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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 15

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 15) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 15 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: गति, बल और गति के नियम, पदार्थ की अवस्थाएं और गुण, कार्य, ऊर्जा और शक्ति और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 Sept 2018, Shift 2आसान

एक वस्तु उत्तर दिशा में नियत वेग से चल रही है। वस्तु पर लगने वाला कुल बल होगा

  1. A.दक्षिण की ओर
  2. B.पूर्व की ओर
  3. C.शून्य
  4. D.उत्तर की ओर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. शून्य

व्याख्या

सही उत्तर है C, शून्य। नियत वेग का अर्थ है त्वरण शून्य, और न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार बल = द्रव्यमान × त्वरण होता है, इसलिए कुल बल शून्य ही होगा।

न्यूटन का प्रथम नियम कहता है कि कोई वस्तु विरामावस्था अथवा सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है, जब तक उस पर बाह्य बल न लगे। इसी कारण नियत चाल और नियत दिशा में चलती वस्तु को गति बनाए रखने के लिए बल की आवश्यकता नहीं होती। बल केवल चाल या दिशा बदलने के लिए चाहिए। सीधी सड़क पर 60 किलोमीटर प्रति घंटा की नियत चाल से चलती कार की भी यही स्थिति है, क्योंकि इंजन का बल केवल घर्षण और वायु प्रतिरोध को संतुलित करता है, अतः कुल बल शून्य रहता है। ऐसी वस्तु संतुलन की अवस्था में कही जाती है।

विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि किसी भी दिशा में कुल बल होने पर त्वरण उत्पन्न होता और वेग बदल जाता, जो नियत वेग की दी गई शर्त के विरुद्ध है।

परीक्षा टिप: नियत वेग यानी त्वरण शून्य और कुल बल शून्य, बल का पूर्ण अभाव नहीं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 2आसान

12°C पर जल की भौतिक अवस्था क्या होती है?

  1. A.द्रव
  2. B.आयनिक
  3. C.गैस
  4. D.ठोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. द्रव

व्याख्या

सही उत्तर है A, द्रव। सामान्य वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C से 100 °C के बीच द्रव अवस्था में रहता है और 12 °C इसी परास में आता है। एक वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C पर जमकर बर्फ़ बनता है, जो इसका गलनांक है, और 100 °C पर उबलकर भाप बनता है, जो इसका क्वथनांक है। इन दोनों स्थिर बिंदुओं के बीच अणुओं में इतनी ऊर्जा होती है कि वे एक-दूसरे पर फिसल सकें, पर इतनी नहीं कि अलग होकर उड़ जाएँ; इसीलिए जल बहता है और बर्तन का आकार ले लेता है, जबकि उसका आयतन निश्चित रहता है। 12 °C पर खुली सतह से जल धीरे-धीरे वाष्पित होता है, पर यह केवल ऊपरी परत से होता है और नीचे के जल की अवस्था नहीं बदलती। विकल्प B गलत है, क्योंकि आयनिक पदार्थ की कोई अवस्था नहीं, बल्कि बंध का प्रकार है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जल 100 °C से ऊपर ही गैस बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जल 0 °C या उससे नीचे ही ठोस बनता है। परीक्षा टिप: जल के दो स्थिर बिंदु 0 °C और 100 °C याद रखें।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 2मध्यम

2 kg द्रव्यमान के एक पिंड को 20 m/s के प्रारंभिक वेग से ऊपर की ओर फेंका जाता है। 2 सेकंड बाद उसकी गतिज ऊर्जा होगी: (g = 10 m/s²)

