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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 27

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 27) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, कंकाल और पेशी तंत्र, गति, बल और गति के नियम और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · Nov 2015 (Advt. 22/2014मध्यम

सीजीएस पद्धति में गतिक श्यानता का मात्रक क्या है?

  1. A.प्वाइज़
  2. B.पास्कल-सेकंड
  3. C.स्टोक
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्वाइज़

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्वाइज़। गतिक श्यानता बताती है कि कोई तरल बहने का कितना विरोध करता है, और सेंटीमीटर ग्राम सेकंड पद्धति में उसे प्वाइज़ में मापा जाता है। यह नाम फ्रांसीसी चिकित्सक जीन लुई मैरी प्वाज़्यूई पर रखा गया है, जिन्होंने पतली नलियों में रक्त के बहाव का अध्ययन किया था। एक प्वाइज़ का अर्थ है एक डाइन सेकंड प्रति वर्ग सेंटीमीटर, और चूँकि एसआई मात्रक पास्कल सेकंड है, इसलिए एक पास्कल सेकंड दस प्वाइज़ के बराबर होता है। पतले तरलों को प्रायः सेंटीप्वाइज़ में बताया जाता है; कमरे के ताप पर पानी लगभग एक सेंटीप्वाइज़ का है, जबकि शहद हजारों तक जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पास्कल सेकंड गतिक श्यानता का एसआई मात्रक है, जबकि प्रश्न सीजीएस मात्रक पूछ रहा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि स्टोक गतिज श्यानता का सीजीएस मात्रक है, जो गतिक श्यानता में घनत्व का भाग देने पर मिलती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प A सही मात्रक बता चुका है। परीक्षा टिप: गतिक श्यानता प्वाइज़ में, गतिज श्यानता स्टोक में।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · Nov 2015 (Advt. 22/2014आसान

सबसे लंबी छलाँग लगाने के लिए एक खिलाड़ी को कितना कोण बनाना चाहिए?

  1. A.भूमि से 90 डिग्री
  2. B.भूमि से 60 डिग्री
  3. C.भूमि से 45 डिग्री
  4. D.भूमि से 30 डिग्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भूमि से 45 डिग्री

व्याख्या

सही उत्तर है C, भूमि से 45 डिग्री। पैर जमीन छोड़ते ही खिलाड़ी प्रक्षेप्य की तरह चलता है, और तय की गई क्षैतिज दूरी यानी परास का सूत्र है, R बराबर u का वर्ग गुणा sin 2 थीटा बटा g। परास तब सबसे अधिक होती है जब sin 2 थीटा अपना अधिकतम मान एक ले, अर्थात जब 2 थीटा 90 डिग्री हो, इसलिए प्रक्षेपण कोण थीटा 45 डिग्री होना चाहिए। यही सूत्र बताता है कि जिन दो कोणों का योग 90 डिग्री हो, उनकी परास बराबर होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 90 डिग्री पर खिलाड़ी सीधा ऊपर जाता है और परास शून्य हो जाती है, यद्यपि ऊँचाई सबसे अधिक रहती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 60 डिग्री ऊँचाई तो देता है पर दूरी घटा देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 30 डिग्री की छलाँग नीची और छोटी रहती है और वह 60 डिग्री जितनी ही दूरी तय करती है। परीक्षा टिप: अधिकतम परास 45 डिग्री पर, अधिकतम ऊँचाई 90 डिग्री पर।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।

  1. A.टाइफाइड
  2. B.क्षय रोग (टीबी)
  3. C.गलसुआ
  4. D.प्लेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · Nov 2015 (Advt. 22/2014कठिन

m द्रव्यमान का एक बेलन क्षैतिज तल से h ऊँचाई से एक नत तल पर लुढ़कता हुआ नीचे आता है। यदि नीचे पहुँचने पर बेलन के अक्ष का वेग v हो, तो

  1. A.v = gh
  2. B.v = mgh
  3. C.v = √(2gh)
  4. D.v < √(2gh)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. v < √(2gh)

