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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 11

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 11) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 9 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: गति, बल और गति के नियम, तरल: उत्प्लावन, श्यानता और पृष्ठ तनाव, कार्य, ऊर्जा और शक्ति और अन्य। इनमें से 7 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण यह समीकरण गति के किस नियम से निकलता है?

  1. A.पहला नियम
  2. B.दूसरा नियम
  3. C.तीसरा नियम
  4. D.ऊर्जा संरक्षण का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दूसरा नियम

व्याख्या

सही उत्तर B, दूसरा नियम है। यह कहता है कि किसी वस्तु के संवेग के परिवर्तन की दर आरोपित बल के अनुक्रमानुपाती होती है और बल की दिशा में होती है। चूँकि संवेग द्रव्यमान गुणा वेग है, अचर द्रव्यमान वाली वस्तु के लिए उसके परिवर्तन की दर द्रव्यमान गुणा त्वरण हो जाती है, जिससे यह समीकरण मिलता है।

विकल्प A, पहला नियम केवल इतना बताता है कि असंतुलित बल के बिना वस्तु अपनी अवस्था बनाए रखती है, और इस प्रकार बल को परिभाषित करता है, मापता नहीं। विकल्प C, तीसरा नियम क्रिया और प्रतिक्रिया के युग्म से संबंधित है जो दो अलग वस्तुओं पर लगती हैं। विकल्प D विषय की दूसरी शाखा का है। दूसरे नियम से ही न्यूटन मात्रक की परिभाषा भी मिलती है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 15 June 2022, Shift 1आसान

यह कथन कि किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, किससे संबंधित है?

  1. A.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  2. B.बर्नूली का सिद्धांत
  3. C.बीयर लैम्बर्ट नियम
  4. D.पास्कल का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है A, आर्किमिडीज का सिद्धांत। इसके अनुसार द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उतना ही होता है जितना उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। यही कारण है कि कुएँ के भीतर पानी से भरी बाल्टी हल्की लगती है और लोहे का बना विशाल जहाज भी तैरता रहता है, क्योंकि उसका खोखला आकार इतना पानी हटाता है कि वह उसके अपने भार को संभाल ले। इसी सिद्धांत से प्लवन का नियम निकलता है और हाइड्रोमीटर से द्रव का घनत्व तथा धातु की शुद्धता मापी जाती है। B गलत है क्योंकि बर्नूली का सिद्धांत बहते द्रव की चाल और दाब के संबंध को बताता है और वायुयान के पंख पर उठाव समझाता है। C गलत है क्योंकि बीयर-लैम्बर्ट नियम यह बताता है कि विलयन से गुजरते समय प्रकाश कितना अवशोषित होता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में समान रूप से फैलता है, जिस पर हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट काम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्प्लावन के लिए आर्किमिडीज, हाइड्रोलिक प्रेस के लिए पास्कल, पंख के उठाव के लिए बर्नूली।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

द्रव्यमान m की वस्तु जो v चाल से चल रही है, उसकी गतिज ऊर्जा का सूत्र क्या है?

  1. A.द्रव्यमान गुणा गुरुत्वीय त्वरण गुणा ऊँचाई
  2. B.द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी
  3. C.द्रव्यमान गुणा चाल
  4. D.द्रव्यमान गुणा चाल का वर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी

व्याख्या

सही उत्तर B, द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी है। गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो वस्तु को उसकी गति के कारण प्राप्त होती है, और वह चाल के वर्ग के साथ बढ़ती है, इसलिए दोगुनी चाल से चलती वस्तु के पास चार गुनी गतिज ऊर्जा होती है।

विकल्प A पृथ्वी की सतह के पास गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक है, अर्थात द्रव्यमान गुणा गुरुत्वीय त्वरण गुणा ऊँचाई, जो गति पर नहीं स्थिति पर निर्भर करता है। विकल्प C, द्रव्यमान गुणा चाल वस्तु का रैखिक संवेग है, जो सदिश राशि है और किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड में मापी जाती है, ऊर्जा नहीं। विकल्प D में आधे का गुणक छूट गया है और यही इस प्रश्न की सामान्य असावधानी है। यह भी याद रखें कि गतिज ऊर्जा को संवेग के वर्ग बटा दो गुना द्रव्यमान के रूप में भी लिखा जा सकता है।

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

न्यूटन के गति के पहले नियम को किस अन्य नाम से जाना जाता है?