  1. A.100 J
  2. B.0 J
  3. C.400 J
  4. D.200 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 0 J

व्याख्या

सही उत्तर है B, 0 J। पिंड को 20 m/s से ऊपर फेंका गया है और गुरुत्व हर सेकंड 10 m/s वेग घटाता है, इसलिए 2 सेकंड बाद उसका वेग शून्य हो जाता है। v = u − gt से v = 20 − 10 × 2 = 0 m/s मिलता है। गतिज ऊर्जा ½mv² होती है और v = 0 रखने पर गतिज ऊर्जा भी शून्य हो जाती है। उस क्षण पिंड अपने पथ के उच्चतम बिंदु पर होता है और उसकी पूरी ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा के रूप में होती है, अर्थात mgh = 2 × 10 × 20 = 400 J, क्योंकि पिंड 20 मीटर ऊपर चढ़ चुका है। इसके तुरंत बाद वह नीचे गिरना शुरू करता है और गतिज ऊर्जा फिर बढ़ने लगती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 100 J के लिए वेग 10 m/s चाहिए, जो पिंड के पास केवल एक सेकंड बाद होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 400 J फेंकते समय की गतिज ऊर्जा और शिखर पर की स्थितिज ऊर्जा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 200 J इस गति के किसी बिंदु से मेल नहीं खाता। परीक्षा टिप: ऊर्ध्वाधर फेंक के उच्चतम बिंदु पर वेग और गतिज ऊर्जा शून्य होती है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

यदि कोई सिलिकॉन डायोड 12 V आपूर्ति और 240 Ω प्रतिरोधक वाले परिपथ में अग्र अभिनति (फॉरवर्ड बायस) में कार्य कर रहा है, तो डायोड के सिरों पर वोल्टता पात कितना होगा?

  1. A.1.5 V
  2. B.6 V
  3. C.12 V
  4. D.0.7 V
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 0.7 V

व्याख्या

सही उत्तर है D, 0.7 V। अग्र अभिनति में सिलिकॉन डायोड के सिरों पर लगभग 0.7 वोल्ट का पात होता है, चाहे आपूर्ति वोल्टता कितनी भी हो। यह मान सिलिकॉन p-n संधि की अवरोध या नी वोल्टता कहलाता है। लगाई गई वोल्टता जब तक लगभग 0.7 वोल्ट पार नहीं करती, तब तक धारा नहीं बहती, और उसके बाद डायोड पर पात लगभग 0.7 वोल्ट ही बना रहता है, जबकि शेष वोल्टता प्रतिरोधक पर आ जाती है। यहाँ 12 वोल्ट में से 0.7 वोल्ट घटाने पर बचे 11.3 वोल्ट 240 ओम के प्रतिरोधक पर पड़ते हैं और परिपथ की धारा तय करते हैं। जर्मेनियम डायोड की नी वोल्टता लगभग 0.3 वोल्ट होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1.5 वोल्ट शुष्क सेल की वोल्टता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आधी आपूर्ति डायोड पर तभी आती जब वह उतने ही मान के प्रतिरोधक जैसा व्यवहार करता। विकल्प C गलत है, क्योंकि पूरी 12 वोल्ट तब दिखती है जब डायोड उत्क्रम अभिनति में हो या परिपथ खुला हो। परीक्षा टिप: सिलिकॉन 0.7 वोल्ट, जर्मेनियम 0.3 वोल्ट।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

पृथ्वी की सतह से पलायन वेग लगभग कितना होता है?

  1. A.7.9 किलोमीटर प्रति सेकंड
  2. B.9.8 किलोमीटर प्रति सेकंड
  3. C.11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड
  4. D.24 किलोमीटर प्रति सेकंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर C, 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड है। पलायन वेग वह न्यूनतम चाल है जो किसी पिंड को देने पर वह ग्रह के गुरुत्वीय खिंचाव से निकल जाता है और लौटकर नहीं आता। यह केवल ग्रह के द्रव्यमान और त्रिज्या पर निर्भर करता है, फेंके गए पिंड के द्रव्यमान या प्रक्षेपण की दिशा पर नहीं, और पृथ्वी के लिए इसका मान लगभग 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड निकलता है।

विकल्प A, लगभग 7.9 किलोमीटर प्रति सेकंड, पृथ्वी की सतह के निकट परिक्रमा करने वाले उपग्रह का कक्षीय वेग है, जो पलायन वेग से दो के वर्गमूल के अनुपात में कम होता है। विकल्प B, 9.8, गुरुत्वीय त्वरण का मीटर प्रति सेकंड वर्ग में संख्यात्मक मान है और पलायन वेग से उसका कोई संबंध नहीं, वह केवल परिचित संख्या होने से रखा गया है। विकल्प D पृथ्वी के लिए बहुत अधिक है। चंद्रमा का पलायन वेग केवल लगभग 2.4 किलोमीटर प्रति सेकंड है, इसीलिए वह वायुमंडल नहीं रोक पाता।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किनके संयोग से सोल्डर बनता है?

