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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज: सेट 7

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज़ (सेट 7) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भारतीय शास्त्रीय संगीत, भारत के किले और महल, वाद्य यंत्र और कलाकार और अन्य। इनमें से 13 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिकठिन

विष्णु नारायण भातखंडे हिंदुस्तानी संगीत में किस योगदान के लिए स्मरण किए जाते हैं?

  1. A.पंचरत्न कृतियों की रचना
  2. B.रागों को दस थाटों में वर्गीकृत करना
  3. C.पखावज का आविष्कार
  4. D.ग्वालियर घराने की स्थापना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रागों को दस थाटों में वर्गीकृत करना

व्याख्या

सही उत्तर B, रागों को दस थाटों में वर्गीकृत करना है। भातखंडे ने देश भर में घूमकर रचनाएँ एकत्र कीं और फिर हिंदुस्तानी संगीत के रागों को दस जनक थाटों में व्यवस्थित किया, जिनमें बिलावल, कल्याण, खमाज, भैरव, काफी, आसावरी, भैरवी और तोड़ी सम्मिलित हैं। उन्होंने स्वरलिपि की एक पद्धति भी दी और संगीत के व्यवहार पर विस्तार से लिखा, इसीलिए यह वर्गीकरण उन्हीं के नाम से जाना जाता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि पंचरत्न कृतियाँ कर्नाटक परम्परा में त्यागराज ने रचीं। विकल्प C गलत है क्योंकि पखावज एक प्राचीन अवनद्ध वाद्य है, जिसका कोई नामित आविष्कारक नहीं, और निश्चय ही वह उन्नीसवीं शताब्दी का कोई विद्वान नहीं हो सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्वालियर सबसे पुराना ख्याल घराना है और उनसे बहुत पहले का है। भातखंडे के साथ उनके समकालीन विष्णु दिगम्बर पलुस्कर को भी याद रखें, जिन्होंने संगीत को दरबारी संरक्षण से निकालकर विद्यालयों और सार्वजनिक मंच तक पहुँचाया।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 16 March, 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन सा किला हैदराबाद में कुतुब शाही वंश की प्रमुख राजधानी था?

  1. A.चिकतन किला
  2. B.राजगढ़ किला
  3. C.लाल किला
  4. D.गोलकुंडा किला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गोलकुंडा किला

व्याख्या

सही उत्तर है D, गोलकुंडा किला। हैदराबाद का गोलकुंडा कुतुब शाही वंश की राजधानी था, जिसने 1518 से गोलकुंडा सल्तनत पर शासन किया, जब कुली कुतुब शाह ने बहमनी राज्य से अलग होकर स्वतंत्र राज्य बनाया। यह किला ग्रेनाइट की पहाड़ी पर बना है और अपनी ध्वनि व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि फतह दरवाजे पर ताली बजाने की आवाज ऊपर बने मंडप तक सुनाई देती है। यह हीरों के व्यापार का भी केंद्र रहा, जिनमें कोहिनूर भी शामिल था। 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने हैदराबाद नगर बसाया और चारमीनार बनवाकर राजधानी वहां ले गए; औरंगजेब ने 1687 में गोलकुंडा जीत लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि चिकतन किला लद्दाख में है। विकल्प B गलत है, क्योंकि महाराष्ट्र का राजगढ़ शिवाजी की आरंभिक राजधानी का किला था। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाल किला दिल्ली में शाहजहां ने बनवाया था। परीक्षा टिप: कुतुब शाही - गोलकुंडा और फिर हैदराबाद; चारमीनार 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने बनवाया।

Q3.कला और संस्कृतिआसान

पंडित हरिप्रसाद चौरसिया किस वाद्य के वादन के लिए प्रसिद्ध हैं?

