भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. त्यागराज की अधिकांश कृतियाँ भगवान कृष्ण की स्तुति में भक्ति गीत हैं।
2. त्यागराज ने अनेक नए रागों की रचना की।
3. अन्नमाचार्य और त्यागराज समकालीन हैं।
4. अन्नमाचार्य के कीर्तन भगवान वेंकटेश्वर की स्तुति में भक्ति गीत हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2 और 4
- C.1, 2 और 3
- D.2, 3 और 4
उत्तर देखें
त्यागराज ने कई नए राग रचे, और अन्नमाचार्य के कीर्तन तिरुमला के भगवान वेंकटेश्वर की स्तुति में हैं। तमिलनाडु के तिरुवैयारु के त्यागराज (1767–1847) मुत्तुस्वामी दीक्षितर और श्यामा शास्त्री के साथ कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति में गिने जाते हैं।
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