  1. A.सीसा और ताँबा
  2. B.टिन और लोहा
  3. C.सीसा और लोहा
  4. D.सीसा और टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सीसा और टिन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सीसा और टिन। सोल्डर सीसा और टिन का मिश्रधातु है, जिसमें दोनों की मात्रा लगभग बराबर होती है।

मिश्रधातु किसी धातु के साथ एक या अधिक तत्वों का मिश्रण है, जिसे ऐसा गुण पाने के लिए बनाया जाता है जो शुद्ध धातु में नहीं होता। सोल्डर का महत्व इसलिए है कि यह मिश्रण सीसा या टिन दोनों से बहुत कम ताप पर पिघल जाता है, इसलिए यह सरलता से बहकर तारों और विद्युत जोड़ों को जोड़ने में काम आता है। परीक्षा में पूछी जाने वाली अन्य मिश्रधातुएँ हैं पीतल, जो ताँबा और जस्ता से बनता है, काँसा जो ताँबा और टिन से, स्टेनलेस स्टील जो लोहा, क्रोमियम और निकल से तथा जर्मन सिल्वर जो ताँबा, जस्ता और निकल से बनता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सीसा और ताँबा का मिश्रण सोल्डर नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि टिन और लोहे से टिन की परत चढ़ाई जाती है, जिससे डिब्बे बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सीसा और लोहा सोल्डर के रूप में प्रयुक्त नहीं होते।

परीक्षा टिप: सोल्डर = सीसा और टिन, कम गलनांक; पीतल = ताँबा और जस्ता, काँसा = ताँबा और टिन।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा लगभग कितनी होती है?

  1. A.80 कैलोरी प्रति ग्राम
  2. B.540 कैलोरी प्रति ग्राम
  3. C.336 कैलोरी प्रति ग्राम
  4. D.2260 कैलोरी प्रति ग्राम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 540 कैलोरी प्रति ग्राम

व्याख्या

सही उत्तर B, लगभग 540 कैलोरी प्रति ग्राम है। यह वह ऊष्मा है जो सौ डिग्री सेल्सियस पर एक ग्राम जल को उसी ताप की भाप में बदलने के लिए चाहिए, जिसमें ताप बिल्कुल नहीं बढ़ता; भाप के वापस जल में संघनित होने पर यही मात्रा मुक्त होती है।

विकल्प A 80 कैलोरी प्रति ग्राम बर्फ के गलन की गुप्त ऊष्मा है, अर्थात शून्य डिग्री पर एक ग्राम बर्फ को गलाने के लिए आवश्यक ऊष्मा, और इन दोनों मानों की अदला बदली इस अध्याय की सबसे आम भूल है। विकल्प C 336 वही गलन की गुप्त ऊष्मा है, पर कैलोरी के बजाय जूल प्रति ग्राम में, और यहाँ गलत मात्रक के साथ रखी गई है। विकल्प D 2260 वाष्पन की गुप्त ऊष्मा जूल प्रति ग्राम में है; राशि सही पर मात्रक गलत है, क्योंकि 2260 जूल लगभग 540 कैलोरी के बराबर होते हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 1st Jan 2022मध्यम

एक चुंबक को दो टुकड़ों में तोड़ा जाता है। यदि इन दोनों टुकड़ों को एक-दूसरे के पास लाया जाए, तो वे

  1. A.एक-दूसरे को आकर्षित करेंगे।
  2. B.एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करेंगे।
  3. C.आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकते हैं।
  4. D.न आकर्षित करेंगे और न प्रतिकर्षित।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकते हैं।