  1. A.जड़त्व का नियम
  2. B.संवेग का नियम
  3. C.क्रिया और प्रतिक्रिया का नियम
  4. D.गुरुत्वाकर्षण का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जड़त्व का नियम

व्याख्या

सही उत्तर A, जड़त्व का नियम है। पहला नियम कहता है कि कोई वस्तु अपनी विराम या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था बनाए रखती है जब तक उस पर असंतुलित बाह्य बल न लगे, और यही गुण जड़त्व कहलाता है।

विकल्प B दूसरे नियम की ओर संकेत करता है, जो संवेग परिवर्तन की दर से संबंधित है और जिससे बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण निकलता है। विकल्प C तीसरा नियम है, जो कहता है कि क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर तथा विपरीत होती हैं और अलग वस्तुओं पर लगती हैं। विकल्प D, गुरुत्वाकर्षण का नियम न्यूटन का ही अलग नियम है, जिसके अनुसार प्रत्येक वस्तु दूसरी को उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती और दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती बल से आकर्षित करती है। पहला नियम बल की परिभाषा भी देता है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 24 Jul 2023, Shift 4कठिन

ल्यूकोप्लास्ट का कौन-सा रूप तेल के संश्लेषण और भंडारण में विशिष्ट होता है और मुख्यतः परागकणों को विकसित करने वाली कोशिकाओं की परत में पाया जाता है?

  1. A.जेरोंटोप्लास्ट
  2. B.प्रोटीनोप्लास्ट
  3. C.क्लोरोप्लास्ट
  4. D.इलियोप्लास्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इलियोप्लास्ट

व्याख्या

सही उत्तर है D, इलियोप्लास्ट। ल्यूकोप्लास्ट पादप कोशिकाओं के रंगहीन प्लास्टिड हैं और हर प्रकार का नाम उसमें संचित पदार्थ पर पड़ा है। इलियोप्लास्ट वे ल्यूकोप्लास्ट हैं जो तेल और वसा बनाते तथा संचित करते हैं। ये परागकोश की टेपीटम परत में अधिक मिलते हैं, जो विकसित हो रहे परागकणों को पोषण देती है और उन पर तेलीय आवरण छोड़ती है। अन्य ल्यूकोप्लास्ट हैं एमाइलोप्लास्ट, जो आलू के कंद और अनाज के दानों में मंड संचित करते हैं, तथा प्रोटीनोप्लास्ट, जो प्रोटीन रखते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जेरोंटोप्लास्ट वे क्लोरोप्लास्ट हैं जो बूढ़े हो चुके हैं, जैसे पतझड़ में पीली पड़ती पत्ती में। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रोटीनोप्लास्ट, जिन्हें एल्यूरोप्लास्ट भी कहते हैं, प्रोटीन रखते हैं, तेल नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि क्लोरोप्लास्ट हरे वर्णक वाले प्लास्टिड हैं जो प्रकाश संश्लेषण करते हैं, इसलिए वे ल्यूकोप्लास्ट ही नहीं हैं। परीक्षा टिप: संचित पदार्थ से नाम जोड़ें — मंड के लिए एमाइलोप्लास्ट, तेल के लिए इलियोप्लास्ट, प्रोटीन के लिए प्रोटीनोप्लास्ट।

Q6.सामान्य विज्ञानआसान

कार्य का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.न्यूटन
  2. B.जूल
  3. C.वाट
  4. D.पास्कल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जूल

व्याख्या

सही उत्तर B, जूल है। कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है, इसलिए उसका मात्रक न्यूटन मीटर होता है, जिसे जूल नाम दिया गया है; एक जूल कार्य तब होता है जब एक न्यूटन का बल किसी वस्तु को अपनी दिशा में एक मीटर खिसका दे। ऊर्जा भी इसी मात्रक में मापी जाती है, क्योंकि किया गया कार्य वास्तव में स्थानांतरित ऊर्जा ही है।

विकल्प A, न्यूटन केवल बल का एसआई मात्रक है। विकल्प C, वाट शक्ति का मात्रक है, अर्थात कार्य करने की दर का, और वह एक जूल प्रति सेकंड के बराबर होता है। विकल्प D, पास्कल दाब का मात्रक है और एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर है। जो विद्यार्थी जूल और वाट में भ्रम करते हैं वे प्रश्नपत्र के अगले ही प्रश्न में अंक गँवा देते हैं, इसलिए जोड़ी इस तरह याद रखें: कार्य जूल में और शक्ति वाट में।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

गोली चलाने पर बंदूक का पीछे हटना किस राशि के संरक्षण से समझाया जाता है?

