत में बदल जाता है। मूविंग कॉइल माइक्रोफोन में डायाफ्राम से जुड़ी एक छोटी कुंडली स्थायी चुंबक के क्षेत्र में चलती है, जिससे विद्युतचुंबकीय प्रेरण द्वारा धारा उत्पन्न होती है; कंडेंसर माइक्रोफोन में दो प्लेटों के बीच धारिता बदलने से संकेत बनता है। दोनों ही स्थितियों में निर्गत एक विद्युत संकेत होता है, जिसे प्रवर्धित, रिकॉर्ड या प्रसारित किया जा सकता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लाउडस्पीकर इसका उल्टा काम करता है और विद्युत संकेत को फिर से ध्वनि में बदलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सोनोमीटर तार और बक्से वाला उपकरण है, जिससे कंपित तार की आवृत्ति और नियम पढ़े जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इयरफोन भी लाउडस्पीकर की तरह विद्युत ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में बदलता है। परीक्षा टिप: माइक्रोफोन ध्वनि से विद्युत बनाता है; लाउडस्पीकर और इयरफोन विद्युत से ध्वनि बनाते हैं।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Nov, 2024, Shift 3आसान

निलंबन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।
  2. B.गैस में परिक्षिप्त ठोस को निलंबन कहते हैं।
  3. C.निलंबन के कण नंगी आंखों से नहीं दिखते।
  4. D.निलंबन एक समांगी मिश्रण है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है। निलंबन में विलेय के कण इतने बड़े होते हैं कि दिखाई देते हैं और वे घुलते नहीं। वे द्रव में तभी तक फैले रहते हैं जब तक उसे हिलाया जाता रहे, और छोड़ देने पर नीचे बैठ जाते हैं। पानी में चॉक का चूर्ण, नदी का गंदला पानी और हिलाई हुई पेंट की बोतल इसके रोजमर्रा के उदाहरण हैं। कण बड़े होने के कारण निलंबन प्रकाश की किरण को बिखेर देता है, जिसे टिंडल प्रभाव कहते हैं, और इन कणों को छानकर अलग किया जा सकता है। B गलत है क्योंकि गैस में फैले ठोस, जैसे धुआं, ऐरोसॉल कहलाते हैं जो कोलॉइड का एक प्रकार है। C गलत है क्योंकि निलंबन के कण नंगी आंखों से दिख जाते हैं, विलयन के कण नहीं दिखते। D गलत है क्योंकि समांगी मिश्रण विलयन होता है, जो हर जगह एक समान रहता है। परीक्षा टिप: विलयन समांगी, निलंबन विषमांगी और बैठ जाने वाला, कोलॉइड बीच का।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 18 Jul 2023, Shift 1कठिन

पृष्ठ तनाव के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.पृष्ठ तनाव को सामान्यतः डाइन प्रति सेंटीमीटर में मापा जाता है।
  2. B.पानी की बूँद का आकार पृष्ठ तनाव के कारण गोलाकार होता है।
  3. C.कमरे के ताप पर पानी का पृष्ठ तनाव एथिल ऐल्कोहॉल से कम होता है।
  4. D.द्रव के अणुओं के बीच की संसक्ति बल ही पृष्ठ तनाव नामक परिघटना के लिए उत्तरदायी हैं।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कमरे के ताप पर पानी का पृष्ठ तनाव एथिल ऐल्कोहॉल से कम होता है।

व्याख्या

सही उत्तर है C, कमरे के ताप पर पानी का पृष्ठ तनाव एथिल ऐल्कोहॉल से कम होता है। यही कथन गलत है, क्योंकि पानी का पृष्ठ तनाव एथिल ऐल्कोहॉल से बहुत अधिक होता है। लगभग बीस डिग्री सेल्सियस पर पानी का मान करीब बहत्तर डाइन प्रति सेंटीमीटर होता है, जबकि एथिल ऐल्कोहॉल का केवल बाईस के आसपास, क्योंकि पानी के अणुओं के बीच हाइड्रोजन आबंध ऐल्कोहॉल के कमजोर बलों की तुलना में बहुत जोर से खींचते हैं। इसी कारण ऐल्कोहॉल सतह पर पतली परत बनकर फैल जाता है, जबकि पानी बूँदों में सिमट जाता है। A कथन सही है, क्योंकि पृष्ठ तनाव पुरानी इकाई पद्धति में डाइन प्रति सेंटीमीटर और एसआई पद्धति में न्यूटन प्रति मीटर में व्यक्त किया जाता है। B सही है, क्योंकि सतह पर भीतर की ओर लगने वाला खिंचाव स्वतंत्र बूँद को उसके आयतन के लिए सबसे कम क्षेत्रफल वाला आकार, यानी गोला, दे देता है। D सही है, क्योंकि पृष्ठ तनाव द्रव के अणुओं के बीच के संसक्ति बलों से ही उत्पन्न होता है। परीक्षा टिप: पानी लगभग 72 डाइन प्रति सेंटीमीटर, ऐल्कोहॉल लगभग 22; ताप बढ़ने पर पृष्ठ तनाव घटता है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Lab Assistant 2016 Official Paperमध्यम

मान लीजिए किसी नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है। 100 आवर्धन वाली दूरदर्शी के लिए अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी कितनी होनी चाहिए?