व्याख्या

सही उत्तर है C, आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकते हैं। किसी चुंबक को काटकर अलग-अलग केवल उत्तरी ध्रुव या केवल दक्षिणी ध्रुव नहीं निकाला जा सकता। छड़ चुंबक टूटते ही प्रत्येक टुकड़ा अपने आप में पूरा चुंबक बन जाता है, जिसके एक सिरे पर उत्तरी और दूसरे सिरे पर दक्षिणी ध्रुव होता है, क्योंकि चुंबकत्व पदार्थ के भीतर के सूक्ष्म चुंबकीय क्षेत्रकों से आता है। इसलिए पास लाने पर क्या होगा, यह केवल इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-से सिरे आमने-सामने हैं। यदि एक का उत्तरी ध्रुव दूसरे के दक्षिणी ध्रुव के सामने हो तो आकर्षण होगा, और यदि समान ध्रुव सामने हों तो प्रतिकर्षण। A गलत है क्योंकि आकर्षण दो संभावित परिणामों में से एक ही है। B इसी कारण गलत है, प्रतिकर्षण केवल समान ध्रुवों के सामने आने पर होता है। D गलत है क्योंकि दोनों टुकड़े अब भी चुंबक हैं और उनके बीच बल अवश्य लगेगा। परीक्षा टिप: चुंबकीय ध्रुव सदा जोड़े में होते हैं, इसलिए चुंबक का हर टुकड़ा छोटा पूरा चुंबक होता है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 15 June 2022, Shift 1आसान

यह कथन कि किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, किससे संबंधित है?

  1. A.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  2. B.बर्नूली का सिद्धांत
  3. C.बीयर लैम्बर्ट नियम
  4. D.पास्कल का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है A, आर्किमिडीज का सिद्धांत। इसके अनुसार द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उतना ही होता है जितना उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। यही कारण है कि कुएँ के भीतर पानी से भरी बाल्टी हल्की लगती है और लोहे का बना विशाल जहाज भी तैरता रहता है, क्योंकि उसका खोखला आकार इतना पानी हटाता है कि वह उसके अपने भार को संभाल ले। इसी सिद्धांत से प्लवन का नियम निकलता है और हाइड्रोमीटर से द्रव का घनत्व तथा धातु की शुद्धता मापी जाती है। B गलत है क्योंकि बर्नूली का सिद्धांत बहते द्रव की चाल और दाब के संबंध को बताता है और वायुयान के पंख पर उठाव समझाता है। C गलत है क्योंकि बीयर-लैम्बर्ट नियम यह बताता है कि विलयन से गुजरते समय प्रकाश कितना अवशोषित होता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में समान रूप से फैलता है, जिस पर हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट काम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्प्लावन के लिए आर्किमिडीज, हाइड्रोलिक प्रेस के लिए पास्कल, पंख के उठाव के लिए बर्नूली।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Dec, 2025, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी क्रिया सबसे अच्छी तरह दर्शाती है कि पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल होता है?

  1. A.स्पंज को दबाना
  2. B.जल में चीनी घोलना
  3. C.चॉक की छड़ तोड़ना
  4. D.बर्फ को गर्म करके जल बनाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चॉक की छड़ तोड़ना

व्याख्या

सही उत्तर है C, चॉक की छड़ तोड़ना। चॉक तोड़ने के लिए बल लगाना पड़ता है, क्योंकि उसके कण एक दूसरे को थामे रखते हैं, और यही खिंचाव कणों के बीच का आकर्षण बल है।

प्रत्येक पदार्थ कणों से बना है जो एक दूसरे को आकर्षित करते हैं, और इस आकर्षण की प्रबलता ही तय करती है कि किसी वस्तु को तोड़ना कितना कठिन है। यह आकर्षण ठोस में सर्वाधिक, द्रव में कम और गैस में सबसे कम होता है, इसी कारण लोहे की छड़ के लिए हथौड़ा चाहिए, जल को उँगली से अलग किया जा सकता है और वायु कोई प्रतिरोध नहीं करती। विद्यालय की वह क्रिया, जिसमें पहले चॉक, फिर पेंसिल और फिर लोहे की कील तोड़ने का प्रयास किया जाता है, विभिन्न ठोसों में इस बल का अंतर दिखाती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि स्पंज दबाने से केवल उसके छिद्रों की वायु बाहर निकलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि चीनी घुलना विसरण तथा कणों के बीच रिक्त स्थान दर्शाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि बर्फ गर्म करना अवस्था परिवर्तन दिखाता है।