  1. A.ऊर्जा
  2. B.रैखिक संवेग
  3. C.द्रव्यमान
  4. D.विद्युत आवेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रैखिक संवेग

व्याख्या

सही उत्तर B, रैखिक संवेग है। चलाने से पहले बंदूक और गोली दोनों विराम में हैं, इसलिए निकाय का कुल संवेग शून्य है। नली की दिशा में कोई बाह्य बल नहीं लगता, अतः कुल संवेग शून्य ही रहना चाहिए: गोली बड़े अग्र संवेग के साथ निकलती है और बंदूक उतना ही पश्च संवेग लेकर पीछे हटती है, जिसे प्रतिक्षेप कहते हैं। बंदूक गोली से बहुत भारी होती है, इसलिए उसका पश्च वेग कम रहता है।

विकल्प A, ऊर्जा व्यापक अर्थ में संरक्षित तो है पर वह अकेले प्रतिक्षेप की दिशा और मात्रा नहीं बताती। विकल्प C, द्रव्यमान और विकल्प D, आवेश भी संरक्षित राशियाँ हैं पर यहाँ अप्रासंगिक हैं। यही सिद्धांत रॉकेट के प्रणोदन की भी व्याख्या करता है, और वही तीसरा नियम दूसरी ओर से देखा गया रूप है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है?

  1. A.लवक
  2. B.लाइसोसोम
  3. C.माइटोकॉन्ड्रिया
  4. D.गॉल्जी उपकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गॉल्जी उपकरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, गॉल्जी उपकरण। गॉल्जी उपकरण वह मुख्य स्थान है जहाँ ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड बनते हैं। यह चपटी, तश्तरी जैसी थैलियों (सिस्टर्नी) का ढेर होता है, जिसका पहला वर्णन 1898 में कैमिलो गॉल्जी ने किया था। अंतर्द्रव्यी जालिका पर बने प्रोटीन गॉल्जी तक पहुँचते हैं, जहाँ उनमें शर्करा जोड़ी जाती है, और फिर उन्हें पुटिकाओं में भरकर कोशिका के अंदर या बाहर भेजा जाता है। इसीलिए गॉल्जी को कोशिका का पैकेजिंग और प्रेषण केंद्र कहा जाता है, और यह लाइसोसोम बनाने में भी मदद करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लवक, जैसे हरितलवक, पादप कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषण करते हैं या भोजन और वर्णक जमा करते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि लाइसोसोम पाचक एंज़ाइमों की छोटी थैलियाँ हैं और इन्हें कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा बनाते हैं और कोशिका का पावरहाउस कहलाते हैं। परीक्षा टिप: गॉल्जी यानी पैकेजिंग और शर्करा जोड़ना; माइटोकॉन्ड्रिया यानी ATP; लाइसोसोम यानी आत्मघाती थैली।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

शक्ति का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.जूल
  2. B.वाट
  3. C.न्यूटन सेकंड
  4. D.किलोवाट घंटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वाट

व्याख्या

सही उत्तर B, वाट है। शक्ति कार्य करने की दर है, अर्थात कार्य को लगे समय से भाग देने पर मिलने वाली राशि, इसलिए उसका मात्रक जूल प्रति सेकंड है, जिसे जेम्स वाट के नाम पर वाट कहा जाता है। एक किलोवाट की मशीन प्रत्येक सेकंड में एक हजार जूल कार्य करती है।

विकल्प A, जूल कार्य या ऊर्जा मापता है, यह नहीं कि वह कितनी तेजी से दी जा रही है। विकल्प C, न्यूटन सेकंड आवेग तथा संवेग का मात्रक है। विकल्प D, किलोवाट घंटा नाम में वाट होने के बावजूद ऊर्जा का मात्रक है, क्योंकि वह शक्ति और समय का गुणनफल है; यही बिजली का व्यापारिक मात्रक है और 36 लाख जूल के बराबर होता है। कई प्रश्नपत्रों में वाट और किलोवाट घंटा जानबूझकर साथ रखे जाते हैं, इसलिए दर और मात्रा का अंतर स्पष्ट रखें।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निःश्वसन के दौरान फेफड़ों से वायु तब निकलेगी, जब फेफड़ों के भीतर का दबाव