व्याख्या

सही उत्तर है D, अर्थात वेग 2gh के वर्गमूल से कम होगा। चिकने नत तल पर फिसलने वाला पिंड अपनी पूरी स्थितिज ऊर्जा mgh को रैखिक गतिज ऊर्जा में बदल देता है और नीचे पहुँचकर उसका वेग 2gh का वर्गमूल होता है। पर जो बेलन बिना फिसले लुढ़कता है उसे घूमना भी पड़ता है, इसलिए वही mgh रैखिक गति और घूर्णन गति के बीच बँट जाती है और उसके अक्ष का वेग अनिवार्य रूप से कम रहता है। ठोस बेलन के लिए गणना करें तो mgh बराबर आधा m v वर्ग जोड़ एक चौथाई m v वर्ग होता है, जिससे v का मान चार gh बटा तीन का वर्गमूल निकलता है, यानी gh के वर्गमूल का लगभग 1.15 गुना, जबकि फिसलने वाले पिंड के लिए यह 1.41 गुना होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि gh वेग है ही नहीं, उसके मात्रक मेल नहीं खाते। विकल्प B गलत है, क्योंकि mgh ऊर्जा है और द्रव्यमान तो वैसे भी कट जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह मान बिना घूमे फिसलने वाले पिंड का है। परीक्षा टिप: एक ही ढाल पर ठोस गोला ठोस बेलन से और बेलन छल्ले से पहले नीचे पहुँचता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 1आसान

बैसिलाई (Bacilli) किस आकार के बैक्टीरिया होते हैं?

  1. A.कॉमा के आकार के
  2. B.छड़ के आकार के
  3. C.सर्पिल आकार के
  4. D.गोल आकार के
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. छड़ के आकार के

व्याख्या

सही उत्तर है B, छड़ के आकार के। बैक्टीरिया को उनके आकार के आधार पर बाँटा जाता है और बैसिलाई वे बैक्टीरिया हैं जो छड़ (रॉड) के आकार के होते हैं; लैटिन शब्द बैसिलस का अर्थ ही छोटी छड़ या डंडी है। क्षय रोग (टीबी), टेटनस, टाइफॉइड और एंथ्रेक्स सभी छड़ के आकार वाले बैक्टीरिया से होते हैं, और दूध को दही में बदलने वाला लैक्टोबैसिलस भी इसी समूह का है। इस वर्गीकरण के बाकी आकार हैं कोकाई, जो गोल होते हैं, स्पाइरिला, जो लंबे और सर्पिल होते हैं, तथा विब्रियो, जो कॉमा की तरह मुड़े होते हैं। A गलत है क्योंकि कॉमा के आकार के बैक्टीरिया विब्रियो कहलाते हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध हैजा फैलाने वाला विब्रियो कॉलेरी है। C गलत है क्योंकि सर्पिल आकार के बैक्टीरिया स्पाइरिला और स्पाइरोकीट कहे जाते हैं। D गलत है क्योंकि गोल आकार के बैक्टीरिया कोकाई होते हैं, जैसे स्ट्रेप्टोकोकस। परीक्षा टिप: कोकाई गोल, बैसिलाई छड़, स्पाइरिला सर्पिल और विब्रियो कॉमा के आकार के होते हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 13 April 2018, Shift 1मध्यम

पूर्ण निर्वात दाब (absolute vacuum pressure) के संदर्भ में मापा जाने वाला दाब कहलाता है

  1. A.गेज दाब
  2. B.परम दाब (absolute pressure)
  3. C.वायुमंडलीय दाब
  4. D.परम शून्य दाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परम दाब (absolute pressure)

व्याख्या

सही उत्तर है B, परम दाब। जिस दाब को पूर्ण निर्वात को शून्य मानकर मापा जाता है, उसे परम दाब कहते हैं। पूर्ण निर्वात में कोई गैस नहीं होती और दाब शून्य होता है, इसलिए वही किसी भी दाब पैमाने का वास्तविक शून्य है। मूल संबंध है — परम दाब = गेज दाब + वायुमंडलीय दाब, और समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 101.3 किलोपास्कल या 760 मिमी पारा होता है। इसलिए जिस टायर का गेज 200 kPa दिखाता है, उसका परम दाब करीब 301 kPa होता है। गैस नियमों और ऊष्मागतिकी के सूत्रों में सदैव परम दाब ही लिया जाता है, इसी कारण यह अंतर परीक्षाओं में पूछा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गेज दाब वायुमंडलीय दाब को शून्य मानता है, इसलिए खुली हवा में गेज शून्य पढ़ता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वायुमंडलीय दाब स्वयं हवा के स्तंभ का भार है, जिसे बैरोमीटर से मापा जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 'परम शून्य दाब' निर्वात यानी संदर्भ बिंदु का नाम है, उससे लिया गया माप नहीं। परीक्षा टिप: परम = गेज + वायुमंडलीय।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Nov, 2024, Shift 3आसान