परीक्षा टिप: कणों के बीच आकर्षण ठोस में सर्वाधिक, द्रव में कम और गैस में सबसे कम।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Aug 2022, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से रक्त का कौन-सा घटक थक्का (क्लॉट) बनाने में सहायता करता है?

  1. A.प्लेटलेट्स
  2. B.प्लाज्मा प्रोटीन
  3. C.श्वेत रक्त कणिकाएँ
  4. D.लाल रक्त कणिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्लेटलेट्स

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्लेटलेट्स। प्लेटलेट्स रक्त के वे छोटे कण हैं जो चोट लगते ही घाव पर जमा होकर थक्का बनाना शुरू करते हैं। इन्हें थ्रोम्बोसाइट भी कहते हैं और ये अस्थि मज्जा में मेगाकैरियोसाइट नामक बड़ी कोशिकाओं से बनते हैं। स्वस्थ व्यक्ति के रक्त में प्रति घन मिलीमीटर लगभग 1.5 से 4 लाख प्लेटलेट्स होते हैं और इनकी आयु केवल 8 से 10 दिन होती है। घाव पर ये आपस में चिपककर एक प्लग बनाते हैं और ऐसे रसायन छोड़ते हैं जो घुलनशील प्रोटीन फाइब्रिनोजन को फाइब्रिन के धागों में बदल देते हैं; इन धागों में रक्त कोशिकाएँ फँसकर रिसाव बंद कर देती हैं। B गलत है क्योंकि फाइब्रिनोजन जैसे प्लाज्मा प्रोटीन थक्के में भाग तो लेते हैं, पर पेपर में थक्का बनाने वाला घटक प्लेटलेट्स ही माना गया है। C गलत है क्योंकि श्वेत रक्त कणिकाएँ संक्रमण से लड़ती हैं, रक्तस्राव नहीं रोकतीं। D गलत है क्योंकि लाल रक्त कणिकाएँ हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन ढोती हैं। परीक्षा टिप: RBC = ऑक्सीजन, WBC = रोग प्रतिरोध, प्लेटलेट्स = थक्का; डेंगू में प्लेटलेट्स ही गिरते हैं।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

पूर्ण तरंग दिष्टकारी परिपथ (सेंटर-टैप) के लिए कितने P-N संधि डायोड की आवश्यकता होती है?

  1. A.2
  2. B.1
  3. C.4
  4. D.6
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2। सेंटर-टैप पूर्ण तरंग दिष्टकारी में दो p-n संधि डायोड लगते हैं, निवेश चक्र के हर आधे भाग के लिए एक। ट्रांसफार्मर की द्वितीयक कुंडली बीच से टैप की जाती है, जिससे उसके दोनों आधे भाग बराबर पर विपरीत चिह्न की वोल्टता देते हैं। एक आधे चक्र में ऊपर वाला डायोड चालन करता है और अगले आधे चक्र में नीचे वाला, और दोनों लोड में धारा एक ही दिशा में भेजते हैं, इसलिए निर्गत में हर चक्र में दो स्पंद मिलते हैं। यही कारण है कि पूर्ण तरंग दिष्टकारी का औसत निर्गत अधिक और तरंगिका (रिपल) कम होती है। पूर्ण तरंग दिष्टकारी बनाने का दूसरा तरीका ब्रिज परिपथ है, जिसमें चार डायोड लगते हैं पर सेंटर टैप की ज़रूरत नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि एक डायोड से अर्ध तरंग दिष्टकारी बनता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि चार डायोड ब्रिज दिष्टकारी में लगते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि छह डायोड तीन-फेज दिष्टकारी में प्रयोग होते हैं। परीक्षा टिप: अर्ध तरंग 1, सेंटर-टैप पूर्ण तरंग 2, ब्रिज 4 डायोड।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 27 Nov 2024, Shift 3आसान

एड्रेनालिन हार्मोन किस ग्रंथि से स्रावित होता है?

