भारत के सबसे प्रसिद्ध मिट्टी शिल्पों में से एक पंचमुरा का टेराकोटा घोड़ा किस राज्य से आता है?
- A.पश्चिम बंगाल
- B.ओडिशा
- C.तमिलनाडु
- D.राजस्थान
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के पंचमुरा गांव का लंबी गर्दन वाला टेराकोटा घोड़ा भागों में चाक पर और हाथ से बनाया जाता है, फिर जोड़कर पकाया जाता है, और वह भारतीय हस्तशिल्प का प्रतीक बन चुका है। इसी जिले की परंपरा में हाथी और मंदिर के चढ़ावे भी बनते हैं, तथा पास का बिष्णुपुर उन ईंट मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है जिन पर रामायण और महाभारत के दृश्यों वाली टेराकोटा पट्टियां लगी हैं।
विकल्प B गलत है क्योंकि ओडिशा पट्टचित्र, चांदी की तारकशी और पत्थर की नक्काशी के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि तमिलनाडु में अय्यनार के विशाल घोड़े अलग परंपरा हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि राजस्थान मोलेला फलक और ब्लू पॉटरी से जुड़ा है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत की मृद्भांड परंपराएं: हड़प्पा से एनबीपीडब्ल्यू तक
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंचित्रित धूसर मृद्भांड सामान्यतः भारतीय इतिहास के किस काल से जोड़ा जाता है?
- A.परिपक्व हड़प्पा काल
- B.उत्तर वैदिक काल
- C.मौर्य काल
- D.गुप्त काल
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चित्रित धूसर मृद्भांड चाक पर बना महीन और पतला धूसर पात्र है जिस पर काली रेखाओं, बिंदुओं और सर्पिलों से सजावट की जाती थी, और इसका काल लगभग 1100 से 600 ईसा पूर्व माना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तरी काली पॉलिश वाला मृद्भांड किस चरण का विशिष्ट पात्र है?
- A.मेहरगढ़ के नवपाषाणिक गांव
- B.दक्कन की ताम्रपाषाणिक संस्कृतियां
- C.महाजनपद और मौर्य साम्राज्य
- D.दिल्ली सल्तनत
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उत्तरी काली पॉलिश वाला मृद्भांड, जिसे संक्षेप में एनबीपीडब्ल्यू कहते हैं, अत्यंत महीन मिट्टी से बना पात्र है जिसकी सतह दर्पण जैसी चमकदार और रंग इस्पाती धूसर से गहरा काला होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गैरिक मृद्भांड मुख्य रूप से भारत के किस क्षेत्र में मिला है?
- A.ऊपरी गंगा यमुना दोआब
- B.केरल तट
- C.ब्रह्मपुत्र घाटी
- D.कोंकण तट
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गैरिक मृद्भांड घिसा हुआ, कम पका और नारंगी से गेरुआ रंग का पात्र है जिसका रंग उंगलियों पर लग जाता है, क्योंकि उसकी सतह पानी से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →परिपक्व हड़प्पा सभ्यता के मृद्भांड का सबसे सही वर्णन कौन सा है?
- A.हाथ से बना धूसर पात्र जिस पर सफेद चित्रकारी हो
- B.चाक पर बना लाल पात्र जिस पर काले रंग से चित्रकारी हो
- C.क्वार्ट्ज चूर्ण से बना शीशेदार नीला पात्र
- D.बिना चित्रकारी वाला चमकदार काला विलासिता पात्र
उत्तर देखें
परिपक्व हड़प्पा के कुम्हार तेज चाक का प्रयोग करते थे और पात्रों को अच्छी तरह पकाते थे, जिससे मजबूत लाल पात्र बनता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अरिकामेडु से मिला रॉलेटेड वेयर किस प्रकार के संपर्क का प्रमाण है?
- A.रोमन जगत के साथ व्यापार
- B.रेशम मार्ग से मध्य एशिया का व्यापार
- C.तिब्बती पठार से प्रवास
- D.हड़प्पाई नगरों से संपर्क
उत्तर देखें
रॉलेटेड वेयर चाक पर बनी ऐसी तश्तरी है जिसकी भीतरी सतह पर दांतेदार औजार से दबाकर छोटे बिंदुओं की संकेंद्रित पंक्तियां बनाई जाती थीं।
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