निलंबन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।
  2. B.गैस में परिक्षिप्त ठोस को निलंबन कहते हैं।
  3. C.निलंबन के कण नंगी आंखों से नहीं दिखते।
  4. D.निलंबन एक समांगी मिश्रण है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है। निलंबन में विलेय के कण इतने बड़े होते हैं कि दिखाई देते हैं और वे घुलते नहीं। वे द्रव में तभी तक फैले रहते हैं जब तक उसे हिलाया जाता रहे, और छोड़ देने पर नीचे बैठ जाते हैं। पानी में चॉक का चूर्ण, नदी का गंदला पानी और हिलाई हुई पेंट की बोतल इसके रोजमर्रा के उदाहरण हैं। कण बड़े होने के कारण निलंबन प्रकाश की किरण को बिखेर देता है, जिसे टिंडल प्रभाव कहते हैं, और इन कणों को छानकर अलग किया जा सकता है। B गलत है क्योंकि गैस में फैले ठोस, जैसे धुआं, ऐरोसॉल कहलाते हैं जो कोलॉइड का एक प्रकार है। C गलत है क्योंकि निलंबन के कण नंगी आंखों से दिख जाते हैं, विलयन के कण नहीं दिखते। D गलत है क्योंकि समांगी मिश्रण विलयन होता है, जो हर जगह एक समान रहता है। परीक्षा टिप: विलयन समांगी, निलंबन विषमांगी और बैठ जाने वाला, कोलॉइड बीच का।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 Sept 2017आसान

अधिक ऊँचाई पर जल कम तापमान पर उबलता है, क्योंकि

  1. A.वायुदाब कम होता है
  2. B.बाहरी तापमान कम होता है
  3. C.गुप्त ऊष्मा कम होती है
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वायुदाब कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, वायुदाब कम होता है। कोई द्रव तब उबलता है जब उसका वाष्प दाब सतह पर पड़ रहे वायुदाब के बराबर हो जाता है, इसलिए कम वायुदाब का अर्थ है कम क्वथनांक। समुद्र तल पर वायुमंडल लगभग 101 किलोपास्कल का दाब डालता है और जल 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलता है। पहाड़ों पर ऊपर की हवा का स्तंभ छोटा होता है, दाब घट जाता है और जल 90 डिग्री या उससे भी कम पर उबलने लगता है। यही कारण है कि पहाड़ों पर चावल और दाल देर से पकते हैं तथा प्रेशर कुकर, जो भीतर दाब बढ़ा देता है, उन्हें जल्दी पकाने के लिए काम आता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आसपास का तापमान केवल यह तय करता है कि गरम होने में कितना समय लगेगा, उबलने का तापमान नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि वाष्पन की गुप्त ऊष्मा जल का गुण है और ऊँचाई से घटती नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सही कारण विकल्प A में दिया ही गया है। परीक्षा टिप: दाब बढ़ने पर क्वथनांक बढ़ता है और ऊँचाई बढ़ने पर घटता है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा पादप हार्मोन वृद्धि को रोकता है?

  1. A.साइटोकाइनिन
  2. B.एब्सिसिक अम्ल
  3. C.जिबरेलिन
  4. D.ऑक्सिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एब्सिसिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है B, एब्सिसिक अम्ल। दिए गए हार्मोनों में एब्सिसिक अम्ल ही ऐसा है जो वृद्धि बढ़ाने के बजाय घटाता है, इसीलिए इसे पौधों का तनाव हार्मोन कहा जाता है। पानी की कमी होने पर यह रंध्रों को बंद करा देता है, बीजों और कलियों को तब तक सुप्त रखता है जब तक परिस्थितियां अनुकूल न हों, और पत्तियों तथा फलों के गिरने में मदद करता है। बाकी तीनों वृद्धि बढ़ाने वाले हार्मोन हैं। A गलत है क्योंकि साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन को बढ़ाता है और पत्तियों के बूढ़े होने को टालता है। C गलत है क्योंकि जिबरेलिन तने को लंबा करता है, बीज की सुप्तावस्था तोड़ता है और कुछ पौधों में जल्दी फूल लाता है। D गलत है क्योंकि ऑक्सिन कोशिकाओं को लंबा करता है और प्रकाशानुवर्तन का कारण है, क्योंकि यह छाया वाली ओर जमा हो जाता है। परीक्षा टिप: केवल एब्सिसिक अम्ल रोकता है, ऑक्सिन, जिबरेलिन और साइटोकाइनिन बढ़ाते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 03 Sept, 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी प्रकाशिक परिघटना यह सिद्ध करती है कि प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग है?