  1. A.बाँसुरी
  2. B.सारंगी
  3. C.मृदंगम
  4. D.रुद्र वीणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बाँसुरी

व्याख्या

सही उत्तर A, बाँसुरी है। बाँसुरी बाँस की आड़ी बजने वाली वंशी है, बिना रीड का सुषिर वाद्य, जिसमें वादक छिद्रों को ढककर स्वर बदलता है। हरिप्रसाद चौरसिया इसके सबसे प्रसिद्ध आधुनिक वादक हैं, और उनसे पहले पन्नालाल घोष को लंबी मंद्र बाँसुरी को पूर्ण शास्त्रीय प्रस्तुति के योग्य बनाने का श्रेय दिया जाता है।

विकल्प B, सारंगी, गज से बजने वाला तंत्रीवाद्य है, जिसमें उँगलियों के नाखून तारों पर दबाए जाते हैं और जिसका बड़ा नाम राम नारायण हैं। विकल्प C, मृदंगम, कर्नाटक संगीत तथा भरतनाट्यम का ढोल है, जिससे पालघाट मणि अय्यर और उमयालपुरम शिवरामन जुड़े हैं। विकल्प D, रुद्र वीणा, ध्रुपद परम्परा का गंभीर वाद्य है, जिसे असद अली खाँ तथा डागर परिवार के कलाकारों ने बजाया। चारों शास्त्रीय वाद्य हैं और हर एक की स्पष्ट कलाकार जोड़ी है, यही इस प्रश्न की परीक्षा है।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 3आसान

साँची का महान स्तूप किस धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.हिंदू धर्म
  3. C.जैन धर्म
  4. D.इस्लाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बौद्ध धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है A, बौद्ध धर्म। मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में स्थित साँची का महान स्तूप भारत के सबसे पुराने बौद्ध स्मारकों में से है। इसे सबसे पहले मौर्य सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध के अवशेषों पर ईंटों के टीले के रूप में बनवाया था, बाद में इस पर पत्थर का आवरण चढ़ाकर इसे बड़ा किया गया। लगभग पहली शताब्दी ईसा पूर्व में इसमें चार नक्काशीदार तोरण (द्वार) जोड़े गए, जिन पर जातक कथाएँ और बुद्ध के जीवन के दृश्य हैं; इनमें बुद्ध को बोधि वृक्ष, चक्र या पदचिह्न जैसे प्रतीकों से ही दिखाया गया है। 1989 में 'साँची के बौद्ध स्मारक' यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बने। B गलत है क्योंकि यह स्तूप हिंदू मंदिर नहीं है; प्रसिद्ध हिंदू मंदिर स्थल खजुराहो और कोणार्क हैं। C गलत है क्योंकि प्रसिद्ध जैन स्थलों में दिलवाड़ा और श्रवणबेलगोला आते हैं। D गलत है क्योंकि प्रसिद्ध इस्लामी स्मारकों में कुतुब मीनार और जामा मस्जिद आते हैं। परीक्षा टिप: साँची स्तूप = अशोक = बौद्ध धर्म = मध्य प्रदेश = यूनेस्को 1989।

Q5.कला और संस्कृतिआसान

मियाँ की मल्हार और दरबारी कानड़ा रागों का श्रेय जिन्हें दिया जाता है, वे तानसेन किसके दरबार के संगीतकार थे?

  1. A.अकबर
  2. B.शाहजहाँ
  3. C.कृष्णदेवराय
  4. D.वाजिद अली शाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अकबर

व्याख्या

सही उत्तर A, अकबर है। तानसेन अकबर के दरबार के नवरत्नों में गिने जाते थे और इससे पहले वे रीवा के शासक की सेवा में थे। वे स्वामी हरिदास के शिष्य थे और परम्परा उन्हें मियाँ की मल्हार, मियाँ की तोड़ी तथा दरबारी कानड़ा का श्रेय देती है। उनकी समाधि ग्वालियर में मुहम्मद ग़ौस के मकबरे के पास है, जहाँ प्रतिवर्ष तानसेन समारोह होता है।

विकल्प B, शाहजहाँ, ने दो पीढ़ी बाद शासन किया और पाठ्यक्रम में वे संगीत के नहीं, स्थापत्य के लिए स्मरण किए जाते हैं। विकल्प C, कृष्णदेवराय, सोलहवीं शताब्दी के आरम्भ के विजयनगर शासक थे और तेलुगु साहित्य के संरक्षक थे, तानसेन के नहीं। विकल्प D, वाजिद अली शाह, अवध के अंतिम नवाब थे और संगीत के सच्चे आश्रयदाता भी, पर लखनऊ में ठुमरी और कथक के, वह भी तानसेन के लगभग तीन शताब्दी बाद। चारों विकल्प वास्तविक कला-संरक्षक हैं, इसीलिए यह प्रश्न बनता है।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित का मिलान कीजिए। सूची I: a) चंपाकुलम नौका दौड़, b) सोमनाथ मेला, c) सूरजकुंड मेला, d) बेणेश्वर मेला। सूची II: i) गुजरात, ii) हरियाणा, iii) राजस्थान, iv) केरल।