  1. A.वायुमंडलीय दबाव के बराबर हो
  2. B.वायुमंडलीय दबाव से कम हो
  3. C.वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो
  4. D.डायाफ्राम का संकुचन हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो

व्याख्या

सही उत्तर है C, वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो। हवा हमेशा अधिक दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर बहती है, इसलिए वह फेफड़ों से तभी बाहर निकलती है, जब भीतर का दबाव बाहर की हवा के दबाव से अधिक हो जाए। निःश्वसन के समय डायाफ्राम शिथिल होकर ऊपर की ओर गुंबद जैसा हो जाता है, और पसलियों की पेशियाँ ढीली पड़ने से पसलियाँ नीचे व अंदर आती हैं। इससे वक्ष गुहा का आयतन घटता है, फेफड़ों में दबाव बढ़ता है और हवा बाहर धकेल दी जाती है। अंतःश्वसन में इसका उल्टा होता है: डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा होता है, वक्ष गुहा बड़ी होती है, फेफड़ों का दबाव वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है और हवा अंदर आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दबाव बराबर होने पर हवा नहीं चलती; ऐसा दो साँसों के बीच पल भर के लिए होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि फेफड़ों में कम दबाव होने पर हवा अंदर आती है, जो अंतःश्वसन है। विकल्प D गलत है, क्योंकि डायाफ्राम के संकुचन से अंतःश्वसन होता है, निःश्वसन नहीं। परीक्षा टिप: अंतःश्वसन में डायाफ्राम सिकुड़ता है और दबाव घटता है; निःश्वसन में डायाफ्राम शिथिल होता है और दबाव बढ़ता है।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

संवेग का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.न्यूटन
  2. B.जूल
  3. C.किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड
  4. D.न्यूटन प्रति सेकंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर C, किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड है। संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, इसलिए उसका मात्रक द्रव्यमान के मात्रक गुणा वेग का मात्रक होता है, अर्थात किलोग्राम गुणा मीटर प्रति सेकंड। यह सदिश राशि है और उसकी दिशा वेग की दिशा होती है।

विकल्प A, न्यूटन बल का मात्रक है, और बल संवेग परिवर्तन की दर है, संवेग नहीं; एक न्यूटन वास्तव में एक किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। विकल्प B, जूल कार्य और ऊर्जा का मात्रक है। विकल्प D, न्यूटन प्रति सेकंड कोई मानक मात्रक नहीं है, यद्यपि न्यूटन सेकंड संवेग का स्वीकार्य वैकल्पिक रूप है, क्योंकि बल गुणा समय संवेग परिवर्तन के बराबर होता है और उसी को आवेग कहते हैं। आवेग और संवेग का यह संबंध भी प्रिय प्रश्न है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 20 Aug 2023मध्यम

A और B अपने हार्मोन तब स्रावित करती हैं जब उन्हें ग्रंथि C से आदेश मिलता है। A, B और C क्रमशः क्या हो सकती हैं?

  1. A.अग्न्याशय, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, थायरॉइड
  2. B.थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, पीयूष ग्रंथि
  3. C.वृषण, अंडाशय, थायरॉइड
  4. D.पीयूष ग्रंथि, अग्न्याशय, थायरॉइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, पीयूष ग्रंथि