  1. A.अपवर्तन
  2. B.विवर्तन
  3. C.व्यतिकरण
  4. D.ध्रुवण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ध्रुवण

व्याख्या

सही उत्तर है D, ध्रुवण। केवल अनुप्रस्थ तरंग का ही ध्रुवण हो सकता है, इसलिए प्रकाश का ध्रुवण यह सिद्ध करता है कि उसके कंपन गति की दिशा के लंबवत होते हैं। साधारण प्रकाश में विद्युत क्षेत्र किरण के चारों ओर हर तल में कंपन करता है। पोलेरॉइड शीट केवल एक तल के कंपन आगे जाने देती है, और नब्बे डिग्री घुमाई गई दूसरी पोलेरॉइड उस प्रकाश को पूरी तरह रोक देती है। ध्वनि जैसी अनुदैर्ध्य तरंग में कण गति की दिशा में ही कंपन करते हैं, इसलिए उसका कोई ऐसा तल नहीं होता और उसका ध्रुवण कभी नहीं हो सकता। धूप के चश्मे, कैमरे के फिल्टर और एलसीडी स्क्रीन इसी गुण का उपयोग करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सघन माध्यम में प्रवेश करते समय होने वाला अपवर्तन ध्वनि तरंगों में भी होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि किनारे पर तरंग का फैलना यानी विवर्तन सभी तरंगें दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि व्यतिकरण केवल इतना बताता है कि प्रकाश तरंग है, यह नहीं कि कैसी तरंग है। परीक्षा टिप: व्यतिकरण और विवर्तन से प्रकाश तरंग सिद्ध होता है, ध्रुवण से अनुप्रस्थ तरंग।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 1मध्यम

जब 1 लीटर जल को 4°C से 0°C तक ठंडा किया जाता है, तो उसका आयतन _____।

  1. A.पहले घटता है फिर बढ़ता है
  2. B.वही रहता है
  3. C.बढ़ता है
  4. D.घटता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बढ़ता है

व्याख्या

सही उत्तर है C, बढ़ता है। जल 0 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच अधिकांश द्रवों से अलग व्यवहार करता है, इसे जल का असामान्य प्रसार कहते हैं। लगभग हर पदार्थ ठंडा होने पर सिकुड़ता है, पर जल केवल 4 डिग्री सेल्सियस तक ही सिकुड़ता है। उस ताप पर उसका आयतन सबसे कम और इसलिए घनत्व सबसे अधिक होता है, लगभग एक ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर। इससे आगे 4 डिग्री से 0 डिग्री तक ठंडा करने पर वह फिर फैलने लगता है, इसलिए एक लीटर जल 0 डिग्री पर 4 डिग्री की तुलना में अधिक जगह घेरता है। इसी कारण बर्फ तैरती है और सर्दियों में झील केवल ऊपर से जमती है जबकि नीचे का जल लगभग 4 डिग्री पर बना रहता है, जिससे मछलियां जीवित रहती हैं। A और D गलत हैं क्योंकि इस परास में जल केवल फैलता है। B गलत है क्योंकि आयतन स्पष्ट रूप से बदलता है। परीक्षा टिप: जल का घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस पर सर्वाधिक होता है।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3 (General Studies) 2019 Oआसान