  1. A.a - iv, b - iii, c - i, d - ii
  2. B.a - iii, b - i, c - iv, d - ii
  3. C.a - iv, b - ii, c - i, d - iii
  4. D.a - iv, b - i, c - ii, d - iii
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. a - iv, b - i, c - ii, d - iii

व्याख्या

सही उत्तर है D, a - iv, b - i, c - ii, d - iii। चंपाकुलम मूलम नौका दौड़ केरल के अलप्पुझा में पंपा नदी पर होती है और राज्य की सबसे पुरानी सर्प-नौका दौड़ मानी जाती है। सोमनाथ मेला गुजरात के सोमनाथ मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है, जहां श्रद्धालु बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम के दर्शन करने आते हैं। सूरजकुंड शिल्प मेला हर वर्ष फरवरी में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में लगता है, जिसमें देश-विदेश के शिल्पकार आते हैं और हर बार एक थीम राज्य रखा जाता है। बेणेश्वर मेला राजस्थान के डूंगरपुर में सोम और माही नदियों के संगम पर लगने वाला भीलों का आदिवासी मेला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें सोमनाथ मेला राजस्थान और बेणेश्वर मेला हरियाणा में दिखाया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें नौका दौड़ राजस्थान में रखी गई है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सोमनाथ हरियाणा और सूरजकुंड गुजरात हो जाता है। परीक्षा टिप: चंपाकुलम - केरल, सोमनाथ - गुजरात, सूरजकुंड - हरियाणा, बेणेश्वर - राजस्थान।

Q7.कला और संस्कृतिकठिन

गज से बजने वाला लोक वाद्य रावणहत्था मुख्यतः किस राज्य से सम्बंधित है?

  1. A.पंजाब
  2. B.राजस्थान
  3. C.पश्चिम बंगाल
  4. D.मणिपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर B, राजस्थान है। रावणहत्था नारियल की कटोरी को गूँजपात्र बनाकर बना प्राचीन वाद्य है, जिसे घोड़े के बालों वाले गज से बजाया जाता है और जिस पर प्रायः छोटी घंटियाँ बँधी रहती हैं; यह राजस्थान के लोक गायकों का वाद्य है और पाबूजी की कथा के साथ बजता है। मांगणियार समुदाय का कमायचा और सपेरों की पुंगी भी इसी मरुभूमि परम्परा से आते हैं।

विकल्प A, पंजाब, के वाद्य एक तार वाली तूंबी, साथ-साथ फूँकी जाने वाली अलगोजा जोड़ी, चिमटा और भंगड़ा का ढोल हैं। विकल्प C, पश्चिम बंगाल, में बाउल गायकों का दोतारा, एकतारा और दुर्गा पूजा का ढाक है। विकल्प D, मणिपुर, में पेना नामक छोटी गजयुक्त सारंगी और पुंग ढोल हैं। राज्यस्तरीय परीक्षाओं को यह जोड़ी विशेष प्रिय है, इसलिए वाद्य और उसका राज्य साथ-साथ याद करना चाहिए।

Q8.कला और संस्कृतिपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

प्राचीन भारत की निम्नलिखित लिपियों में से कौन-सी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी?