व्याख्या

सही उत्तर है B, थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, पीयूष ग्रंथि। पीयूष ग्रंथि ऐसे हार्मोन छोड़ती है जो थायरॉइड और अधिवृक्क ग्रंथियों को अपने हार्मोन छोड़ने का आदेश देते हैं। पीयूष ग्रंथि मटर के दाने जितनी होती है और मस्तिष्क के निचले हिस्से से जुड़ी रहती है; कई दूसरी अंतःस्रावी ग्रंथियों को नियंत्रित करने के कारण इसे मास्टर ग्रंथि कहते हैं। उदाहरण के लिए, यह थायरॉइड-उत्तेजक हार्मोन छोड़ती है जिससे थायरॉइड थायरॉक्सिन बनाती है, और एक दूसरा हार्मोन छोड़ती है जिससे अधिवृक्क ग्रंथियाँ अपने हार्मोन छोड़ती हैं। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब बताती है कि थायरॉइड और अधिवृक्क जैसी ग्रंथियाँ पीयूष ग्रंथि का संदेश मिलने पर हार्मोन स्रावित करती हैं। A गलत है क्योंकि अग्न्याशय रक्त में शर्करा के अनुसार इंसुलिन छोड़ता है, और थायरॉइड बाकी दोनों को आदेश नहीं देती। C गलत है क्योंकि वृषण और अंडाशय भी पीयूष ग्रंथि से आदेश लेते हैं, थायरॉइड से नहीं। D गलत है क्योंकि पीयूष ग्रंथि आदेश देती है, थायरॉइड से आदेश नहीं लेती। परीक्षा टिप: पीयूष – मास्टर ग्रंथि; थायरॉइड – थायरॉक्सिन; अधिवृक्क – एड्रेनालिन; अग्न्याशय – इंसुलिन।

Q13.सामान्य विज्ञानमध्यम

एक अश्वशक्ति लगभग कितने वाट के बराबर होती है?

  1. A.100 वाट
  2. B.500 वाट
  3. C.746 वाट
  4. D.1000 वाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 746 वाट

व्याख्या

सही उत्तर C, 746 वाट है। अश्वशक्ति शक्ति का पुराना मात्रक है, जो आज भी मोटरों और वाहनों की क्षमता बताने में चलता है, और एक अश्वशक्ति को लगभग 746 वाट अर्थात लगभग पौन किलोवाट माना जाता है।

विकल्प A, 100 वाट पुराने तंतु बल्ब की क्षमता के आसपास है और अश्वशक्ति से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प B, 500 वाट केवल आधा किलोवाट है और गोल अंक होने के कारण भ्रम के लिए रखा गया है। विकल्प D, 1000 वाट एक किलोवाट है; सामान्य भूल यह है कि अश्वशक्ति और किलोवाट को बराबर मान लिया जाए, जबकि एक किलोवाट लगभग 1.34 अश्वशक्ति के बराबर होता है। 746 का अंक ठीक ठीक याद रखें, क्योंकि प्रश्न उल्टा भी पूछा जाता है कि इतनी अश्वशक्ति की मोटर कितने वाट खर्च करेगी।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

प्लास्मोडियम की प्रजाति जो घातक मलेरिया का कारण बनती है:

  1. A.विवैक्स
  2. B.फाल्सीपेरम
  3. C.ओवेल
  4. D.मलेरिये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फाल्सीपेरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, फाल्सीपेरम। प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम घातक या सेरेब्रल मलेरिया पैदा करता है, जो इस रोग का सबसे खतरनाक रूप है। इससे संक्रमित लाल रक्त कोशिकाएँ चिपचिपी होकर मस्तिष्क और दूसरे अंगों की छोटी रक्त वाहिकाओं को रोक देती हैं, जिससे इलाज में देर होने पर बेहोशी और मृत्यु तक हो सकती है। मलेरिया मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है; परजीवी पहले यकृत में और फिर लाल रक्त कोशिकाओं में बढ़ता है, और इन कोशिकाओं के फटने से ठंड लगकर तेज़ बुखार के दौर आते हैं। रोनाल्ड रॉस ने भारत में काम करते हुए 1897 में मच्छर से संबंध सिद्ध किया और 1902 में नोबेल पुरस्कार पाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि पी. विवैक्स सौम्य तृतीयक मलेरिया करता है, जो यकृत में छिपी अवस्थाओं से दोबारा लौट सकता है, पर कम ही जानलेवा होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पी. ओवेल मुख्यतः अफ्रीका में मिलने वाला हल्का तृतीयक मलेरिया करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पी. मलेरिये चतुर्थक मलेरिया करता है, जिसमें हर चौथे दिन बुखार आता है। परीक्षा टिप: फाल्सीपेरम = घातक; विवैक्स = सौम्य पर लौटने वाला; मादा एनोफिलीज़ = वाहक।

Q15.सामान्य विज्ञानआसान

चलती बस के अचानक रुकने पर खड़ा यात्री आगे की ओर गिरता है। इसका कारण है

  1. A.विराम का जड़त्व
  2. B.गति का जड़त्व
  3. C.दिशा का जड़त्व
  4. D.अभिकेंद्र बल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गति का जड़त्व