ध्वनि का मात्रक है

  1. A.हर्ट्ज़
  2. B.तरंग संख्या
  3. C.डेसिबल
  4. D.cm -1
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. डेसिबल

व्याख्या

सही उत्तर है C, डेसिबल। ध्वनि की प्रबलता या तीव्रता का स्तर डेसिबल (dB) में मापा जाता है, और यह नाम अलेक्जेंडर ग्राहम बेल पर रखा गया है। डेसिबल लघुगणकीय मात्रक है, इसलिए हर 10 dB की बढ़त का अर्थ है कि ध्वनि की तीव्रता दस गुनी हो गई; यही कारण है कि लगभग 30 dB की फुसफुसाहट और लगभग 60 dB की सामान्य बातचीत में इतना अंतर लगता है। शहर का यातायात लगभग 80 dB का होता है, 120 dB से ऊपर की ध्वनि कान में दर्द पैदा करती है, और भारत में ध्वनि प्रदूषण के दिन-रात के नियम भी dB में ही लिखे गए हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हर्ट्ज़ आवृत्ति मापता है, यानी प्रति सेकंड कंपनों की संख्या, जिसे कान तारत्व के रूप में सुनता है, प्रबलता के रूप में नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि तरंग संख्या एक इकाई लंबाई में तरंगों की गिनती है और वह स्पेक्ट्रमिकी में काम आती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि cm -1 तरंग संख्या का ही मात्रक है। परीक्षा टिप: तारत्व के साथ हर्ट्ज़, प्रबलता के साथ डेसिबल।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Dec, 2018मध्यम

किसी तैरती वस्तु के स्थायी संतुलन में होने के लिए उसका प्लव केंद्र (मेटासेंटर) होना चाहिए -

  1. A.गुरुत्व केंद्र के नीचे
  2. B.उत्प्लावन केंद्र के नीचे
  3. C.उत्प्लावन केंद्र के ऊपर
  4. D.गुरुत्व केंद्र के ऊपर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गुरुत्व केंद्र के ऊपर

व्याख्या

सही उत्तर है D, गुरुत्व केंद्र के ऊपर। तैरती वस्तु थोड़ा झुकती है तो उत्प्लावन केंद्र हटकर नए विस्थापित जल के केंद्र पर आ जाता है, और उससे खींची गई ऊर्ध्व रेखा वस्तु की मूल अक्ष को जिस बिंदु पर काटती है उसे प्लव केंद्र कहते हैं। यदि यह बिंदु गुरुत्व केंद्र के ऊपर हो, तो भार और उत्प्लावन बल मिलकर ऐसा बल युग्म बनाते हैं जो वस्तु को पुरानी स्थिति में लौटा देता है, अर्थात संतुलन स्थायी होता है; दोनों बिंदुओं की दूरी प्लव केंद्रीय ऊंचाई कहलाती है और यह अधिक होने पर वस्तु जल्दी-जल्दी हिलती है। विकल्प A ठीक उलटी स्थिति है: प्लव केंद्र गुरुत्व केंद्र से नीचे हो तो वही बल युग्म वस्तु को और झुका देता है, जो अस्थायी संतुलन है, और दोनों बिंदु एक ही जगह हों तो संतुलन उदासीन होता है। विकल्प B और C गलत हैं, क्योंकि उत्प्लावन केंद्र के सापेक्ष प्लव केंद्र की स्थिति से कुछ तय नहीं होता; स्थायित्व केवल गुरुत्व केंद्र के सापेक्ष स्थिति से तय होता है। परीक्षा टिप: प्लव केंद्र गुरुत्व केंद्र के ऊपर तो स्थायी, नीचे तो वस्तु पलट जाती है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25 March 2022आसान

धारा के चुंबकीय प्रभाव की खोज किसने की थी?

  1. A.मैक्सवेल
  2. B.फ्लेमिंग
  3. C.ओर्स्टेड
  4. D.फैराडे
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ओर्स्टेड

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओर्स्टेड। सन 1820 में डेनमार्क के वैज्ञानिक हंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड ने देखा कि किसी तार के पास रखी दिक्सूचक सुई उसी क्षण घूम जाती है जब तार में धारा बहती है, और धारा की दिशा उलटने पर सुई दूसरी ओर घूम जाती है। इस छोटे से प्रेक्षण ने सिद्ध किया कि विद्युत धारा अपने चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बनाती है, जिसे धारा का चुंबकीय प्रभाव कहते हैं, और यहीं से विद्युत चुंबकत्व का पूरा अध्ययन शुरू हुआ। चुंबकन क्षेत्र की तीव्रता का सीजीएस मात्रक ओर्स्टेड उन्हीं के नाम पर है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जेम्स क्लर्क मैक्सवेल ने बाद में विद्युत और चुंबकत्व के नियमों को चार समीकरणों में समेटा और बताया कि प्रकाश स्वयं विद्युत चुंबकीय तरंग है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जॉन एम्ब्रोस फ्लेमिंग ने केवल बाएँ और दाएँ हाथ के नियम दिए, जो बल या प्रेरित धारा की दिशा बताते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि माइकल फैराडे ने 1831 में विद्युत चुंबकीय प्रेरण खोजा, जो उल्टा प्रभाव है। परीक्षा टिप: ओर्स्टेड 1820 धारा से चुंबकत्व, फैराडे 1831 चुंबकत्व से धारा।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 30 Aug 2019, Shift 2मध्यम

कौन-सा विशेष प्रकार का डायोड प्रवर्धन (amplification) और दोलन (oscillation) दोनों करने में सक्षम है?