  1. A.थायरॉइड ग्रंथि
  2. B.अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि
  3. C.पीनियल ग्रंथि
  4. D.पीयूष (पिट्यूटरी) ग्रंथि
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि

व्याख्या

सही उत्तर है B, अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि। एड्रेनालिन अधिवृक्क ग्रंथियाँ बनाती हैं, जो दोनों गुर्दों के ऊपर टोपी की तरह बैठी होती हैं। डर, गुस्से या अचानक खतरे में यह हार्मोन निकलता है, इसलिए इसे "लड़ो या भागो" हार्मोन कहा जाता है। यह दिल की धड़कन और साँस की गति बढ़ाता है, रक्त में शर्करा बढ़ाता है और मांसपेशियों तक ज़्यादा खून भेजता है ताकि शरीर तुरंत प्रतिक्रिया कर सके। एड्रेनालिन ग्रंथि के भीतरी भाग, अधिवृक्क मेडुला, से निकलता है; बाहरी भाग, कॉर्टेक्स, कॉर्टिसोल और एल्डोस्टेरोन बनाता है। A गलत है क्योंकि गर्दन में स्थित थायरॉइड ग्रंथि थायरॉक्सिन बनाती है, जो उपापचय को नियंत्रित करता है और जिसके लिए आयोडीन ज़रूरी है। C गलत है क्योंकि मस्तिष्क की पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन बनाती है, जो सोने-जागने का चक्र नियंत्रित करता है। D गलत है क्योंकि पीयूष ग्रंथि वृद्धि हार्मोन बनाती है और कई दूसरी ग्रंथियों को नियंत्रित करती है, इसलिए उसे मास्टर ग्रंथि कहते हैं। परीक्षा टिप: अधिवृक्क = एड्रेनालिन (आपातकालीन हार्मोन), थायरॉइड = थायरॉक्सिन (उपापचय), अग्न्याशय = इंसुलिन (रक्त शर्करा), पीयूष = मास्टर ग्रंथि।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 19 March 2020, Shift 1आसान

किस संघ के जंतुओं के पैर संधियुक्त होते हैं?

  1. A.मोलस्का
  2. B.निमेटोडा
  3. C.आर्थ्रोपोडा
  4. D.इकाइनोडर्मेटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आर्थ्रोपोडा

व्याख्या

सही उत्तर है C, आर्थ्रोपोडा। नाम में ही उत्तर छिपा है - ग्रीक में आर्थ्रोस का अर्थ संधि और पोडोस का अर्थ पैर है, इसलिए आर्थ्रोपोडा वे जंतु हैं जिनके पैर संधियुक्त होते हैं। इनके शरीर पर काइटिन का कठोर बाह्य कंकाल होता है, शरीर खंडों में बँटा रहता है और परिसंचरण तंत्र खुला होता है। बढ़ने के लिए ये अपना कंकाल उतारते हैं, जिसे निर्मोचन कहते हैं। आर्थ्रोपोडा जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है, जिसमें कीट, मकड़ी, बिच्छू, केकड़ा, झींगा, कनखजूरा आदि आते हैं; ज्ञात जंतु जातियों में लगभग अस्सी प्रतिशत इसी संघ की हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि घोंघा, ऑक्टोपस और सीपी जैसे मोलस्का का शरीर कोमल होता है, जिसमें पेशीय पाद और प्रायः कवच होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि एस्केरिस जैसे निमेटोड बिना खंड वाले गोल कृमि हैं, जिनके पैर होते ही नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तारा मछली और समुद्री अर्चिन जैसे इकाइनोडर्म काँटेदार त्वचा वाले समुद्री जंतु हैं, जो नाल पाद से चलते हैं। परीक्षा टिप: आर्थ्रोपोडा सबसे बड़ा संघ, मोलस्का दूसरा सबसे बड़ा।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