व्याख्या

सही उत्तर B, गति का जड़त्व है। बस चलती है तब यात्री का पूरा शरीर उसके साथ चलता है। ब्रेक लगते ही पैर बस के फर्श के साथ रुक जाते हैं, पर ऊपरी शरीर उसी चाल से आगे बढ़ता रहना चाहता है, इसलिए यात्री आगे की ओर गिर पड़ता है।

विकल्प A, विराम का जड़त्व उल्टी स्थिति बताता है: खड़ी बस के अचानक चलने पर यात्री पीछे गिरता है, क्योंकि शरीर विराम में बना रहना चाहता है। विकल्प C, दिशा का जड़त्व बताता है कि घूमते पहिये से कीचड़ स्पर्श रेखा की दिशा में क्यों उड़ता है या मोड़ पर यात्री बाहर की ओर क्यों झुकता है। विकल्प D, अभिकेंद्र बल वृत्ताकार पथ पर केंद्र की ओर लगने वाला बल है और सीधी रेखा में ब्रेक लगने से उसका संबंध नहीं। तीनों प्रकार के जड़त्व ऐसे ही उदाहरणों से पूछे जाते हैं।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1आसान

मानव DNA की द्विकुंडलित संरचना में क्षार एडेनिन निम्नलिखित में से किस क्षार के साथ दो हाइड्रोजन बंध बनाकर क्षार-युग्म बनाता है?

  1. A.ग्वानिन
  2. B.साइटोसिन
  3. C.थाइमिन
  4. D.हिस्टोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थाइमिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, थाइमिन। DNA में एडेनिन हमेशा थाइमिन के साथ दो हाइड्रोजन बंधों से जुड़ता है, और ग्वानिन साइटोसिन के साथ तीन बंधों से। इसे पूरक क्षार-युग्मन कहते हैं, और इसी कारण DNA का एक सूत्र दूसरे की नकल बनाने में काम आता है। द्विकुंडली मॉडल 1953 में जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने रोज़ालिंड फ्रैंकलिन की एक्स-रे तस्वीरों की मदद से दिया था। एडेनिन और ग्वानिन दो वलय वाले प्यूरीन हैं, जबकि थाइमिन और साइटोसिन एक वलय वाले पिरिमिडीन हैं, इसलिए हर जोड़े की चौड़ाई बराबर रहती है और कुंडली एक-सी बनी रहती है। RNA में थाइमिन की जगह यूरेसिल होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्वानिन भी एडेनिन की तरह प्यूरीन है और साइटोसिन से जोड़ा बनाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि साइटोसिन तीन हाइड्रोजन बंधों से ग्वानिन के साथ जुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हिस्टोन एक प्रोटीन है, जिसके चारों ओर गुणसूत्रों में DNA लिपटा रहता है; यह क्षार है ही नहीं। परीक्षा टिप: A की जोड़ी T से दो बंधों से, G की C से तीन बंधों से; RNA में T की जगह U होता है।

Q17.सामान्य विज्ञानमध्यम

विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक कौन सा है?

  1. A.जूल
  2. B.वाट
  3. C.किलोवाट घंटा
  4. D.अर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. किलोवाट घंटा

व्याख्या

सही उत्तर C, किलोवाट घंटा है। घरेलू बिजली का बिल इन्हीं मात्रकों में बनता है, और एक किलोवाट घंटा, जिसे बोलचाल में एक यूनिट कहते हैं, वह ऊर्जा है जो एक किलोवाट का उपकरण एक घंटे चलने पर खर्च करता है; एसआई में वह 36 लाख जूल के बराबर है।

विकल्प A, जूल ऊर्जा का एसआई मात्रक तो है पर बिल बनाने के लिए बहुत छोटा है, क्योंकि एक पंखा भी एक शाम में लाखों जूल खर्च कर देता है। विकल्प B, वाट शक्ति मापता है, ऊर्जा नहीं, इसलिए उसका बिल बन ही नहीं सकता। विकल्प D, अर्ग कार्य का सीजीएस मात्रक है और उससे भी छोटा है, क्योंकि एक जूल में एक करोड़ अर्ग होते हैं। प्रश्न प्रायः यह भी पूछा जाता है कि एक किलोवाट घंटा कितने जूल के बराबर है, इसलिए नाम के साथ 36 लाख का अंक भी याद रखें।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा एकसमान त्वरित गति का समीकरण है?