  1. A.ब्राह्मी
  2. B.शारदा
  3. C.खरोष्ठी
  4. D.नंदिनागरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. खरोष्ठी

व्याख्या

सही उत्तर है C, खरोष्ठी। खरोष्ठी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी, ठीक उस अरामाइक लिपि की तरह जिससे यह निकली। यह उत्तर-पश्चिम के गांधार क्षेत्र की लिपि थी, जो आज पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में है, और लगभग तीसरी सदी ईसा पूर्व से तीसरी सदी ईस्वी तक मुख्य रूप से प्राकृत लिखने में प्रयोग हुई। इसीलिए अशोक के दो बड़े शिलालेख, शाहबाज़गढ़ी और मानसेहरा, खरोष्ठी में हैं, जबकि उनके लगभग सभी दूसरे अभिलेख ब्राह्मी में हैं। यह रेशम मार्ग से मध्य एशिया तक फैली और फिर लुप्त हो गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि ब्राह्मी बाएँ से दाएँ लिखी जाती है और देवनागरी समेत ज़्यादातर भारतीय लिपियों की जननी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कश्मीर की पुरानी लिपि शारदा ब्राह्मी से निकली और बाएँ से दाएँ लिखी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि संस्कृत पांडुलिपियों में प्रयुक्त नागरी का दक्षिणी रूप नंदिनागरी भी बाएँ से दाएँ चलती है। परीक्षा टिप: खरोष्ठी अपवाद है, दाएँ से बाएँ और उत्तर-पश्चिम में; ब्राह्मी बाएँ से दाएँ और लगभग हर जगह।

Q9.कला और संस्कृतिकठिन

प्रसिद्ध गायक बड़े गुलाम अली खाँ हिंदुस्तानी संगीत के किस घराने से सम्बंधित थे?

  1. A.किराना
  2. B.पटियाला
  3. C.जयपुर-अतरौली
  4. D.मेवाती
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पटियाला

व्याख्या

सही उत्तर B, पटियाला है। बड़े गुलाम अली खाँ पटियाला घराने के सबसे प्रसिद्ध गायक हैं। इस घराने की पहचान तेज और जटिल तानें, ख्याल के साथ ठुमरी का मुक्त प्रयोग तथा खुला और चमकदार स्वर है। भैरवी और पीलू जैसे रागों में गाई गई उनकी ठुमरियाँ आज भी इस शैली का आदर्श मानी जाती हैं।

विकल्प A, किराना, अब्दुल करीम खाँ का घराना है और आगे चलकर भीमसेन जोशी तथा गंगूबाई हंगल का; यह प्रत्येक स्वर के धीमे और विस्तृत निरूपण के लिए जाना जाता है। विकल्प C, जयपुर-अतरौली, को अल्लादिया खाँ ने गढ़ा और केसरबाई केरकर तथा मल्लिकार्जुन मंसूर ने आगे बढ़ाया; यह जटिल जोड़ रागों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D, मेवाती, पंडित जसराज का घराना है। चारों एक ही युग के वास्तविक ख्याल घराने हैं, इसलिए गायक और घराने की जोड़ी सूची की तरह याद करनी पड़ती है।

Q10.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 7 March 2019, Shift 1कठिन

दबू छपाई, जिसमें कपड़े पर महीन आकृतियों में मिट्टी लगाकर उसे रंग में डुबोया जाता है, भारत के किस राज्य में की जाती है?

  1. A.राजस्थान
  2. B.ओडिशा
  3. C.आंध्र प्रदेश
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर है A, राजस्थान। दबू राजस्थान की मिट्टी अवरोध वाली हाथ की ठप्पा छपाई है, जो मुख्य रूप से चित्तौड़गढ़ के आकोला तथा जयपुर के पास बगरू और सांगानेर में की जाती है। मिट्टी, गोंद, चूने और गेहूँ के भूसे का लेप लकड़ी के ठप्पों से कपड़े पर लगाया जाता है; ढका हुआ भाग रंग को रोक देता है, जो आमतौर पर नील होता है, और वह हिस्सा हल्का रह जाता है जबकि बाकी कपड़ा रंग पकड़ लेता है। धुलाई के बाद मिट्टी झड़ जाती है और आकृति उभर आती है, और अधिक रंगों के लिए यही प्रक्रिया दोहराई जाती है। राजस्थान बंधेज, बगरू और सांगानेरी छपाई तथा कोटा डोरिया बुनाई के लिए भी जाना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ओडिशा इकत यानी बंधा और पट्टचित्र के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प C गलत है, क्योंकि आंध्र प्रदेश कलमकारी के लिए प्रसिद्ध है, जो बाँस की कलम से बनाई जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि असम मूगा और एरी रेशम की बुनाई के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: दबू का अर्थ मिट्टी अवरोध, बंधेज का अर्थ बाँध कर रंगना, कलमकारी का अर्थ कलम का काम।

Q11.कला और संस्कृतिकठिन

दक्षिण भारत के मंदिरों और विवाहों में बजने वाले नादस्वरम के साथ परम्परागत रूप से कौन-सा ढोल बजता है?