  1. A.प्वाइंट कॉन्टैक्ट डायोड
  2. B.जेनर डायोड
  3. C.जंक्शन डायोड
  4. D.टनल डायोड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. टनल डायोड

व्याख्या

सही उत्तर है D, टनल डायोड। टनल डायोड, जिसे 1957 में इसे बनाने वाले लियो एसाकी के नाम पर एसाकी डायोड भी कहा जाता है, दोनों ओर से बहुत अधिक अपमिश्रित (हेवीली डोप्ड) होता है, इसलिए इसकी अवक्षय परत बहुत पतली रहती है और इलेक्ट्रॉन क्वांटम टनलिंग द्वारा उसे पार कर जाते हैं। इसके अग्र अभिलक्षण के एक भाग में वोल्टता बढ़ने पर धारा घटने लगती है, जिससे ऋणात्मक प्रतिरोध का क्षेत्र बनता है, और इसी गुण के कारण यह डायोड संकेत का प्रवर्धन भी कर सकता है और परिपथ में दोलन भी बनाए रख सकता है। यह अत्यंत तेजी से स्विच करता है और माइक्रोवेव दोलित्रों तथा उच्च आवृत्ति परिपथों में प्रयोग होता है। A गलत है क्योंकि प्वाइंट कॉन्टैक्ट डायोड उच्च आवृत्ति संकेतों की संसूचन और दिष्टकरण के लिए काम आता है। B गलत है क्योंकि जेनर डायोड उत्क्रम भंजन में कार्य करता है और वोल्टता नियंत्रण के लिए प्रयोग होता है। C गलत है क्योंकि साधारण जंक्शन डायोड केवल दिष्टकारी है, जो धारा को एक ही दिशा में जाने देता है। परीक्षा टिप: टनल डायोड में ऋणात्मक प्रतिरोध होता है, इसलिए वह प्रवर्धन और दोलन दोनों कर सकता है; जेनर डायोड वोल्टता नियंत्रण के लिए।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 3आसान

पोटैशियम तत्वों के किस परिवार से संबंधित है?

  1. A.क्षारीय मृदा धातु
  2. B.क्षार धातु
  3. C.उत्कृष्ट गैस
  4. D.हैलोजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षार धातु

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षार धातु। पोटैशियम आवर्त सारणी के समूह 1 में लिथियम, सोडियम, रुबिडियम, सीजियम और फ्रैंसियम के साथ आता है, और इन छह तत्वों को क्षार धातु कहा जाता है क्योंकि इनके ऑक्साइड और हाइड्रॉक्साइड पानी में घुलकर प्रबल क्षार बनाते हैं। इनमें से हर तत्व के सबसे बाहरी कोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है, जिसे वे आसानी से त्याग देते हैं, इसलिए ये नरम और अत्यधिक क्रियाशील धातुएँ हैं, जिन्हें केरोसिन में रखा जाता है और जो पानी से क्रिया कर हाइड्रोजन मुक्त करती हैं। पोटैशियम का संकेत लैटिन शब्द कैलियम से K है और यह हल्की बैंगनी लौ के साथ जलता है। A गलत है क्योंकि क्षारीय मृदा धातुएँ समूह 2 की हैं, जैसे मैग्नीशियम और कैल्शियम, जिनमें दो बाहरी इलेक्ट्रॉन होते हैं। C गलत है क्योंकि हीलियम और आर्गन जैसी उत्कृष्ट गैसें समूह 18 की और लगभग निष्क्रिय हैं। D गलत है क्योंकि क्लोरीन और आयोडीन जैसे हैलोजन समूह 17 के अधातु हैं। परीक्षा टिप: समूह 1 क्षार धातु, समूह 2 क्षारीय मृदा धातु, समूह 17 हैलोजन और समूह 18 उत्कृष्ट गैस।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी द्विविस्थापन अभिक्रिया नहीं है?