  1. A.250 सेमी
  2. B.40 सेमी
  3. C.2.5 × 10⁻² सेमी
  4. D.100 सेमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 250 सेमी

व्याख्या

सही उत्तर है A, 250 सेमी। सामान्य समायोजन में रखी खगोलीय दूरदर्शी का आवर्धन अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी को नेत्रिका की फोकस दूरी से भाग देने पर मिलता है। यहाँ आवर्धन 100 है और नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है, इसलिए अभिदृश्यक की फोकस दूरी 100 गुणा 2.5 यानी 250 सेमी होनी चाहिए। इसी कारण खगोलीय दूरदर्शी लंबी नली वाली होती हैं, क्योंकि बड़ी फोकस दूरी वाला अभिदृश्यक और छोटी फोकस दूरी वाली नेत्रिका मिलकर ऊँचा आवर्धन देते हैं, और सामान्य समायोजन में नली की लंबाई लगभग दोनों फोकस दूरियों के योग के बराबर होती है। B गलत है क्योंकि 40 सेमी का अभिदृश्यक केवल 16 का आवर्धन देगा। C गलत है क्योंकि नेत्रिका से भी छोटी फोकस दूरी प्रतिबिंब को बड़ा करने के बजाय छोटा कर देगी। D गलत है क्योंकि 100 सेमी से आवर्धन केवल 40 मिलेगा। परीक्षा टिप: दूरदर्शी में आवर्धन अभिदृश्यक बँटा नेत्रिका होता है, इसलिए अभिदृश्यक ही लंबा लेंस होता है।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 24 Jan 2023, Shift 1आसान

सौर सेल के उपयोग का एक प्रमुख लाभ निम्नलिखित में से कौन है?

  1. A.यह दोलन गति दर्शाता है।
  2. B.इसके बाहरी भाग में धातु होती है।
  3. C.इसमें गतिशील पुर्जे होते हैं।
  4. D.इसमें कोई गतिशील पुर्जा नहीं होता।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इसमें कोई गतिशील पुर्जा नहीं होता।

व्याख्या

सही उत्तर है D, इसमें कोई गतिशील पुर्जा नहीं होता। सौर सेल प्रकाश-वैद्युत (फोटोवोल्टाइक) प्रभाव से सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत में बदल देता है। यह प्रभाव अर्धचालक की संधि पर होता है, जो सामान्यतः सिलिकॉन की बनी होती है, इसलिए इसके भीतर कुछ भी घूमता या खिसकता नहीं है। गतिशील पुर्जे न होने के कारण इसे लगभग कोई रखरखाव नहीं चाहिए, यह शोर नहीं करता और एक बार लग जाने पर दशकों चलता है। इसी कारण सौर पैनल उपग्रहों, प्रकाश-स्तंभों और ग्रिड से दूर बसे गाँवों के घरों में काम आते हैं। एक सिलिकॉन सेल लगभग 0.5 से 0.6 वोल्ट देता है, इसलिए सेलों को जोड़कर मॉड्यूल और मॉड्यूल जोड़कर पैनल बनाए जाते हैं। A गलत है क्योंकि सौर सेल में दोलन गति नहीं होती; यह एक स्थिर युक्ति है। B गलत है क्योंकि बाहरी भाग की धातु केवल संपर्कों का विवरण है, लाभ नहीं। C गलत है क्योंकि गतिशील पुर्जे होना सेल की वास्तविक खूबी के ठीक उलट है। परीक्षा टिप: सौर सेल — सिलिकॉन में फोटोवोल्टाइक प्रभाव, कोई गतिशील पुर्जा नहीं, लगभग 0.5 वोल्ट प्रति सेल।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 13 Feb 2019, Shift 3आसान

निम्नलिखित जलीय जीवों में से किसमें गलफड़े (गिल) नहीं होते हैं?

  1. A.ऑक्टोपस
  2. B.स्क्विड
  3. C.क्लाउन फिश
  4. D.व्हेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. व्हेल

व्याख्या

सही उत्तर है D, व्हेल। व्हेल मछली नहीं, स्तनधारी प्राणी है। यह फेफड़ों से श्वास लेती है और सिर के ऊपर बने श्वास-छिद्र से हवा लेने के लिए उसे पानी की सतह पर आना पड़ता है। इसके जीवन की किसी भी अवस्था में गलफड़े नहीं होते। व्हेल गर्म रक्त वाली होती है, बच्चे को जन्म देती है और उसे दूध पिलाती है, इसीलिए इसे डॉल्फिन और पॉरपॉइज के साथ समुद्री स्तनधारियों में रखा जाता है, मछलियों में नहीं। नीली व्हेल पृथ्वी का सबसे बड़ा ज्ञात प्राणी है। A गलत है क्योंकि ऑक्टोपस पानी को अपनी मेंटल गुहा में खींचकर गलफड़ों से गुजारता है। B गलत है क्योंकि स्क्विड भी सेफेलोपोड मोलस्क है और मेंटल के भीतर बने गलफड़ों से श्वास लेता है। C गलत है क्योंकि क्लाउन फिश एक अस्थिल मछली है, जिसके गलफड़े ऑपरकुलम नामक हड्डीदार ढक्कन के पीछे होते हैं। परीक्षा टिप: व्हेल, डॉल्फिन और पॉरपॉइज जलीय स्तनधारी हैं — फेफड़े और श्वास-छिद्र, गलफड़े नहीं।

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