  1. A.v वर्ग बराबर u वर्ग जोड़ 2as
  2. B.v बराबर u जोड़ as
  3. C.s बराबर ut जोड़ at
  4. D.v बराबर u जोड़ at वर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. v वर्ग बराबर u वर्ग जोड़ 2as

व्याख्या

सही उत्तर A है। एकसमान त्वरित गति के तीन समीकरण हैं: v बराबर u जोड़ at, s बराबर ut जोड़ आधा a t वर्ग, तथा v वर्ग बराबर u वर्ग जोड़ दो गुना a s, जहाँ u आरंभिक वेग, v अंतिम वेग, a त्वरण, t समय और s तय दूरी है।

विकल्प B पहले समीकरण में समय के स्थान पर दूरी रख देता है, जो गलत है क्योंकि पहला समीकरण वेग को समय से जोड़ता है, दूरी से नहीं। विकल्प C में आधा छूट गया है और वर्ग भी नहीं है, इसलिए वह दूसरा समीकरण नहीं है। विकल्प D पहले समीकरण में समय का वर्ग कर देता है, जो दूसरे समीकरण की बात है। तीसरा समीकरण तब उपयोगी है जब समय न दिया हो, और किसी संख्यात्मक प्रश्न में समीकरण का चयन इसी से तय होता है कि पाँच राशियों में से कौन सी नहीं दी गई है।

Q19.सामान्य विज्ञानमध्यम

यदि किसी गतिशील वस्तु की चाल दोगुनी कर दी जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी?

  1. A.दोगुनी
  2. B.चार गुनी
  3. C.आधी
  4. D.अपरिवर्तित
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सही उत्तर: B. चार गुनी

व्याख्या

सही उत्तर B, चार गुनी है। गतिज ऊर्जा द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी होती है, इसलिए चाल को दो से गुणा करने पर ऊर्जा दो के वर्ग अर्थात चार से गुणा हो जाती है। यदि चाल तिगुनी कर दी जाए तो ऊर्जा नौ गुनी हो जाएगी।

विकल्प A, दोगुनी तब सही होता जब ऊर्जा चाल के सीधे अनुपात में बढ़ती, जो संवेग के साथ होता है, गतिज ऊर्जा के साथ नहीं। विकल्प C, आधी इस स्थिति में किसी राशि पर लागू नहीं होती और केवल ध्यान भटकाने के लिए है। विकल्प D, अपरिवर्तित तभी सही होता जब चाल बदली ही न हो, जैसे एकसमान वृत्तीय गति में। यही संबंध बताता है कि वाहन की रोक दूरी चाल बढ़ने पर तेजी से क्यों बढ़ती है, और सड़क सुरक्षा वाले प्रश्न भी इसी बिंदु का उपयोग करते हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानमध्यम

वेग-समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल कौन सी राशि देता है?

  1. A.त्वरण
  2. B.विस्थापन
  3. C.बल
  4. D.संवेग
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सही उत्तर: B. विस्थापन

व्याख्या

सही उत्तर B, विस्थापन है। वेग-समय ग्राफ में ऊँचाई वेग है और आधार समय, इसलिए घिरा हुआ क्षेत्रफल वेग गुणा समय होता है, जो विस्थापन ही है।

विकल्प A, त्वरण उसी ग्राफ के ढाल से मिलता है, क्षेत्रफल से नहीं, और ढाल तथा क्षेत्रफल को मिला देना इस प्रश्न की सबसे आम भूल है। विकल्प C, बल और विकल्प D, संवेग वेग-समय ग्राफ से तब तक नहीं निकाले जा सकते जब तक वस्तु का द्रव्यमान न दिया हो। साथ का परिणाम भी उसी साँस में याद रखिए: दूरी-समय ग्राफ का ढाल चाल देता है, इसलिए तिरछी सीधी रेखा एकसमान चाल और क्षैतिज रेखा विराम दिखाती है। प्रश्नपत्र प्रायः एक सरल ग्राफ देकर इन्हीं तीन पाठों में से एक पूछते हैं, इसलिए ढाल और क्षेत्रफल का अंतर पहले ही स्पष्ट कर लीजिए।

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