‘विशिष्ट रोगवाहक - जनित रोग - रोगाणु के प्रकार’ के गलत समुच्चय का चयन कीजिए।

  1. A.एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु
  2. B.क्यूलेक्स - लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस - परजीवी
  3. C.एनोफ़िलीज़ - मलेरिया - परजीवी
  4. D.एडीस - डेंगू - विषाणु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु

व्याख्या

सही उत्तर है A, एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु। यह समुच्चय गलत है, क्योंकि चिकुनगुनिया जीवाणु से नहीं, बल्कि विषाणु, यानी चिकुनगुनिया वायरस से होता है। यह एडीस मच्छरों से फैलता है, यानी वही दिन में काटने वाले मच्छर जो डेंगू और ज़ीका भी फैलाते हैं, और इसमें तेज़ बुखार के साथ जोड़ों में भयंकर दर्द होता है। यह नाम पूर्वी अफ्रीका की मकोंडे भाषा के एक शब्द से आया है, जिसका अर्थ है 'जो झुका दे', क्योंकि दर्द से मरीज़ झुककर चलने लगता है। एडीस कूलर, टायर, गमलों और टंकियों में जमा साफ पानी में पनपता है, इसीलिए मानसून के बाद डेंगू और चिकुनगुनिया के मामले बढ़ते हैं। विकल्प B सही समुच्चय है, क्योंकि क्यूलेक्स मच्छर लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस यानी हाथीपाँव फैलाता है, जो वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी जैसे परजीवी कृमियों से होता है। विकल्प C सही है, क्योंकि मादा एनोफिलीज़ मलेरिया फैलाती है, जो प्रोटोज़ोआ परजीवी प्लास्मोडियम से होता है। विकल्प D सही है, क्योंकि एडीस डेंगू भी फैलाता है, जो डेंगू वायरस से होता है। परीक्षा टिप: एडीस से डेंगू, चिकुनगुनिया और ज़ीका, तीनों विषाणु; एनोफिलीज़ से मलेरिया; क्यूलेक्स से फाइलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

निषेचित अंड, अर्थात युग्मनज, ________ में स्थापित होता है।

  1. A.गर्भाशय ग्रीवा
  2. B.अंडाशय
  3. C.योनि
  4. D.गर्भाशय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गर्भाशय

व्याख्या

सही उत्तर है D, गर्भाशय। युग्मनज फैलोपियन नलिका से नीचे आते हुए विभाजित होता रहता है और कोशिकाओं का यह पिंड गर्भाशय की मोटी आंतरिक परत में स्थापित हो जाता है।

निषेचन स्वयं फैलोपियन नलिका में होता है, जहाँ शुक्राणु अंडाणु से संयुग्मन कर युग्मनज बनाता है। बार-बार विभाजन से यह भ्रूण बनता है, जो लगभग एक सप्ताह में गर्भाशय तक पहुँचकर एंडोमेट्रियम यानी हार्मोन द्वारा तैयार कोमल भित्ति में धँस जाता है। वहीं प्लेसेंटा विकसित होता है, जो माता के रक्त से भ्रूण तक भोजन और ऑक्सीजन पहुँचाता है तथा अपशिष्ट बाहर ले जाता है। मनुष्य में गर्भावधि लगभग नौ माह की होती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गर्भाशय ग्रीवा गर्भाशय का सँकरा मुख है, जो योनि में खुलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अंडाशय अंडाणु और हार्मोन बनाता है, भ्रूण धारण नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि योनि शुक्राणु ग्रहण करने वाला तथा प्रसव का मार्ग है।

परीक्षा टिप: निषेचन फैलोपियन नलिका में, स्थापन गर्भाशय में और पोषण प्लेसेंटा से।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 2आसान

22 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 5 m/s के वेग से गतिमान है। उसकी गतिज ऊर्जा है:

