द्रुमिका (डेंड्राइट) और तंत्रिकाक्ष (एक्सॉन) किस कोशिका के भाग हैं?
- A.लाल रक्त कोशिका
- B.तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन)
- C.वृक्काणु (नेफ्रॉन)
- D.श्वेत रक्त कोशिका
सही उत्तर
B. तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन)
व्याख्या
सही उत्तर है B, तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन)। डेंड्राइट और एक्सॉन न्यूरॉन से निकलने वाले दो तरह के प्रवर्ध हैं। न्यूरॉन वही तंत्रिका कोशिका है जो शरीर में संदेश ले जाती है। इसके कोशिका काय, जिसे साइटॉन कहते हैं, में केंद्रक होता है। डेंड्राइट छोटे और शाखित तंतु होते हैं, जो संकेत ग्रहण कर उसे कोशिका काय की ओर ले जाते हैं, जबकि एक्सॉन एक लंबा तंतु होता है जो संकेत को आगे अगली कोशिका तक पहुँचाता है। एक न्यूरॉन के एक्सॉन और दूसरे के डेंड्राइट के बीच की जगह सिनैप्स कहलाती है, जहाँ एक रसायन संकेत को पार कराता है। न्यूरॉन मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका है। A गलत है क्योंकि परिपक्व लाल रक्त कोशिका में केंद्रक नहीं होता और वह केवल ऑक्सीजन ढोती है। C गलत है क्योंकि नेफ्रॉन वृक्क की छानने वाली इकाई है, अकेली कोशिका नहीं। D गलत है क्योंकि श्वेत रक्त कोशिकाएँ संक्रमण से लड़ती हैं। परीक्षा टिप: डेंड्राइट संकेत लाता है, एक्सॉन ले जाता है, सिनैप्स दो न्यूरॉन जोड़ता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा पहला पुनर्योगज (रीकॉम्बिनेंट) टीका है?
- A.पोलियो
- B.एड्स
- C.हेपेटाइटिस बी
- D.चेचक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हेपेटाइटिस बी
व्याख्या
सही उत्तर है C, हेपेटाइटिस बी। हेपेटाइटिस बी का टीका पुनर्योगज डीएनए तकनीक से बनने वाला पहला टीका था। वैज्ञानिकों ने हेपेटाइटिस बी विषाणु के सतही प्रोटीन का जीन काटकर यीस्ट कोशिकाओं में डाल दिया; यीस्ट ने वह प्रोटीन बड़ी मात्रा में बनाया और शुद्ध किए गए इसी प्रोटीन को टीके के रूप में लगाया जाता है। चूँकि इसमें पूरा विषाणु नहीं, केवल एक प्रोटीन होता है, इसलिए टीके से रोग होने का खतरा नहीं रहता – यही पुनर्योगज टीकों की सबसे बड़ी खूबी है। यह टीका 1980 के दशक के मध्य में स्वीकृत हुआ और भारत में शिशुओं को लगने वाले पेंटावेलेंट टीके का हिस्सा है। A गलत है क्योंकि पोलियो का टीका या तो साल्क का मृत विषाणु टीका है या सेबिन का जीवित दुर्बलीकृत टीका। B गलत है क्योंकि एड्स का कोई टीका अब तक स्वीकृत नहीं हुआ है। D गलत है क्योंकि चेचक के टीके में जीवित वैक्सीनिया विषाणु प्रयुक्त होता था और 1980 में इस रोग के उन्मूलन की घोषणा हो चुकी है। परीक्षा टिप: हेपेटाइटिस बी – पहला पुनर्योगज टीका, यीस्ट में तैयार।
कंटूर मैप पर क्षेत्रफल मापने के लिए प्रयुक्त उपकरण है
- A.एरियामीटर
- B.क्लाइनोमीटर
- C.प्लैनीमीटर
- D.ग्राफोमीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्लैनीमीटर
व्याख्या
सही उत्तर है C, प्लैनीमीटर। प्लैनीमीटर किसी भी समतल आकृति का क्षेत्रफल माप देता है, चाहे उसकी सीमा कितनी ही टेढ़ी-मेढ़ी हो। इसमें उपकरण की सुई से नक्शे पर आकृति की सीमा के साथ-साथ घुमाया जाता है और भीतर लगा पहिया तथा डायल घूमे हुए क्षेत्र को दर्ज कर लेता है; इस पाठ्यांक को नक्शे के पैमाने के वर्ग से गुणा करके वास्तविक क्षेत्रफल निकाला जाता है। कंटूर मैप पर किसी कंटूर रेखा से घिरे क्षेत्र, जलग्रहण क्षेत्र या जलाशय के फैलाव का क्षेत्रफल इसी तरह निकाला जाता है, इसलिए सर्वेक्षण और सिंचाई के काम में यह एक आम उपकरण है। A गलत है क्योंकि 'एरियामीटर' नाम का कोई मान्य उपकरण नहीं है। B गलत है क्योंकि क्लाइनोमीटर भूमि का ढाल या किसी बिंदु का उन्नयन कोण मापता है, क्षेत्रफल नहीं। D गलत है क्योंकि ग्राफोमीटर एक पुराना सर्वेक्षण उपकरण है, जो क्षैतिज और ऊर्ध्व कोण मापता था। परीक्षा टिप: क्षेत्रफल – प्लैनीमीटर, ढाल – क्लाइनोमीटर।