  1. A.तवील
  2. B.पखावज
  3. C.ढोलक
  4. D.खोल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. तवील

व्याख्या

सही उत्तर A, तवील है। नादस्वरम लंबा दोहरी रीड वाला सुषिर वाद्य है और शास्त्रीय फूँक वाद्यों में सबसे तेज ध्वनि वाला; तमिलनाडु में यह सदा तवील के साथ जोड़ी में बजता है, जो एक हाथ और एक छड़ी से बजने वाला पीपानुमा ढोल है, और यह जोड़ी मंदिर की शोभायात्राओं तथा विवाहों में सुनाई देती है। दोनों के वृंद को पेरिय मेलम कहा जाता है।

विकल्प B, पखावज, हिंदुस्तानी ध्रुपद परम्परा का पीपानुमा ढोल है, जिस पर चौताल और धमार बजती हैं। विकल्प C, ढोलक, उत्तर भारत के लोक और सुगम संगीत का दो मुँह वाला ढोल है, जो विवाह, भजन और कव्वाली में बजता है। विकल्प D, खोल, असम, बंगाल और ओडिशा के वैष्णव कीर्तन का मिट्टी के शरीर वाला ढोल है। नादस्वरम और तवील की जोड़ी उत्तर की शहनाई और नगाड़े की जोड़ी का दक्षिणी रूप है और दोनों पूछी जाती हैं।

Q12.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'आत्मा केवल पशु और वनस्पति जीवन की ही विशेषता नहीं है, बल्कि चट्टानों, बहते जल और ऐसी कई अन्य प्राकृतिक वस्तुओं की भी है जिन्हें अन्य धार्मिक संप्रदाय सजीव नहीं मानते।'

उपर्युक्त कथन प्राचीन भारत के निम्नलिखित में से किस धार्मिक संप्रदाय की एक मूल मान्यता को दर्शाता है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.जैन धर्म
  3. C.शैव धर्म
  4. D.वैष्णव धर्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जैन धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है B, जैन धर्म। जैन धर्म मानता है कि आत्मा (जीव) केवल मनुष्यों, पशुओं और पौधों में ही नहीं, बल्कि पृथ्वी, जल, अग्नि और वायु में भी है। जैन दर्शन जीवों को उनकी इंद्रियों की संख्या से बाँटता है। सबसे निचले वर्ग, एकेंद्रिय जीवों, में पृथ्वीकाय, जलकाय, अग्निकाय, वायुकाय और वनस्पति आते हैं, इसलिए पत्थर और बहते पानी में भी आत्मा है। इसी कारण जैन मुनि अहिंसा का बहुत कड़ाई से पालन करते हैं, रास्ता बुहारते हैं और पानी छानते हैं ताकि कम से कम जीवों को हानि हो। महावीर ने सिखाया कि हर जीव कर्म से बँधा है और सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र, यानी त्रिरत्न, से ही मुक्त होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बौद्ध धर्म अनात्म के सिद्धांत से स्थायी आत्मा को ही नहीं मानता। विकल्प C गलत है, क्योंकि शैव धर्म शिव की भक्ति पर केंद्रित है और चट्टानों में आत्मा नहीं मानता। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैष्णव धर्म विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति पर केंद्रित है। परीक्षा टिप: पत्थर और पानी में आत्मा, सबसे कड़ी अहिंसा यानी जैन; अनात्म यानी बौद्ध।

Q13.कला और संस्कृतिआसान

भारत रत्न से सम्मानित पंडित रविशंकर कौन-सा वाद्य बजाते थे?