  1. A.BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl
  2. B.2H2 + O2 → 2H2O
  3. C.CuSO4 + H2S → CuS + H2SO4
  4. D.NaOH + HCl → NaCl + H2O
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2H2 + O2 → 2H2O

व्याख्या

सही उत्तर B है। द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो यौगिक अपने आयनों का आदान-प्रदान करते हैं, इसलिए दोनों अभिकारकों का यौगिक होना आवश्यक है। यहाँ हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्व हैं जो मिलकर एक ही उत्पाद जल बनाते हैं, अतः यह संयोजन अभिक्रिया है और साथ ही दहन तथा रेडॉक्स भी, किंतु द्विविस्थापन निश्चित रूप से नहीं। विकल्प A इसलिए गलत विकल्प है क्योंकि बेरियम क्लोराइड और सल्फ्यूरिक अम्ल आयन बदलकर बेरियम सल्फेट का श्वेत अवक्षेप तथा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल देते हैं, जो द्विविस्थापन का प्रचलित अवक्षेपण प्रकार है। विकल्प C गलत है क्योंकि कॉपर सल्फेट और हाइड्रोजन सल्फाइड आयन बदलकर काला कॉपर सल्फाइड तथा सल्फ्यूरिक अम्ल देते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल आयन बदलकर लवण और जल देते हैं, जो उदासीनीकरण है और द्विविस्थापन का ही विशेष रूप है। पहचान सरल है: दो यौगिक साथी बदल रहे हों।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 31 Aug 2019आसान

निम्नलिखित में से किसमें सिट्रिक अम्ल पाया जाता है?

  1. A.टमाटर
  2. B.संतरा
  3. C.इमली
  4. D.खट्टा दूध
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संतरा

व्याख्या

सही उत्तर B, संतरा है। संतरा, नींबू, मौसमी और चकोतरा जैसे खट्टे फलों का तीखा खट्टापन सिट्रिक अम्ल के कारण होता है, और पाठ्यपुस्तकें इसी परिवार के लिए यही अम्ल बताती हैं, जो यहाँ अपेक्षित उत्तर है। विकल्प A गलत है क्योंकि मानक तालिका में टमाटर के साथ ऑक्ज़ैलिक अम्ल गिनाया जाता है, वही अम्ल जो पालक में मिलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि इमली में, अंगूर की तरह, टार्टरिक अम्ल होता है, जिसे बेकिंग सोडा के साथ मिलाकर बेकिंग पाउडर बनाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि खट्टे दूध और दही में लैक्टिक अम्ल होता है, जो दूध की शर्करा पर जीवाणुओं की क्रिया से बनता है। भोजन और अम्ल की जोड़ियों को एक साथ याद कीजिए, क्योंकि इनमें से कोई न कोई लगभग हर विज्ञान प्रश्नपत्र में आता है: नींबू और संतरे के साथ सिट्रिक, सिरके के साथ एसीटिक, सेब के साथ मैलिक और चींटी के डंक के साथ फॉर्मिक अम्ल।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Apr 2016आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम है?

  1. A.सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)
  2. B.सोडियम कार्बोनेट
  3. C.पोटैशियम बाइकार्बोनेट (पोटैशियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)
  4. D.पोटैशियम कार्बोनेट
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)

व्याख्या

सही उत्तर है A, सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)। बेकिंग सोडा सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट यानी NaHCO3 है, जो एक हल्का क्षार है और सॉल्वे विधि से नमकीन पानी, अमोनिया तथा कार्बन डाइऑक्साइड से बनाया जाता है। गरम करने पर या बेकिंग पाउडर में मिले टार्टरिक अम्ल जैसे किसी अम्ल के संपर्क में आने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है, और इन्हीं बुलबुलों से ब्रेड तथा केक फूलते हैं। यही अभिक्रिया इसे सोडा अम्ल अग्निशामक में और पेट के अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन करने वाली एंटासिड दवा में उपयोगी बनाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोडियम कार्बोनेट यानी Na2CO3 धोने का सोडा है, जो अधिक प्रबल क्षार है और सफाई तथा काँच बनाने में काम आता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पोटैशियम बाइकार्बोनेट अलग लवण है, जो कुछ अग्निशामकों और उर्वरकों में प्रयोग होता है, रसोई में नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पोटैशियम कार्बोनेट पोटाश है, जो साबुन और काँच में काम आता है। परीक्षा टिप: बेकिंग सोडा NaHCO3, धोने का सोडा Na2CO3.10H2O, कास्टिक सोडा NaOH।

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