  1. A.275 J
  2. B.110 J
  3. C.1100 J
  4. D.2750 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 275 J

व्याख्या

सही उत्तर है A, 275 J। गतिज ऊर्जा ½mv² होती है, इसलिए ½ × 22 × 5 × 5 = 275 जूल मिलता है। गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी पिंड में उसकी गति के कारण होती है। यह द्रव्यमान के सीधे अनुपात में बढ़ती है, पर वेग के वर्ग के अनुपात में; इसीलिए वेग दोगुना होने पर ऊर्जा चार गुना हो जाती है और तेज़ चलते वाहन को रुकने के लिए कहीं अधिक दूरी चाहिए। जूल ऊर्जा का SI मात्रक है और एक न्यूटन मीटर के बराबर होता है, अर्थात एक न्यूटन बल किसी पिंड को एक मीटर खिसकाए तो एक जूल कार्य होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 110 द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, जो संवेग देता है, ऊर्जा नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1100 J में सूत्र का आधा छोड़ दिया गया है, यानी केवल mv² लिया गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2750 J सही उत्तर का दस गुना है। परीक्षा टिप: ½mv² लिखते समय आधा और वेग का वर्ग, दोनों का ध्यान रखें।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

वाहनों में प्रयुक्त हाइड्रोलिक ब्रेक किस सिद्धांत पर कार्य करते हैं?

  1. A.आर्किमिडीज सिद्धांत
  2. B.पास्कल का नियम
  3. C.बर्नूली सिद्धांत
  4. D.न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पास्कल का नियम

व्याख्या

सही उत्तर B, पास्कल का नियम है। पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब बिना घटे हर दिशा में द्रव के सभी भागों तथा पात्र की दीवारों तक पहुँचता है। हाइड्रोलिक ब्रेक में पतले मुख्य पिस्टन पर लगा छोटा बल ऐसा दाब बनाता है जो पहियों के चौड़े पिस्टनों तक पहुँचता है, जहाँ वही दाब बड़े क्षेत्रफल पर कहीं बड़ा बल देता है और सभी पहिए एक ही क्षण में समान रूप से रुकते हैं।

विकल्प A, आर्किमिडीज सिद्धांत, द्रव में डूबे पिंड पर लगने वाले ऊपर की ओर उत्प्लावन बल से संबंधित है और जहाज, पनडुब्बी तथा लैक्टोमीटर की व्याख्या करता है। विकल्प C, बर्नूली सिद्धांत, बहते द्रव की चाल और दाब का संबंध बताता है तथा वायुयान के पंख की उत्थापक शक्ति और एटमाइजर की क्रिया समझाता है। विकल्प D, न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, द्रव्यमानों के बीच आकर्षण से संबंधित है। हाइड्रोलिक लिफ्ट और हाइड्रोलिक प्रेस पास्कल नियम के अन्य दो मानक अनुप्रयोग हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानमध्यम

थर्मस फ्लास्क की दो दीवारों के बीच का निर्वात मुख्यतः किन विधियों से ऊष्मा संचरण रोकता है?

  1. A.चालन और संवहन
  2. B.केवल विकिरण
  3. C.केवल चालन
  4. D.न चालन, न संवहन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चालन और संवहन

व्याख्या

सही उत्तर A, चालन और संवहन है। इन दोनों विधियों के लिए द्रव्य आवश्यक है: चालन में ऊर्जा कण से कण तक जाती है और संवहन में तरल स्वयं चलकर ऊर्जा ले जाता है। निर्वात में कण लगभग नहीं होते, इसलिए इनमें से कोई भी विधि वहाँ काम नहीं कर सकती।

विकल्प B इसलिए गलत है कि विकिरण निर्वात से भी भली भाँति गुजर जाता है, क्योंकि वह विद्युत चुंबकीय तरंग है; फ्लास्क उसे दूसरे उपाय से रोकता है, अर्थात आमने सामने की सतहों की रजतित परत से, जो विकिरण को लौटा देती है। विकल्प C अधूरा है, क्योंकि निर्वात चालन के साथ संवहन भी रोकता है। विकल्प D सत्य के विपरीत है। ढक्कन गर्म वाष्प को निकलने से रोककर इस रचना को पूरा करता है, और परीक्षक यही तीनों भाग वाला उत्तर चाहते हैं।

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