  1. A.सरोद
  2. B.सितार
  3. C.तबला
  4. D.वायलिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सितार

व्याख्या

सही उत्तर B, सितार है। रविशंकर सितार बजाते थे, जो लंबी पर्देदार डाँड़, तूँबे और स्वयं गूँजने वाली तरब की तारों वाला वाद्य है। वे मैहर के अलाउद्दीन खाँ के शिष्य थे, उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को विदेशों में पहुँचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई और उन्हें 1999 में भारत रत्न मिला।

विकल्प A, सरोद, उन्हीं गुरु के पुत्र अली अकबर खाँ तथा अमजद अली खाँ का वाद्य है। विकल्प C, तबला, अल्ला रक्खा से जुड़ा है, जो प्रायः रविशंकर के साथ संगत करते थे, और उनके पुत्र ज़ाकिर हुसैन से। विकल्प D, वायलिन, यूरोप से भारत आया और अब कर्नाटक संगीत की मानक स्वर संगति है, जिसे लालगुडी जयरामन तथा एल. सुब्रमण्यम बजाते रहे और हिंदुस्तानी शैली में एन. राजम। ये कलाकार साथ प्रस्तुति देते थे, इसीलिए प्रश्नपत्र इनके बीच भ्रम की अपेक्षा करता है।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1आसान

पट्टचित्र शैली की चित्रकला निम्नलिखित में से किस राज्य की सबसे प्राचीन और लोकप्रिय कला शैलियों में से एक है?

  1. A.आंध्र प्रदेश
  2. B.राजस्थान
  3. C.ओडिशा
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओडिशा। पट्टचित्र ओडिशा की प्राचीन कपड़े पर बनने वाली चित्रकला है और इसका नाम ही इसका अर्थ बता देता है — पट्ट यानी कपड़ा और चित्र यानी तस्वीर। चित्रकार कहे जाने वाले कलाकार कपड़े पर खड़िया और इमली की लेई चढ़ाते हैं, फिर प्राकृतिक रंगों और बारीक कूँची से देवी-देवताओं तथा कथाओं के दृश्य उकेरते हैं और चारों ओर सजी हुई किनारी बनाते हैं। अधिकांश चित्रों में पुरी के जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा, कृष्ण लीला या महाकाव्यों के प्रसंग दिखाए जाते हैं। पुरी के पास बसा रघुराजपुर गाँव इस कला के लिए प्रसिद्ध है और ओडिशा पट्टचित्र को जीआई टैग भी मिला है। A गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश कलमकारी के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि राजस्थान फड़ चित्रकला तथा किशनगढ़, मेवाड़ और बूँदी की लघु चित्र शैलियों के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि बिहार की पहचान मधुबनी या मिथिला चित्रकला है। परीक्षा टिप: पट्टचित्र ओडिशा, मधुबनी बिहार, कलमकारी आंध्र प्रदेश और वारली महाराष्ट्र की शैली है।

Q15.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 20 Oct 2020, Shift 1मध्यम

'खुआंग' किस राज्य का पारंपरिक वाद्य यंत्र है?

  1. A.असम
  2. B.मिज़ोरम
  3. C.झारखंड
  4. D.पश्चिम बंगाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिज़ोरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, मिज़ोरम। खुआंग मिज़ो लोगों का खोखला काठ का ढोल है, जो एक ही लकड़ी के तने से बनता है और जिसके दोनों सिरों पर चमड़ा मढ़ा जाता है। इसे कंधे से लटकाकर हाथों से बजाया जाता है। मिज़ोरम का कोई उत्सव इसके बिना पूरा नहीं होता - बाँस नृत्य चेरॉ की ताल यही देता है, और चपचार कुट, मिम कुट तथा पॉल कुट त्योहारों में यह प्रमुख वाद्य है। मिज़ो इसे अपने संगीत की आत्मा कहते हैं। मिज़ोरम के अन्य वाद्यों में दरबू और दरमंग घड़ियाल, तुइउम बाँसुरी तथा तार वाला टिंगटांग शामिल हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि असम के प्रसिद्ध वाद्य ढोल, पेपा, गगना और ताल हैं, जो बिहू के साथ बजते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि झारखंड के जनजातीय संगीत में मांदर, नगाड़ा और ढाक बजते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पश्चिम बंगाल से एकतारा, दोतारा और कीर्तन का खोल जुड़े हैं। परीक्षा टिप: खुआंग और चेरॉ - मिज़ोरम; पेपा और बिहू - असम; एकतारा और बाउल - पश्चिम बंगाल।

Q16.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

मथुरा कला शैली में, निम्नलिखित में से भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ (इमेज) मुख्यतः किस मुद्रा में बनायी गयी हैं?