हाई-स्पीड स्टील (18-4-1) में होता है -
- A.1% क्रोमियम
- B.18% निकेल
- C.18% टंगस्टन
- D.4% वैनेडियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 18% टंगस्टन
व्याख्या
सही उत्तर है C, 18% टंगस्टन। हाई-स्पीड स्टील को '18-4-1' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें उसी क्रम में तीन धातुएँ मिलाई जाती हैं – 18 प्रतिशत टंगस्टन, 4 प्रतिशत क्रोमियम और 1 प्रतिशत वैनेडियम; शेष भाग लोहा तथा थोड़ा कार्बन होता है। टंगस्टन इस मिश्रधातु की जान है, क्योंकि यह स्टील को तब भी कठोर बनाए रखता है जब काटने वाली धार गर्म होकर लाल चमकने लगे। इसी गुण के कारण इससे बने ड्रिल, मिलिंग कटर और लेथ के औजार तेज गति से कटाई करने पर भी अपनी धार नहीं खोते। क्रोमियम कठोरता और जंग-रोधकता बढ़ाता है, जबकि वैनेडियम कणों को सूक्ष्म बनाकर घिसावट सहने की क्षमता देता है। A गलत है क्योंकि इस ग्रेड में क्रोमियम 4 प्रतिशत है, 1 प्रतिशत नहीं। B गलत है क्योंकि 18-4-1 में निकेल नहीं होता; निकेल स्टेनलेस स्टील और इन्वार में मिलाया जाता है। D गलत है क्योंकि वैनेडियम नाम का '1' वाला हिस्सा है। परीक्षा टिप: 18-4-1 का अर्थ – टंगस्टन 18, क्रोमियम 4, वैनेडियम 1।
रक्तचाप में भारी गिरावट से पीड़ित व्यक्ति को कौन-सा हार्मोन दिया जाता है?
- A.इंसुलिन
- B.एड्रिनेलिन
- C.थायरॉक्सिन
- D.वैसोप्रेसिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एड्रिनेलिन
व्याख्या
सही उत्तर है B, एड्रिनेलिन। एड्रिनेलिन (एपिनेफ्रीन) अधिवृक्क ग्रंथि के मध्य भाग यानी एड्रिनल मेड्यूला से निकलता है और इसे शरीर का 'आपातकालीन हार्मोन' कहा जाता है। यह हृदय की धड़कन तेज और शक्तिशाली कर देता है तथा छोटी रक्त वाहिनियों को सिकोड़ देता है, जिससे कुछ ही क्षणों में रक्तचाप बढ़ जाता है। यही कारण है कि सदमे (शॉक) या तेज एलर्जी की स्थिति में रक्तचाप गिरने पर सबसे पहले एड्रिनेलिन का इंजेक्शन दिया जाता है। यह श्वास नलियों को चौड़ा करता है, रक्त शर्करा बढ़ाता है और शरीर को 'लड़ो या भागो' की स्थिति के लिए तैयार करता है। A गलत है क्योंकि इंसुलिन अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं से निकलकर रक्त शर्करा घटाता है। C गलत है क्योंकि थायरॉक्सिन उपापचय और वृद्धि की गति तय करता है और धीरे-धीरे असर करता है। D गलत है क्योंकि वैसोप्रेसिन मुख्य रूप से गुर्दे से पानी का पुनरावशोषण कराता है। परीक्षा टिप: एड्रिनल मेड्यूला – एड्रिनेलिन – लड़ो या भागो हार्मोन।
कौन-सा औषधीय पौधा 'विंटर चेरी' के नाम से जाना जाता है?
- A.अश्वगंधा
- B.गुलाब
- C.लिली
- D.चाँदनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अश्वगंधा
व्याख्या
सही उत्तर है A, अश्वगंधा। अश्वगंधा का वानस्पतिक नाम विथानिया सोम्नीफेरा है और अंग्रेजी में इसे 'विंटर चेरी' कहा जाता है, क्योंकि इसके पतले आवरण के भीतर छोटा लाल फल लगता है। इसे 'इंडियन जिनसेंग' भी कहते हैं। इसका उपयोगी भाग जड़ है, जिसे आयुर्वेद में कमजोरी, तनाव और नींद न आने की स्थिति में बलवर्धक के रूप में दिया जाता है; ताजी जड़ से घोड़े जैसी गंध आने के कारण ही इसका नाम अश्वगंधा पड़ा। यह सूखे इलाकों का कड़ा पौधा है, इसलिए राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात इसके मुख्य उत्पादक राज्य हैं; राजस्थान के नागौर की 'नागौरी' किस्म तथा मध्य प्रदेश के मंदसौर-नीमच क्षेत्र की खेती सबसे प्रसिद्ध है। B गलत है क्योंकि गुलाब सजावटी और इत्र वाली फसल है। C गलत है क्योंकि लिली कंद से उगने वाला बागवानी पुष्प है। D गलत है क्योंकि चाँदनी सफेद फूलों वाला सजावटी झाड़ीदार पौधा है। परीक्षा टिप: अश्वगंधा – विथानिया सोम्नीफेरा, विंटर चेरी, जड़ का उपयोग।