  1. A.ध्यान मुद्रा
  2. B.अभय मुद्रा
  3. C.धर्मचक्र मुद्रा
  4. D.वरद मुद्रा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अभय मुद्रा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अभय मुद्रा। मथुरा की आरंभिक बुद्ध मूर्तियों में दायाँ हाथ ऊपर उठा और हथेली बाहर की ओर होती है, जिसका अर्थ है "डरो मत"। मथुरा शैली ईसा की आरंभिक सदियों में कुषाणों के समय फली-फूली, उसी दौर में उत्तर-पश्चिम में गांधार शैली भी थी। मथुरा के शिल्पियों ने स्थानीय चित्तीदार लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग किया और बुद्ध को गोल मुस्कुराता चेहरा, सर्पिल जूड़े वाला मुंडित सिर और भरा-पूरा मज़बूत शरीर दिया, जो पूरी तरह भारतीय शैली थी। कटरा टीले से मिली बैठी बुद्ध मूर्ति, जो अब मथुरा संग्रहालय में है, अभय मुद्रा का प्रसिद्ध उदाहरण है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोद में हाथ रखे ध्यान मुद्रा गांधार की मूर्तियों की पहचान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उपदेश की धर्मचक्र मुद्रा बाद में प्रसिद्ध हुई, जैसे गुप्तकालीन सारनाथ बुद्ध में। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीचे की ओर हथेली वाली दान की वरद मुद्रा बाद की मूर्तियों में अधिक दिखती है। परीक्षा टिप: मथुरा यानी लाल बलुआ पत्थर और अभय मुद्रा; गांधार यानी स्लेटी शिस्ट और ध्यान मुद्रा।

Q17.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 02 May 2023, Shift 1मध्यम

इल्यास खान का जन्म लखनऊ में संगीतकारों के परिवार में हुआ था। वे _______ बजाने के लिए प्रसिद्ध थे।

  1. A.तबला
  2. B.सितार
  3. C.वीणा
  4. D.मृदंगम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सितार

व्याख्या

सही उत्तर है B, सितार। उस्ताद इल्यास खान सितार वादक थे। उनका जन्म 1924 में लखनऊ के एक संगीतकार परिवार में हुआ और वे इटावा या इमदादखानी घराने से जुड़े थे, जिसे इमदाद खान ने खड़ा किया और एनायत खान तथा विलायत खान ने आगे बढ़ाया। उन्होंने दशकों तक आकाशवाणी पर वादन किया, देश भर में कार्यक्रम दिए और कई शिष्यों को सितार सिखाया। सितार लंबी गर्दन वाला तंत्र वाद्य है, जिसमें खिसकने वाले पर्दे और अतिरिक्त तरब तार होते हैं, जिनसे उसकी गूँजती आवाज़ बनती है। रवि शंकर और विलायत खान ने इसे दुनिया भर के श्रोताओं तक पहुँचाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि तबला जोड़ी वाला अवनद्ध वाद्य है, जिसके प्रसिद्ध नाम अल्ला रक्खा और ज़ाकिर हुसैन हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि वीणा कर्नाटक संगीत का तंत्र वाद्य है और देवी सरस्वती से जुड़ी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मृदंगम कर्नाटक संगीत की सभा में ताल देने वाला वाद्य है। परीक्षा टिप: इटावा घराना यानी सितार, और लखनऊ कथक तथा तबला के घरानों के लिए भी जाना जाता है।

Q18.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · 29 Nov 2020मध्यम

किस चित्रशैली में पशु-पक्षियों को महत्वपूर्ण स्थान मिला है?

  1. A.बूंदी शैली
  2. B.नाथद्वारा शैली
  3. C.किशनगढ़ शैली
  4. D.बीकानेर शैली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बूंदी शैली

व्याख्या

सही उत्तर है A, बूंदी शैली। हाड़ौती क्षेत्र की बूंदी शैली ही अपने चित्रों को पशु-पक्षियों और घने हरे जंगल से भर देती है। इसके चित्रकारों को प्रकृति प्रिय थी: आम और केले के कुंज, कमल से भरे तालाब, बिजली सहित वर्षा के बादल, हाथी, बाघ, गिलहरी, तोते और मोर पृष्ठभूमि में भरे रहते हैं, और उनके सामने गोल चेहरे तथा छोटी नाक वाली मानव आकृतियाँ दिखाई जाती हैं। बूंदी चित्रकला राव सुर्जन सिंह के समय चुनार के कलाकारों की सहायता से आगे बढ़ी, और इसकी शाखा कोटा शैली ने घने जंगल के शिकार दृश्यों को अपनी विशेषता बना लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि नाथद्वारा शैली में श्रीनाथजी के चित्र बनते हैं, अधिकतर कपड़े पर पिछवाई के रूप में। विकल्प C गलत है, क्योंकि किशनगढ़ शैली निहालचंद के बणी-ठणी मुखड़े और राधा-कृष्ण विषयों के लिए जानी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बीकानेर शैली पर मुगल तथा दक्कनी प्रभाव है और उसके चित्रकार अपने नाम लिखते थे। परीक्षा टिप: बूंदी-कोटा का अर्थ प्रकृति और शिकार; किशनगढ़ का अर्थ बणी-ठणी।

Q19.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 27 Oct 2021, Shift 2आसान

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान किस वाद्य यंत्र को बजाने के लिए प्रसिद्ध थे?

  1. A.संतूर
  2. B.सितार
  3. C.शहनाई
  4. D.तबला
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. शहनाई

व्याख्या

सही उत्तर है C, शहनाई। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान वही शहनाई वादक थे जिन्होंने इस वाद्य को बारात और मंगल अवसरों से उठाकर संगीत सभा के मंच तक पहुँचाया। उनका जन्म 1916 में बिहार के डुमराँव में हुआ, वे वाराणसी में बसे और विश्वनाथ मंदिर में वादन करते रहे। उन्होंने 1947 में स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर लाल किले से और पहले गणतंत्र दिवस पर भी शहनाई बजाई। उन्हें 2001 में भारत रत्न मिला और वे एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी तथा रवि शंकर के बाद यह सम्मान पाने वाले तीसरे संगीतकार बने; इससे पहले उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण मिल चुके थे। विकल्प A गलत है, क्योंकि कश्मीर का तार वाद्य संतूर शिवकुमार शर्मा से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सितार रवि शंकर और विलायत खान के नाम से जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि तबला सुनते ही अल्ला रक्खा और ज़ाकिर हुसैन याद आते हैं। परीक्षा टिप: वाद्य और कलाकार जोड़कर याद रखें, शहनाई बिस्मिल्लाह खान, सरोद अमजद अली खान, बाँसुरी हरिप्रसाद चौरसिया और संतूर शिवकुमार शर्मा।

Q20.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 03 May 2023, Shift 1मध्यम

रामप्पा मंदिर किस देवता को समर्पित है?

  1. A.भगवान राम
  2. B.भगवान विष्णु
  3. C.भगवान इंद्र
  4. D.भगवान शिव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भगवान शिव

व्याख्या

सही उत्तर है D, भगवान शिव। रामप्पा मंदिर शिव को समर्पित है, जहाँ उन्हें रामलिंगेश्वर के रूप में पूजा जाता है। यह तेलंगाना के मुलुगु ज़िले के पालमपेट में है और तेरहवीं शताब्दी में काकतीय शासक गणपति देव के काल में उनके सेनापति रेचरला रुद्र ने बनवाया था। इसकी एक विशेषता यह है कि मंदिर अपने शिल्पी रामप्पा के नाम से जाना जाता है। यह बलुआ पत्थर के तारे जैसे चबूतरे पर खड़ा है, इसके शिखर में इतनी हल्की और छिद्रयुक्त ईंटें लगी हैं कि कहा जाता है वे पानी पर तैरती हैं, और चमकाए गए काले बेसाल्ट स्तंभ तथा नर्तकियों की मदनिका मूर्तियाँ बारीक़ी से गढ़ी हैं। यूनेस्को ने 2021 में इसे काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर के नाम से विश्व विरासत सूची में रखा। विकल्प A गलत है, क्योंकि राम की पूजा भद्राचलम जैसे मंदिरों में होती है, यहाँ नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस क्षेत्र के बड़े विष्णु मंदिर तिरुपति और सिंहाचलम हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारत में इंद्र को समर्पित मंदिर लगभग नहीं मिलते। परीक्षा टिप: रामप्पा मंदिर के साथ पालमपेट, काकतीय वंश, तैरती ईंटें और 2021 की यूनेस्को सूची जोड़ें।

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